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देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

जयपुर: गहलोत सरकार ने एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को प्रदेश ब्यूरोक्रेसी का नया मुखिया बनाया है. 103 IAS अधिकारियों की देर रात जारी हुई तबादला सूची में रोहित कुमार सिंह को नया गृह एसीएस,अंतर सिंह नेहरा को जयपुर कलेक्टर और गौरव गोयल को नया जेडीसी बनाया है. वहीं अब तक राजस्व मंडल अजमेर में चेयरमैन का पदभार संभाल रहे वरिष्ठ IAS मुकेश शर्मा को जयपुर तो लाया है लेकिन उन्हें सचिवालय से बाहर इंदिरा गांधी नहर बोर्ड में अध्यक्ष बनाया है. इस सूची में 17 कलेक्टर, 3 Sdo और 5 संभागीय आयुक्त भी इधर-उधर हुए हैं. 

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पेश है इस भारी प्रशासनिक फेरबदल वाली सूची का 360 डिग्री एनालिसिस-  

ये अफसर रहे फायदे में:
- राजीव स्वरूप को सीएस बनाकर दिया सबसे बड़ा सरप्राइजिंग इनाम...तो रोहित कुमार सिंह को भी गृह एसीएस बनकर मिला रिवार्ड. दोनों को कोरोना में अच्छा काम करने का मिला पुरस्कार. 

- अखिल अरोड़ा को चिकित्सा का चार्ज देकर बढ़ाया कद. कोरोना के समय मे मैनेजमेंट, डेथ रेशों लगातार कम करना होगी अहम चुनौती.

- उद्योग से सुबोध अग्रवाल को मिली मुक्ति. अब खान जैसे राजस्व वाले विभाग की संभालेंगे बागडोर. 

- आर.वेंकटेश्वरन को हालांकि भेज दिया अजमेर लेकिन दूसरी दृष्टि से देखें तो राजस्व मंडल अध्यक्ष सीएस के बाद दूसरी बड़ी पोस्ट मानी जाती रही है. अभी सीनियरिटी में दूसरे नम्बर पर आनेवाले मुकेश शर्मा 1 वर्ष से ज्यादा समय रहे इस पद पर. 

- नरेशपाल गंगवार कृषि का देख रहे थे चार्ज. अब उद्योग की मिली बड़ी जिम्मेदारी. टास्क फोर्स में रिपोर्ट बनाकर किया था अच्छा काम. अब ठप पड़े उद्योगों को संजीवनी देना अहम जिम्मा. 

- वहीं अश्विनी भगत लंबे अरसे बाद आये सचिवालय में. ARD का संभालेंगे चार्ज. 

- आलोक गुप्ता के पास देवस्थान के साथ आया अब पर्यटन भी. पर्यटन का बेल आउट पैकेज लागू करना है बड़ी चुनौती. 

- गायत्री राठौड़ को आयुर्वेद देकर रखा था पहले ठंडे बस्ते में...लेकिन अब सामाजिक न्याय जैसे अहम विभाग का दिया जिम्मा. गुर्जर आरक्षण सही रूप में लागू हो, यह अहम जिम्मा है. 

- जेडीसी से हटाकर टी रविकांत को दे दिया वित्त सचिव बजट का अहम पद. नियम व कायदे वाले अफसर हैं रविकांत. उन्हीं के अनुरूप है यह पद. साथ ही वित्त विभाग की अहम कड़ी भी माना जाता है यह पद. 

- हेमंत गेरा से छीना वित्त सचिव बजट का पद ...हालांकि खाद्य सचिव जैसा अहम पद भी मिला उन्हें. कोरोना के समय गरीबों को अनाज की पर्याप्त आपूर्ति का होगा उनके पास बड़ा काम. 

- मुग्धा सिन्हा को विज्ञान प्रौद्योगिकी का दे रखा था प्रमुख व एकमात्र चार्ज...अब कला संस्कृति का दिया जिम्मा जबकि विज्ञान प्रौद्योगिकी रहेगा उनके पास अतिरिक्त चार्ज के रूप में. 

- प्रीतम बी यशवंत को दिया जीएडी, मोटर गैराज, सिविल एविएशन, मंत्रिमंडल सचिवालय, चीफ प्रोटोकॉल व महानिदेशक नागरिक उड्डयन का पावरफुल चार्ज. वाणिज्यिक कर आयुक्त जैसे अहम पद से हटने के बाद यशवंत को दिया 1 अहम पद

- सोमनाथ मिश्रा उदयपुर से आये जयपुर. खनिज विकास निगम लिमिटेड का चार्ज लेकर बनाया उन्हें राजधानी का संभागीय आयुक्त. 

- तो जयपुर मेट्रो का चार्ज देख रहे समित शर्मा को सीएम के गृह जिले जोधपुर का बनाया संभागीय आयुक्त

- वहीं पावर कम होने के बाद हुई खींचतान के बाद अब हुआ आरुषि मलिक का तबादला...आरुषि को अजमेर में बनाया संभागीय आयुक्त.

- पावर कम करने की खींचतान होने पर भी मिला गौरव गोयल को फायदा. जेडीसी जयपुर पद से नवाजा सरकार ने. 

- तो अभिषेक भगोटिया को वाणिज्यिक कर आयुक्त बनाकर दी बड़ी जिम्मेदारी. एसएसए में उनके काम को मिली सराहना

- जोगाराम को कम समय में ही गंवानी पड़ी जयपुर कलेक्ट्री लेकिन उदयपुर में आबकारी आयुक्त की निभाएंगे अहम जिम्मेदारी. मदिरा बंदोबस्त व राजस्व वसूली के लक्ष्य तय करना होगी चुनौती. 

- तो दीपक नंदी को LSG निदेशक जैसे अहम पद की दी जिम्मेदारी

- महावीर प्रसाद वर्मा को मिली पहली बार कलेक्ट्री. लंबे समय से वन विभाग में रहकर आये मुख्य धारा में, गंगानगर में दिखाना होगा प्रशासकीय कौशल

- जितेंद्र सोनी को RUIDP से भेजा नागौर कलेक्टर बनाकर

- तो अभी अलवर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह को मिला कलेक्टर के रूप में सीएम का गृह जिला जोधपुर

कुछ युवाओं को जिले की कमान देकर जताया यूथ ब्रिगेड पर भरोसा: 

- पीयूष सामरिया को दौसा कलेक्ट्री

- अंकित कुमार सिंह को दी बांसवाड़ा में कलेक्ट्री. 

- तो डीओपी संयुक्त सचिव आशीष मोदी को दी जैसलमेर कलेक्ट्री. डीओपी में दक्षता दिखाने के बाद मिली कलेक्ट्री. इस पद के बाद कलेक्ट्री मिलने की परंपरा भी नहीं टूटी.

- उनकी जगह रवींद्र गोस्वामी को मिली डीओपी संयुक्त सचिव की महती जिम्मेदारी

- आशीष गुप्ता RPSC सचिव थे अभी अब मिली बूंदी की कलेक्ट्री. 

- तो चिन्मयी गोपाल को नगर निगम अजमेर विकास प्राधिकरण पद से हटाकर दी टोंक की कलेक्ट्री

इन अफसरों का किया भार हल्का: 

- डीबी गुप्ता को सीएस पद से हटाया लेकिन उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है या एपीओ करके बाद में  पोस्टिंग दी जानी है...इस बारे में मौन साधा जा रहा है. 

- संदीप वर्मा को झेलना पड़ा खामियाजा, राजस्व व उद्योग की खींचतान व पावर कम करने के विवाद का झेलना पड़ा खामियाजा. अब सचिवालय से बाहर संभालेंगे HCM-RIPA DG पद जैसा कम महत्व का चार्ज. 

- तो उनकी पत्नी श्रेया गुहा से भी कला संस्कृति व जेकेके का अतिरिक्त भार लिया. गुहा के पास रहेगा सिर्फ वन पर्यावरण का जिम्मा

- अब गूंज रहा यह सवाल कि केंद्र ने बुलाया था सुधांश पंत को सिर्फ 2 माह के लिए...तो वे अब कब तक रहेंगे दिल्ली...और कब तक श्रेया उनको दिए वन विभाग का देखती रहेंगी चार्ज

- कुंजीलाल मीणा के हुए हाल ही में दो अहम तबादले. पहली सूची में उन्हें बिजली जैसे अहम विभाग से दे दिया खान का जिम्मा. अब यह जिम्मा भी हटाकर दे दिया कृषि जैसे कम अहमियत वाला विभाग. 

- भवानी सिंह देथा का भार भी किया हल्का. जीएडी व उसके सहायक विभाग हटाकर किया भार हल्का...सिर्फ LSG के रूप में 1 ही विभाग देकर उनका भार किया श्रेया गुहा जितना ही हल्का. 

- के सी वर्मा के रिटायरमेंट में है कम समय. उन्हें संभागीय आयुक्त पद से हटाकर बनाया RFC में MD

 -वित्त विभाग की 2 अहम कड़ी को किया इधर उधर

हेमंत गेरा के साथ बिष्णु चरण मलिक का भी किया तबादला लेकिन जहां खाद्य सचिव के रूप में मिली गेरा को डिसेंट पोस्टिंग. तो वहीं RSLDC MD जैसा अपेक्षाकृत कम महत्व का पद मिला मलिक को.

- आखिरकार शुचि त्यागी की स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी से हुई छुट्टी...आजीविका परियोजनाएं में स्टेट मिशन निदेशक जैसे कम महत्व के पद का दिया उन्हें भार. 

- यज्ञमित्र सिंह देव को छोड़नी पड़ी कलेक्ट्री. अब उद्यानिकी आयुक्त जैसे कम महत्व के पद पर देंगे सेवाएं. 

- तो वी पी सिंह को धोना पड़ा नगर निगम आयुक्त पद से हाथ...अब खाद्य निगम में एमडी के रूप में देंगे अपनी सेवाएं. 

- सन्देश नायक को कलेक्टर पद से हटाकर बनाया कॉलेज शिक्षा निदेशक

- भारती दीक्षित को क्या झेलना पड़ा ऑफिस के कर्मी के ACB ट्रेप होने का खामियाजा...अब उन्हें आयोजना में संयुक्त सचिव बनाकर भेजा सचिवालय.

शहीद दीपचंद को दी गई अंतिम विदाई, पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार 

यह बहुप्रतीक्षित सूची एक सरप्राइजिंग पैकेज के रूप में आई है और इसे गहलोत सरकार के सोश्यल इंजीनियरिंग के नए फॉर्मूले के रूप में भी देखा जा रहा है. साथ ही अगस्त में संभावित शहरी निकायों और जल्द संभावित पंचायतीराज के बचे हुए चुनाव से पूर्व प्रशासकीय तंत्र को चुस्त दुरुस्त करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है. 
 

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चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

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नई दिल्ली:  चुनाव आयोग के सुझाव पर सरकार ने लोकसभा और विधानसभा उम्मीदवारों की अधिकतम व्यय सीमा 10 प्रतिशत बढ़ा दी है, क्योंकि कोविड-19 के कारण जारी दिशा-निर्देशों के चलते उन्हें प्रचार करने में परेशानी का सामना कर पड़ सकता है. इससे बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा की एक तथा विधानसभा की 59 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में उम्मीदवारों को मदद मिलेगी.

चुनाव आयोग ने एक महीने पहले कोविड-19 के मद्देनजर उम्मीदवारों के धन व्यय की सीमा 10 प्रतिशत बढ़ाने का सुझाव दिया था. कानून मंत्रालय द्वारा सोमवार रात जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार लोकसभा चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार अब अधिकतम 77 लाख रुपये खर्च कर सकता है. पहले यह सीमा 70 लाख रुपये थी. वहीं विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार अब 28 लाख रुपये की जगह 30.8 लाख रुपये खर्च कर सकता है.

आपको बता दे कि उम्मीदवारों की प्रचार के लिए खर्च करने की अधिकतम सीमा हर राज्य में अलग है. चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिकतम व्यय सीमा किसी कारण से बढ़ाई गई है. लेकिन अधिसूचना में कारण का उल्लेख करने की आवश्यकता नहीं है. लोकसभा चुनाव से पहले 2014 में आखिरी बार अधिकतम व्यय सीमा बढ़ाई गई थी. 

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होना है. अधिकतर उपचुनाव तीन नवम्बर को होंगे. बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट और मणिपुर की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनव सात नवम्बर को है. (सोर्स-भाषा)

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पति को नींद की गोलियां खिलाने के बाद पत्थर सिर पर मारा, पूछताछ में आरोपी पत्नी का खुलासा, पत्नी की मां व प्रेमी गिरफ्तार

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जैसलमेर: जिले के सांकड़ा क्षेत्र के माधोपुरा गांव की मेघवालों की ढाणी में पत्नी द्वारा पति की हत्या करने के मामले में आरोपी पत्नी के इस षड़यंत्र में उसकी मां व प्रेमी भी शामिल था. गौरतलब है कि रविवार को इस मामले का खुलासा हुआ था. मृतक कौशलाराम के परिजनों ने इस संबंध में सांकड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. मृतक के पिता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था.

पूछताछ में पत्नी ने सारा सच कबूला: 
कौशलाराम के परिजन रविवार की सुबह जब उठे तो उन्हें कौशलाराम का शव पलंग पर पड़ा मिला. आसपास खून भी बिखरा था. ऐसे में परिजनों को उसकी पत्नी पर ही संदेह था तो उन्होंने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. अजयसिंह ने मौका मुआयना किया और हत्या का मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने गिरफ्तार पत्नी ने पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार करने के साथ-साथ सारा सच कबूल कर लिया. 

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पहले खुद ने नींद की गोली लेकर की जांच:
इस पूरे मामले में नाबालिग किशोरी की मां सुआदेवी पत्नी मोटाराम भी शामिल थी. उसने ही अपनी बेटी को नींद की गोलियां लाकर दी ताकि वह अपने पति को खिलाकर उसे सुला दे और बाद में उसकी हत्या कर दें. नाबालिग किशोरी ने पहले एक गोली लेकर यह जांच की कितनी देर तक नींद आती है. फिर अगले दिन अपने पति को खाने में गोलियां मिलाकर खिला दी. पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी पत्नी का अपने पिता के साथ काम करने वाले एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन उसके माता-पिता ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी. आरोपी ने बताया कि उसकी जिस लड़के के साथ शादी हुई थी वह शराबी था. उनकी शादी तीन माह पहले ही हुई थी. 

अमेरिका का रुसी सैन्य अधिकारियों पर हैकिंग का बड़ा आरोप, 6 सैन्य अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

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वाशिंगटन: अमेरिका ने हाल ही में रुसी सैन्य अधिकारियों पर हैकिंग का आरोप लगाया है जिसके बाद हर कोई अवाक् रह गया है. बताया जा रहा है अमेरिकी न्याय विभाग ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव, दक्षिण कोरिया के शीतकालीन ओलंपिक और अमेरिकी व्यवसायों को निशाना बनाने वाले वैश्विक साइबर हमले के सिलसिले में रूसी खुफिया अधिकारियों के खिलाफ सोमवार को आरोपों की घोषणा की है. 

विभाग ने आरोप लगाया कि क्रेमलिन की इसी इकाई ने 2016 के अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप किया था. अभियोग में छह प्रतिवादियों पर आरोप लगाए गए हैं. ये सभी जीआरयू के रूप में जाने जाने वाले रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी के वर्तमान और पूर्व अधिकारी बताए जा रहे हैं. अभियोजन पक्ष का कहना है कि ये हैकिंग रूस के भू-राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने और कथित दुश्मनों को अस्थिर करने या दंडित करने के मकसद से की गई थी. 

इन हमलों की वजह से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और पेंसिल्वेनिया में स्वास्थ्य देखभाल, यूक्रेन में एक पावर ग्रिड और फ्रांसीसी चुनाव समेत जन-जीवन के एक बड़े हिस्से को बाधित किया था. पेंसिल्वेनिया के पश्चिमी जिले के लिए अमेरिकी अटॉर्नी स्कॉट ब्रैडी ने कहा कि ये हमले सबसे विनाशकारी है और अब तक के सबसे भयंकर साइबर हमलों में शामिल हैं. फिलहाल ये मामला आगे क्या तूल पकड़ता है, कुछ कहा नहीं जा सकता है. (सोर्स-भाषा)

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चूरू: पराली चारे से भरे ओवरलोड ट्रक ने ले ली 4 युवको की जान, चालक फरार

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तारानगर(चूरू): गत रात्रि के करीब 1 बजे तारानगर से सरदारशहर रोड पर बालिया स्टैण्ड पर पराली चारे से भरे हुए ओवरलोड ट्रक व बाइक की टक्कर होने से 4 बाइक सवारों की मौके पर ही मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार मृतक विक्रम कस्वां, मांगीलाल कस्वां, गोलू कस्वां, सुरेश कस्वां निवासी ढाणा कस्वां उम्र सभी की लगभग 20 से 22 वर्ष के थे जो अविवाहित बताये जा रहे हैं जो रात्री में ढाणा कस्वां से तारानगर बाइक पर आ रहे थे तो वहीं पराली चारे से भरा ओवरलोड ट्रक तारानगर से सरदारशहर की तरफ जा रहा था, बालिया बस स्टैण्ड पर आमने सामने की टक्कर में चारों युवकों को ट्रक ने कुचल दिया. टक्कर जबरदस्त बताई जा रही है, दुर्घटना के बाद शव बूरी तरह से कुचल गये थे. घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने पर चारों युवकों का शव पुलिस ने मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौप दिया. पुलिस ने ट्रक व बाइक को जब्त कर मामले की जांच कर रही है. 

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पराली से भरे ओवरलोड ट्रक यमराज से कम नहीं: 
हरियाणा, पंजाब की तरफ से आने वाले पराली चारे से भरे हुए ओवरलोड ट्रक यमराज से कम नजर नहीं आते. ये ट्रक पूरी सड़क को घेर कर चलते है जिससे चालक को दांयी बांया व पीछे की साइड से आ रहे वाहन नजर नहीं आने के कारण उक्त हादसो को अंजाम दे देते हैं. तारानगर से रोजाना सैंकड़ों की संख्या में एैसे ट्रक गुजरते है जो ओवलोड के साथ साथ अपनी बॉडी के बाहर झूल बनाकर पराली चारा भरा रखते हैं जिनके कारण सामने से आने वाले चालक के लिये साइड लेना भी मुश्किल हो जाता है तो वहीं पीछे वाले वाहन भी जल्दी से इन ओवरलोड वाहनों को ओवरटेक नहीं कर सकते. 

अब विप्रो और फोर्टम मिलकर देखेगीं मार्केट, 5 साल का एग्रीमेंट किया साइन

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नयी दिल्ली: विप्रो लि. को फोर्टम से ऐप्लिकेशन प्रबंधन (एएमएस) तथा सेवा एकीकरण एवं प्रबंधन (एसआईएम) का पांच साल का अनुबंध  साइन किया है. आपको बता दे कि फिनलैंड मुख्यालय वाली फोर्टम दुनिया की प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा कंपनियों में से है. 

विप्रो ने मंगलवार को बयान में कहा कि पांच साल के अनुबंध के तहत वह 18 देशों में 11,500 प्रयोगकर्ताओं के लिए फोर्टम के ऐप्लिकेशन पोर्टफोलियो का प्रबंधन करेगी.  इसके अलावा वह कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐप के लिए चौबीसों घंटे समर्थन उपलब्ध कराएगी. 

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने कहा कि वह अपने कृत्रिम मेधा (एआई) तथा ऑटोमेशन मंच विप्रो होल्म्स के जरिये प्रोसेस ऑटोमेशन से अंतिम प्रयोगकर्ताओं के लिए अनुभव को बेहतर बनाएगी. इस करार के वित्तीय पक्ष का खुलासा नहीं किया गया है. 

घोषणा के बाद फोर्टम के उपाध्यक्ष  तुओमास सलोसारी ने कहा है कि हमने विप्रो के लचीले और दक्ष समाधान उपलब्ध कराने के अनुभव और क्षमता को देखते हुए उसे अपना भागीदारी चुना है. कोरोना त्रासदी के बीच ये जोड़ कितना कारगर होगा ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

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चंडीगढ़: देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच आज पंजाब विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया है. इसके साथ ही तीन एक्ट भी पेश किए गए. ऐसे में पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया:
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. बिल पेश करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय कृषि कानून की आलोचना करते हैं. केंद्र सरकार इस एक्ट को वापस ले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. इस कानून से किसानों का भला नहीं होगा, बल्कि उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए: 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि तीन कृषि कानूनों के अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए हैं, वो भी किसान और मजदूरों के खिलाफ हैं. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और वेस्ट यूपी पर भी असर पड़ेगा. 

अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें:
विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ तीन नए बिल पेश किए गए, जो केंद्र द्वारा लाए कानूनों के बिल्कुल अलग हैं और एमएसपी को जरूरी करते हैं. पंजाब सीएम ने रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से अपील की है कि अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें, इन कानूनों के खिलाफ हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

महिला से सामूहिक दुष्कर्म, चार गिरफ्तार

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चित्रकूट: उत्तर प्रदेश से महिला के साथ सामूहिक ज्यादती का मामला सामने आया है. प्रदेश के चित्रकूट जिले की कर्वी कोतवाली पुलिस ने एक महिला से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.  हैरत की बात ये है कि आरोपियों में एक महिला भी शामिल है. 

कर्वी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनिल पाठक ने बताया कि रैपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने रविवार को रामनगर गांव के रहने वाले राजेश साहू और बरुई गांव के चिमन पटेल के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का और कर्वी के कसहाई रोड़ निवासी रेवतीरमण, उसकी पत्नी विद्या व बेटे मोनू के खिलाफ घटना की साजिश रचने का मामला दर्ज करवाया है. 

उन्होंने बताया कि मामले में चिमन पटेल को दुष्कर्म करने और रेवतीरमण, उसकी पत्नी विद्या और बेटे मोनू को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. फरार आरोपी राजेश साहू की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, मगर वो अभी भी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच पाया है. 

एसएचओ ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर बताया कि पीड़िता को 28 सितंबर को राजेश व चिमन पटेल किसी बहाने से कर्वी ले आये और यहां कसहाई रोड़ स्थित रेवतीरमण के घर में दोनों ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और इसके बाद उसे उसे प्रयागराज ले जाया गया, जहां दुष्कर्म करते रहे और बाद में वहीं छोड़कर फरार हो गए.

उन्होंने बताया कि सोमवार को पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है. फिलहाल आरोपियों को गिकफ्तार किया जा चुका है और चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है क्योंकि उसके बाद  ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है. (सोर्स-भाषा)

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मैच फिक्सिंग मामला: फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने दिया इस्तीफा

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प्राग:  मैच फिक्सिंग मामला में नया मोड़ आया है जहां चेक फुटबॉल संघ के उप प्रमुख रोमन बरबर ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. मैच फिक्सिंग प्रकरण में संदिग्ध भ्रष्टाचार के कारण पिछले हफ्ते पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद बरबर ने यह कदम उठाया है. फुटबॉल संघ के अध्यक्ष मार्टिन मलिक ने सोमवार को कार्यकारी समिति की बैठक के बाद बरबर के कदम की घोषणा की है. 

कार्यकारी समिति ने साथ ही शीर्ष दो पेशेवर लीग के सदस्यों को छोड़कर रैफरियों की पूरी समिति को बर्खास्त कर दिया गया है.  चेक गणराज्य की पुलिस ने रैफरी और अन्य फुटबॉल अधिकारियों सहित 20 लोगों को निशाना बनाते हुए भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग जांच के संदर्भ में शुक्रवार को संघ मुख्यालय पर छापा मारा था और 19 लोगों को हिरासत में लिया है. बरबर सहित चार लोग अब भी पुलिस हिरासत में हैं और आगे कार्यवाही जारी है. (सोर्स-भाषा)

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