दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रथम चरण के लिए 31 मार्च तक होगा 128 करोड़ का भुगतान

दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रथम चरण के लिए 31 मार्च तक होगा 128 करोड़ का भुगतान

दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रथम चरण के लिए 31 मार्च तक होगा 128 करोड़ का भुगतान

जयपुर: राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रस्तावित दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर अर्थात DMIC के काम में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए अब उद्योग विभाग सक्रिय हुआ है. बुधवार को उद्योग विभाग में उद्योग मंत्री परसादी लाल मीना की अध्यक्षता में हुई बैठक में DMIC के लिए 5 गांवों की अवाप्त की गई 532 हैक्टेयर भूमि की मुआवजा राशि के रूप में किसानों को 128 करोड़ का भुगतान जारी करने का निर्णय हुआ. इस भुगतान की समय सीमा 31 मार्च 2020 रखी गई है. 

अपने संबोधन में मीना ने कहा कि अन्य राज्यों में जहां DMIC को लेकर काफी प्रगति हो चुकी है, वहीं राज्य में इस परियोजना का 40 फीसदी हिस्सा गुजरने के बावजूद सही मायनों में काम शुरू होना भी शेष हैं. बैठक में खादी व ग्रामोद्योग विभाग की ओर से दी जा रही 50% छूट के कारण हुई रिकॉर्ड बिक्री पर भी चर्चा हुई. राज्य सरकार ने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष पर इस साल खादी ग्रामोद्योग उत्पादों पर 50% छूट का फैसला किया है. 

बैठक में मीना ने राज्य की 144 खादी संस्थाओं के आधुनिकीकरण के साथ विपणन व पारदर्शिता के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के निर्देश भी दिए. बैठक में ACS डॉ. सुबोध अग्रवाल, संयुक्त सचिव उद्योग शुभम चौधरी, उप सचिव उद्योग नीतू बारुपाल, खादी सचिव S.N. मीना आदि भी मौजूद थे. 

... संवाददाता विमल कोठारी की रिपोर्ट 

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