नागरिक संशोधन विधेयक का विरोध करेंगी पूर्वोत्तर की 11 राजनीतिक पार्टियां 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/29 04:39

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्यों की ग्यारह राजनीतिक पार्टियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने का फैसला किया है। गुवाहाटी में संवाददाताओं से बातचीत में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और मिज़ोरम के मुख्यमंत्री जोरम थंगा ने कहा कि इस बारे में अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिये एक शिष्टमंडल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। 

दरअसल आज गुवाहाटी में पूर्वोत्तर की ग्यारह राजनीतिक पार्टियों की बैठक हुई, जिसमें नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया गया। इन पार्टियों में असम गण परिषद, नेशनल पीपल्स पार्टी, मिज़ो नेशनल फ्रंट और अन्य दल शामिल हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) के सहारे पूर्वोत्तर के राज्यों में बड़ी बढ़त हासिल करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के प्लान ले लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। 

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 के जरिए सरकार अवैध घुसपैठियों की नई परिभाषा गढ़ना चाहती है। इसके जरिए नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय के अवैध घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। 

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