कुर्बानी का त्योहार बकरीद, त्याग और बलिदान की सीख देता है

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/07 02:30

जयपुर :ईद उल अजहा का चांद देखा जा चुका है और यह तय हो गया है बकरीद का त्योहार इस साल भारत में 12 अगस्त को मनाया जाएगा. बकरीद का त्योहार हर साल इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान महीना खत्म होने के करीब 70 दिन बाद और जु अल-हज्जा महीने के 10वें दिन मनाया जाता है मुसलमान त्याग और बलिदान का संदेश देने वाले बकरीद के इस त्योहार के दिन अल्लाह को याद करते हैं और उनका शुक्रिया अदा कर करते हैं। इस्लाम में इस दिन अल्लाह के नाम कुर्बानी देने की परंपरा है
मुसलमान इस दिन नमाज़ पढ़ने के बाद खुदा की इबादत में चौपाया जानवरों की कुर्बानी देते हैं और तीन भाग में बांटकर इसे जरूरतमंदों और गरीबों को देते हैं। साथ ही एक-दूसरे ईद मुबारक कहते हैं भूखे को अपने हिस्से की रोटी देना हो या बुरी आदतों से तौबा
खुदा के बताए रास्ते पर चलकर गरीबों और यतीमों के जीवन में खुशियां भरना, ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व हमें यही संदेश देता है
सोमवार से तीन दिन तक चलने वाले कुर्बानी के त्योहार बकरीद की तैयारी जोरों पर है
इस्लामिक साल के अंतिम महीने इदुल हिज्ज की 10वीं तारीख को यह त्योहार मनाया जाता है
कुर्बानी का अर्थ त्याग और बलिदान होता है

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