Rajasthan: प्रदेश में लागू किया होटल हाउसिंग का नया कांसेप्ट, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने इस बारे में दी मंजूरी

Rajasthan: प्रदेश में लागू किया होटल हाउसिंग का नया कांसेप्ट, नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने इस बारे में दी मंजूरी

जयपुर: कोरोना के कारण उपजी आर्थिक परिस्थितियों के कारण बदहाल होटल व्यवसाय को संजीवनी देने के लिए प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने होटल हाउसिंग का नया कांसेप्ट लागू किया है.  नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की मंजूरी के बाद इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए हैं.  क्या है यह कांसेप्ट और किस तरह इसे लागू किया गया है, पढ़ें फर्स्ट इंडिया न्यूज की ये खास रिपोर्ट-

पर्यटन की विपुल संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश में वृहद स्तर पर होटल व्यवसाय चल रहा है.  इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है.  लेकिन मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के चलते यह व्यवसाय मंदी के दौर से गुजर रहा है.  शहरी क्षेत्रों में कई होटल बड़े भूखण्डों पर चल रहे हैं या भविष्य में होटल निर्माण प्रस्तावित है.  ऐसे भूखंडों पर होटल के साथ ही आवास योजना विकसित की जा सके, इसके लिए प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार होटल हाउसिंग का नया कांसेप्ट लागू किया है.  ऐसा करने वाला राजस्थान पूरे देश में पहला राज्य है.  भवन विनियमों की एक्सपर्ट कमेटी ने इसे लागू करने की सिफारिश की थी.  इस सिफारिश पर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की मंजूरी के बाद नगरीय विकास विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं. आपको बताते हैं कि इस होटल हाउसिंग के इस कांसेप्ट के तहत एक ही भूखंड पर होटल के साथ मकानों का निर्माण किन मापदंडों के साथ किया जा सकेगा. 

- होटल हाउसिंग कंसेप्ट मास्टरप्लान में प्रस्तावित व्यवसायिक, मिश्रित, आवासीय, औद्योगिक और होटल लैंड यूज में लागू होगा. 

- होटल के साथ मकानों के निर्माण के लिए नए प्रकरणों के लिए बड़े शहरों में न्यूनतम 18 मीटर और छोटे शहरों में न्यूनतम 12 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी होगी. 

- इसके लिए यह भी जरूरी होगा कि भूखंड का आकार कम से कम 10 हजार वर्गमीटर हो. 

- पहले से स्वीकृत या मौजूदा चल रहे उन्हीं होटल परिसरों में होटल हाउसिंग का कंसेप्ट लागू हो सकेगा, इसके लिए जरूरी है कि भूखंड का आकार न्यूनतम 8 हजार वर्गमीटर हो. 

- होटल हाउसिंग कंसेप्ट में होटल निर्माण के लिए मानक बिल्ड एरिया रेशियो 4 और आवास निर्माण के लिए मानक बिल्ड एरिया रेशियो 2 रहेगा. 

- इससे अधिक निर्माण के लिए निर्माणकर्ता को बेटरमेंट लेवी देनी होगी. 

- जितने निर्मित क्षेत्रफल के निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी उसका न्यूनतम 65% हिस्सा होटल प्रयोजन के लिए और अधिकतम 35 फ़ीसदी हिस्सा आवासीय भवन या फ्लैट्स के लिए होगा.  

- आवासीय हिस्से को अगर बेचा जाता है तो इस प्रोजेक्ट को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में पंजीयन कराया जाना जरूरी होगा.  

- एक ही भूखंड पर होटल और आवासीय गतिविधि एक ही ब्लॉक में या अलग-अलग ब्लॉक में चल सकेंगी.  

- होटल में निर्मित विभिन्न सुविधाएं जैसे स्विमिंग पूल, क्लब व जिम आदि आवासीय इकाइयों में रहने वाले निवासियों को भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी. 

- होटल हाउसिंग के हर प्रकरण को मंजूरी के लिए संबंधित निकाय राज्य सरकार को भेजेंगे. 

होटल व रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान की ओर से ही राज्य सरकार को सौंपे गए ज्ञापन में इस होटल हाउसिंग के कंसेप्ट को लागू करने की मांग की गई थी.  इसी मांग पर विचार करते हुए राज्य सरकार ने बिल्डिंग बायलॉज में इस बारे में नया प्रावधान जोड़ा है.  इस नए प्रावधान से प्रदेश के होटल व्यवसाय को संजीवनी मिलने की उम्मीद है. 

और पढ़ें