जयपुर Rajasthan Rajya Sabha Election: एक बार फिर चला अशोक गहलोत का जादू ! राज्यसभा चुनाव में उल्टा पड़ा भाजपा का दांव

Rajasthan Rajya Sabha Election: एक बार फिर चला अशोक गहलोत का जादू ! राज्यसभा चुनाव में उल्टा पड़ा भाजपा का दांव

Rajasthan Rajya Sabha Election: एक बार फिर चला अशोक गहलोत का जादू ! राज्यसभा चुनाव में उल्टा पड़ा भाजपा का दांव

जयपुर: राजस्थान में राज्यसभा (Rajasthan rajya sabha election) की चार सीटों के लिए हो रहे मतदान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) का एक बार फिर जादू चला है! राज्यसभा चुनाव में भाजपा (BJP) का दांव उल्टा पड़ा है. भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाह (BJP MLA Shobharani Kushwaha) के क्रास वोटिंग करने का जानकारी सामने आ रही है! कुशवाह ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवाड़ी को वोट डाला है!... और इसके बाद शोभारानी का वोट खारिज हो गया. शोभारानी कुशवाह धौलपुर से भाजपा विधायक है. अलबत्ता शोभारानी के पति बीएल कुशवाह अभी नरेश कुशवाह हत्याकांड प्रकरण में जेल में बंद हैं. 

शोभारानी कुशवाह धौलपुर से भाजपा विधायक हैं. हालांकि इस बारे में अभी तक पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में अब निर्दलीय डॉ. सुभाष चंद्रा को निर्धारित वोट से कम मिलने के संकेत मिल रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ घनश्याम तिवाड़ी को ज्यादा वोट पड़ने की खबर भी सामने आ रही है. भाजपा के एक विधायक द्वारा वरीयता के विपरित जाकर तिवाड़ी को वोट डालने की खबर है. मतदान के रुझान के मुताबिक कांग्रेस को 3 और भाजपा को सीट मिलती दिख रही है. 

आपको बता दें कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने तीन सीटों के लिए मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और रणदीप सुरजेवाला को मैदान में उतारा है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, जबकि वह मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा का भी समर्थन कर रही है. संख्या बल के हिसाब से राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस अपने 108 विधायकों के साथ दो सीटें और भाजपा 71 विधायकों के साथ एक सीट आराम से जीत सकती है. इसके बाद कांग्रेस के पास 26 और भाजपा के पास 30 अधिशेष वोट होंगे.

कांग्रेस को कुल 126 विधायकों का समर्थन:
कांग्रेस को अपने तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए 15 और वोट (कुल 41) चाहिए. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्दलीय और भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायकों को मिलाकर उनके पास कुल 126 विधायकों का समर्थन है. वहीं, भाजपा के 30 अधिशेष और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन सदस्यों के मत के साथ निर्दलीय चंद्रा के पास कुल 33 वोट हैं. चंद्रा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के लिए 41 मत चाहिए. यानी वह जीत से आठ मत दूर हैं.

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