CM गहलोत के दो बड़े फैसले: प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए नई कार्ययोजना होगी लागू, इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर शुरू होगी ‘उडान योजना’

CM गहलोत के दो बड़े फैसले: प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए नई कार्ययोजना होगी लागू, इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर शुरू होगी ‘उडान योजना’

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को दो बड़े फैसले किए है. सीएम एक तरफ जहां प्रदेश में  प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए नई कार्ययोजना लागू करने का निर्णय लिया है, तो वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर  ‘उडान योजना’ शुरू करने का एलान किया है. इस योजना के तहत प्रदेश की सभी सभी महिलाओं को चरणबद्ध रूप से सेनेटरी नैपकिन निःशुल्क मिलेंगे. 

वित्तीय मजबूरियों के चलते राज्य सरकार भले ही प्रदेश में पूर्ण शराबबंद लागू नहीं कर पा रही, लेकिन नशे की लत से ग्रसित और हथकढ़ शराब बनाने में लिप्त व्यक्तियों तथा परिवारों के पुनर्वास के लिए नवजीवन योजना के विस्तार के लिए नई कार्ययोजना लागू करने जा रही है. सीएम ने पूर्व विधायक स्व. गुरूशरण छाबड़ा की स्मृति में नशे की लत के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान का निर्णय लिया है. इसके लिए 25.74 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट को भी स्वीकृति दे दी. नई कार्ययोजना के तहत नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों और परिवारों के चिन्हिकरण और पुनर्वास के लिए नवजीवन योजना के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों के लिए 22.60 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे. इसके तहत लक्षित समूह के 5 हजार व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिस पर कुल 11.2 करोड़ रूपए खर्च होंगे. आधारभूत संरचना के लिए 10 करोड़ रूपए खर्च करने का बजट प्रावधान है.इस योजना के तहत संबंधित परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु 2 हजार साइकिलों के वितरण के लिए 70 लाख रूपए, लक्षित व्यक्तियों एवं परिवारों के सर्वे के लिए 60 लाख रूपए तथा 500 विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए 10 लाख रूपए खर्च किए जाएंगे.

- प्रदेश में नशा मुक्ति के लिए नई कार्ययोजना लागू होगी
- मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया
- पूर्व विधायक डॉ. गुरूशरण छाबड़ा की स्मृति में चलेगा अभियान
- जन-जागरूकता अभियान के लिए बजट स्वीकृत
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन
- 25.74 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को स्वीकृति
- 5 हजार व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा
- इस पर कुल 11.2 करोड़ रूपए खर्च होंगे
- आधारभूत संरचना के लिए 10 करोड़ रूपए खर्च करने का बजट प्रावधान
- संबंधित परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु 2 हजार साइकिलों का वितरण होगा
- साइकिल वितरण के लिए 70 लाख रूपए ख्र्च होंगे
- लक्षित व्यक्तियों एवं परिवारों के सर्वे के लिए 60 लाख रूपए
- 500 विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए 10 लाख रूपए खर्च होंगे

 एक और महत्वपूर्ण फैसले में सीएम गहलोत ने  देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्व.  इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर आगामी 19 नवम्बर को ‘उडान योजना‘ का शुभारंभ करने का एलान किया है.  इस योजना के तहत विद्यालयों, कॉलेजों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों आदि के जरिए चरणबद्ध रूप से सेनेटरी नैपकिन का निशुल्क वितरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री गहलोत ने उडान योजना के लिए 200 करोड़ रूपए के बजट प्रावधान के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है. प्रस्ताव के अनुसार, छात्राओं और किशोरियों को बेहतर हेल्थ एवं हाइजीन के लिए मुफ्त सेनेटरी नैपकिन वितरण का दायरा बढ़ाकर अब यह सुविधा आवश्यकतानुसार प्रदेश की सभी महिलाओं को चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएगी. उडान योजना का नोडल विभाग महिला अधिकारिता विभाग होगा. इसका क्रियान्वयन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा तथा काॅलेज शिक्षा विभागों के साथ-साथ तकनीकी एवं उच्च शिक्षा, जनजाति क्षेत्रीय विकास और पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभागों की सहभागिता से किया जाएगा. प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर 2 तथा जिला स्तर पर एक-एक ब्रांड एम्बेसेडर बनाए जाएंगे. योजना से जुड़े स्वयंसेवी संगठनों, ब्रांड एम्बेसेडर आदि को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पुरस्कृत भी किया जाएगा.

मुख्यमंत्री गहलोत का बड़ा फैसला:-
- 19 नवंबर को प्रदेश में शुरू होगी उड़ान योजना
- इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर शुरू होगी ‘उडान योजना’
- प्रदेश की सभी महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन निःशुल्क मिलेंगे
- चरणबद्ध रूप से वितरित किए जाएंगे नैपकिन
- विद्यालयों, कॉलेजों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों  से होगा वितरण
- 200 करोड़ रूपए के बजट प्रावधान के प्रस्ताव का अनुमोदन किया
- उड़ान योजना में महिलाओं को फ्री मिलेंगे सेनेटरी नैपकिन
- योजना का नोडल विभाग महिला अधिकारिता विभाग होगा
- राज्य स्तर पर 2 तथा जिला स्तर पर एक-एक ब्रांड एम्बेसेडर बनेंगे
- RMSCL द्वारा स्वयं सहायता समूहों से खरीदे जाएंगे नैपकिन
- ‘मुख्यमंत्री निःशुल्क योजना’ के अन्तर्गत खरीद की जाएगी

सीएम के फैसले प्रदेश की सभी किशोरियों एवं महिलाओं में स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाएं एवं महिलाएं, जो संकोचवश अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर चर्चा नहीं कर पाती हैं और इस कारण कई प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाती हैं, वे अधिक सुगमता से निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन की सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगी.

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