श्री श्याम मंदिर कमेटी के फर्जी चेक से 19 लाख 88 हजार 500 रुपए किये पार, क्लोनिंग तैयार कर घटना को दिया अंजाम

श्री श्याम मंदिर कमेटी के फर्जी चेक से 19 लाख 88 हजार 500 रुपए किये पार, क्लोनिंग तैयार कर घटना को दिया अंजाम

श्री श्याम मंदिर कमेटी के फर्जी चेक से 19 लाख 88 हजार 500 रुपए किये पार, क्लोनिंग तैयार कर घटना को दिया अंजाम

सीकर: जिले के खाटूश्यामजी कस्बे में श्री श्याम मंदिर कमेटी के खाते से क्लोनिंग चेक तैयार कर करीब बीस लाख रुपए आरोपी ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए. श्री श्याम मंदिर कमेटी के बैंक अकाउंट से 20 लाख रुपए उड़ाने का मामला सामने आया है. मंदिर कमेटी द्वारा बैंक स्टेटमैंट निकलवाने पर यह मामला उजागर हुआ है. जिसमें सामने आया है कि मंदिर कमेटी के भारतीय स्टेट बैंक के खाते से 18 अगस्त को 9 लाख 93 हजार और 24 अगस्त को 9 लाख 95 हजार रुपए चुरा लिए गए. आरोपी ने रुपए बड़े शातिराना तरीके से उड़ाए गए. जिसमें पहले तो आरोपी मोहम्मद शेख अनवर जहीर उल्ल हक्क शेख नामक शख्स जाली चैक तैयार किया फिर उस पर मंदिर कमेटी के तीन पदाधिकारियों के हस्ताक्षर कर रुपए अपने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बैंक खाते में जमा करवा लिए. घटना की जानकारी सामने आने पर हरकत में आई मंदिर कमेटी ने खाटूश्यामजी पुलिस थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई है.  

तीनों पदाधिकारियों के किये फर्जी हस्ताक्षर:-
प्राप्तजानकारी के अनुसार रुपए चुराने वाले आरोपी ने जाली चैक से यह कारनामा किया है. उसने मंदिर कमेटी के चैक से बिल्कुल मिलती दो कॉपी तैयार की. इसके बाद उस पर श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर किए. इसके बाद उसने दो बार में यह रुपए अपने बैंक में ट्रांसफर किए. 

बैंककर्मी संदेह घेरे में :-
मामले में बैंककर्मी भी सवालों के कटघरे हैं. श्री श्याम मंदिर कमेटी के व्यवस्थापक संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि हर बार दो लाख से ज्यादा रुपए की निकासी पर बैंक द्वारा मोबाइल पर सत्यापन किया जाता है. लेकिन इस बार बैंक कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया. फिर बैंक चैक के सीरियल नम्बर की जानकारी भी रुपए चुराने वाले के पास पहुंची है. जबकि दोनों चैक कमेटी के पास सुरक्षित है जबकि बैंक ने उन्हें क्लियर कर दिया ऐसे में बैंक की कार्यप्रणाली पर भी संदेह में है. इसके साथ ही बैंक मैनेजर मूलचन्द ने कमेटी को अलग जबाब दिया कि मैंने आपको फोन किया था लेकिन फोन नोट रिचेबल आ रहा था जबकि पत्रकारों के पहुंचने मैनेजर का कहना है कि चैक जयपुर में ही क्लियर हुए हैं. अगर ऑनलाइन क्लियर भी चैक आता है तो पास तो सम्बंधित बैंक ही करता है.  

थाना प्रभारी पूजा पुनिया का कहना है कि संबंधित बैंक से खाते का विवरण लिया गया है और फर्जी चैक तैयार कर राशि उठाने वाले के खाते की भी डिटेल ली गई है अनुसंधान आगे जारी है. 

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