विधानसभा के 15 वें सत्र का हुआ आगाज, दलगत सियासत से परे नजर आया सदन में माहौल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/15 11:09

जयपुर (योगेश शर्मा)। राजस्थान विधानसभा के 15वें सत्र का आज आगाज हुआ। सरकार बदलने के साथ ही विधानसभा का नजारा भी बदल गया। आज सत्ता पक्ष में कांग्रेस थी तो विपक्ष में बीजेपी। सदन के नेता के तौर पर अब है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। वसुंधरा राजे विपक्षी विधायक के नाते सत्तापक्ष को घेरते हुये नजर आएंगी। नेता प्रतिपक्ष का जिम्मा रहेगा गुलाब चंद कटारिया के पास। आज प्रोटेम स्पीकर के तौर पर गुलाब चंद कटारिया ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई। 198 विधायकों ने शपथ ली, वहीं हेमाराम चौधरी देरी से आने के कारण शपथ नहीं ले पाये। इसके अलावा रामगढ़ उपचुनाव का परिणाम आना शेष है। 

भारत के संविधान के प्रति शपथ लेने के साथ ही चुनाव जीतने वाले नेता आज विधायक बन गये। राजस्थान की विधानसभा में पिछले कुछ सालों से हम लगातार यह देख रहे है कि 5 साल बाद सरकार बदलती है। अब फिर विधानसभा का नजारा बदला और कांग्रेस पार्टी सरकार में आ गई। वहीं विपक्षी दल के तौर पर बीजेपी सदन में नजर आयेगी। विधानसभा सत्र के आगाज के साथ ही पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई। प्रोटेम स्पीकर के तौर पर गुलाब चंद कटारिया ने शपथ दिलाई। सभापति के पैनल में भंवर लाल शर्मा, परसराम मोरदिया और महादेव सिंह खंडेला को रखा गया है। कटारिया और भंवर लाल शर्मा ने शपथ दिलाई। सबसे पहले अशोक गहलोत ने शपथ ली और उनके बाद उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शपथ ली। मंत्रीपरिषद के सदस्यों के बाद हिन्दी वर्णमाला के अनुसार विधायकों ने शपथ ली। गहलोत ने कहा कि उम्मीद है कि नये सत्र में जनता की भलाई के काम होंगे। विकास के काम होंगे, हंगामे इश्यू बेस होते है, आवाज उठाने का फ्रीड़म है लेकिन अनावश्यक रुप से नहीं उठाने चाहिये। मैंने ही यह परम्परा डाली थी मैनेफेस्टो सरकार की कार्ययोजना का हिस्सा बने। 

राजस्थान की विधानसभा में आज का दिन मुबारकबाद के लिहाज से खास रहा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बधाई दी। दिलचस्प तथ्य यह रहा कि अशोक गहलोत ने विपक्षी विधायकों के बीच जाकर अभिवादन किया। दूसरी ओर वसुंधरा राजे ने सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच जाकर उन्हें बधाई दी। दलगत सियासत से परे आज सदन में माहौल नजर आय़ा। नये बने विधायकों ने भी विधानसभा में अपनी इच्छाशक्ति को जाहिर किया। किसी ने कहा ज्वलंत मसले उठाये जाएंगे, किसी ने कहा किसान और कृषि मेरा मुद्दा होगा। आरएलपी, बीएसपी, बीटीपी, कम्युनिस्ट पार्टी के विधायकों ने भी जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। 

राजस्थान की विधानसभा के नये भवन का यह इतिहास है कि कभी भी 200 विधायक एक साथ नहीं बैठे। आज भी यह नजर आया। 200 विधायक आज शपथ के मौके पर भी मौजूद नहीं थे। राजस्थान की विधानसभा के सत्र में अब स्पीकर का निर्वाचन होगा और नये अध्यक्ष के तौर पर डॉ सीपी जोशी की ताजपोशी होनी है। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाई किस तरह चलानी है यह तय करने का काम कार्य सलाहकार समिति करेगी। बहरहाल पहले दिन से ही यह लग रहा है कि सदन में आगामी दिन हंगामेदार रहेगा। लोकसभा चुनाव सामने है लिहाजा जय श्री राम के नारे और वंदे मातरम सदन में गूंजता नजर आयेगा। 

...नरेश शर्मा, रितुराज शर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, शिवेन्द्र परमार, ऐश्वर्य प्रधान, दिनेश डांगी के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट
 

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