VIDEO: प्रमुख सचिव UDH कुंजीलाल मीणा के कंधों पर जगतपुरा सेंट्रल स्पाइन योजना के विवाद को सुलझाने की बड़ी जिम्मेदारी

VIDEO: प्रमुख सचिव UDH कुंजीलाल मीणा के कंधों पर जगतपुरा सेंट्रल स्पाइन योजना के विवाद को सुलझाने की बड़ी जिम्मेदारी

जयपुरः जयपुर विकास प्राधिकरण को वर्षों से लंबित जिस जगतपुरा सेंट्रल स्पाइन योजना के निस्तारण से 1000 करोड रुपए की आय की उम्मीद है उस योजना के विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी अब प्रमुख सचिव नगरीय विकास कुंजीलाल मीणा पर आ गई है. क्या है पूरा मामला जानने के लिए देखें फर्स्ट इंडिया की खास रिपोर्ट...

जयपुर विकास प्राधिकरण और रीको की यह संयुक्त योजना खातेदारों को मुआवजा नहीं मिलने के कारण बरसों से अटकी हुई है. आपको बताते हैं कि योजना को क्रियान्वित करने के लिए अब तक क्या कवायद की गई है

-योजना को लेकर जेडीए और रीको के बीच पहले जो एमओयू हुआ था उसके मुताबिक खातेदारों की भूमि अधिग्रहित करने के बदले उन्हें 15% भूमि ही दी जानी थी.

-लेकिन बाद में सरकार के आदेश के बाद खातेदारों को 15 की बजाय 25% विकसित भूमि बतौर मुआवजा दी जानी है.

-इसके लिए जेडीए को रीको की हिस्सेदारी में से 35 हेक्टेयर भूमि की और आवश्यकता है.

-मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट एंपावर्ड कमिटी की दूसरी बैठक 14 फरवरी को हुई थी.

-इस बैठक में जेडीए को अतिरिक्त भूमि देने का फैसला किया गया.

-एंपावर्ड कमेटी के फैसले के मुताबिक इसके लिए जेडीए और रीको के बीच हुए एमओयू में संशोधन होगा.

,- एंपावर्ड कमेटी ने एमओयू में संशोधन कराने की जिम्मेदारी मुख्य सचिव को सौंपी.

जगतपुरा इलाके के नियोजित विकास के लिहाज से भी यह सेंट्रल स्पाइन योजना बहुत महत्वपूर्ण है जेडीए अधिकारियों को उम्मीद है कि खातेदारों को मुआवजा देने का अगर रास्ता खुल जाएगा तो खातेदारों के कब्जे की भूमि समर्पित कराई जा सकती है इस समर्पित भूमि के निस्तारण से जेडीए को करीब 1000 करोड रुपए के आय की उम्मीद है.

- मुख्य सचिव निरंजन कुमार आर्य ने मामले में हाल ही अधिकारियों की बैठक ली थी.

- बैठक में फैसला किया गया कि एमओयू में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा.

- प्रस्ताव तैयार कराने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव यूडीएच कुंजी लाल मीणा को दी गई.

- इसके लिए जल्द ही कुंजी लाल मीणा के स्तर पर जेडीए और रीको के अधिकारियों की बैठक होगी.

-तैयार प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए मुख्य सचिव को भेजा जाएगा.

- मुख्य सचिव स्तर पर हुए फैसले के अनुसार जेडीए संपूर्ण तथ्यों सहित प्रस्ताव सरकार को भेजेगा.

 जेडीए लंबे समय से इस योजना के निस्तारण का प्रयास कर रहा है. दूसरी तरफ मामले में सरकार भी गंभीर है. ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि योजना का विवाद जल्द सुलझाए गा और वह धरातल पर उतरेगी.

फर्स्ट इंडिया के लिए अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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