1 सितंबर से बढ़ेगी जयपुर में पानी सप्लाई, बीसलपुर के जल का होगा मितव्ययता से सदुपयोग

Naresh Sharma Published Date 2019/08/21 10:08

जयपुर: पिछले 4 महीने तक जल संकट से गुजरने वाले जयपुर को अब एक सितंबर से ज्यादा पानी मिलने लग जाएगा. बीसलपुर बांध लबालब होने के कारण जलदाय विभाग ने यह फैसला लिया है और करीब 50 फ़ीसदी तक हो रही अघोषित कटौती को कम किया जाएगा. हालांकि विभाग पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार बीसलपुर बांध के पानी को पूरी मितव्ययिता के साथ खर्च करेगा.

पानी का मितव्ययता के साथ उपयोग किया जाएगा:
तीन साल के बाद भले ही बीसलपुर बांध छलक उठा हो, लेकिन बांध भर जाने के बाद भी आने वाले दिनों में पानी का मितव्ययता के साथ उपयोग किया जाएगा. जुलाई के तीसरे सप्ताह तक बीसलपुर बांध लगभग खाली हो गया था लेकिन इसके बाद प्रदेश में मानसून मेहरबान हुआ और बीसलपुर बांध सहित प्रदेश के अन्य बांध भी लबालब हो गए. बांध पूरा भर जाने की खबरों पर मीडिया और सोश्यल साईट्स पर व्यापक चर्चा के कारण जनता की आकांक्षाएं बढ गई है. प्रमुख शासन सचिव संदीप वर्मा ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को जयपुर शहर और अजमेर के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए. 

प्रत्येक माह में मांग व वितरण का प्लान मांगा:
सितम्बर 2019 से अगस्त 2020 तक का प्रत्येक माह में मांग व वितरण का प्लान मांगा. विस्तृत चर्चा के बाद टोंक जिले एवं जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र के लिये बनाये गये माहवार जल वितरण प्लान को स्वीकृति प्रदान की, जिसके अनुसार एक सितम्बर से पानी की बढ़ोतरी की जाएगी. जयपुर एवं अजमेर के सप्लाई प्लान को आगामी दो दिनों में अंतिम रूप देकर उसे भी एक सितम्बर से लागू किया जाएगा. वर्तमान में जयपुर, अजमेर एवं टोंक जिलों में जहां पर भी 72 घंटे या अधिक अंतराल से जल वितरण किया जा रहा है, इस अंतराल को कम करने के लिये भी प्रमुख शासन सचिव ने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये.  

बीसलपुर बांध की कुल भराव श्रमता 38.7 टीएमसी: 
बीसलपुर बांध की कुल भराव श्रमता 38.7 टीएमसी है, इसमें से जयपुर, अजमेर एवं टोंक जिलों में पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी आरक्षित है. बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि बीसलपुर बांध गत 16 वर्षा में सिर्फ 5 बार ही वर्ष 2004, 2006, 2014, 2016 एवं 2019 में पूरा भरा है और इसके इतिहास के हिसाब से बांध भरने के अगले वर्ष में काफी कम मात्रा में पानी आया है. वर्ष 2016 में बांध भरने के पश्चात वर्ष 2017 व 2018 में बहुत ही कम मात्रा में पानी आया था. इस कारण जयपुर, अजमेर और टोंक में सभी जगहों पर सितम्बर 2018 से पेयजल की कटौती करनी पड़ी थी एवं वर्ष 2019 की गर्मी में भी बड़ी मुश्किल से पेयजल व्यवस्था को बनाये रखा जा सका. अगर इस बार भी मानसून में बरसात कम होती तो पेयजल के लिए बडा संकट खड़ा हो सकता था. ऐसे में बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बांध के भराव के पुराने इतिहास एवं इस वर्ष मानसून से पहले के पेयजल संकट की स्थितियों के अनुभव देखते हुए बांध के पूरा भरने पर भी जल के सही-सही उपयोग पर फोकस करने की आवश्यकता है, ताकि आगामी वर्ष में अगर कम वर्षा होती है तो भी पेयजल व्यवस्था को अगस्त 2021 तक सुचारू रूप से सम्पादित किया जा सके. इसके अलावा बीसलपुर बांध से प्रति वर्ष करीब 7-8 टीएमसी पानी के वाष्पीकरण को कम करने के लिये विभिन्न प्रचलित तकनीकों पर भी बैठक में चर्चा हुई. प्रमुख शासन सचिव ने इस बारे में अध्ययन कर प्रभावी तकनीक के सम्बंध में सुझाव तैयार करने के निर्देश दिए.

जयपुर शहर में ट्यूबवेल का काम बंद नहीं होगा:
जल विभाग ने यह भी फैसला किया है कि भले ही बीसलपुर बांध भर गया हो लेकिन जयपुर शहर में ट्यूबवेल का काम बंद नहीं होगा. जयपुर शहर में पानी की कमी को दूर करने के लिये कुल स्वीकृत 279 नलकूपों में से 273 नलकूप सफलता पूर्वक खोदे जा चुके है, इनमें सें 250 नलकूपों को स्वच्छ जलाशय से जोड़ा गया है, जिससे 50 एमएलडी पानी उत्पादित हो रहा है. अधिकारियों को बाकी खोदे गये नलकूपों को भी तुरन्त स्वच्छ जलाशय से जोडने के निर्देश दिए गए है. इसके अलावा पिछली गर्मियों में बीसलपुर बांध में पानी कम होने के कारण जयपुर शहर में अंतिम छोर पर पानी का उचित दबाव बनाने के लिये स्वीकृत 453 नलकूपों में से 362 का वेधन पूर्ण किया जा चुका है. शेष नलकूप 150 एमएम व्यास के है, जिनको खोदने से पूर्व फिजीबिलिटी एवं पानी की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए. जयपुर के शास्त्री नगर, गुर्जर की थड़ी, ईदगाह, तोपखाना देश, तोपखाना हजूरी व चौकड़ी गंगापोल आदि क्षेत्रों में बीसलपुर का पानी पर्याप्त दबाव से सप्लाई नही किया जा रहा है.

ईसरदा में बांध बनाने का काम भी 2021 तक पूर्ण किये जाने की योजना:  
बीसलपुर बांध से ओवर फ्लो होकर जाने वाले पानी को रोकने के लिये ईसरदा में बांध बनाने का काम भी 2021 तक पूर्ण किये जाने की योजना है. बीसलपुर जयपुर पेयजल परियोजना स्टेज-2 के काम मे भी अब तेजी आने की सम्भवना है. बीसलपुर बांध भरने के कारण अगले 3 साल तक जयपुर को पानी की समस्या तो नहीं होगी लेकिन जयपुर वासियों को भी अब पानी का मितव्ययिता के साथ इसका उपयोग करना होगा. 

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