इस आसान विधि से करें मां लक्ष्मी का पूजन, जानें शुभ मुहूर्त

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/07 08:37

जयपुर। हिंदू धर्म में दीपावली सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है ।  कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन दीपावली का त्योहार मनाते हैं । मान्यता है कि भगवान राम चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे । इस खुशी में अयोध्यावासियों ने घर में घी के दिए जलाए थे और अमावस्या की काली रात भी रोशन हो गई थी । 

दीपावली की शाम को यानि प्रदोषकाल के शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी,भगवान गणेश के साथ माता सरस्वती, धन के देवता कुबेर और मां काली की पूजा होती है। दिवाली की रात में पूजा में कोई कमी न रह जाए इसके लिए हम आपको पूजा की सरल और आसान विधि बता रहे हैं।

- स्नान करके पवित्र आसन पर बैठकर आचमन करें।
- सबसे पहले गणेश जी और गौरी का पूजन करिए। 
- हाथ में अक्षत और पुष्प ले लें। नवीन बही खातों पुस्तकों पर केसर युक्त चंदन से या फिर लाल कुमकुम से स्वास्तिक का चिह्न बनाना चाहिए। 
- इसके बाद देवी लक्ष्मी का पूजन शुरू करें. मां लक्ष्मी की प्रतिमा को पूजा स्थान पर रखें ।
- मां इत्र अर्पित कर कुमकुम का तिलक लगाएं । 
- 11 या 21 चावल अर्पित कर आरती करें. आरती के बाद परिक्रमा करें ।

पूजा का शुभ मुहूर्त-
लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: शाम 17:57 से 19:53 तक ।
प्रदोष काल: शाम 17:27 बजे से 20:06 बजे तक ।
वृषभ लग्न: 17:57 बजे से 19:53 बजे से तक ।

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