चुनाव परिणाम बने राजे सरकार के इन 24 मंत्रियों की प्रतिष्ठा का सवाल

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/10 10:45

जयपुर। कल चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ही सबकी निगाहें टिकी होगी बीजेपी सरकार के उन चेहरों पर जो पांच साल तक मंत्री रहे। राजे मंत्री परिषद के अधिकांश चेहरों को चुनावी समर में उतार दिया गया है। इनमें से अधिकांश चेहरे ऐसे है जो एक नहीं बल्कि कई चुनाव जीत चुके है जिनकी अपने विधानसभा क्षेत्र में धाक और साख दोनों है। ऐसे में मौजूदा चुनाव उनकी सियासी प्रतिष्ठा से भी जुडा है।  खास रिपोर्ट-

गहलोत सरकार का जब पतन हुआ था औऱ पिछले चुनावों में राजे सरकार पूर्ण बहुमत से बनी थी उस समय गहलोत राज के अधिकांश कद्दावर मंत्रियों को पराजय का सामना करना पड़ा था। शांति धारीवाल हो या फिर राजेन्द्र पारीक तमाम कांग्रेस के पिछले राज के चेहरे चुनाव हार गये थे। यहां तक कि विधानसभा के अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत चुनाव हारे थे। राजे सरकार के उन मंत्रियों के लिये भी यह चुनौती है कि वे कांग्रेस के इतिहास को अपने यहां नहीं दोहरा ले। राजे राज के भी दिग्गज चेहरे इस बार चुनावी समर में ताल ठोक रहे है। कुछ चेहरे ऐसे भी जिन्हें टिकट नहीं मिला तो बागी होकर मैदान में कूद गये ,यह अपनों को निशाना बना रहे है। वहीं कुछ ऐसे है जिन्होंने खुद नहीं बल्कि अपने सुपुत्रों को मैदान में उतारा है लेकिन लाज खुद के हाथों में है। 

वसुंधरा राजे -मुख्यमंत्री
—झालरापाटन से बीजेपी की उम्मीदवार
—राजे को चुनौती दे रहे मानवेन्द्र सिंह
—झालरापाटन से कांग्रेस उम्मीदवार है मानवेन्द्र सिंह
—राजे यहां से लगातार खिला रही है कमल

गुलाब चंद कटारिया-गृह मंत्री
—उदयपुर शहर से बीजेपी प्रत्याशी है कटारिया
—कटारिया को कांग्रेस पार्टी से चुनौती दे रही गिरिजा व्यास
—बीजेपी के बागी दलपत सुराणा भी यहां से मैदान में

किरण माहेश्वरी-उच्च शिक्षा मंत्री
—राजसमंद से बीजेपी उम्मीदवार है किरण माहेश्वरी
—कांग्रेस के नारायण सिंह भाटी दे रहे उन्हें चुनौती

राजेन्द्र राठौड़-ग्रामीण विकास और पंचायतीराज व संसदीय कार्य मंत्री
—चूरु से एक बार फिर बीजेपी के टिकट पर मैदान में
—कांग्रेस उम्मीदवार रफीक मंडेलिया से है मुकाबला

कालीचरण सराफ-चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री
—मालवीयनगर से बीजेपी प्रत्याशी है सराफ
—कांग्रेस की अर्चना शर्मा से लगातार दूसरी बार मिल रही चुनौती

यूनूस खान-पीडब्लूडी मंत्री
—टोंक से बीजेपी के उम्मीदवार है यूनूस खान
—अंतिम समय में भेजा गया सचिन पायलट के सामने
—पीसीसी चीफ पायलट के सामने चुनाव लड़ रहे खान

गजेन्द्र सिंह खींवसर-वन,पर्यावरण व खेल मंत्री
—लोहावट से बीजेपी के प्रत्याशी है खींवसर
—खींवसर के सामने कांग्रेस ने नये चेहरे को बनाया प्रत्याशी
—के आर विश्नोई यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार
—खींवसर को त्रिकोणीय संघर्ष का करना पड़ रहा सामना

प्रभुलाल सैनी-कृषि मंत्री
—अंता से बीजेपी के उम्मीदवार है सैनी
—कांग्रेस ने उनके मुकाबले में उतारा है प्रमोद जैन भाया को

बाबू लाल वर्मा-खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री
—बारां -अटरु से चुनाव लड़ रहे है वर्मा
—वर्मा का मुकाबला है कांग्रेस के पानाचंद मेघवाल से
—यहां वर्मा पहली बार चुनाव लड़ रहे वहीं मेघवाल रह चुके है विधायक
—के पाटन से विधायक बनकर बने थे राजे सरकार मंत्री
—इस बार उनकी सीट बदली गई

अरुण चतुर्वेदी-सामाजिक न्याय आधिकारिता मंत्री
—सिविल लाइंस से दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर मैदान में
—कांग्रेस के प्रताप सिंह खाचरियावास से है मुकाबला

डॉ रामप्रताप-जल संसाधन मंत्री
—हनुमानगढ़ से बीजेपी उम्मीदवार है डॉ रामप्रताप
—कांग्रेस पार्टी के विनोद लीलावाली से है मुकाबला
—दोनों के बीच होता रहा है परम्परागत संघर्ष

राजपाल सिंह शेखावत-उधोग मंत्री
—झोटवाड़ा से बीजेपी के प्रत्याशी है राजपाल सिंह
—कांग्रेस ने लालचंद कटारिया को उनके सामने उतारा
—झोटवाड़ा से लगातार चुनाव जीत रहे राजपाल

श्रीचंद कृपलानी-यूडीएच मंत्री
—निम्बाहेड़ा से बीजेपी के प्रत्याशी है कृपलानी
—कांग्रेस पार्टी से उनके सामने प्रत्याशी है उदयलाल आंजना
—दोनों के बीच निम्बाहेड़ा में होता आया है परम्परागत संघर्ष

अजय सिंह किलक-सहकारिता मंत्री
—डेगाना से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे किलक
—कांग्रेस के टिकट पर विजयपाल मिर्धा मैदान में
—पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा के पुत्र है किलक

वासुदेव देवनानी-शिक्षा राज्य मंत्री
—अजमेर उत्तर से बीजेपी प्रत्याशी है देवनानी
—कांग्रेस ने उनके सामने नये चेहरे महेन्द्र रलावता को उतारा

अनिता भदेल-महिला बाल विकास राज्य मंत्री
—अजमेर दक्षिण से बीजेपी प्रत्याशी है भदेल
—भदेल का मुकाबला है कांग्रेस के हेमंत भाटी से

अमराराम-राजस्व मंत्री
—पचपदरा से एक बार फिर बीजेपी के टिकट पर मैदान में
—कांग्रेस के मदन प्रजापत से है उनका चुनावी मुकाबला

कृष्णेंद्र कौर दीपा-पर्यटन ,कला संस्कृति मंत्री
—नदबई से बीजेपी से लड़ रही है चुनाव
—दीपा के सामने कांग्रेस ने नये चेहरे हिमांशु कटारा को उतारा

सुरेन्द्र पाल टीटी-खनिज मंत्री
—करणपुर से टीटी है चुनावी समर में
—कांग्रेस से उनके सामने है गुरमीत सिंह कुन्नर
—कांग्रेस के बागी पृथ्वीपाल संधू भी दे रहे टक्कर
—त्रिकोणीय संघर्ष में फंसे है टीटी

पुष्पेन्द्र सिंह-ऊर्जा राज्य मंत्री
—बाली से बीजेपी के उम्मीदवार है सिंह
—एनसीपी के उम्मेद सिंह चम्पावत मैदान में
—कांग्रेस के समर्थन से लड़ रहे है उम्मेद सिंह चुनाव
—बाली से लगातार चुनाव जीत रहे है पुष्पेन्द्र सिंह

ओटाराम देवासी-गो पालन राज्य मंत्री
—सिरोही से उनके सामने कांग्रेस उम्मीदवार है जींवाराम आर्य
—कांग्रेस के बागी संयम लोढ़ा ने संघर्ष को बना दिया रोचक
—त्रिकोणीय संघर्ष में उलझे है देवासी

सुशील कटारा-जलदाय राज्य मंत्री
—चौरासी से बीजेपी के उम्मीदवार
—कांग्रेस ने नये चेहरे मंजूलता रोत को चुनावी समर में उतारा
—ट्राइबल पीपुल्स पार्टी भी यहां से समर में

बंशीधर बाजिया-चिकित्सा व स्वास्थय राज्य मंत्री
—खंडेला से बीजेपी टिकट पर मैदान में है बाजिया
—कांग्रेस ने यहां नये चेहरे सुभाष मील को उतारा
—कांग्रेस के बागी महादेव सिंह ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया
—महादेव सिंह खंडेला पूर्व विधायक है 

कमसा मेघवाल-जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री
—भोपालगढ़ सीट से फिर बीजेपी उम्मीदवार
—कांग्रेस ने भंवर बलाई को मैदान में उतारा
—यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया आर एल पी के पुखराज ने
—कमसा उलझ गई है त्रिकोणीय संघर्ष में

-----------मंत्रीपरिषद के वो चेहरे जो बागी होकर मैदान में-------------

सुरेन्द्र गोयल-जलदाय मंत्री
—गोयल का बीजेपी ने टिकट काट दिया
—गोयल बागी होकर लड़ रहे जैतारण से चुनाव

हेम सिंह भड़ाना-सामान्य प्रशासन,मोटर गैराज मंत्री
—भडाना का थानागाजी से टिकट काट दिया
—बागी होकर थानागाजी से लड़ रहे है चुनाव

राजकुमार रिणवां-देवस्थान राज्य मंत्री
—राजे सरकार में खनिज मंत्री भी रह चुके है
—रिणवां का टिकट काट दिया बीजेपी ने 
—रतनगढ़ से बीजेपी से बागी होकर चुनावी समर में

धनसिंह रावत -ग्रामीण विकास पंचायती राज राज्य मंत्रीॉ
—बांसवाड़ा से धनसिंह का भाजपा ने काटा टिकट
—अब बागी होकर बांसवाड़ा से चुनावी समर में

---------------मंत्रीपरिषद के वो चेहरे जो खुद नहीं उनके पुत्र समर में------------

नंदलाल मीना-जनजाति विकास मंत्री
—मीना खुद नहीं लड़ रहे है चुनाव
—परम्परागत सीट प्रतापगढ़ से पुत्र हेमन्त को बीजेपी के टिकट पर मैदान में उतारा

डॉ जसवंत यादव -श्रम मंत्री
—डॉ जसवंत यादव खुद नहीं पुत्र लड़ रहे है चुनाव
—बहरोड़ से उनके पुत्र मोहित यादव चुनावी समर में

बीजेपी के मौजूदा मंत्रीपरिषद के कुछ चेहरों के टिकट काट दिये थे इनमें से कुछ ने बागी होकर चुनावी समर में ताल ठोक दी। 24मौजूदा मंत्रियों को चुनाव लडने का मौका दिया गया है। विधानसभा चुनावों में इनकी प्रतिष्ठा और साख दांव पर है। इन्होंने अपनी ओर से किये गये विकास कार्यो के आधार पर क्षेत्र में वोट मांग है उसे ही जनादेश में सार्थक कर पाना चुनौती है। 

...अभिषेक श्रीवास्त्व के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

दीया का राजनीतिक भविष्य ?, राज्यपाल ने ये क्या कह दिया ? #ElectionExpress2019

दिल्ली में गिरफ्तार हुआ आईएसआई एजेंट | Breaking
KESARI WEEKEND BOX OFFICE COLLECTION | FIRST INDIA NEWS^
सोनिया गांधी के आवास पर CEC की बैठक
जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल और उनकी पत्नी ने बोर्ड की सदस्यता से दिया इस्तीफा
राहुल गाँधी की घोषणा \'हर गरीब को मिलेंगे 72 हजार रुपये\'
कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची, सूची में गहलोत, पायलट और विश्वेन्द्र सिंह शामिल
दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक संपन्न, कई अहम मुद्दों को लेकर हुई चर्चा