जयपुर VIDEO: नशे के 'नशे' में कौन? जयपुर में रात्रि 8 बजे बाद भी बेची जा रही है खुलेआम शराब, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: नशे के 'नशे' में कौन? जयपुर में रात्रि 8 बजे बाद भी बेची जा रही है खुलेआम शराब, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: 'उड़ता पंजाब' अब राजधानी जयपुर में भी दाखिल हो चुका है. जी हां यह हम नहीं कह रहे वरन पंजाब से आए एक शराब ग्रुप ने आते ही राजधानी जयपुर में एक ऐसी संस्कृति को हवा देने की कोशिश की है, जो हमारे धार्मिक और सामाजिक मूल्यों के विपरीत तो है ही साथ ही हमारी युवा पीढ़ी को गर्त में धकेलने के प्रयास के तौर पर दिखाई देती है. इस ग्रुप द्वारा राजधानी जयपुर में रात्रि 8:00 बजे बाद खुलेआम शराब बेची जा रही है, जिससे राजधानी में शराब संस्कृति तेजी से पनप रही. पिछले दिनों 23 व 27 मई को किए स्टिंग ऑपरेशन में फर्स्ट इंडिया न्यूज़ ने नियमों की धज्जियां उड़ाते शराब कारोबारियों के काले सच को उजागर किया था लेकिन दोषी लाइसेंसी और आबकारी निरीक्षकों पर कार्रवाई से विभाग बचता दिखा. अब एक बार फिर हमारी टीम ने 9 व 10 जून को तीसरा स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें राज्य के बाहर से आए एक शराब ठेकेदार द्वारा गुलाबी नगर की आबोहवा में 24 घंटे शराब का जहर खोलने का काला सच उजागर हुआ है. 
 
यूं तो राजधानी जयपुर के अंदर आबकारी विभाग द्वारा कुल 404 दुकानें स्वीकृत हैं. इन शराब दुकानों पर कम्पोजिट व्यवस्था के तहत देशी और अंग्रेजी शराब तथा बीयर की बिक्री की जाती है. आबकारी विभाग के नियमों के मुताबिक यह शराब दुकान सुबह 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक ही खोली जा सकती हैं. इन दुकानों पर बाकायदा लाइसेंसी का नाम, उपलब्ध शराब की दर, पोस मशीन, सीसीटीवी कैमरा और संबंधित जिला आबकारी अधिकारी का नाम और उसका मोबाइल नंबर अंकित होना चाहिए. यही नहीं दुकान पर काम करने वाले सभी सेल्समैन का आबकारी विभाग से स्वीकृति नौकरनामा भी होना चाहिए. दुकान पर किसी तरह का लुभावना विज्ञापन नहीं होना चाहिए, दुकान का आकार और उस पर लगे होर्डिंग का साइज भी आबकारी विभाग द्वारा स्वीकृत होना चाहिए. 

यह शराब दुकान किसी भी धार्मिक स्थल, स्कूल कॉलेज, अस्पताल, अनुसूचित जाति जनजाति बस्ती और किसी मजदूर बस्ती के 200 मीटर के दायरे में नहीं होनी चाहिए. अब सवाल उठता है कि क्या राजधानी जयपुर में इन सभी नियम कायदों को की पालना शराब कारोबारी कर रहे हैं या नहीं ? और क्या आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन नियम कायदों की पालना हो इसको गंभीरता से सुनिश्चित कर रहे हैं या नहीं ? इन सवालों का उत्तर खोजने के लिए जब फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की टीम पड़ताल करने निकली तो जो दिखाई दिया वह न केवल चौंकाने वाला था वरन आबकारी अधिकारियों की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत और बेखौफ शराब कारोबारियों का एक काला सच सामने आया. 

फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की टीम 9 व 10 जून को रात्रि 8 बजे बाद सबसे पहले सांगानेर सर्किल के थड़ी मार्केट अग्रवाल फार्म पर लाइसेंसी विनोद कुमार सेठी की दुकान पर पहुंची तो देखा यहां खुलेआम शराब बेची जा रही थी. टीम ने यहां से ट्यूबर्ग क्लासिक बीयर की बोतल खरीदी जिसकी छपी दर ₹165 है जबकि लाइसेंसी ने इसके ₹190 वसूले वह भी रात्रि 8.55 बजे बाद यानी ओवररेट और निश्चित समय दोनों ही मामलों में यहां नियमों को तोड़ा जा रहा था. सबूत के तौर पर शराब दुकान से रात्रि 8 बजे बाद बीयर बेचे जाने का वीडियो और ऑनलाइन भुगतान की रसीद उपलब्ध हैं. इसके बाद जयपुर दक्षिण वृत्त के रिद्धि सिद्धि स्थित लाइसेंसी दीपक शर्मा की दुकान पर रात्रि 9 बजकर 35 मिनट पर ट्यूबर्ग स्ट्रांग बियर रेट यानी ₹170 में खरीदी. 

इसके बाद सांगानेर सर्किल के किसान धर्म कांटा स्थित लाइसेंसी विजेश कुमार की दुकान पर रात्रि 9.44 बजे 165 रुपए मूल्य की ट्यूबर्ग क्लासिक बीयर 190 रुपए में दी गई. इसके बाद डीसीएम स्थित गुरप्रीत सिंह की दुकान पर रात्रि 9:52 बजे ट्यूबर्ग स्ट्रांग बीयर 150 रुपए की दी गई. यहां से जयपुर पश्चिम वृत्त की बजरी मंडी रोड स्थित लाइसेंसी सागर की दुकान पर रात्रि 10:35 बजे ट्यूबर्ग क्लासिक बेयर 165 के स्थान पर ₹200 की दी गई. इसके बाद जयपुर पश्चिम वृत्त के गांधी पथ स्थित लाइसेंसी गुरप्रीत की दुकान रात्रि 10:25 बजे खुली थी जहां से ₹105 कीमत का ऑफिसर चॉइस का पव्वा ₹120 में दिया गया. 

इसके बाद टीम ने 10 जून को एक बार फिर मौके पर जाकर पड़ताल की तो देखा मालवीय नगर स्थित लाइसेंसी रोहीन शाही की दुकान से रात्रि 8:45 बजे के बाद भी शराब बेची जा रही थी यहां से ट्यूबर्ग स्ट्रांग बियर ₹145 की दर के विपरीत ₹170 में दी गई. झालाना रोड स्थित रोहिन शाही की एक अन्य दुकान पर भी रात्रि 8:55 बजे ट्यूबर्ग क्लासिक बीयर 165 के स्थान पर ₹200 की दी गई. इसके बाद बाई जी की कोठी स्थित लाइसेंसी विकास कपूर की दुकान रात्रि 9:00 बजे खुली मिली यहां क्लासिक बियर ₹170 की दी गई. इसके बाद रॉयल्टी मार्ग झालाना स्थित वरुण बेदी की दुकान से रात्रि 9:05 बजे शराब बेची जा रही थी यहां ऑफिसर चॉइस शराब का पव्वा ₹105 के ₹130 का दिया गया. 

कमोबेश यही स्थिति रात्रि 9:55 बजे मीट मार्केट किरण पथ स्थित लाइसेंसी सुनील की दुकान पर भी देखने को मिली यहां क्लासिक बीयर ₹180 की दी गई. विडंबना देखिए कि पंजाब से आए एक शराब ग्रुप ने राजधानी में आकर ऐसी शराब संस्कृति पनपाने की मुहिम चला दी है जो न केवल गुलाबी नगर की छवि को दागदार कर रही है वरन यहां शराब कल्चर को भी बढ़ावा दे रहा है. बड़ी बात यह है कि आबकारी निरीक्षकों की जानकारी में होने क बाद भी इन सभी दुकानों पर सेल्समैन बेखौफ रात्रि 8:00 बजे बाद से लेकर देर रात तक शराब बेच रहे हैं और ग्राहकों से मनमानी दर वसूल रहे हैं. 

अब देखना यह है कि फर्स्ट इंडिया न्यूज़ तो खरीद का समय और ऑनलाइन भुगतान की रसीद का वीडियो प्रसारित कर सच से पर्दा उठा चुका है लेकिन क्या आबकारी विभाग की आंखों पर पड़ा मिलीभगत के का पर्दा भी उठ पाएगा ? आबकारी मंत्री परसादी लाल मीणा और आबकारी आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित जयपुर की जनता को अब यही अपेक्षा है कि शराब कारोबार के इस काले खेल से हो रहे राजस्व नुकसान को तो रोके ही साथ ही बेखौफ हो चुके आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और शराब कारोबारियों पर भी सख्त कार्रवाई कर एक नजीर पेश करें.

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