स्वर्णनगरी ने खोया अनमोल हीरा.... नहीं रहे 'क्वीन हरीश', कल होगा अंतिम संस्कार

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/06/02 04:01

जैसलमेर: पर्यटन के क्षेत्र में जैसलमेर का दिल कहे जाने वाले 'क्वीन हरीश' अब हमारे बीच नही रहे. आज सुबह बिलाड़ा के पास सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई. भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि उनके साथ तीन अन्य जैसलमेर के कलाकारों की भी मौके पर ही मौत हो गई. इस दुखद खबर से शहर में ही नही बल्कि पूरे जिले में शोक की लहर फैल गयी. क्वीन हरीश ने हॉलीवुड व बॉलीवुड की कई फिल्मों में शिरकत कर जिले का नाम रोशन किया है. वो इंडिया गोट टेलेंट कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद सुर्खियों में आये थे. क्वीन हरीष को जैसलमेर और राजस्थान की लोक संस्कृति से खासा लगाव था और वे इसे विश्व पटल पर अपने लोक नृत्य से पेश कर लोगों को इससे रूबरू करवाते थे. उनका जैसलमेर के कलाकारों और विशेषकर छोटे बच्चों के प्रति विशेष लगाव था और वे उन्हें निशुल्क डांस सिखाते थें. उनका मानना था कि उन्हें कोई सिखाने वाला नहीं था जिससे उन्हें अपने करियर की शुरूआती दौर में जो परेशानियां झेलनी पड़ी वो यहां के युवा कलाकारों को ना देखनी पड़े.

क्वीन हरीश देश में ही नहीं विदेशो में भी खासे लोकप्रिय 
स्वर्णनगरी जैसलमेर पर्यटन की दृष्टि से विश्व के मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ चुकी है. इसकी एक वजह क्वीन हरीश भी रहा है. यहां आने वाले देशी व विदेशी पर्यटकों ने क्वीन हरीश का डांस नही देखा तो मानो उनकी यात्रा अधूरी ही रहती थी. क्वीन हरीश देश में ही नहीं विदेशो में भी खासे लोकप्रिय थे वे लगभग हर देश में अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन कर चुके है जिसमें जापान, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, फ्रांस, रूस और जर्मनी प्रमुख है. क्वीन हरीश पुरुष नर्तक था लेकिन महिला नृत्य में महारत हासिल थी.  वे जैसलमेर में क्वीन हरीश शो के नाम से डांस वर्कशॉप चलाते थे जिसमें 2012 के बाद योगा को शामिल करने से जैसलमेर आने वाले देशी विदेशी सैलानी रेगिस्तान और ऐतिहासिक इमारतें देखने के बाद नृत्य सीखने में परहेज नहीं करते थे जिससे सुथार समाज के एक साधारण परिवार में जन्मे क्वीन हरीश कु़छ ही समय में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार बन गये. 

क्वीन हरीश ने फिल्म गंगाजल में आईटम सॉन्ग करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया 
क्वीन हरीश की प्रसिद्धि इतनी थी कि इन्हें देश विदेश के बड़े ओद्योगिक घरानों के शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों में अपने हुनर का प्रदर्शन करने के न्यौते मिलने लगें. क्वीन हरीश ने फिल्म गंगाजल में आईटम सॉन्ग करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. क्वीन हरीश ईशा अंबानी की शादी में परफॉर्म करके सुर्खियों में आए जहां ऐश्वर्या राय और उनकी बेटी आरध्या के साथ नृत्य का वीडियो खूब वायरल हुआ. ऐसे ही क्वीन हरीश कई एक्जीविशन, सरकारी कार्यक्रमों, डेज़र्ट फेस्टिवल, विभिन्न प्रांतों में कार्यक्रम कर सुर्खियां बटोरने लगें. क्वीन हरीश बच्चों को निःशुल्क घूमर,  कल्बेलीया नृत्य और योगा सीखा कर एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सन्देश भी दे चुके है. स्वर्ण नगरी में आयोजित होने वाले हर सामजिक कार्यक्रम में उपस्थित रहकर सामाजिक सरोकार में अपना योगदान दे चुके है. 

क्वीन हरीश की मौत के बाद उनके चाहने वालों में शोक की लहर 
क्वीन हरीश की मौत के बाद जैसलमेर ही नहीं राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में उनके चाहने वालों में शोक की लहर सी छा गयी है और सोशल मीडिया पर सभी उन्हें श्रद्धाजंलि दे रहे है. ऐसे में आज जैसलमेर के इस कलाकार के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर गहरी संवदेना प्रकट करते हुए कहा कि राजस्थान की लोक कला संस्कृति को समर्पित हरीश ने विशेष शैली में नृत्य कला से जैसलमेर को एक अलग पहचान दी. उनका निधन लोक कला के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है. इसके साथ ही जैसलमेर कलक्टर नमित मेहता, विधायक रूपाराम, पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी सहित कई जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं पर्यटन विभाग ने शोक जताया. जानकारी के अनुसार आज देर शाम तक उनका शव जैसलमेर लाया जाएगा और कल सुबह 8 बजे सुथार समाज के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम संस्कार में जैसलमेर सहित आसपास के कई गणमान्य लोगों सहित लोक कलाकार एवं जानी मानी हस्तियों के मौजुद रहने की संभावना है. 

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