जयपुर देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

देर रात गहलोत सरकार ने जारी की 103 IAS अधिकारियों की तबादला सूची, डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को बनाया मुख्य सचिव

जयपुर: गहलोत सरकार ने एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत डीबी गुप्ता को हटाकर राजीव स्वरूप को प्रदेश ब्यूरोक्रेसी का नया मुखिया बनाया है. 103 IAS अधिकारियों की देर रात जारी हुई तबादला सूची में रोहित कुमार सिंह को नया गृह एसीएस,अंतर सिंह नेहरा को जयपुर कलेक्टर और गौरव गोयल को नया जेडीसी बनाया है. वहीं अब तक राजस्व मंडल अजमेर में चेयरमैन का पदभार संभाल रहे वरिष्ठ IAS मुकेश शर्मा को जयपुर तो लाया है लेकिन उन्हें सचिवालय से बाहर इंदिरा गांधी नहर बोर्ड में अध्यक्ष बनाया है. इस सूची में 17 कलेक्टर, 3 Sdo और 5 संभागीय आयुक्त भी इधर-उधर हुए हैं. 

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पेश है इस भारी प्रशासनिक फेरबदल वाली सूची का 360 डिग्री एनालिसिस-  

ये अफसर रहे फायदे में:
- राजीव स्वरूप को सीएस बनाकर दिया सबसे बड़ा सरप्राइजिंग इनाम...तो रोहित कुमार सिंह को भी गृह एसीएस बनकर मिला रिवार्ड. दोनों को कोरोना में अच्छा काम करने का मिला पुरस्कार. 

- अखिल अरोड़ा को चिकित्सा का चार्ज देकर बढ़ाया कद. कोरोना के समय मे मैनेजमेंट, डेथ रेशों लगातार कम करना होगी अहम चुनौती.

- उद्योग से सुबोध अग्रवाल को मिली मुक्ति. अब खान जैसे राजस्व वाले विभाग की संभालेंगे बागडोर. 

- आर.वेंकटेश्वरन को हालांकि भेज दिया अजमेर लेकिन दूसरी दृष्टि से देखें तो राजस्व मंडल अध्यक्ष सीएस के बाद दूसरी बड़ी पोस्ट मानी जाती रही है. अभी सीनियरिटी में दूसरे नम्बर पर आनेवाले मुकेश शर्मा 1 वर्ष से ज्यादा समय रहे इस पद पर. 

- नरेशपाल गंगवार कृषि का देख रहे थे चार्ज. अब उद्योग की मिली बड़ी जिम्मेदारी. टास्क फोर्स में रिपोर्ट बनाकर किया था अच्छा काम. अब ठप पड़े उद्योगों को संजीवनी देना अहम जिम्मा. 

- वहीं अश्विनी भगत लंबे अरसे बाद आये सचिवालय में. ARD का संभालेंगे चार्ज. 

- आलोक गुप्ता के पास देवस्थान के साथ आया अब पर्यटन भी. पर्यटन का बेल आउट पैकेज लागू करना है बड़ी चुनौती. 

- गायत्री राठौड़ को आयुर्वेद देकर रखा था पहले ठंडे बस्ते में...लेकिन अब सामाजिक न्याय जैसे अहम विभाग का दिया जिम्मा. गुर्जर आरक्षण सही रूप में लागू हो, यह अहम जिम्मा है. 

- जेडीसी से हटाकर टी रविकांत को दे दिया वित्त सचिव बजट का अहम पद. नियम व कायदे वाले अफसर हैं रविकांत. उन्हीं के अनुरूप है यह पद. साथ ही वित्त विभाग की अहम कड़ी भी माना जाता है यह पद. 

- हेमंत गेरा से छीना वित्त सचिव बजट का पद ...हालांकि खाद्य सचिव जैसा अहम पद भी मिला उन्हें. कोरोना के समय गरीबों को अनाज की पर्याप्त आपूर्ति का होगा उनके पास बड़ा काम. 

- मुग्धा सिन्हा को विज्ञान प्रौद्योगिकी का दे रखा था प्रमुख व एकमात्र चार्ज...अब कला संस्कृति का दिया जिम्मा जबकि विज्ञान प्रौद्योगिकी रहेगा उनके पास अतिरिक्त चार्ज के रूप में. 

- प्रीतम बी यशवंत को दिया जीएडी, मोटर गैराज, सिविल एविएशन, मंत्रिमंडल सचिवालय, चीफ प्रोटोकॉल व महानिदेशक नागरिक उड्डयन का पावरफुल चार्ज. वाणिज्यिक कर आयुक्त जैसे अहम पद से हटने के बाद यशवंत को दिया 1 अहम पद

- सोमनाथ मिश्रा उदयपुर से आये जयपुर. खनिज विकास निगम लिमिटेड का चार्ज लेकर बनाया उन्हें राजधानी का संभागीय आयुक्त. 

- तो जयपुर मेट्रो का चार्ज देख रहे समित शर्मा को सीएम के गृह जिले जोधपुर का बनाया संभागीय आयुक्त

- वहीं पावर कम होने के बाद हुई खींचतान के बाद अब हुआ आरुषि मलिक का तबादला...आरुषि को अजमेर में बनाया संभागीय आयुक्त.

- पावर कम करने की खींचतान होने पर भी मिला गौरव गोयल को फायदा. जेडीसी जयपुर पद से नवाजा सरकार ने. 

- तो अभिषेक भगोटिया को वाणिज्यिक कर आयुक्त बनाकर दी बड़ी जिम्मेदारी. एसएसए में उनके काम को मिली सराहना

- जोगाराम को कम समय में ही गंवानी पड़ी जयपुर कलेक्ट्री लेकिन उदयपुर में आबकारी आयुक्त की निभाएंगे अहम जिम्मेदारी. मदिरा बंदोबस्त व राजस्व वसूली के लक्ष्य तय करना होगी चुनौती. 

- तो दीपक नंदी को LSG निदेशक जैसे अहम पद की दी जिम्मेदारी

- महावीर प्रसाद वर्मा को मिली पहली बार कलेक्ट्री. लंबे समय से वन विभाग में रहकर आये मुख्य धारा में, गंगानगर में दिखाना होगा प्रशासकीय कौशल

- जितेंद्र सोनी को RUIDP से भेजा नागौर कलेक्टर बनाकर

- तो अभी अलवर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह को मिला कलेक्टर के रूप में सीएम का गृह जिला जोधपुर

कुछ युवाओं को जिले की कमान देकर जताया यूथ ब्रिगेड पर भरोसा: 

- पीयूष सामरिया को दौसा कलेक्ट्री

- अंकित कुमार सिंह को दी बांसवाड़ा में कलेक्ट्री. 

- तो डीओपी संयुक्त सचिव आशीष मोदी को दी जैसलमेर कलेक्ट्री. डीओपी में दक्षता दिखाने के बाद मिली कलेक्ट्री. इस पद के बाद कलेक्ट्री मिलने की परंपरा भी नहीं टूटी.

- उनकी जगह रवींद्र गोस्वामी को मिली डीओपी संयुक्त सचिव की महती जिम्मेदारी

- आशीष गुप्ता RPSC सचिव थे अभी अब मिली बूंदी की कलेक्ट्री. 

- तो चिन्मयी गोपाल को नगर निगम अजमेर विकास प्राधिकरण पद से हटाकर दी टोंक की कलेक्ट्री

इन अफसरों का किया भार हल्का: 

- डीबी गुप्ता को सीएस पद से हटाया लेकिन उन्हें छुट्टी पर भेजा गया है या एपीओ करके बाद में  पोस्टिंग दी जानी है...इस बारे में मौन साधा जा रहा है. 

- संदीप वर्मा को झेलना पड़ा खामियाजा, राजस्व व उद्योग की खींचतान व पावर कम करने के विवाद का झेलना पड़ा खामियाजा. अब सचिवालय से बाहर संभालेंगे HCM-RIPA DG पद जैसा कम महत्व का चार्ज. 

- तो उनकी पत्नी श्रेया गुहा से भी कला संस्कृति व जेकेके का अतिरिक्त भार लिया. गुहा के पास रहेगा सिर्फ वन पर्यावरण का जिम्मा

- अब गूंज रहा यह सवाल कि केंद्र ने बुलाया था सुधांश पंत को सिर्फ 2 माह के लिए...तो वे अब कब तक रहेंगे दिल्ली...और कब तक श्रेया उनको दिए वन विभाग का देखती रहेंगी चार्ज

- कुंजीलाल मीणा के हुए हाल ही में दो अहम तबादले. पहली सूची में उन्हें बिजली जैसे अहम विभाग से दे दिया खान का जिम्मा. अब यह जिम्मा भी हटाकर दे दिया कृषि जैसे कम अहमियत वाला विभाग. 

- भवानी सिंह देथा का भार भी किया हल्का. जीएडी व उसके सहायक विभाग हटाकर किया भार हल्का...सिर्फ LSG के रूप में 1 ही विभाग देकर उनका भार किया श्रेया गुहा जितना ही हल्का. 

- के सी वर्मा के रिटायरमेंट में है कम समय. उन्हें संभागीय आयुक्त पद से हटाकर बनाया RFC में MD

 -वित्त विभाग की 2 अहम कड़ी को किया इधर उधर

हेमंत गेरा के साथ बिष्णु चरण मलिक का भी किया तबादला लेकिन जहां खाद्य सचिव के रूप में मिली गेरा को डिसेंट पोस्टिंग. तो वहीं RSLDC MD जैसा अपेक्षाकृत कम महत्व का पद मिला मलिक को.

- आखिरकार शुचि त्यागी की स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी से हुई छुट्टी...आजीविका परियोजनाएं में स्टेट मिशन निदेशक जैसे कम महत्व के पद का दिया उन्हें भार. 

- यज्ञमित्र सिंह देव को छोड़नी पड़ी कलेक्ट्री. अब उद्यानिकी आयुक्त जैसे कम महत्व के पद पर देंगे सेवाएं. 

- तो वी पी सिंह को धोना पड़ा नगर निगम आयुक्त पद से हाथ...अब खाद्य निगम में एमडी के रूप में देंगे अपनी सेवाएं. 

- सन्देश नायक को कलेक्टर पद से हटाकर बनाया कॉलेज शिक्षा निदेशक

- भारती दीक्षित को क्या झेलना पड़ा ऑफिस के कर्मी के ACB ट्रेप होने का खामियाजा...अब उन्हें आयोजना में संयुक्त सचिव बनाकर भेजा सचिवालय.

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यह बहुप्रतीक्षित सूची एक सरप्राइजिंग पैकेज के रूप में आई है और इसे गहलोत सरकार के सोश्यल इंजीनियरिंग के नए फॉर्मूले के रूप में भी देखा जा रहा है. साथ ही अगस्त में संभावित शहरी निकायों और जल्द संभावित पंचायतीराज के बचे हुए चुनाव से पूर्व प्रशासकीय तंत्र को चुस्त दुरुस्त करने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है. 
 

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