बरसात के इंफेक्शन से बचने के लिए आज़माएं ये हेल्थ टिप्स

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/05 11:27

जयपुर : मौसम के बदलने के साथ ही संक्रमण का फैलना लाज़मी है ज़रूरी है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना. ये बारिश का मौसम है, मानसून की ठंडी फुहार जहां लोगों के चेहरे पर खुशियां लेकर आती है, वहीं वायरल फीवर, फूड पॉयजनिंग, एलर्जी, जर्म्स और बैक्टीरिया इन्फेक्शन भी दे जाती है सही समय पर इनका इलाज न होने से ये बढ़ जाते हैं और कुछ रोगों में स्थिति गंभीर हो जाती है इसलिए इनसे बचने के साथ ही सही समय पर इलाज भी बहुत ही जरूरी है जानेंगे कुछ हेल्थ टिप्स के बारे में, जिनसे रिमझिम मौसम में एंजॉय करते हुए भी हेल्दी रहा जा सकता है कभी धूप तो कभी बारिश वाले इस मौसम में तरह-तरह के संक्रमणों की आशंका रहेगी.। ऐसे मौसम में तरह-तरह के बैक्टीरिया और वायरस की सक्रियता बढ़ जाती है तथा तरह-तरह के संक्रमणों की भी। त्वचा, पेट और आंखों के संक्रमण इस मौसम में खासतौर से दिखाई देते हैं। ऐसे मौसम में बच्चों को संभालने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी आसानी से उन्हें संक्रमण का शिकार बना सकती है। जाहिर है कि मानसून के इन दिनों में कुछ अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख संक्रमणों से बचने के उपाय:

मानसून सीज़न में जब पानी की बात हो तो सिर्फ फिल्टर्ड और उबला पानी पिएं.ध्यान रहे कि पानी को उबाले हुए 24 घंटे से ज़्यादा न हुए हों.जर्म से बचने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा हर्बल टी, अदरक की चाय और नींबू की चाय पिएं। अगर चाय पसंद नहीं है तो गर्मागर्म वेजिटेबल सूप पिएं।

खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं इसके साथ ही किचन में सब्ज़ी काटने वाले चॉपिंग बोर्ड को भी सब्ज़ी काटने से पहले और बाद में अच्छी तरह धोएं.

आमतौर पर बरसाती मौसम में लोग हरी पत्तेदार सब्जि़यां खाना छोड़ देते हैं लेकिन अगर आप इन्हें खाना चाहते हैं तो पत्तियों वाली सब्ज़ी को ठीक से धोकर इस्तेमाल करें क्योंकि इनमें कई तरह के लार्वा, धूल और गंदगी होती है। इन बैक्टीरिया से छुटकारा पाने के लिए नमक मिले पानी में 10 मिनट तक पत्तियों को ब्लांच कर लें। इससे सारे बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे

जो भी खाना बना रही हों, उसे अच्छी तरह पकाएं। कच्चा या अधपका खाना आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है. फल और सब्जि़यों का अधिक से अधिक सेवन करें.

उमस भरी गर्मी, नमी और कीचड़ के चलते बरसात के इस मौसम में त्वचा के संक्रमण कभी भी परेशान कर सकते हैं। बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या पैरासाइट त्वचा संक्रमण की खास वजह होते हैं

कैसे करें संक्रमण की पहचान :
- देर तक पानी में पैर रहें, तो अंगुलियों के बीच फंगल संक्रमण का असर दिखाई पड़ सकता है। इसमें दो अंगुलियों के बीच की जगह सफेद होने लगती है, सड़न के साथ दुर्गंध आती है। नाखूनों में भी संक्रमण हो सकता है
- त्वचा में बैक्टीरिया संक्रमण होने पर फोड़े-फुंसियों की समस्या पैदा हो जाती है
- दाद, खाज, खुजली की समस्या
- त्वचा का रंग बदलना
- त्वचा का खुरदुरापन और धब्बे पड़ना
- उमस भरे वातावरण में त्वचा की एलर्जी

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