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देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

जयपुर: गहलोत सरकार ने एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को प्रदेश ब्यूरोक्रेसी का नया मुखिया बनाया है. 103 IAS अधिकारियों की देर रात जारी हुई तबादला सूची में रोहित कुमार सिंह को नया गृह एसीएस,अंतर सिंह नेहरा को जयपुर कलेक्टर और गौरव गोयल को नया जेडीसी बनाया है. वहीं अब तक राजस्व मंडल अजमेर में चेयरमैन का पदभार संभाल रहे वरिष्ठ IAS मुकेश शर्मा को जयपुर तो लाया है लेकिन उन्हें सचिवालय से बाहर इंदिरा गांधी नहर बोर्ड में अध्यक्ष बनाया है. इस सूची में 17 कलेक्टर, 3 Sdo और 5 संभागीय आयुक्त भी इधर-उधर हुए हैं. 

राजस्थान हाईकोर्ट ने कोरोना काल की चुनौती को बनाया अवसर, वीसी के जरिए सर्वाधिक केसों की सुनवाई 

पेश है इस भारी प्रशासनिक फेरबदल वाली सूची का 360 डिग्री एनालिसिस-  

ये अफसर रहे फायदे में:
- राजीव स्वरूप को सीएस बनाकर दिया सबसे बड़ा सरप्राइजिंग इनाम...तो रोहित कुमार सिंह को भी गृह एसीएस बनकर मिला रिवार्ड. दोनों को कोरोना में अच्छा काम करने का मिला पुरस्कार. 

- अखिल अरोड़ा को चिकित्सा का चार्ज देकर बढ़ाया कद. कोरोना के समय मे मैनेजमेंट, डेथ रेशों लगातार कम करना होगी अहम चुनौती.

- उद्योग से सुबोध अग्रवाल को मिली मुक्ति. अब खान जैसे राजस्व वाले विभाग की संभालेंगे बागडोर. 

- आर.वेंकटेश्वरन को हालांकि भेज दिया अजमेर लेकिन दूसरी दृष्टि से देखें तो राजस्व मंडल अध्यक्ष सीएस के बाद दूसरी बड़ी पोस्ट मानी जाती रही है. अभी सीनियरिटी में दूसरे नम्बर पर आनेवाले मुकेश शर्मा 1 वर्ष से ज्यादा समय रहे इस पद पर. 

- नरेशपाल गंगवार कृषि का देख रहे थे चार्ज. अब उद्योग की मिली बड़ी जिम्मेदारी. टास्क फोर्स में रिपोर्ट बनाकर किया था अच्छा काम. अब ठप पड़े उद्योगों को संजीवनी देना अहम जिम्मा. 

- वहीं अश्विनी भगत लंबे अरसे बाद आये सचिवालय में. ARD का संभालेंगे चार्ज. 

- आलोक गुप्ता के पास देवस्थान के साथ आया अब पर्यटन भी. पर्यटन का बेल आउट पैकेज लागू करना है बड़ी चुनौती. 

- गायत्री राठौड़ को आयुर्वेद देकर रखा था पहले ठंडे बस्ते में...लेकिन अब सामाजिक न्याय जैसे अहम विभाग का दिया जिम्मा. गुर्जर आरक्षण सही रूप में लागू हो, यह अहम जिम्मा है. 

- जेडीसी से हटाकर टी रविकांत को दे दिया वित्त सचिव बजट का अहम पद. नियम व कायदे वाले अफसर हैं रविकांत. उन्हीं के अनुरूप है यह पद. साथ ही वित्त विभाग की अहम कड़ी भी माना जाता है यह पद. 

- हेमंत गेरा से छीना वित्त सचिव बजट का पद ...हालांकि खाद्य सचिव जैसा अहम पद भी मिला उन्हें. कोरोना के समय गरीबों को अनाज की पर्याप्त आपूर्ति का होगा उनके पास बड़ा काम. 

- मुग्धा सिन्हा को विज्ञान प्रौद्योगिकी का दे रखा था प्रमुख व एकमात्र चार्ज...अब कला संस्कृति का दिया जिम्मा जबकि विज्ञान प्रौद्योगिकी रहेगा उनके पास अतिरिक्त चार्ज के रूप में. 

- प्रीतम बी यशवंत को दिया जीएडी, मोटर गैराज, सिविल एविएशन, मंत्रिमंडल सचिवालय, चीफ प्रोटोकॉल व महानिदेशक नागरिक उड्डयन का पावरफुल चार्ज. वाणिज्यिक कर आयुक्त जैसे अहम पद से हटने के बाद यशवंत को दिया 1 अहम पद

- सोमनाथ मिश्रा उदयपुर से आये जयपुर. खनिज विकास निगम लिमिटेड का चार्ज लेकर बनाया उन्हें राजधानी का संभागीय आयुक्त. 

- तो जयपुर मेट्रो का चार्ज देख रहे समित शर्मा को सीएम के गृह जिले जोधपुर का बनाया संभागीय आयुक्त

- वहीं पावर कम होने के बाद हुई खींचतान के बाद अब हुआ आरुषि मलिक का तबादला...आरुषि को अजमेर में बनाया संभागीय आयुक्त.

- पावर कम करने की खींचतान होने पर भी मिला गौरव गोयल को फायदा. जेडीसी जयपुर पद से नवाजा सरकार ने. 

- तो अभिषेक भगोटिया को वाणिज्यिक कर आयुक्त बनाकर दी बड़ी जिम्मेदारी. एसएसए में उनके काम को मिली सराहना

- जोगाराम को कम समय में ही गंवानी पड़ी जयपुर कलेक्ट्री लेकिन उदयपुर में आबकारी आयुक्त की निभाएंगे अहम जिम्मेदारी. मदिरा बंदोबस्त व राजस्व वसूली के लक्ष्य तय करना होगी चुनौती. 

- तो दीपक नंदी को LSG निदेशक जैसे अहम पद की दी जिम्मेदारी

- महावीर प्रसाद वर्मा को मिली पहली बार कलेक्ट्री. लंबे समय से वन विभाग में रहकर आये मुख्य धारा में, गंगानगर में दिखाना होगा प्रशासकीय कौशल

- जितेंद्र सोनी को RUIDP से भेजा नागौर कलेक्टर बनाकर

- तो अभी अलवर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह को मिला कलेक्टर के रूप में सीएम का गृह जिला जोधपुर

कुछ युवाओं को जिले की कमान देकर जताया यूथ ब्रिगेड पर भरोसा: 

- पीयूष सामरिया को दौसा कलेक्ट्री

- अंकित कुमार सिंह को दी बांसवाड़ा में कलेक्ट्री. 

- तो डीओपी संयुक्त सचिव आशीष मोदी को दी जैसलमेर कलेक्ट्री. डीओपी में दक्षता दिखाने के बाद मिली कलेक्ट्री. इस पद के बाद कलेक्ट्री मिलने की परंपरा भी नहीं टूटी.

- उनकी जगह रवींद्र गोस्वामी को मिली डीओपी संयुक्त सचिव की महती जिम्मेदारी

- आशीष गुप्ता RPSC सचिव थे अभी अब मिली बूंदी की कलेक्ट्री. 

- तो चिन्मयी गोपाल को नगर निगम अजमेर विकास प्राधिकरण पद से हटाकर दी टोंक की कलेक्ट्री

इन अफसरों का किया भार हल्का: 

- डीबी गुप्ता को सीएस पद से हटाया लेकिन उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है या एपीओ करके बाद में  पोस्टिंग दी जानी है...इस बारे में मौन साधा जा रहा है. 

- संदीप वर्मा को झेलना पड़ा खामियाजा, राजस्व व उद्योग की खींचतान व पावर कम करने के विवाद का झेलना पड़ा खामियाजा. अब सचिवालय से बाहर संभालेंगे HCM-RIPA DG पद जैसा कम महत्व का चार्ज. 

- तो उनकी पत्नी श्रेया गुहा से भी कला संस्कृति व जेकेके का अतिरिक्त भार लिया. गुहा के पास रहेगा सिर्फ वन पर्यावरण का जिम्मा

- अब गूंज रहा यह सवाल कि केंद्र ने बुलाया था सुधांश पंत को सिर्फ 2 माह के लिए...तो वे अब कब तक रहेंगे दिल्ली...और कब तक श्रेया उनको दिए वन विभाग का देखती रहेंगी चार्ज

- कुंजीलाल मीणा के हुए हाल ही में दो अहम तबादले. पहली सूची में उन्हें बिजली जैसे अहम विभाग से दे दिया खान का जिम्मा. अब यह जिम्मा भी हटाकर दे दिया कृषि जैसे कम अहमियत वाला विभाग. 

- भवानी सिंह देथा का भार भी किया हल्का. जीएडी व उसके सहायक विभाग हटाकर किया भार हल्का...सिर्फ LSG के रूप में 1 ही विभाग देकर उनका भार किया श्रेया गुहा जितना ही हल्का. 

- के सी वर्मा के रिटायरमेंट में है कम समय. उन्हें संभागीय आयुक्त पद से हटाकर बनाया RFC में MD

 -वित्त विभाग की 2 अहम कड़ी को किया इधर उधर

हेमंत गेरा के साथ बिष्णु चरण मलिक का भी किया तबादला लेकिन जहां खाद्य सचिव के रूप में मिली गेरा को डिसेंट पोस्टिंग. तो वहीं RSLDC MD जैसा अपेक्षाकृत कम महत्व का पद मिला मलिक को.

- आखिरकार शुचि त्यागी की स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी से हुई छुट्टी...आजीविका परियोजनाएं में स्टेट मिशन निदेशक जैसे कम महत्व के पद का दिया उन्हें भार. 

- यज्ञमित्र सिंह देव को छोड़नी पड़ी कलेक्ट्री. अब उद्यानिकी आयुक्त जैसे कम महत्व के पद पर देंगे सेवाएं. 

- तो वी पी सिंह को धोना पड़ा नगर निगम आयुक्त पद से हाथ...अब खाद्य निगम में एमडी के रूप में देंगे अपनी सेवाएं. 

- सन्देश नायक को कलेक्टर पद से हटाकर बनाया कॉलेज शिक्षा निदेशक

- भारती दीक्षित को क्या झेलना पड़ा ऑफिस के कर्मी के ACB ट्रेप होने का खामियाजा...अब उन्हें आयोजना में संयुक्त सचिव बनाकर भेजा सचिवालय.

शहीद दीपचंद को दी गई अंतिम विदाई, पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार 

यह बहुप्रतीक्षित सूची एक सरप्राइजिंग पैकेज के रूप में आई है और इसे गहलोत सरकार के सोश्यल इंजीनियरिंग के नए फॉर्मूले के रूप में भी देखा जा रहा है. साथ ही अगस्त में संभावित शहरी निकायों और जल्द संभावित पंचायतीराज के बचे हुए चुनाव से पूर्व प्रशासकीय तंत्र को चुस्त दुरुस्त करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है. 
 

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस के मरीजों का ग्राफ बढता जा रहा हैं. पिछले 24 घंटे में 11 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 1173 नए पॉजिटिव केस सामने आये हैं. बाड़मेर-2,डूंगरपुर-3,जोधपुर-2,कोटा-2,पाली-1,राजसमंद-1 मरीज की मौत हो गई. कोटा में सर्वाधिक 170 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले. अजमेर- 34, अलवर- 165, बांसवाड़ा- 42, बारां- 3, बाड़मेर- 40 पॉजिटिव, भरतपुर- 71, भीलवाड़ा- 28, बीकानेर- 115, चित्तौडगढ़- 9, चूरू- 16 पॉजिटिव, दौसा- 4, धौलपुर- 2, डूंगरपुर- 16, श्रीगंगानगर- 11, हनुमानगढ़- 5 पॉजिटिव, जयपुर- 114 , जैसलमेर- 11, जालोर- 10, झुंझुनूं- 19 ,जोधपुर- 90 पॉजिटिव, नागौर-18, प्रतापगढ़- 18, राजसमंद- 13, सवाई माधोपुर- 2 पॉजिटिव, सीकर- 111, सिरोही- 2,  टोंक- 6, उदयपुर- 38 पॉजिटिव मरीज मिले. प्रदेश में मौत का आंकड़ा 800 पहुंच गया. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 53 हजार 670 पहुंच गई. 

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए कुल 39 हजार 60 मरीज:
प्रदेश में कुल 39 हजार 60 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं इलाज के बाद अस्पताल से कुल 36 हजार 310 मरीज डिस्चार्ज किए गए. अस्पताल में कुल एक्टिव 13 हजार 810 मरीज उपचाररत हैं. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 8 हजार 675 पहुंच गई हैं.

जयपुर में बढ़ता कोरोना का ख़ौफ़: 
प्रदेश की राजधानी जयपुर में कोरोना का ख़ौफ़ बढ़ता जा रहा हैं. पिछले 24 घंटे में 114 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. विद्याधर नगर में 3, झोटवाड़ा 30, टोंक फाटक 1 पॉजिटिव, आदर्श नगर- 4, वैशाली नगर- 6, जवाहर नगर- 2 पॉजिटिव, विराटनगर- 2, अजमेर रोड- 3, चांदपोल- 4, ब्रह्मपुरी- 2 पॉजिटिव, शास्त्री नगर- 2, सेठी कॉलोनी- 2, बापू नगर- 2, आमेर रोड- 1 पॉजिटिव, महेश नगर- 1, बनीपार्क- 5, पुरानी बस्ती- 1, गांधी नगर- 1 पॉजिटिव, स्टेशन रोड- 1, श्याम नगर- 1, गोपालपुरा- 2, कोटपूतली- 1 पॉजिटिव, मुरलीपुरा- 1, रामगंज- 1, लालकोठी- 1, लूनियावास- 2 पॉजिटिव, मालवीय नगर- 5, मानसरोवर- 7, जगतपुरा- 2, जोबनेर- 1 पॉजिटिव, झालाना- 4, सांगानेर- 6, सीतापुरा 1, भांकरोटा- में 2 पॉजिटिव, सांभर- 2, दुर्गापुरा- में 1 पॉजिटिव मरीज मिला है. जयपुर में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 219 मरीजों की मौत हो गई है. जबकि कुल 6 हजार 594 पॉजिटिव मरीजों की संख्या पहुंच गई हैं. 

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा मीडिया से रूबरू हुए. भंवरलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर बातचीत हुई. हमारी जो नाराजगी थी वो दूर हो गई है. कांग्रेस में कोई कैंप ही नहीं था. मैं अपनी इच्छा से गया था और इच्छा से ही आया हूं. मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं है. विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है. पूरे 5 साल कांग्रेस की सरकार चलेगी. भंवरलाल शर्मा ने कहा कि वायरल हुआ ऑडियो झूठा था. मैं कांग्रेस के साथ हूं,घर का मामला था जो निपट गया है. इससे पहले भंवरलाल शर्मा सीएमआर पहुंचे, जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत से बातचीत की हैं.

गहलोत-पायलट संघर्ष प्रकरण समाप्त! दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का हुआ पटाक्षेप

तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई थी.इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

खींवसर में फिर 3 बच्चों की तालाब में डूबने पर मौत, एक वर्ष पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा 

गहलोत-पायलट संघर्ष प्रकरण समाप्त! दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का हुआ पटाक्षेप

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गहलोत-पायलट दो माह पुराने आंतरिक संघर्ष का पटाक्षेप हुआ हैं. अब गहलोत-पायलट टकराव एक बीते युग की बात होगी. आज देर रात तक पायलट की बाकायदा घर वापसी हो जाएगी. पायलट के साथ ही बर्खास्त मंत्री एवं 16 समर्थक विधायक लौटेंगे और अब फिर से राज्य में कांग्रेस की एकता कायम हो जाएगी, लेकिन राजनैतिक प्रेक्षकों के सामने अब एक ही सवाल ? क्या दोनों पक्षों के बीच ये समझौता होगा स्थाई युद्ध विराम ? या फिर कभी पायलट कैम्प "लाइन ऑफ कंट्रोल" पार कर जाएगा ? आखिर कैसे इतनी कटुता भुलाकर दोनों नेताओं का पुनर्मिलन होगा ? और इस पुनर्मिलन की रुपरेखा और व्यवहारिकता पर अभी कुछ प्रश्नचिन्ह लगे हैं. अलबत्ता मध्यस्थ भंवर जितेन्द्र अपनी पूरी कोशिशें कर रहे हैं. आज रात अहमद पटेल-पायलट की मुलाकात के बाद थोड़ा और खुलासा होगा. 

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तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की कही गई बात: 
इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर सचिन पायलट की राहुल गांधी-प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई थी.इस दौरान चारों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. मुलाकात के बाद राहुल और प्रियंका सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे. उसके बाद अब राहुल-सोनिया और प्रियंका के बीच मुलाकात हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की बात कही गई है. ऐसे में तीनों सदस्य पूरे मामले पर विचार विमर्श करने के बाद ही विधायकों की वापसी पर फैसला लेंगे. फिलहाल सचिन पायलट की बातों को नहीं माना गया है. शायद यह मीटिंग बहुत कामयाब नहीं रही. आलाकमान पायलट की मूल मांग मानने के मूड में नहीं है. आलाकमान ने राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार किया है. ऐसे में अब आखिर कैसे होगी पायलट और बागियों की सम्मानजनक घर वापसी? फिलहाल किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. शायद आज रात तक कुछ स्थिति स्पष्ट हो जाए. 

एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही:  
बता दें कि 14 अगस्त से ही राजस्थान में विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है, इस पर सचिन पायलट गुट ने सत्र में शामिल होने के संकेत दे दिए थे. ऐसे में अब प्रियंका और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन पायलट अपनी नाराजगी भूलकर पार्टी में वापस आएंगे. पहले भी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सचिन पायलट से कई बार फोन पर बात की थी और उन्होंने मसला सुलझाने का प्रयास किया था. 

गहलोत गुट के विधायकों ने की थी एक्शन की मांग:
इससे पहले सोमवार को ही ये बात सामने आई थी कि राजस्थान में गहलोत गुट के विधायकों ने मांग की है कि बागी विधायकों पर एक्शन होना चाहिए, जिसपर सीएम गहलोत ने फैसला आलाकमान पर छोड़ने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि इस बारे में सबको आलाकमान का फैसला मानना चाहिए. 

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Rajasthan Political Crisis: अब बसपा के नहीं कांग्रेस के सभी 6 विधायक! हाईकोर्ट में कांग्रेस ने पेश किया प्रार्थना पत्र

Rajasthan Political Crisis: अब बसपा के नहीं कांग्रेस के सभी 6 विधायक! हाईकोर्ट में कांग्रेस ने पेश किया प्रार्थना पत्र

जयपुर: बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को चुनौती देने वाली बसपा और भाजपा विधायक की याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी. हाईकोर्ट में सुनवाई से पूर्व अब कांग्रेस की ओर मामले में पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया गया है. प्रार्थना पत्र में राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और मुख्य सचेतक महेश जोशी को पक्षकार बनाने की गुहार लगायी गयी है. 

Rajasthan Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट में अब कल होगी सुनवाई, भाजपा और बसपा विधायकों की ट्रांसफर याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई 

एडवोकेट वरूण के चौपड़ा और शाश्वत पुरोहित के जरिए पेश किये गये प्रार्थना पत्र में कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि चुकि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष ने 18 सिंतबर 2019 को एक आदेश के जरिए बसपा के सभी 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय कर दिया है. इसलिए अब ये सभी 6 विधायक बसपा के नही होकर राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के विधायक है. 

सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है 6 बसपा विधायक: 
याचिका में कहा गया है कि बसपा की ओर से दायर याचिका में इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने और वोटिंग अधिकार पर रोक लगाने की गुहार की गयी है. अगर हाईकोर्ट ऐसा आदेश देता है तो वर्तमान सरकार के लिए मुश्किल होगा. इससे कांग्रेस और मुख्य सचेतक के हित प्रभावित होते हैं. ये विधायक कांग्रेस की वर्तमान सरकार का सबसे मजबूत पक्ष है. राज्य की सरकार के लिए ये सभी 6 विधायक बेहद महत्वपूर्ण और प्रमुख सदस्य है. इसलिए इस मामले में कोई भी आदेश देने से पूर्व कांग्रेस और मुख्य सचेतक का पक्ष भी सुना जाये. 

कोरोना नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जुड़े लोगों को कोविड इलाज में दी बड़ी राहत 

विधानसभा अध्यक्ष के 18 सिंतबर 2019 के चुनौती दी गयी: 
याचिका में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष के 18 सिंतबर 2019 के चुनौती दी गयी है. अध्यक्ष का ये आदेश इंडियन नेशनल कांग्रेस को प्रभावित करता है. इसलिए कांग्रेस और मुख्य सचेतका का भी पक्ष सुना जाये. बसपा की ओर से दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ कल सुनवाई करेगी. सुनवाई से एक दिन पूर्व कांग्रेस ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की ओर से ये अर्जी पेश की है. इसके साथ ही मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से भी मामले में पक्षकार बनने की अर्जी पेश की है. 

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जयपुर: प्रदेश में खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने वाले गरीब परिवारों को कोरोना का निजी अस्पतालों में फ्री इलाज मिलेगा. कोरोना नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अहम फैसला किया है, जिसके तहत इन परिवारों को निजी अस्पताल में ईलाज का पूरा खर्चा का रिमेम्बरसमेंट किया जाएगा. 

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गहलोत सरकार ने कई अहम फैसले लेकर मरीजों को राहत दी:  
राजस्थान में कोरोना की रोकथाम के प्रति गहलोत सरकार स्वास्थ्य ही फ्रंट फुट पर काम कर रही है. फिर चाहे वह जांच का दायरा बढ़ाने की बात हो या फिर कोरोना मरीजों की सुविधाओं को लेकर फैसले. हर मोर्चे पर गहलोत सरकार ने कई अहम फैसले लेकर मरीजों को राहत दी है. इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा के दायरे में आने वाले परिवारों को बड़ी सौगात दी गई है. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जुड़े लोग कोरोना पॉजिटिव चिन्हित पाए जाते हैं तो वह किसी भी निजी अस्पताल में भी इलाज ले सकते हैं. इस दौरान आने वाले खर्च का पूरा पुनर्भरण सरकार द्वारा किया जाएगा.   

सरकार कोरोना टेस्ट क्षमता और टेस्टिंग संख्या में लगातार बढ़ोतरी कर रही: 
राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर में 30 हजार से ज्यादा कोरोना जांचें प्रतिदिन की जा रही हैं. सरकार कोरोना टेस्ट क्षमता और टेस्टिंग संख्या में लगातार बढ़ोतरी कर रही है. एग्रेसिव टेस्टिंग का ही परिणाम है कि कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन सर्विलांस की दृष्टि से ये अच्छे संकेत हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर शून्य पर आ सके. इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि सुकून देने वाली बात यह रही कि जुलाई-अगस्त में प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर घटकर 1 प्रतिशत तक आ गई. वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.5 फीसद है. उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी और जीवनरक्षक इंजेक्शन के जरिए इसे और भी कम किया जा रहा है.  

एंटीजन टेस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल !
- चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर केन्द्र पर साधा निशाना
- कहा - केंद्र सरकार से एंटीजन किट की लगातार कर रहे है मांग
- लेकिन चिकित्सा विभाग को अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए किट
- मजबूरन एक निजी अस्पताल से सैम्पल टेस्ट के लिए मंगवाए गए 200 किट
- इसमें से जांच में 48.6 फीसदी किट ही मानकों पर उतरे खरे
- 200 में से 89 उन मरीजों के टेस्ट बताए गए नेगेटिव
- जो RTPCR टेस्ट में भी पाए गए नेगेटिव
- लेकिन शेष बची 111 किट में से 57 रिपोर्ट बताई गई नेगेटिव
- जबकि RTPCR टेस्ट में यह सभी पाए गए थे पॉजिटिव
- इसमें चिकित्सा मंत्री ने केंद्र को एक बार फिर पत्र लिखने का किया जिक्र

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए सजग और सतर्क है. राजधानी के निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से हो सके इसके लिए अस्पतालों के प्रबंधकों की मुख्य सचिव के साथ बैठक प्रस्तावित है. उन्होंने कहा कि आरयूएचएस अस्पताल में कोरोना के मरीजों की सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों के बेहतर उपचार के लिए 1300 नए वेंटीलेटर प्रोक्योर किए गए हैं. हालांकि प्रदेश सरकार के पास वेंटीलेटर्स की कोई कमी नहीं थी लेकिन पॉजिटिव्स केसों की बढ़ती संख्या के चलते यह वेंटीलेटर्स खासे उपयोगी होंगे.  

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केवल सावधानियों से ही कोरोना को हराया जा सकता:
स्वास्थ्य मंत्री ने एक बार फिर आमजन से अपील करते हुए कहा कि कोरोना का अभी तक कोई पुख्ता इलाज या कोई वैक्सीन नहीं खोजी जा सकी है, ऐसे में केवल सावधानियों से ही कोरोना को हराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही लेकिन आमजन को भी कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान में रखते हुए मास्क लगाने, भीड़ में ना जाने, बार-बार साबुन से हाथ धोने जैसे नियमों की पालना जरूर करनी चाहिए. 

Rajasthan Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट में अब कल होगी सुनवाई, भाजपा और बसपा विधायकों की ट्रांसफर याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई

Rajasthan Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट में अब कल होगी सुनवाई, भाजपा और बसपा विधायकों की ट्रांसफर याचिकाओं पर एक साथ होगी सुनवाई

जयपुर: बसपा के 6 विधायको के कांग्रेस में विलय मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट भाजपा विधायक की एसएलपी के साथ ही बसपा विधायकों की ट्रांसफर पीटीशन पर एकसाथ सुनवाई करेगा. जस्टिस अरूण मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्णमुरारी की तीन सदस्य बैंच में भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दिलावर के वकील हरीश साल्वे ने बसपा विधायको की ओर से दायर ट्रांसफर पीटीशन का जिक्र किया. जिस पर अदालत ने दोनों ही याचिकाओं पर मंगलवार को एक साथ सुनवाई करने के निर्देश दिये है. 

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भाजपा विधायक मदन दिलावर ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अदालत को बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी शिकायत को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया है. जबकि बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय असंवैधानिक है क्योकि खुद बसपा की ओर से कहा गया है कि उसने कांग्रेस में विलय की अनुमति नहीं दी है. सुप्रीम कोर्ट में मदन दिलावर की ओर से दायर याचिका में बसपा विधायकों की विधानसभा में वोटिंग पर रोक की मांग की है. बसपा के 6 विधायकों ने भी सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका दाखिल कर राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मामले को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है. बसपा विधायकों की ट्रांसफर पीटीशन पर भी अब सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा. 

राजस्थान हाईकोर्ट में भी सुनवाई कल: 
बीजेपी विधायक मदन दिलावर और बसपा की ओर से दायर याचिका पर भी राजस्थान हाई कोर्ट में कल सुनवाई होगी. बसपा और दिलावर ने याचिका दायर कर बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय असंवैधानिक बताया है. जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 30 जुलाई को आदेश देते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा विधायको को नोटिस जारी किये थे. 

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एकलपीठ के आदेश के खिलाफ बसपा और दिलावर की ओर से अपील दायर कि गयी थी. जिस पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने 6 अगस्त को आदेश देते हुए बसपा विधायको को नोटिस तामिल कराने की व्यवस्था की थी. इसके साथ ही एकलपीठ को मामले की सुनवाई कर उसी दिन फैसला करने को कहा था. पीठ ने कहा कि एकल पीठ 11 अगस्त को भाजपा और बसपा की अपील पर सुनवाई करेगी. कल ही अब इस मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट ने कोई निर्देश जारी नही किये है. ऐसे में हाईकोर्ट मामले पर सुनवाई कर सकता है. 

कोटा: एक के बाद एक दो युवकों के शव मिलने से फैली सनसनी

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कोटा: जिले के उद्योग नगर थाना इलाके की दायीं मुख्य नहर में आज एक के बाद एक दो युवकों के शव मिलने से सनसनी फैल गई. पहला शव डीसीएम शनि मंदिर के पीछे से नहर मिला है, मौके पर पहुंचे नगर निगम गोताखोरों नहर से शव को बाहर निकाला. जिसकी पहचान नहीं हो सकी है. मृतक के हाथ पर एस.के ज्योति नाम गुदा हुआ है, साथ ही हाथ पर कट के निशान भी मिले.

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दूसरा शव उम्मेदगंज के पास नहर में मिला: 
उधर, दूसरा शव उम्मेदगंज के पास नहर में मिला है, मृतक के कपड़ों की जेब से पहचान के कई दस्तावेज मिले है. जिसके आधार पर मृतक की पहचान जयपुर के फुलेरा निवासी गोविंद के रूप में हुई है. दोनों युवकों ने आत्महत्या की है या फिर उनके साथ कोई हादसा हुआ है, इसकी फिलहाल उद्योग नगर थाना पुलिस जांच कर रही है.  

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VIDEO: विधायक संयम लोढ़ा का बड़ा बयान, BSP के विधायको का वोट फ्रीज नहीं कर सकता कोर्ट

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जैसलमेर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच विधायक संयम लोढ़ा का बड़ा बयान सामने आया है. फर्स्ट इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट बसपा के विधायकों का वोट फ्रीज नहीं कर सकता. कोर्ट अधिकाधिक बसपा के विलय को रोक सकता है, तब नया दल बसपा लोकतांत्रिक या कोई और दल बनाने से नहीं रोका जा सकता है. 

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मदन दिलावर जाने क्यों परेशान? 
इसके साथ ही संयम लोढ़ा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा तो फड़फड़ा रही है, मानसकिता संकीर्ण रही है. इसके साथ ही आदिवासी लीडरशिप का अपमान किया है. लोढ़ा ने कहा कि मदन दिलावर जाने क्यों परेशान है उन्होंने लिखा है कि उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है. लेकिन ये समझ नहीं आता कि बसपा के विलय से उन्हें कैसे क्षति हुई है. ऐसे में सत्य की जीत होगी और सत्य अशोक गहलोत के साथ है. राजस्थान के चप्पे चप्पे से जनता का आशीष है. संवाददाता लक्ष्मण राघव ने विधायक संयम लोढा से खास बातचीत की...

 

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