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121 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन, 4 सप्ताह में 1 लाख 73 हजार प्रवासियों को पहुंचाया गंतव्य तक

121 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन, 4 सप्ताह में 1 लाख 73 हजार प्रवासियों को पहुंचाया गंतव्य तक

जयपुर: उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है. अब तक पिछले 4 सप्ताह में 121 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा चुकी हैं. इन ट्रेनों के जरिए विभिन्न राज्यों के 1 लाख 73 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा चुका है. इनमें सबसे ज्यादा 89 हजार लोगों को बिहार पहुंचाया गया. उत्तर प्रदेश के 49 हजार श्रमिकों और उनके परिजनों को भी रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों से पहुंचाया गया है. इसके अलावा मध्यप्रदेश के 15 हजार, झारखंड के 5600 और पश्चिम बंगाल के 6800 श्रमिकों और उनके परिजनों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया है.

रेल मंत्रालय ने की यात्रियों से अपील, पूर्व ग्रसित बीमारी वाले व्यक्ति नहीं करें रेल यात्रा 

उत्तर-पश्चिम रेलवे में 42 ट्रेनों में आए 48 हजार प्रवासी: 
इन राज्यों के अलावा आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के लिए भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई हैं. रेलवे प्रशासन इन ट्रेनों के यात्रियों को अब खान-पान भी मुहैया करवा रहा है. वहीं आने वाली ट्रेनों की बात करें तो उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्र में अब तक 42 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें दूसरे राज्यों से आई हैं. इनमें 48 हजार से अधिक लोग बाहरी राज्यों से पहुंचे हैं. यह ट्रेनें महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से उत्तर-पश्चिम रेलवे क्षेत्र में पहुंची हैं. 

10वीं, 12वीं व विश्वविद्यालय की परीक्षा पर आज होगा फैसला, 15 जून के बाद कभी भी हो सकती परीक्षाएं 

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट


 

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मंत्रिपरिषद के नए गठन की तैयारी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तय किए ये नाम! 

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जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के बीच सीएमआर में कैबिनेट की मीटिंग हुई है. जिसके तुरंत बाद ही मंत्रिपरिषद की बैठक हुई. जिसमें अहम फैसले लिए गए है. सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में मंत्रिपरिषद के नए गठन की तैयारियां शुरू हो गई है. अगले 10-12 दिन में मंत्रिपरिषद का विस्तार की बात सामने आ रही है. सीएम गहलोत मंत्रिपरिषद के नए गठन को अंतिम रूम दे रहे है. वहीं सूत्रों की माने तो मंत्रिपरिषद में शामिल होने वाले नाम तय हो गए है. 

बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान में बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए है. उन्होंने कर्नाटक, मध्यप्रदेश में धन-बल के आधार पर जो कुछ भी खेल खेला था. राजस्थान में भी वो लोग वही करना चाहते थे. खुला खेल था....और मैं समझता हूँ कि खुले खेल में वो लोग मात खा गए.

जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ रहा चार्टर विमानों का आवागमन, डेढ माह में हुआ 78 चार्टर विमानों का मूवमेंट

राज्यपाल ने की सीएम गहलोत से मुलाकात:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे. यहां पर गहलोत मंत्रिमंडल में बदलाव की जानकारी दी. साथ ही विधायकों के समर्थन का पत्र भेजेंगे. खबर यह भी है कि बुधवार को मंत्रिमंडल फेरबदल किया जाएगा. सीएम गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को प्रस्ताव दिया. उन्होंने सचिन पायलट,विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव दिया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान की.

प्रदेश में 3 बड़े समूहों पर आयकर छापेमारी, जब्त दस्तावेजों से खुलासा कर सकता है आयकर विभाग!

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जयपुर: प्रदेश में बड़ी राजनैतिक उठापटक के बीच आयकर विभाग की छापेमारी जारी है. कल से आयकर विभाग के अफसर प्रदेश के 3 बड़े समूहों पर जांच कार्रवाई कर रहे हैं. आयकर विभाग की टीमों ने आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा के आम्रपाली ज्वैलरी समूह में निदेशक केसी अजमेरा के आवास पर भी छापा मारा.

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होटल फेयरमोंट ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई:
आयकर विभाग की टीमों के करीब 250 लोग इसमें जुटे हुए हैं. जयपुर में 20, कोटा में 6, दिल्ली में 8 और मुम्बई में 9 जगह छापेमारी चल रही है. इनमें ओम कोठारी ग्रुप, राजीव अरोड़ा ग्रुप और होटल फेयरमोंट ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है.

कई अन्य गड़बड़ियां सामने आई:  
आयकर विभाग ने जांच में अवैध राशि को प्रोपार्टी माकेट में निवेश करने, ज्वैलरी और एंटीक उत्पादों से अवैध धन कमाकर बुलियन ट्रेडिंग और कई अन्य गड़बड़ियां सामने लाने की बात कही है. सिविल लाइंस के शिवाजी नगर में आयकर कार्रवाई चल रही. 

जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ रहा चार्टर विमानों का आवागमन, डेढ माह में हुआ 78 चार्टर विमानों का मूवमेंट

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जयपुर: कोरोना काल में 2 माह तक फ्लाइट्स का संचालन बंद रहा. 25 मई से फिर से फ्लाइट संचालन चल रहा है, लेकिन अभी भी फ्लाइट्स में यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं देखी जा रही है. इसके अलावा फ्लाइट्स की संख्या में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो रही है. दरअसल 25 मई से फ्लाइट्स का संचालन शुरू हाेने पर एयर इंडिया, इंडिगो, एयर एशिया और स्पाइसजेट ने 20 फ्लाइट शुरू करने का शेड्यूल दिया था. डेढ माह से ज्यादा समय बीतने पर भी अभी शेड्यूल में 24 फ्लाइट दर्शाई जा रही हैं. लेकिन इनमें से रोजाना औसतन 15 से 16 फ्लाइट ही संचालित हो रही हैं.

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डेढ माह की अवधि में 78 चार्टर विमानों का मूवमेंट:
रोजाना 8 से 9 फ्लाइट रद्द चल रही हैं. इस बीच जयपुर एयरपोर्ट पर चार्टर फ्लाइट का प्रचलन बढ़ा है. मंत्री, सांसद या फिर उद्योगपति समूहों से जुड़े लोग सामान्य फ्लाइट से यात्रा करने के बजाय अलग विमान में यानी चार्टर फ्लाइट में सफर करने को तरजीह दे रहे हैं. 25 मई से 10 जुलाई तक की डेढ माह की अवधि में 78 चार्टर विमानों का मूवमेंट हुआ है. दरअसल कोरोना के डर से अधिकांश वीआईपी लोग या तो सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, या फिर चार्टर फ्लाइट से यात्रा कर रहे हैं. राजनैतिक दलों से जुड़े नेताओं के अलावा औद्योगिक घरानों से जुड़े लोग भी चार्टर फ्लाइट से यात्रा कर रहे हैं.

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कोरोना काल में चार्टर फ्लाइट से आवागमन
- जयपुर एयरपोर्ट पर गर्मियों में बढ़ा चार्टर फ्लाइट का मूवमेंट
- आमतौर पर जून-जुलाई में नहीं होता चार्टर प्लेन का आवागमन
- रोज बमुश्किल एक चार्टर फ्लाइट का मूवमेंट होता है गर्मियों के दौरान
- लेकिन कोरोनाकाल में इन दिनों बढ़ा चार्टर फ्लाइट का मूवमेंट
- पिछले डेढ माह में 78 चार्टर फ्लाइट का हुआ आवागमन
- कांग्रेस के राजनैतिक घटनाक्रम में नेताओं का चार्टर विमानों से हुआ मूवमेंट
- श्री सीमेंट, बिड़ला, रिलायंस और कई अन्य ग्रुप के लोगों का हुआ मूवमेंट
- चार्टर विमान कम्पनियां हर घंटे का औसतन ढाई से 3 लाख रुपए लेती किराया
- सामान्य फ्लाइट में ज्यादा यात्री होने पर रहता है संक्रमण का खतरा
- चार्टर फ्लाइट में केवल 2-5 लोग होने पर सुरक्षित माना जाता सफर

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कांग्रेस सेवादल के नए अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत पहुंचे PCC, कहा-हम बहुत अच्छा काम करेंगे,संगठन को और मजबूत बनाएंगे

कांग्रेस सेवादल के नए अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत पहुंचे PCC, कहा-हम बहुत अच्छा काम करेंगे,संगठन को और मजबूत बनाएंगे

जयपुर: कांग्रेस सेवादल के नए अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे. जहां पर उन्होंने पूर्व PM राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. हेम सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं. सोनिया गांधी जी ने मुझ पर भरोसा किया है. उनका मैं आभार व्यक्त करता हूं. मैं आज से संगठन में कार्य काम करना शुरू कर रहा हूं. कांग्रेस ने हमेशा जनहित के लिए काम किया है. सेवादल के सभी कार्यकर्ता निष्ठावान हैं. हम बहुत अच्छा काम करेंगे, संगठन को और मजबूत बनाएंगे.

गोविंद सिंह डोटासरा बने कांग्रेस के नए पीसीसी चीफ, सचिन पायलट बर्खास्त

तीन मंत्रियों को किया बर्खास्त:
इससे पहले राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के चलते कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तीन मंत्रियों को बर्खास्त किया है. इसमे सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा शामिल है.

पीसीसी चीफ के पद से हटाए गए पायलट:
वहीं सचिन पायलट को पीसीस चीफ पदे से भी हटाया गया है. उनके स्थान पर  गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं. वहीं मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर उनके स्थान पर गणेश घूघरा को यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं हेमसिंह शेखावत सेवादल प्रदेशाध्यक्ष होंगे. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुलाई बैठक, शाम 7.30 बजे होगी CMR में कैबिनेट मीटिंग

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुलाई बैठक, सीएमआर में होगी कैबिनेट की अहम मीटिंग, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुलाई बैठक, सीएमआर में होगी कैबिनेट की अहम मीटिंग, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के बीच आज शाम 7.30 बजे CMR पर कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई है. जिसके बाद रात 8:00 बजे मंत्रिपरिषद की मीटिंग होगी. यह बैठक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुलाई है.मंत्री आज सामूहिक रूप से इस्तीफे दे सकते है. सीएम गहलोत को पुनर्गठन का अधिकार दिया जाएगा.

बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि राजस्थान में बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए है. उन्होंने कर्नाटक, मध्यप्रदेश में धन-बल के आधार पर जो कुछ भी खेल खेला था. राजस्थान में भी वो लोग वही करना चाहते थे. खुला खेल था....और मैं समझता हूँ कि खुले खेल में वो लोग मात खा गए.

गुलाबचंद कटारिया बोले, गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है, बहुमत साबित करना चाहिए

राज्यपाल ने की सीएम गहलोत से मुलाकात:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे. यहां पर गहलोत मंत्रिमंडल में बदलाव की जानकारी दी. साथ ही विधायकों के समर्थन का पत्र भेजेंगे. खबर यह भी है कि बुधवार को मंत्रिमंडल फेरबदल किया जाएगा. सीएम गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को प्रस्ताव दिया. उन्होंने सचिन पायलट,विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को बर्खास्त किए जाने का प्रस्ताव दिया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति प्रदान की.

गोविंद सिंह डोटासरा बने कांग्रेस के नए पीसीसी चीफ, सचिन पायलट बर्खास्त

अविनाश पांडे ने दिया सचिन पायलट के ट्वीट का जवाब, कहा- आपने भाजपा के साथ मिलकर सत्य को काफी परेशान किया

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जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी खींचतान के बीच सचिन पायलट के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद हो गए हैं. इस पर सचिन पायलट ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं. लेकिन अब सचिन पायलट के बयान पर अविनाश पांडे ने कहा कि सत्य वचन सचिन पायलट आपने भाजपा के साथ मिलकर सत्य को काफी परेशान किया, लेकिन पराजित नहीं कर पाए न आगे कर पाएंगे. सत्यमेव जयते. 

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आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ काम कर रहे थे:
वहीं राज्यपाल से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि मजबूरी में हाईकमान को फैसला करना पड़ा है. बीजेपी की ओर से लगातार सरकार को कमजोर करने की कोशिश हो रही थी. जिनपर एक्शन लिया गया है वो लगातार 'आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ काम कर रहे थे. क्योंकि काफी लंबे समय से बीजेपी हार्स ट्रेडिंग की कोशिश कर रही थी और हमारे कुछ साथी गुमराह होकर दिल्ली चले गए. लेकिन बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए. अन्य राज्यों की तरह बीजेपी धनबल के आधार पर राजस्थान में भी वहीं करने वाली थी. उन्होंने कहा कि मैं दुखी होते हुए कहता हूं जिस रूप में देश में होर्स ट्रेडिंग हो रही है. इससे पहले भी देश में कई सरकारे आई लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.  

हमने नाराज विधायकों को पूरा मौका दिया:
सीएम गहलोत ने कहा कि हमने नाराज विधायकों को पूरा मौका दिया इसी के चलते आज एक मौका और दिया गया लेकिन वो फिर भी नहीं आए. उनमे से 8-10 तो आना चाहते थे. हमारे पूर्व अध्यक्ष पायलट के पास वहां पर कुछ नहीं है. वो वहां बीजेपी के हाथों में खेल रहे हैं. वहां पूरी व्यवस्था बीजेपी ने की है. मेरे पास कोई विधायक आया हो चाहे वो किसी भी ग्रुप का हो मैंने सबके काम किए. उनका दिल जानता है मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया. 

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भाजपा धनबल से राज्य की दूसरी सरकारों को तोड़-मरोड़ रही: 
पहली बार देश खतरे में आ रहा है. जो सरकार देश में आई है वह धनबल से राज्य की दूसरी सरकारों को तोड़-मरोड़ रही है. सरकारें बदली हैं, राजीव गांधी चुनाव हारे हैं. ये सब कुछ हुआ. पाकिस्तान में ऐसा नहीं होता. पायलट, भाजपा के हाथ में खेल रहे हैं. भाजपा का मैनेजमेंट है, जो मध्यप्रदेश में मैनेज कर रहे थे, वही यहां लगे हैं. आप सोच सकते हैं कि इनका इरादा क्या है?


 

गुलाबचंद कटारिया बोले, गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है, बहुमत साबित करना चाहिए

गुलाबचंद कटारिया बोले, गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है, बहुमत साबित करना चाहिए

जयपुर: राजस्थान में कांग्रेसी सियासी घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस अपने ही झगड़ों से समाप्ति की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है. अभी यह तय नहीं है कि बहुमत है या नहीं. मंत्री पद बांट कर बहुमत साबित करने का प्रयास करेंगे. इन्हें फ्लोर पर बहुमत साबित करना चाहिए. मंत्री पद बांटने का अधिकार अल्पमत की सरकार को नहीं है. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हमने इस पूरे मामले पर वसुंधरा राजे से बात की है. वे कल जयपुर आएंगी. उसके बाद आगामी रणनीति पर चर्चा होगी. राजे कल होने वाली बैठक में शामिल होंगी.

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अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में भाजपा:
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने फर्स्ट इंडिया से बातचीत में कहा था कि हम अभी फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं कर रहे है, हम अभी बस पूरे मामले पर वॉच कर रहे है.पहले यह तो देख लो कि किस गुट के पास कितने विधायक है. विधायकों की संख्या क्लियर होने के बाद ही बीजेपी अगला स्टेप उठाएगी. तब तक वेट एंड वॉच की स्थिति में भाजपा है. वहीं अविश्वास प्रस्ताव को लेकर गुलाबचंद कटारिया बोले, अविश्वास प्रस्ताव के नियमों को देखते हुए ही बीजेपी आगामी रणनीति बना रही है.

कांग्रेस की विदाई का आ गया समय:
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस की विदाई का समय आ गया है. कांग्रेस आज देश में अप्रासंगिक हो गई है. राजस्थान बड़ा प्रदेश था. पीसीसी चीफ होने के कारण सचिन पायलट का हक था. वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हुई. युवा नेताओं को दरकिनार किया गया है, जो देश में सत्ता में आना चाहते थे. वो प्रदेश में अपनी सरकार नहीं संभाल पाए. परिस्थिति को देखते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी.

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VIDEO: जिनपर एक्शन लिया वो लगातार 'आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ कर रहे थे काम - मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी खींचतान के बीच सचिन पायलट के लिए कांग्रेस के दरवाजे बंद हो गए हैं. कांग्रेस पार्टी ने पायलट पर एक्शन लेते हुए उन्हें डिप्टी सीएम के पद और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया है. साथ ही सचिन पायलट के समर्थन वाले मंत्रियों को भी हटा दिया गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र से मिलने पहुंचे. यहां पर गहलोत मंत्रिमंडल में बदलाव की जानकारी दी. साथ ही विधायकों के समर्थन का पत्र भेजेंगे. खबर यह भी है कि बुधवार को मंत्रिमंडल फेरबदल किया जाएगा. सीएम गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को प्रस्ताव दिया.

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आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ काम कर रहे थे:
वहीं राज्यपाल से मिलने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि मजबूरी में हाईकमान को फैसला करना पड़ा है. बीजेपी की ओर से लगातार सरकार को कमजोर करने की कोशिश हो रही थी. जिनपर एक्शन लिया गया है वो लगातार 'आ बैल मुझे मार' के रवैये के साथ काम कर रहे थे. क्योंकि काफी लंबे समय से बीजेपी हार्स ट्रेडिंग की कोशिश कर रही थी और हमारे कुछ साथी गुमराह होकर दिल्ली चले गए. लेकिन बीजेपी के मंसूबे पूरे नहीं हुए. अन्य राज्यों की तरह बीजेपी धनबल के आधार पर राजस्थान में भी वहीं करने वाली थी. उन्होंने कहा कि मैं दुखी होते हुए कहता हूं जिस रूप में देश में होर्स ट्रेडिंग हो रही है. इससे पहले भी देश में कई सरकारे आई लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.  

हमने नाराज विधायकों को पूरा मौका दिया:
सीएम गहलोत ने कहा कि हमने नाराज विधायकों को पूरा मौका दिया इसी के चलते आज एक मौका और दिया गया लेकिन वो फिर भी नहीं आए. उनमे से 8-10 तो आना चाहते थे. हमारे पूर्व अध्यक्ष पायलट के पास वहां पर कुछ नहीं है. वो वहां बीजेपी के हाथों में खेल रहे हैं. वहां पूरी व्यवस्था बीजेपी ने की है. मेरे पास कोई विधायक आया हो चाहे वो किसी भी ग्रुप का हो मैंने सबके काम किए. उनका दिल जानता है मैंने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया. 

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वह धनबल से राज्य की दूसरी सरकारों को तोड़-मरोड़ रही: 
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