Kumbh Mela : पहले शाही स्नान के साथ संतों ने लगाई आस्था की डुबकी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/15 07:58

प्रयागराज। आस्था के सबसे बड़े मेले कुंभ का उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आगाज हो गया है । शाही स्नान में सबसे पहले विभिन्न अखाड़ों के साधु स्नान करते हैं। सूरज की पहली किरण के साथ सबसे पहले जूना अखाड़ा शाही स्नान के लिए निकला । ढोल नगाड़ों के नागा साधुओं और संतों की टोली स्नान के लिए निकली। ऐसी मान्यता है कि संगम में एक डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं और लोगों को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है । 

मंगलवार को शाम 4 बजे तक अखाड़ों का शाही स्नान जारी रहेगा।  इसके साथ लाखों श्रद्धालु भी पतित पावनी मां गंगा और यमुना में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं । माना जा रहा है कि पहले ही दिन संगम पर लाखों लोग डुबकी लगा सकते हैं। करीब 45 दिन तक चलने वाले इस कुंभ मेले में अनुमान है कि 15 करोड़ से ज्‍यादा लोग आएंगे । देश ही नहीं इस कुंभ में विदेश से भी लोगों के आने का अनुमान है। 15 जनवरी से शुरू हुए ये कुंभ 4 मार्च तक चलेगा। 

कड़ाके की सर्दी में अलग-अलग अखाड़ों के साधु गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। हर तपस्वी की यही इच्छा होती है कि वो धर्म के सबसे बड़े मेले में संगम तट पर शाही स्नान का हिस्सा बनें। उनके लिए कुंभ ही उनके जीवन का सबसे बड़ा तीर्थ है। ऐसे में सालों बाद जब ये मौका आया तो कड़ाके की ठंड को भी मात देते हुए संन्यासियों ने शाही स्नान किया । पूरे धूमधाम से शोभा यात्रा निकालते हुए निरंजनी और आनंद अखाड़े के साधु संतों ने संगम तट पर शाही स्नान किया। केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया है। वह भी इस पावन पर्व पर कुंभ के शंखनाद की साक्षी बनीं । 
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in