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17 साल पहले मृत मानकर परिजनों ने कर दिया था क्रियाक्रम, अब सामने पहुंचा तो छलक पड़े आंसू
17 साल पहले मृत मानकर परिजनों ने कर दिया था क्रियाक्रम, अब सामने पहुंचा तो छलक पड़े आंसू

कोटा: लापता होने के बाद जिस व्यक्ति को मृत मानकर परिजनों ने क्रियाक्रम तक कर दिया था आज वही शख्स करीब 17 साल बाद परिजनों के सामने पहुंच गया. इस दौरान परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसे गले से लगा लिया. जी हां, लावारिस हाल में जो व्यक्ति पिछले 17 साल से भटक रहा था उसे फिर से नई जिंदगी मिल गई है. पंजाब के कपूरथला से साल 2003 में लापता हुआ दलजीत आज फिर अपनों के बीच पहुंच गया है. दलजीत सिंह पंजाब से कोटा पहुंच गया था और डेढ़ साल पहले कोटा के कुन्हाड़ी क्षेत्र में फुटपाथ पर बेसुध लावारिस हाल में अपना घर संस्था को दलजीत मिला था. अपना घर संस्थान ने दलजीत को अपने पास रखा और उसकी देखरेख शुरू की. 

17 साल बाद खत्म हुआ दलजीत का इंताजार: 
काउंसलिंग के दौरान दलजीत ने अपने घर पंजाब के कपूरथला में होना बताया तो अपना घर संस्थान के सदस्यों ने कोटा पुलिस की मदद से कपूरथना पुलिस से संपर्क साधा और दलजीत के फोटो और वीडियो के आधार पर परिजनों की तलाश करवाई. काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार वो घड़ी आ गई जिसका 17 सालों से दलजीत और परिजनों को इंतजार था. जैसे ही परिजनों को दलजीत के कोटा में होने की खबर लगी तो उसके परिजन आज कोटा पहुंचे और दलजीत को अपने सामने पाकर उनके आंख भर आई. दलजीत के भाई साहर सिंह ने अपने बड़े भाई को बाहों में भर लिया और खुशी के आंसू छलक पड़े. अपना घर संस्थान कलेक्टर ओम कसेरा की मौजूदगी में दलजीत को उसके परिजनों के सुपुर्द किया और उसके परिजन दलजीत को लेकर कपूरथला रवाना हुए. दलजीत के परिजन दलजीत के वापस मिलने की उम्मीद खो चुके थे. इसलिये उसको मृत मानकार तमाम क्रियाक्रम भी कई साल पहले कर चुके थे.  

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