कांग्रेस का यह 'गढ़' कभी नही ढहा पाई भाजपा, होती रही अब तक जमानत जब्त

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/12 12:43

मंडावा(सुनिल शर्मा)। राजस्थान की राजनीति में शेखावटी की अपनी एक अलग ही पहचान है । यहां से निकले कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गजों का अपना एक अलग ही वर्चस्व रहा है । इसी शेखावटी का एक जिला है झुंझुनू । देशभर में सैनिकों के जिले के रूप में पहचान रखने वाले झुंझुनूं के मंडावा की प्रदेश राजनीति में एक अलग ही पहचान है । साथ ही मंडावा विश्व प्रसिद्ध हवेलियों और सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी जाना जाता है। 

लेकिन अगर हम इस विधानसभा सीट के राजनैतिक परिदृश्य की बात करें तो वह काफी रोचक रहा है । यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है साथ ही बीजेपी की यहां अभी तक 'एंट्री' नहीं हो पाई है । इतना ही नही 1984 से लगातार यहां भाजपा प्रत्याशी अपनी जमानत भी नही बचा पाया । वहीं भाजपा स्पीकर सुमित्रा सिंह भी यहां से अपनी जमानत नही बचा पाई । अगर हम कांग्रेस की बात करें तो पहली बार पिछले विधान सभा चुनाव में पीसीसी अध्यक्ष डॉ चंद्रभान की यहां से जमानत जब्त हो गई। इसके पीछे का कारण यह माना गया कि कांग्रेस ने पूर्व सिटिंग विधायक रीटा चौधरी की टिकट काटकर चंद्रभान को यहा से मौका दिया था। 

ऐसे में एक कांग्रेस एक बार फिर यहां से पूर्व विधायक रीटा चौधरी पर दाव खेल सकती है । पिछली बार की बात करे तो यहां दोनो पार्टियों के बागियों में रोचक मुकाबला हुआ था । ऐसे में इस बार भाजपा पार्टी के बागी निर्दलीय विधायक नरेंद्र कुमार पर दांव लगा सकती है । लेकिन फिलहाल टिकट वितरण पर क्षेत्र में चुनाओं के समीकरण बनने की संभावना लगाई जा रही है । 

जातिगत समीकरण
जाट बाहुल्य इस इलाके में हर पार्टी जाट प्रत्याशी पर ही दांव लगाना चाहती है ताकि हार की गुंजाइश कम से कम रहे। क्षेत्र की कुल आबादी में मोटे तौर पर देखें तो मुस्लिम 47000, एससी 48000, जाट 65000, ब्राह्मण-बनिया 16000, राजपूत 22000, कुम्हार 9000, माली 16000, जांगिड़ 8000 और अन्य मतदाता 15000 हैं । 
 

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