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Chandra Grahan 2020: साल का तीसरा चंद्र ग्रहण खत्म, जानिए अब कब लगेगा ग्रहण

Chandra Grahan 2020: साल का तीसरा चंद्र ग्रहण खत्म, जानिए अब कब लगेगा ग्रहण

नई दिल्ली: साल 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण आज खत्म हो गया है. यह चंद्रग्रहण रविवार को भारत समयानुसार सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर लगा था. रविवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण था. जानकारी के मुताबिक जब पृथ्वी, सूरज और चांद के बीच तो आती है लेकिन तीनों सीधी रेखा में नहीं होते और ऐसे में पृथ्वी अपने बाहरी हिस्से से ही सूरज की रोशनी को चांद तक पहुंचने से रोक पाती है, जिसे पेनंब्र कहा जाता है. 

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भारत में नहीं दिखा चन्द्र ग्रहण:
इस कारण से वर्ष 2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है. हालांकि, इस बार यह चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आया. इस ग्रहण को दक्षिणी/ पश्चिमी यूरोप, अफ्रीका के अधिकतर हिस्से, उत्तरी अमेरिका के अधिकतर हिस्से, दक्षिणी अमेरिका, भारतीय महासार और अंटार्टिका में देखा गया. 

साल का तीसरा चन्द्र ग्रहण:
उल्लेखनीय है कि इस साल 6 ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें 4 चंद्र गहण और 2 सूर्य ग्रहण है. साल का पहला चन्द्र ग्रहण जनवरी में लगा था. दूसरा 5 जून लगा था, यह भी चंद्र गहण था. इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा. चौथा ग्रहण आज लगने वाला है. पांचवा ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा,जो चंद्रग्रहण होगा. छठा ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा, जो सूर्यग्रहण होगा. यह भारत में नहीं दिखेगा.

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वाशिंगटन: अमेरिका ने हाल ही में रुसी सैन्य अधिकारियों पर हैकिंग का आरोप लगाया है जिसके बाद हर कोई अवाक् रह गया है. बताया जा रहा है अमेरिकी न्याय विभाग ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव, दक्षिण कोरिया के शीतकालीन ओलंपिक और अमेरिकी व्यवसायों को निशाना बनाने वाले वैश्विक साइबर हमले के सिलसिले में रूसी खुफिया अधिकारियों के खिलाफ सोमवार को आरोपों की घोषणा की है. 

विभाग ने आरोप लगाया कि क्रेमलिन की इसी इकाई ने 2016 के अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप किया था. अभियोग में छह प्रतिवादियों पर आरोप लगाए गए हैं. ये सभी जीआरयू के रूप में जाने जाने वाले रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी के वर्तमान और पूर्व अधिकारी बताए जा रहे हैं. अभियोजन पक्ष का कहना है कि ये हैकिंग रूस के भू-राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने और कथित दुश्मनों को अस्थिर करने या दंडित करने के मकसद से की गई थी. 

इन हमलों की वजह से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और पेंसिल्वेनिया में स्वास्थ्य देखभाल, यूक्रेन में एक पावर ग्रिड और फ्रांसीसी चुनाव समेत जन-जीवन के एक बड़े हिस्से को बाधित किया था. पेंसिल्वेनिया के पश्चिमी जिले के लिए अमेरिकी अटॉर्नी स्कॉट ब्रैडी ने कहा कि ये हमले सबसे विनाशकारी है और अब तक के सबसे भयंकर साइबर हमलों में शामिल हैं. फिलहाल ये मामला आगे क्या तूल पकड़ता है, कुछ कहा नहीं जा सकता है. (सोर्स-भाषा)

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मैच फिक्सिंग मामला: फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने दिया इस्तीफा

मैच फिक्सिंग मामला:  फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने दिया इस्तीफा

प्राग:  मैच फिक्सिंग मामला में नया मोड़ आया है जहां चेक फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. मैच फिक्सिंग प्रकरण में संदिग्ध भ्रष्टाचार के कारण पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद बरबर ने यह कदम उठाया है. फुटबॉल संघ के अध्यक्ष मार्टिन मलिक ने सोमवार को कार्यकारी समिति की बैठक के बाद बरबर के कदम की घोषणा की है. 

कार्यकारी समिति ने साथ ही शीर्ष दो पेशेवर लीग के सदस्यों को छोड़कर रैफरियों की पूरी समिति को बर्खास्त कर दिया गया है.  चेक गणराज्य की पुलिस ने रैफरी और अन्य फुटबॉल अधिकारियों सहित 20 लोगों को निशाना बनाते हुए भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग जांच के संदर्भ में शुक्रवार को संघ मुख्यालय पर छापा मारा था और 19 लोगों को हिरासत में लिया है. बरबर सहित चार लोग अब भी पुलिस हिरासत में हैं और आगे कार्यवाही जारी है. (सोर्स-भाषा)

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भारतीय मूल का मलेशियन व्यक्ति गोबी लगातार दूसरी बार मृत्यु दंड से बचा, जानिए पूरा मामला

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सिंगापुर: मलेशिया से बेहद ही चोौंकाने वाला सामने आया है जहां भारतीय मूल का एक व्यक्ति दूसरी बार मृत्यु दंड से बच गया है क्योंकि सिंगापुर की एक अदालत ने अब उसे मादक पदार्थ की तस्करी संबंधी मामले में कमतर अपराध की कोशिश का दोषी पाया है और पहले वाले फैसले को पलट दिया है जिससे वह लगातार दूसरी बार  मृत्यु दंड से बच गया है. 

चैनल न्यूज एशिया की खबर के मुताबिक 32 वर्षीय गोबी एवडियन को अब 15 साल की जेल और 10 बेंत की सजा मिली है. इतना ही नहीं जेल की सजा की गणना उसकी हिरासत की तारीख से की जाएगी. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष इस बात का पुख्ता सबूत नहीं दे पाया कि वह सच्चाई नहीं जानता था. असल में गोबी का दावा है कि उसे नहीं पता था कि वह जो पैकेट ले जा रहा है, उसमें रखा मादक पदार्थ हेरोइन है. 

गोबी जोहोर बाहरू में सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात था. उसका कहना है कि उसका परिचय विनोद नाम के एक व्यक्ति से कराया गया, जिसने उसे बताया कि वह चॉकलेट मिले मादक पदार्थ को सिंगापुर पहुंचाने का काम करके वह पैसे कमा सकता है. विनोद ने गोबी को बताया कि मादक पदार्थ का इस्तेमाल डिस्को में होता है और यह आम है कोई गंभीर चीज नहीं है और वह पकड़ा भी जाता है तो उस पर जुर्माना लगेगा या कम ही सजा मिलेगी. 

अदालत के दस्तावेजों से पता चला है कि गोबी ने पहले तो यह अपराध करने से इनकार किया लेकिन बेटी के ऑपरेशन के लिए पैसे की जरूरत को देखते हुए वह तैयार हो गया.  उसे 11 दिसंबर, 2014 को वुडलैंड्स जांच चौकी पर गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर 40.22-ग्राम हेरोइन तस्करी का आरोप लगा लेकिन उच्च न्यायालय के न्यायीधश ने उसे मृत्यु दंड की सजा नहीं दी. इस पर अपील करने के बाद गोबी को अपीलीय अदालत ने मृत्यु दंड की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में अब फिर अदालत ने पलट दिया है. (सोर्स-भाषा)

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गर्भवती महिला की गोली लगने से मौत मामले में 4 दिन बाद नवजात की भी टूटी सांसे

गर्भवती महिला की गोली लगने से मौत मामले में 4 दिन बाद नवजात की भी टूटी सांसे

शिकागो: अमेरिका के शिकागो में पिछले सप्ताह एक गर्भवती महिला की मौत मामले में नया मोड़ आया है. असल में मृतका की मौत के बाद डॉक्टरों ने किसी तरह से उनके बच्चे का जन्म कराया था मगर  चार दिन बाद बच्चे की सांसे भी थम चुकी है. शिकागो पुलिस ने बताया कि रविवार को बच्चे की मौत हो गई है. वह सिर्फ चार दिन का था. बच्चे का जन्म मंगलवार को काफी नाजुक स्थिति में कराया गया क्योंकि उसकी 35 वर्षीय मां स्टेसी जोन्स को पीछे से दो बार गोली मारी गई थी.

बताया जा रहा है कि घटना के समय महिला शहर के साउथ साइड में अपने घर के बाहर खड़ी थी और उस वक्त महिला आठ महीने की गर्भवती थी. घटना के बाद अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. शिकागो ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक जोन्स के दो अन्य बच्चे घटना के समय घर के भीतर सो रहे थे और वे सुरक्षित हैं. मगर इस घटना ने  परिवार को तोड़कर रख दिया है. 

जोन्स के पिता टॉमी बेकर ने बताया कि वह टेनिसी से दो साल पहले यहां आई थी और यहां उन्होंने कुक काउंटी में प्रोबेशन अधिकारी के रूप में नौकरी शुरू की थी. बेकर ने समाचार पत्र से कहा कि हमारे परिवार से उसे छीन लिया गया. मेरा दिल, मेरी पहली बच्ची को हमसे छीन लिया गया है. यह एक ऐसी क्षति है, जिससे मैं कभी उबर नहीं पाऊंगा. अभी तक इस इस संबंध में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.मामले की जांच जारी है. (सोर्स-भाषा)

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 ट्विटर ने हटाया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार का ट्वीट, मास्क को बताया था बेकार

 ट्विटर ने हटाया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार का  ट्वीट, मास्क को बताया था बेकार

न्यूयॉर्क:  ट्विटर ने रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार का ट्वीट हटा दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में मास्क कारगर नहीं है. अगस्त में व्हाइट हाउस से विज्ञान सलाहकार के रूप में जुड़े स्कॉट एटलस ने ट्वीट किया था कि क्या मास्क काम करता है या नहीं. इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि लोगों को मास्क पहनने के लिए कहने वाली नीति का समर्थन नहीं किया जा सकता है.

ट्विटर के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह ट्वीट कंपनी की उस नीति का उल्लंघन है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति कोविड-19 के संबंध में ऐसी गलत या भ्रामक जानकारी पोस्ट नहीं कर सकता है, जिसकी वजह से लोगों को नुकसान पहुंचे. नीति के तहत उन बयानों को प्रतिबंधित कर दिया जाता है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ जिनके गलत होने या भ्रामक होने की पुष्टि करते हैं.

इस तरह के मामलों में ट्विटर संबंधित व्यक्ति के अकाउंट को तब तक निष्क्रिय रखता है जब तक वह खुद अपने पोस्ट को नहीं हटाता है. राष्ट्रपति ट्रंप कोरोना वायरस से निपटने में मास्क की उपयोगिता को लगातार कमतर बताते रहे हैं और यहां तक कि उन्होंने खुद संक्रमित होने के बाद भी ऐसा करना जारी रखा. इस संक्रमण से अब तक 2,15,000 अमेरिकी लोगों की मौत हो चुकी है.

एटलस ने एक ईमेल में कहा कि मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि ट्वीट क्यों हटा दिये गये. उन्होंने ट्विटर के इस कदम को सेंसरशिप करार दिया है. एटलस ने कहा कि उनका इरादा यह बताना था कि लोगों को मास्क पहनने के लिए कहने वाली नीति कारगर नहीं है. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि मास्क से संबंधित सही नीति यह है कि इसका इस्तेमाल तब किया जाए जब कोई सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर सकता हो. (सोर्स-भाषा)

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इमरान खान अयोग्य, अज्ञानी और तानाशाही शासन से भी बेकार: बिलावल भुट्टो जरदारी

इमरान खान अयोग्य, अज्ञानी और तानाशाही शासन से भी बेकार: बिलावल भुट्टो जरदारी

कराची: पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के नेताओं ने यहां एक रैली में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अयोग्य और अज्ञानी हैं और उनकी सरकार तानाशाही शासन से भी बेकार है. पीडीएम 11 विपक्षी दलों का गठबंधन है और उसने अपनी दूसरी रैली में यह बयान दिया है.  विपक्षी दलों ने 20 सितम्बर को पीडीएम का गठन किया था और तीन चरण में सरकार विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की थी.

इसके तहत इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए देश भर में जन सभाएं, प्रदर्शन और रैलियां की जाएंगी और जनवरी 2021 में इस्लामाबाद के लिए लंबा मार्च निकाला जाएगा.लाहौर के पास गुजरांवाला में शुक्रवार को पहली रैली निकाली गई थी. पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने बाग़-ए-जिन्ना में कहा कि अयोग्य और अज्ञानी प्रधानमंत्री को अब घर जाना होगा.

आगे भाषण में जरदारी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि बड़े से बड़े तानाशाह नहीं टिक पाए तो यह कठपुतली कैसे टिक पाएगी. उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कोई नई लड़ाई नहीं है लेकिन यह एक निर्णायक लड़ाई होगी. जिसका नतीजा हम निकालेेगे. आपको बता दे कि जरदारी पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के साहबजादे है. 

आपको बता दे कि ये मार्च कारसाज दोहरे बम विस्फोट के 13 साल पूरे होने पर निकाला गया था. 2007 में हुए इन बम धमाकों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को निशाना बनाया गया था, जिसमें करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ और शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी, पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी के अध्यक्ष महमूद अचकजाई और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फ़ज़ल (जेयूआई-एफ) के नेता मौलाना फ़ज़लुर रहमान भी इस रैली में शामिल हुए.

पीपीपी ने मोहसिन डावर को भी आमंत्रित किया था, जो पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के प्रमुख हैं. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने ‘पीटीआई’ सरकार पर विपक्षी नेताओं को ‘‘गद्दार’’ बताने के लिए निशाना साधा. पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने कहा कि जब जवाब मांगे गए, तो आप कह रहे हैं हम गद्दार हैं. मरियम नवाज ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की बहन फातिमा जिन्ना को भी गद्दार कहा गया.

उन्होंने कहा कि हमें गद्दार कहकर डराए नहीं, जब आपसे (खान) सवाल किए गए तो आप सेना के पीछे छिप गए. मरियम ने कहा कि आप उनका (सेना) इस्तेमाल अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कर रहे हैं. पीडीएम की अगली रैली 25 अक्टूबर को क्वेटा में होगी. अब इस तिकड़मबाजी का क्या नतीजा निकलता है ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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अफगानिस्तान में कार बम विस्फोट में 12 लोगों की मौत, सौ से अधिक जख्मी

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काबुल: अफगानिस्तान के पश्चिमी घोर प्रांत में रविवार को आत्मघाती कार बम हमले में करीब 12 लोगों की मौत हो गई और सौ से अधिक लोग जख्मी हो गए. घोर में अस्पताल के प्रमुख मोहम्मद उमर ललजाद ने कहा कि आपातकालीन विभाग के कर्मचारी गंभीर एवं सामान्य रूप से जख्मी हुए लोगों का इलाज कर रहे हैं. उन्होंने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है.

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अभी तक हमले की किसी ने नहीं ली जिम्मेदारीः
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक आरन ने कहा कि कार बम हमला प्रांतीय पुलिस प्रमुख के कार्यालय के प्रवेश द्वार पर किया गया. घोर में हमले की किसी ने फिलहाल जिम्मेदारी नहीं ली है. कतर में तालिबान और अफगानिस्तान सरकार के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी रहने के बीच यह हमला हुआ है. देश में दशकों से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए यह वार्ता हो रही है.
सोर्स भाषा

लैंडस्लाइड की चपेट मेॆ आया वियतनामी सेना का शिविर, 22 जवान जमींदौज

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हनोई:  वियतनाम के मध्य भाग में लगातार भारी वर्षा के बीच रविवार को भूस्खलन हो गया है जिसमें लगभग 22 सैन्यकर्मी मलबे के नीचे दबने की आशंका जताई जा रही है .सरकारी वियतनाम न्यूज एजेंसी ने बताया कि कुआंग त्रि प्रांत में भूस्खलन से चट्टान टूटकर पहाड़ी की तलहटी में सेना के एक शिविर के ऊपर आ गिरी थी जिसके बाद ये बड़ा हादसा हो गया.

बताया जा रहा है कि इस हादसे के बादआठ लोग अपनी जान बचाने में सफल रहे जबकि 22 अन्य लोगों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है. एजेंसी के अनुसार करीब 100 बचावकर्मी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं तथा मलबे से तीन शव बरामद किये गये हैं. 

आपको बता दे कि इलाके में एक सप्ताह से वर्षा हो रही हैं. इतना ही नहीं एक और थुआ थीनहुए इलाके में हुए भूस्खलन में 13 लोगों की मौत हो गयी थी जिनमें 11 सैन्य अधिकारी थे. फिलहाल सभी जवानों को सर्चिग ऑपरेशन जारी है. (सोर्स-भाषा)

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