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पंजाब में फिर से दिखे 2 पाकिस्तानी ड्रोन, स्थानीय लोगों ने किया दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा

पंजाब में फिर से दिखे 2 पाकिस्तानी ड्रोन, स्थानीय लोगों ने किया दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा

फिरोजपुर: पंजाब के फिरोजपुर में एक बार ग्रमीणों को गुरुवार सुबह दो पाकिस्तानी ड्रोन दिखे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार ड्रोन गांव के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए है. जानकारी मिलने पर बीएसएफ और पुलिस ड्रोन की तलाश करने में जुट गई है. बीते कुछ दिनों में कई बार इस इलाके में पाकिस्तानी ड्रोन देखने को मिले है. 

इससे पहले सोमवार और मंगलवार को भी दिखे थे ड्रोन: 
इससे पहले इसी हफ्ते के सोमवार रात पंजाब के हुसैनीवाला सेक्टर में दो पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसे थे. बीएसएफ से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह ड्रोन कड़ी चौकसी के चलते वापिस पाकिस्तान की तरफ मुड़ गए और कुछ ही देर बाद उनकी आवाज भी बंद हो गई. हालांकि पुलिस का दावा है कि यह ड्रोन भारतीय सीमा में कोई भी संदिग्ध वस्तु गिराने में नाकाम रहे.

पुलिस ने कोई ड्रोन बरामद नहीं किया: 
वहीं इसके बाद बीएसएफ ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी पाकिस्तान ड्रोन के घुसने की सूचना दी. हालांकि पुलिस ने कोई ड्रोन बरामद नहीं किया. और अब फिर से ड्रोन के भारतीय सीमा में घुसने की खबर है. हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि ड्रोन गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं. सीमा सुरक्षा बल और पंजाब पुलिस अब ड्रोन की तलाश में जुट गई हैं. बीते कुछ दिनों में कई बार पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में देखे गए हैं.
 

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VIDEO: फ्लाइट्स में अब लौटने लगी रौनक ! नवरात्रि की शुरुआत में एयरपोर्ट पर बढ़ा यात्रीभार

जयपुर: जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अब यात्रियों की रौनक पहले की तरह लौटने लगी है. पिछले 7 दिनों में जयपुर एयरपोर्ट पर औसत यात्रीभार में बढ़ोतरी देखी गई है. एक तरफ जहां फ्लाइट्स की संख्या बढ़ी है, वहीं साथ में यात्रीभार भी बढ़ रहा है. खास बात यह है कि सबसे ज्यादा रौनक नवरात्रि के बीते दो दिन में रही है. किन शहरों के लिए है ज्यादा यात्रीभार, कितने यात्री रोज कर रहे आवागमन. देखिए फर्स्ट इंडिया की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

जयपुर एयरपोर्ट से रोज 28 फ्लाइट्स का हो रहा डिपार्चर:
कोरोना काल में 25 मई से फ्लाइट्स का संचालन शुरू हुआ था और अब 5 माह में पहली बार ऐसा लगने लगा है जैसे हवाई यात्रा की रौनक वापस लौट रही हो. अब जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना संचालित होने वाली फ्लाइट्स की कुल संख्या में बढ़ोतरी दिख रही है. दरअसल सितंबर माह तक कोरोना पीक पर था और इस वजह से यात्रियों में फ्लाइट्स में सफर करने को लेकर डर देखा जा रहा था. अब कोरोना के एक्टिव केसेज की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है. साथ ही देशभर में नए केसेज मिलने की दर भी गिरी है. इस तरह अब हवाई यात्रियों के लिए थोड़ी राहत मिली है. इसके साथ ही देश में अब त्यौहारी सीजन शुरू हो चुका है. नवरात्रि के इस पर्व के साथ ही लोगों की व्यस्तता बढ़ रही है. जयपुर सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन सीजन भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रीभार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर माह में जयपुर एयरपोर्ट से रोज औसतन 26 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा था और इस माह अब राेज औसतन 28 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. सितंबर के मुकाबले औसत यात्रियों की संख्या भी 4350 से बढ़कर 4850 तक जा पहुंची है. जयपुर एयरपोर्ट से पिछले सप्ताह में कुल 382 फ्लाइट्स का आवागमन हुआ है, जिनके जरिए कुल 33933 यात्रियों ने यात्रा की है.

पिछला सप्ताह कैसा रहा जयपुर एयरपोर्ट पर ?
दिनांक : आगमन : प्रस्थान : कुल यात्री : कुल फ्लाइट
12 अक्टूबर : 2171 यात्री : 2567 यात्री : 4738 यात्री : 56 फ्लाइट
13 अक्टूबर : 1973 यात्री : 2116 यात्री : 4089 यात्री : 56 फ्लाइट
14 अक्टूबर : 2286 यात्री : 1979 यात्री : 4265 यात्री : 46 फ्लाइट
15 अक्टूबर : 2565 यात्री : 2618 यात्री : 5183 यात्री : 58 फ्लाइट
16 अक्टूबर : 2344 यात्री : 2018 यात्री : 4362 यात्री : 50 फ्लाइट
17 अक्टूबर : 3142 यात्री : 2366 यात्री : 5508 यात्री : 60 फ्लाइट
18 अक्टूबर : 3602 यात्री : 2186 यात्री : 5788 यात्री : 56 फ्लाइट

मुम्बई और बेंगलूरु की फ्लाइट्स में यात्रीभार ज्यादा:
यहां यह जानना भी रोचक है कि जयपुर शहरवासी आखिर किन शहरों के लिए सबसे ज्यादा यात्रा करना पसंद कर रहे हैं. दरअसल मौजूदा समय में मुम्बई और कोलकाता सबसे ज्यादा डिमांड में हैं. दोनों ही शहरों के लिए रोज औसतन 5-5 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. इसके अलावा बेंगलूरु, दिल्ली और हैदराबाद के लिए भी 4 से 5 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. हालांकि सबसे ज्यादा यात्रीभार की बात करें तो मुम्बई और बेंगलूरु की फ्लाइट्स में यात्रीभार ज्यादा है. बड़े शहरों में सबसे कम फ्लाइट चेन्नई के लिए है, जहां के लिए मात्र 1 फ्लाइट ही चल रही है.

किस शहर के लिए रोज औसतन कितनी फ्लाइट ?
- मुम्बई, कोलकाता : रोज 5-5 फ्लाइट
- बेंगलूरु और दिल्ली : रोज 4 से 5 फ्लाइट
- हैदराबाद रोज 4 फ्लाइट
- पुणे, अहमदाबाद : 2-2 फ्लाइट

- इंडिगो 16 फ्लाइट का शेड्यूल : रोज औसतन 13-14 फ्लाइट चल रहीं
- एयर इंडिया 5 फ्लाइट का शेड्यूल : रोज औसतन 2 या 3 फ्लाइट चल रहीं
- स्पाइसजेट का 6 फ्लाइट का शेड्यूल, सभी चल रहीं
- एयर एशिया 5 का शेड्यूल : 2 से 3 चल रहीं
- गो एयर 3 फ्लाइट का शेड्यूल, सभी चल रहीं

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अब प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है और नवंबर माह में यह काफी अच्छा होगा. साथ ही दिवाली के मौके पर भी यात्रीभार में एक साथ बढ़ोतरी होगी. इस बीच 26 अक्टूबर से जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का विंटर शेड्यूल लागू होगा. इसमें 4 से 6 नई फ्लाइट शुरू होने की संभावना है. कुलमिलाकर नवंबर माह के पहले सप्ताह से हवाई यात्रा की रौनक जगमग होने के आसार हैं.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम, 26 अक्टूबर से चलेगा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम, 26 अक्टूबर से चलेगा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

जयपुर: प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अपने आवास पर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में 26 अक्टूबर से ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान चलाने का एलान कर दिया. अब पूरे प्रदेश में मिलावटखोरो की धरपकड़ होगी. सीएम गहलोत ने कहा है कि राजस्थान मिलावटखोरी से मुक्ति की दिशा में अलग पहचान बनाएगा.

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं:
-सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम
-26 अक्टूबर से चलेगा ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान
-दूध, दूध से बने पदार्थों, मिठाइयों, मसालों, घी, तेल में मिलावट बर्दाश्त नहीं
-खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
-सभी जिलों में कलेक्टर के निर्देशन में अभियान चलेगा
-चिकित्सा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, गृह विभाग को जिम्मेदारी
-जिला कलेक्टरों को तुरन्त परिपत्र भेजने के निर्देश दिए
-दूध, घी, तेल, मिठाइयों, मसालों, ड्राई फ्रूट्स में मिलावट पर फोकस
 
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने का फैसला:
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने का फैसला किया है. गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ 26 अक्टूबर से शुद्ध के लिये युद्ध अभियान चलाया जाए, जो त्यौहारी सीजन के दौरान नवंबर माह के अन्त तक चलेगा. राज्य-स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों का ग्रुप बनाकर अभियान का संचालन किया जाएगा. अभियान का फोकस दूध, घी, तेल, मिठाइयों, मसालों, ड्राई फ्रूट्स आदि खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा पैकेजिंग में मिस-ब्रांडिंग पर रहेगा. संदिग्ध पदार्थों के सैंपल की गुणवत्ता की लैब में तुरन्त जांच करवाकर मिलावटी सामान तैयार करने वाले तथा ऐसे पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता होने पर एफआईआर भी दर्ज होगी.

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मिलावटखोरों पर कसा जाएगा पूरा शिकंजा:
इस बार मिलावटखोरों पर पूरा शिकंजा कसा जाएगा और सख्त कार्रवाई के लिए यदि आवश्यक हो तो कानून में समुचित संशोधन भी किया जाएगा. इतना ही नहीं सरकार ने संगठित मिलावटखोरों की जानकारी देने पर उचित इनाम देने का भी फैसला किया है और इनके नाम गुप्त रखे जाएंगे.  मुख्यमंत्री ने शुद्ध के लिये युद्ध अभियान की योजना बनाने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला-स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनाने के निर्देश दिए. यह समिति अभियान का क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग भी करेगी. समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला रसद अधिकारी, वाणिज्यकर अधिकारी तथा डेयरी विभाग का प्रबंधक निदेशक या अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. समिति के निर्देशन में कलक्टर द्वारा नामित उप खण्ड अधिकारी अथवा विकास अधिकारी, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक कार्रवाई दल गठित होगा, जो मिलावटखोरों के खिलाफ मौके पर जाकर कार्रवाई करेगा. इस दल में खाद्य सुरक्षा निरीक्षक, बाट एवं मापतोल विभाग, पुलिस तथा डेयरी के अधिकारी भी रहेंगे. राज्य-स्तर पर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित माॅनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का एक उप समूह गठित किया जाए. इस समूह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा गृह विभागों के प्रमुख शासन सचिव एवं खाद्य एवं आपूर्ति, पशुपालन तथा डेयरी विभागों के शासन सचिव सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे.

26 अक्टूबर से चलेगा 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान:
-जिला समिति बनाएगी अभियान की योजना
-समिति क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग भी करेगी
-कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलों में बनेगी कमेटी
-समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, सीएमएचओ,
-जिला रसद अधिकारी, वाणिज्यकर अधिकारी तथा
-डेयरी विभाग का प्रबंधक निदेशक शामिल होंगे
-सैंपल की लैब में तुरन्त जांच करवाई जाएगी
-पुलिस एफआईआर दर्ज कर आपराधिक दण्डात्मक कार्रवाई होगी
-मिलावटखोरों की जानकारी देने पर उचित इनाम दिया जाएगा
-राज्य-स्तर पर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कमेटी बनेगी

मुख्यमंत्री साफ कहा है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन इस अभियान की सफलता के लिए यह जरूरी है कि आम लोग भी जागरूक हों और शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में सरकार का साथ दें.

VIDEO: अफ्रीकी चीते बनेंगे राजस्थान की शान! दक्षिण अ​फ्रीका और नामीबिया से चीते लाने की तैयारी, केन्द्र सरकार की अनुमति मिलने का इंतजार

जयपुर: प्रदेश के जंगलात में चीते छलांग भरेंगे ऐसी उम्मीद जगी है. सभी के जेहन में एक ही सवाल है.क्या 70 साल बाद अब चीता बन सकता है राजस्थान की शान? वन विभाग के स्तर पर अफ्रीका से चीता लाने की योजना पर काफी काम हो चुका है. जल्द ही केंद्र की अनुमति मिलने के बाद एअरलिफ्ट कर चीता राजस्थान में लाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब भारत में अफ्रीकी चीता बसाने की  तैयारियों नें ज़ोर पकड़ लिया है. 1948 के आसपास चीता खत्म हो गए थे जिसका मुख्य कारण शिकार एवं हैबिटैट लॉस था. अब अफ्रीकी चीता को भारत में बसाने की हरी झंडी मिल चुकी है जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं गुजरात के कुछ हिस्से सम्मलित हो सकते हैं वहीं नामीबिया व साउथ अफ्रीका से चीता को एयर लिफ्ट करके लाने की योजना है.

चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक:
आपको बता दें कि चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक है, यहां चीता के नेचुरल प्रे बेस में केवल काला हिरण और चिंकारा है, इसके साथ ही चीता कुछ छोटे जानवरों का भी शिकार करता है. राजस्थान में शाहगढ़ सहित कई अन्य जगहों पर भी चीता बसाने की चर्चा है. चीता को यदि भारत में बसाना है तो चिंकारा, काला हरिण से भरपूर लंबे ग्रासलैंड चाहिए होते हैं. जानकारी यहाँ तक है कि कुछ भारतीय रिसर्चर अफ्रीकी देशों में जाकर कुछ चीतों को चिन्हित भी कर चुके हैं, एवं कागज़ी कार्रवाई होते ही इन्हें एयर लिफ्ट कर लाना है बस.  भारत में फ़िलहाल बड़ी बिल्लियों में बाघ, एशियाटिक लायन, तेंदुआ मौजूद हैं.

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चीता यहां से 70 साल पहले हो चुका है विलुप्त:
चीता यहां से 70 साल पहले विलुप्त हो चुका है, लेकिन चीता नाम वास्तव में भारतीय नाम ही है, चीता का शाब्दिक अर्थ है चित्ती यानी अंग्रेजी भाषा में स्पॉट, उन काले धब्बों को के कारण ही इस प्रजाति नाम चीता पड़ा और कोलोनियल पीरियड में यह नाम सब जगह फैल गया. हालांकि राजस्थान में तेंदुए को आज भी चीते के नाम से पुकारा जाता है, हालांकि तेंदुए और चीते में काफी फर्क है. भारत में पाया जाने वाला चीता एशियाटिक चीता था,  अफ्रीकी चीते को लाने से पहले ईरान से बात की गई जहां एशियाटिक चीते की प्रजाति अभी तक बची हुई है.

भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए:
लेकिन ईरान के मना करने के बाद अफ्रीकी चीते को भारत में लाने के प्रयास शुरू किए गए मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया, लेकिन अब न्यायालय की हरी झंडी के बाद भारत में चीता लाने की प्रक्रिया लगभग शुरू हो चुकी है. बड़ी बिल्लियों में राजस्थान में फ़िलहाल भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए हैं. यदि यहां चीते को लाया जाता है तो राजस्थान में 70 साल के बाद ये राजस्थान की शान बन सकता है. राजस्थान के अलावा, मध्यप्रदेश के पालपुर कूनो, और नौरादेही सहित गुजरात में भी चीते को बसाने के कुछ स्थान उपयुक्त माने गए हैं. अब देखना ये होगा कि राजस्थान के अधिकारी इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर कैसे उतार पाते हैं.

सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर मांगा 7 दिन का समय, फीस तय करने के लिए कमेटी गठन की भी दी कोर्ट को जानकारी

सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर मांगा 7 दिन का समय, फीस तय करने के लिए कमेटी गठन की भी दी कोर्ट को जानकारी

जयपुर: निजी स्कूलो द्वारा फीस वसूली से जुड़े मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी.सुनवाई से पूर्व राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश महर्षि ने हाईकोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया है.सरकार ने शपथ पत्र दाखिल करते हुए निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए कमेटी बनाने की जानकारी देते हुए 7 दिन की मोहलत मांगी है. सरकार ने अपने जवाब में कहा कि सरकार ने मामले में फीस निर्णय के लिए कमेटी गठन कर उससे सात दिन में रिपोर्ट मांगी है.इसलिए कमेटी द्वारा रिपोर्ट आने तक सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाये.

हाईकोर्ट में कल होगी मामले पर सुनवाई:
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में 14 अक्टूबर को अदालत ने राज्य सरकार को शपथपत्र पेश करने के आदेश दिये थे.जिसमें निजी स्कूल कोरोनकाल और उसके बाद कितनी फीस और किस तरह से ले सकते हैं इस पर सरकार ने क्या कार्य योजना बनाई है.इसकी जानकारी 19 अक्टूबर को शपथपत्र के जरिए कोर्ट में पेश करने के आदेश दिये थे.इस आदेश की पालना में सरकार ने जवाब पेश किया है.कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के लिए 20 अक्टूबर की तारीख की थी. राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश महर्षि ने डीईओ लीगल का सोमवार को शपथ पत्र पेश किया. इस शपथ पत्र में कहा कि सरकार ने एक कमेटी का गठन 16 अक्टूबर को कर दिया है. इस कमेटी से सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है. राज्य सरकार ने कहा कि यह तय है कि 1 नवंबर से पहले स्कूल नहीं खुल रहे हैं ऐसे में किसी भी पक्ष को एक सप्ताह का समय दिए जाने से परेशानी नहीं होगी.

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यह है कमेटी में: 
राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है. संयुक्त शासन सचिव,शिक्षा, वरिष्ठ संयुक्त विधि परामर्शी, उप शासन सचिव प्रारंभिक शिक्षा को इस कमेटी में सदस्य बनाया गया है.

यह है पूरा मामला:
राज्य सरकार ने कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए अपने 2 अलग-अलग सर्कुलर के जरिए फीस स्थगन के आदेश जारी किए थे. जिसे निजी स्कूलों द्वारा हाई कोर्ट की एकलपीठ में चुनौती दी गई. एकलपीठ ने 7 सितम्बर को निजी स्कूलों को 70 फीसदी ट्यूशन फीस चार्ज करने की छूट दे दी. जिसे सरकार व अन्यम ने खंडपीठ में चुनौती दी है.

13 अक्टूबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

13 अक्टूबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास-  द्वितीय आश्विन (अधिक ) मास कृष्ण पक्ष
शुभ तिथि एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि दोपहर 2 बजकर 36  मिनट तक तत्पश्चात द्वादशी तिथि रहेगी. एकादशी तिथि मे विवाह आदि मांगलिक, यज्ञोपवीत, गृह आरम्भ, प्रवेश, देव कार्य आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं.

मघा"उग्र व अधोमुख " संज्ञक नक्षत्र रात्रि 10 बज कर 55 मिनट तक तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा. मघा नक्षत्र मे विवाह आदि मांगलिक कार्य,बोरिंग कार्य इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है. मघा नक्षत्र मे जन्मा जातक साहसी, धनवान होता है. मघा नक्षत्र गंड मूल नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र मे जन्मे जातक की गंड मूल शांति हवन 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन करा लेनी चाहिए. 

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन सिंह राशि में संचार करेगा  

व्रतोत्सव -  कमला (पुरषोत्तम ) एकादशी व्रत सबका  

राहुकाल - दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक

दिशाशूल - मंगलवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ खा कर निकले.    

आज के शुभ चौघड़िये - प्रातः 9.21  मिनट से दोपहर 01.39 मिनट तक चर,लाभ,अमृत का और दोपहर 3.05  मिनट से सायं 4.31  तक शुभ का चौघड़िया. 

गहलोत कैबिनेट की बैठक आज, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव का किया जा सकता अनुमोदन

जयपुर: गहलोत कैबिनेट की आज शाम 4:00 बजे अहम बैठक होगी. इसके बाद शाम 4:15 बजे मंत्रिपरिषद की भी बैठक होगी. इसमें कृषि बिलों को लेकर विधानसभा सत्र बुलाने को मंजूरी दी जा सकती है. विधानसभा में संशोधित कृषि कानून लाने पर चर्चा हो सकती है. सीएम गहलोत ने शनिवार को बिड़ला सभागार में आयोजित किसान सम्मेलन में कृषि कानूनों को राजस्थान में लागू नही करने का जल्दी फैसला लेने के बारे में कहा था. साथ ही कृषि बिलों में संशोधन के लिए विधिक राय लेने के भी संकेत दिए थे. 

विधानसभा सत्र को लेकर होगा फैसला: 
ऐसे में माना जा रहा है कि आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया जा सकता है. साथ ही प्रस्तावित संशोधन की रूपरेखा का भी अनुमोदन हो सकता है. इसके साथ ही सपोटरा में मृतक पुजारी के आश्रित को संविदा पर नौकरी को लेकर भी अनुमोदन हो सकता है इसका आश्वासन सरकार की ओर से मिलने पर कल मृतक पुजारी की अंत्येष्टि की गई थी. 

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मृतक पुजारी के आश्रित को नौकरी देने का अनुमोदन किया जा सकता:
गौरतलब है कि अलवर में रेप पीड़िता को नौकरी देने का गृह विभाग का प्रस्ताव और टोंक में ट्रैक्टर से मारे गए व्यक्ति की पत्नी को नौकरी देने का कैबिनेट ने अनुमोदन किया था. जिसके बाद इन दोनों मामलों में आश्रितों को नौकरी मिली थी. इसी तर्ज पर सपोटरा में मृतक पुजारी के आश्रित को नौकरी देने का अनुमोदन किया जा सकता है. इसके साथ ही मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना को लेकर शुरू हुए जन आंदोलन को लेकर फीडबैक लिया जा सकता है. इसमें आगे किए जाने वाले उपायों को लेकर भी औपचारिक और अनौपचारिक चर्चा हो सकती है.


 

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस: NCB दफ्तर पहुंची रिया चक्रवर्ती, ड्रग्स केस में पूछताछ जारी 

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस: NCB दफ्तर पहुंची रिया चक्रवर्ती, ड्रग्स केस में पूछताछ जारी 

नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत केस में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं.सीबीआई की जांच के बीच इस मामले के तार ड्रग्स से जुड़ गए हैं, जिसे लेकर एनसीबी पड़ताल कर रही है. शक के घेरे में रिया चक्रवर्ती हैं. उनके भाई शोविक और सैमुअल मिरांडा व दीपेश को एनसीबी गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. आज रिया चक्रवर्ती से पूछताछ जारी है. इससे पहले एनसीबी ने रिया को समन जारी किया था. आपको बता दें कि फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस की मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती है. 

रिया से एनसीबी की पूछताछ:
आज एनसीबी ड्रग्स मामले में पूछताछ करेगी. मुंबई पुलिस के साथ रिया एनसीबी दफ्तर पहुंच चुकी है, जहां उनसे एनसीबी के अधिकारियों के द्वारा पूछताछ की जाएगी. इससे पहले एनसीबी रिया को समन देने के लिए पहुंची थी. एनसीबी के संयुक्त निदेशक समीर वानखेड़े ने कहा था, रिया को समन दिया गया है. वह अपने घर पर थी. एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती को समन जारी कर आज जांच में शामिल होने और खुद या टीम के साथ आने के लिए कहा है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रिया और शौविक के आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी. 

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शौविक चक्रवर्ती और मिरांडा गिरफ्तार:
गौरतलब है कि रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती को एनसीबी ने गिरफ्तार किया है. इस केस में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. शौविक चक्रवर्ती और उनके हाउस मैनेजर सैम्यूअल मिरांडा को एक दिन पहले ही नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) कानून के तहत शुक्रवार को गिरफ्तार किया. उन दोनों को 9 सितंबर तक एनसीबी की कस्टडी में भेज दिया गया है. सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय को ड्रग्स का कनेक्शन मिलने के बाद एनसीबी ने इस मामले में जांच शुरू की थी.

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में सियासी संकट मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. वहीं एसओजी के अधिकारियों के भी पहुंचे की चर्चा है.

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 4 मौत, 153 नए पॉजिटिव केस, अलवर में सर्वाधिक 42 पॉजिटिव मरीज मिले

शनिवार को भी इन मंत्रियों और विधायकों ने की सीएम से मुलाकात: 
राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार गिराने की साजिश के खुलासे के बाद राजस्थान सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. मुख्यमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में एक दर्जन मंत्री और एक दर्जन विधायक मौजूद रहे. बसपा से आए 6 में से 4 विधायक और आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय विधायक सीएम से मिले. मुख्यमंत्री से करने वालों में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, श्रम मंत्री टीकाराम जूली, महिला बाल विकास विभाग मंत्री ममता भूपेश, खेल मंत्री अशोक चांदना, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी शामिल रहे. 

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