मणिपुर: नागरिकता बिल पर हिंसा के बाद कर्फ्यू, 5 दिन के लिए इंटरनेट सेवा बंद

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/12 03:27

नई दिल्ली। राज्यसभा में आज नागरिकता संशोधन विधेयक बिल पेश किया जा सकता है। इस बिल के विरोध में विपक्ष सहित एनडीए के सहयोगी दल भी विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में असम समेत अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में इस विधेयक का कड़ा विरोध हो रहा है। इंफाल के ईस्ट और वेस्ट जिले में एहतियातन 12 फरवरी तक धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही यहां इंटरनेट सर्विस भी बाधित कर दी गई है।

वहीं मोदी सरकार के पास इस बिल को पास कराने का यही अंतिम मौके है क्योंकि इसके बाद बजट सत्र समाप्त हो जाएगा और लोकसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो जाएंगी। हालांकि,संसद के निम्न सदन लोकसभा में इस बिल को बीते 8 जनवरी को मंजूरी मिल चुकी है अब राज्यसभा में पास होना बाकी है उसके बाद यह बिल कानून का रुप ले लेगा।

मालूम हो, मणिपुर में पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर हिंसा फैल गई थी और यहां तनाव का माहौल है। रविवार को यहां पुलिस के साथ हुई झड़प में दो पुलिसकर्मियों समेत आठ लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस दौरान आक्रोशित महिलाओं की भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे थे।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन विधेयक के कानून बन जाने के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल की बजाय भारत में केवल छह साल रहने और बिना उचित दस्तावेजों के भी देश की नागरिकता मिल सकेगी।

इससे पहले सोमवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने विवादास्पद नागरिकता संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस बिल को राज्यसभा में पारित नहीं करने की अपील की।

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in