जयपुर Rajasthan Budget Session 2022: REET पर सरकार की तरफ से बोले मंत्री धारीवाल- BJP राज में पेपर लीक के 25 मामले दर्ज हुए तब क्यों नहीं दी CBI को जांच ?

Rajasthan Budget Session 2022: REET पर सरकार की तरफ से बोले मंत्री धारीवाल- BJP राज में पेपर लीक के 25 मामले दर्ज हुए तब क्यों नहीं दी CBI को जांच ?

Rajasthan Budget Session 2022: REET पर सरकार की तरफ से बोले मंत्री धारीवाल- BJP राज में पेपर लीक के 25 मामले दर्ज हुए तब क्यों नहीं दी CBI को जांच ?

जयपुर: सदन में सोमवार को रीट पर 2 घंटे से अधिक की चर्चा चली. इस दौरान पीसीसी चीफ और पूर्व शिक्षा मंत्री डोटासरा सदन में मौजूद नहीं थे. चर्चा के दौरान मंत्री सुभाष गर्ग की मौजूदगी रही. गर्ग इस दौरान सदन में एक सीट से दूसरी सीट पर जाते हुए नजर आए. गर्ग संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी से चर्चा करते दिखे. हालांकि सुभाष गर्ग विपक्ष ने निशाने पर रहे. वहीं नारेबाजी के दौरान डोटासरा से जुड़ा नारा फिर सुनाई दिया. 

सदन में REET पर चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि जो मामला हाईकोर्ट में लंबित उसको लेकर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती. सीएम ने तीन लोगों की विशेष कमेटी बनाई है. जो परीक्षा को फुल प्रूफ बनाने की सुझाव देगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने रीट की परीक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए थे. कोरोना के चलते कई बार नहीं चाहते हुए भी परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई गई. सीएम गहलोत इस मामले मे सख्त है. चाहे कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति हो अगर वो दोषी है तो उसे बक्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही कल्ला ने कहा कि REET लेवल वन की परीक्षा में कोई पेपर आउट नहीं हुआ है. 15 हजार अभ्यर्थी हैं उनको मेरिट के आधार पर नौकरी दी जाएगी. पद बढ़ा कर हमने बता दिया है कि बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा. अध्यापकों की नियुक्ति होगी. इसके साथ ही ऐसा कानून लाया जाएगा जिससे अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके.

अब जांच बदल कर SOG को बेइज्जत करवाना चाहते हो:   
वहीं सदन में सरकार की तरफ से बोलते हुए मंत्री धारीवाल ने कहा कि मुद्दा ये है कि CBI को जांच दी जाए या नहीं. फिलहाल SOG की जांच चल रही. आप जांच क्यों चेंज करवाना चाहते हो. क्या SOG गलत डायरेक्शन में जांच कर रही थी. क्या आपके पास ऐसे सबूत है कि जिससे जांच की जा सके. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 17 साल से राजीव गांधी स्टडी सर्किल काम कर रही है. एक बार भी किसी क्राइम में एक भी आदमी नहीं पकड़ा गया. प्रदीप पाराशर को कब पहले सजा हुई आप बताए? सीबीआई का अर्थ है वो बोर्ड का दफ्तर सीज कर दे. धारीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था सीबीआई तो पिंजरे का तोता है. SOG की आपने तारीफ की है. अब जांच बदल कर SOG को बेइज्जत करवाना चाहते हो. सीबीआई को जांच का अर्थ गड्ढे में जांच फेंकना है.  

बीजेपी राज में पेपर लीक के 25 मामले दर्ज हुए तब क्यों नहीं दी सीबीआई को जांच? 
मंत्री धारीवाल ने कहा कि बीजेपी राज में पेपर लीक के 25 मामले दर्ज हुए तब क्यों नहीं दी सीबीआई को जांच? सबकी जांच उस समय SOG को दी थी. रीट के 2016 और 2018 के दो पेपर लीक हुए और जांच किसको दी थी, साधारण पुलिस को. हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में सवाल किया था तो केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जवाब दिया था. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि 10 सालों में 12 मुकदमे CBI को भेजे गए. उत्तर प्रदेश शिक्षा पात्रता परीक्षा पेपर आउट हो गया था. विपक्ष जांच के लिए चिल्लाता रहा. 21 लाख लोगों ने फॉर्म भरे थे. जांच सीबीआई को नहीं दी बल्कि स्पेशल टास्क फोर्स को दी.    

भैरोंसिंह शेखावत ने जवाब दिया था- सीबीआई के लोग विलायत से नहीं आए
इससे आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद पूर्व केंद्रीय मंत्री थे. उनके मामले में सुप्रीम कोर्ट से SIT ने जांच की. कालाधन जांच के लिए भी SC के जरिए SIT का गठन किया गया. जेसी बोस हॉस्टल में बलात्कार का मामला हुआ था. एक चर्चा चली रोहिताश्व शर्मा तत्कालीन मंत्री थे उनके पुत्र के कारण अनुसंधान नहीं हो पाए. सीबीआई जांच की मांग उठी थी. शिवानी कांड के दौरान जांच की बात आई. भैरोंसिंह शेखावत ने जवाब दिया था कि सीबीआई के लोग विलायत से नहीं आए. तब तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष मदेरणा जी ने सीबीआई की मांग की थी. तब कहां गई थी सीबीआई. 

CBI को मोदी ने कहा था कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन: 
उन्होंने कहा कि CBI को मोदी ने कहा था कांग्रेस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन. तब मोदी जी गुजरात के सीएम थे. धारीवाल ने फोटो भी दिखाए. इस पर राजेंद्र राठौड़ ने विरोध जताया. इस पर सभापति ने कहा कि विपक्ष जब बोल रहा ता सत्ता पक्ष शांति से सुन रहा था. अब सत्ता पक्ष को भी विपक्ष के नेतागण सुनिए. इसके बाद धारीवाल ने फिर से बोलते हुए कहा कि बीजेपी शासन में जब REET की परीक्षा हुई थी तब डॉ. मुरारीलाल गुप्ता को लगाया वे ABVP और संघ से जुड़े रहे. जब मैं 1998 से 2003 के बीच शिक्षा मंत्री था. तब 8वीं का पेपर लीक हुआ था. तब भैरोंसिंह शेखावत ने मेरा इस्तीफा मांगा था. मैं अपना इस्तीफा CM को दे आया था. लेकिन तब शेखावत ने ही कह दिया कि इस्तीफे की बजाय कानून सख्त बनाओ. हमने पाराशर जैसे व्यक्ति को लगाया ये गलती हुई. एक व्यक्ति की वजह से पूरे संगठन को बदनाम नहीं कर सकते.  

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