गरीब कल्याण योजना के तहत मिले चना हुआ बर्बाद, अब बांटने से हो सकता है Loss; Governor को लिखा पत्र: Sumedhanand

 गरीब कल्याण योजना के तहत मिले चना हुआ बर्बाद, अब बांटने से हो सकता है Loss; Governor को लिखा पत्र: Sumedhanand

 गरीब कल्याण योजना के तहत मिले चना हुआ बर्बाद, अब बांटने से हो सकता है Loss; Governor को लिखा पत्र: Sumedhanand

जयपुर: केंद्र द्वारा गरीब कल्याण योजना (Poor Welfare Scheme) के तहत भेजा गया हजारों टन चना (Gram) समय पर बांटा नहीं गया. अब वो खराब हो गया है. ऐसे में इसकी नजाकता को भांपते हुए सीकर सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती (Sikar MP Swami Sumedhanand Saraswati) ने राज्य सरकार पर केन्द्रीय गरीब कल्याण योजना के तहत केंद्र से भेजे गए हजारों टन चने में से बचे दो हजार टन चने पर लीपापोती का आरोप लगाया है. सांसद ने राज्यपाल को पत्र लिखकर चने की गुणवत्ता की जांच की मांग की है.

पिछले लॉकडाउन में केंदग्र से आया था चना:
स्वामी सुमेधानंद ने बयान जारी कर कहा कि कोरोना काल में पिछले लॉकडाउन (Last Lockdown) के समय पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गरीब कल्याण योजना के तहत 24 हजार टन चना भिजवाया था. पिछली दफा प्रशासन ने जरूरतमंदों को नहीं बांटा. सीकर और अन्य जिलों में करीब दो हजार टन चना बचा पड़ा हैं. जानकारी मिली है कि सरकार बचे हुए चने को लेकर लीपोपोती करना चाहती है.

मामले की जांच का निवेदन किया:
सांसद ने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि राज्य की कांग्रेस सरकार (Congress Government) अब महिला बाल कल्याण विभाग के जरिए गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) और बच्चों को खिलाना चाहती हैं. उन्होंने राज्यपाल से निवेदन किया कि इस मामले की जांच कराई जाए.

नहीं हो रही सार संभाल:
सीकर MP सुमेधानंद ने संबंधित कलेक्टर को आदेश कर चने की जांच के बाद ही वितरण किया जाना चाहिए. क्योंकि पिछले कई महीनों से चना रखा हुआ है. ऐसे में उनकी सार संभाल ​नहीं की गई। जबकि चने को काफी सहूलियत से रखा जाता है. जिसकी उम्मीद प्रशासन से नहीं होती.

सांसद ने आरोप लगाया है कि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को बर्बाद कर केंद्र सरकार को बदनाम किया जा रहा है, जबकि इससे पहले चने को बर्बाद किया जा रहा है. इस चने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य (Health) के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.

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