अनुभव बोलता है ! पं. भंवरलाल शर्मा ने की पुराने अध्याय को भुलाते हुए नई सियासत की बात...

अनुभव बोलता है ! पं. भंवरलाल शर्मा ने की पुराने अध्याय को भुलाते हुए नई सियासत की बात...

अनुभव बोलता है ! पं. भंवरलाल शर्मा ने की पुराने अध्याय को भुलाते हुए नई सियासत की बात...

जयपुर: सरदारशहर से कांग्रेस MLA भंवरलाल शर्मा (Bhanwarlal Sharma) की आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात साफ झलकी है कि अनुभव बोलता है. उन्होंने पुराने अध्याय को भुलाते हुए नई सियासत की बात की है. अब तक पंडित जी के इतिहास में उन्होंने पहली बार दम भरते हुए अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) को नेता मान लिया है. जबकि इससे पहले सरदाराशहर विधायक कभी मुख्यमंत्री गहलोत के पक्ष में नहीं रहे. वो हमेशा से ही अशोक गहलोत और सीपी जोशी के खिलाफ रहे हैं. 

दो बार राज्य में सरकार का तख्तापलट करना चाहा: 
भंवरलाल शर्मा शीशराम ओला सरीखे पुराने नेताओं के साथ रहे हैं. उनके साथ दो बार ऐसा हुआ जब राज्य में सरकार का तख्तापलट करना चाहा लेकिन सफल नहीं हुए. एक बार यह प्रयास भैरोंसिंह शेखावत के समय और एक बार अशोक गहलोत के वर्तमान कार्यकाल में किया. वहीं कुछ साल पहले उनके BSP से जुड़ने की बातें भी चली थी. इसके लिए सतीश मिश्रा को जयपुर बुलाकर अधिवेशन भी करा दिया था. इसके बावजूद मायावती से पटरी नहीं बैठी तो BSP में नहीं गए. 

वक्त की सियासत को समझते हुए गहलोत को मान लिया नेता:
आपको बता दें कि पं. भंवरलाल शर्मा अलग-अलग दलों से चुनाव लड़कर जीतने वाले वर्तमान में इकलौते विधायक है. विभिन्न विचारधारा का ज्ञान प्राप्त कर चुके पंडित जी के अनुभव का कोई सानी नहीं है. अगर नंबर गेम में सफल हो जाते तो आज वो बीजेपी में होते. ऐसे में अब उन्होंने वक्त की सियासत को समझते हुए गहलोत को नेता मान लिया और कह दिया-बुढ़ापे में ब्याह नहीं होता है. 

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