1984 सिख दंगों के सात मामलों की फिर खुलेगी फाइल, कमलनाथ पर गिर सकती है गाज 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/10 03:55

नई दिल्ली: गृह मंत्रालय के विशेष जांच दल ने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के सात मामले फिर से खोलने का फैसला किया है. इनमें आरोपी या तो बरी कर दिए गए हैं, या मामले की सुनवाई बंद कर दी गई थी. विशेष जांच दल निपटाए गए मामलों की फिर से जांच कर रहा है, जिनमें एक मामला मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ के शामिल होने से भी जुड़ा है. 

कमलनाथ पर दंगाईयों को आश्रय देने का आरोप:
दरअसल ये सातों मामले 1984 में दिल्ली के वसंतविहार, सनलाइट कालोनी, कल्याणपुरी, पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉटप्लेस, पटेल नगर और शाहदरा में दर्ज किए गए थे. विशेष जांच दल ने लोगों और संगठनों से इनके बारे में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है. उस दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में जो मामला दर्ज किया गया था, उसमें कहा गया था कि कमल नाथ ने सिख-विरोधी दंगों के दौरान रकाबगंज गुरुद्वारे में तोड़फोड़ करने और हंगामा करने वाले दंगाईयों को कथित तौर पर आश्रय दिया था. 
 

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