आज से कश्मीर घाटी में रेल सेवा बहाल, 5 अगस्त को बारामुला से दक्षिण कश्मीर के बनिहाल तक रोक दी गई थी रेल सेवा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/12 18:11

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद संभावित खतरों को देखते हुए रेल सेवा बंद की गई थी..जम्मू-कश्मीर से पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 हटाने की घोषणा करने के साथ ही घाटी में बंद पड़ी रेल सेवा को मंगलवार से फिर से शुरू किया गया. करीब तीन माह तक बंद रही बनिहाल-बारामुला रेल सेवा में से अभी श्रीनगर-बारामुला के बीच रेल सेवा को बहाल करने की हरी झंडी मिली है. इन तीन माह के दौरान रेलवे को करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.रेल डिवीजन फिरोजपुर के रेल मंडल प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने सोमवार को घाटी में ट्रेन चलाने के संबंध में सेफ्टी, सिक्योरिटी व रेलवे ट्रैक का बडगाम से बारामुला स्टेशन के बीच निरीक्षण किया. निरीक्षण में सब कुछ ठीक पाए जाने पर मंगलवार से वैली में दो ट्रेनें चलाने की अनुमति दी है.

10 नवंबर को ट्रेनों के ट्रायल रन की इजाजत दी गई थी और इसे 11 नवंबर से पूरी तरह बहाल करने का निर्देश दिया गया था.श्रीनगर के नौगाम इलाके में स्थित श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को करीब तीन माह के अंतराल के बाद हलचल देखने को मिली. यह मौका था श्रीनगर से बारामुला के बीच रेल लिंक पर रेल सेवा के ट्रायल रन का, जिसे रेलवे और सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में अंजाम दिया गया. बीते 5 अगस्त को उत्तर कश्मीर के बारामुला से दक्षिण कश्मीर के बनिहाल तक रेल सेवा रोक दी गई थी. 

कश्मीर के लोगों के लिए यह ट्रेन लाइफ लाइन है.जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह फैसला लिया गया था. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर से संघ शासित क्षेत्र के रूप में अस्तित्व में आ गए हैं..मंगलवार से आम लोगों के लिए श्रीनगर-बारामुला रेल सेवा को बहाल किया जाएगा.क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से केवल श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन पर ही सुरक्षा के लिहाज से हरी झंडी दी गई है. इसके चलते रविवार को रेलवे के अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बैठक भी बुलाई और ट्रैक का निरीक्षण किया. ट्रैक में किसी प्रकार की खराबी न होते हुए सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक श्रीनगर और बारामुला के बीच दो रेल चलाने का फैसला लिया गया.आंकड़ों के अनुसार बनिहाल-बारामुला के बीच 137 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस रेल सेवा से सालाना करीब 10 करोड़ की कमाई होती है, लेकिन इसकीएवज में रेलवे द्वारा इसके रखरखाव पर 70 करोड़ खर्च किया जाता है. हफ्ते में छह दिन रेलवे द्वारा प्रतिदिन 30 ट्रेनें चलाई जाती हैं. रोड की स्थिति खराब होने के दौरान या खराब मौसम के चलते यह सेवा कभी भी प्रभावित नहीं होती. कम समय में यात्रा करने के लिए यह एक सस्ता माध्यम भी है. यह सेवा दुबारा शुरू होने से लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा.यहां ट्रेन सेवा उनकी सुविधा के लिए चलाई जाती है और अगर यह ठीक रहेगी तो उनका जीवन सामान्य रूप से चलेगा.
 

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