नई दिल्ली Metro को भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के लिए साझेदार की तलाश

Metro को भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के लिए साझेदार की तलाश

Metro को भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के लिए साझेदार की तलाश

नई दिल्ली: जर्मनी की खुदरा विक्रेता मेट्रो एजी अपनी भारतीय सहायक कंपनी मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए किसी साझेदार की तलाश कर रही है. एक सूत्र ने यह जानकारी दी.

उद्योग सूत्र ने कहा कि मूल कंपनी अपनी भारतीय इकाई की प्रगति की समीक्षा करने के बाद अब रणनीतिक बाहरी गठजोड़ की तलाश कर रही है. उन्होंने कहा कि अभी तक यह चर्चा के स्तर पर है. उन्होंने कहा कि इस बारे में बैंकरों के साथ कुछ चर्चा हुई है.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बी2सी) खुदरा कारोबार में काम करने वाली कई प्रमुख कंपनियों से संपर्क किया गया है.

संपर्क करने पर मेट्रो एजी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी रणनीतिक विकल्पों की समीक्षा कर रही:

इन कंपनियों में अमेजन, थाईलैंड के चारोन पोकफंड (सीपी) समूह, रिलायंस रिटेल, एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डी-मार्ट), टाटा समूह, लुलु समूह और पीई फंड समारा कैपिटल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापार को अपना नेटवर्क बढ़ाने और अधिक स्टोर जोड़ने के लिए और अधिक निवेश की आवश्यकता है. संपर्क करने पर मेट्रो एजी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी रणनीतिक विकल्पों की समीक्षा कर रही है.

हम अफवाहों या अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते:

मेट्रो एजी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट संचार) गेर्ड कोस्लोव्स्की ने कहा कि मेट्रो इंडिया एक बढ़ता हुआ व्यवसाय है, जिसमें थोक के लिए भारी संभावनाएं हैं. हम मेट्रो की मौजूदा थोक क्षमताओं को बढ़ाने और भारत में व्यापार वृद्धि में तेजी लाने के लिए संभावित भागीदारों के साथ रणनीतिक विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं. कृपया इस बात को समझिए कि हम अफवाहों या अटकलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते. सोर्स-भाषा   

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