VIDEO: हादसों का जयपुर एयरपोर्ट, पिछले 6 माह में 2 बार हुए बड़े हादसे

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/19 07:44

जयपुर: यदि आप फ्लाइट पकड़ने के लिए जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जा रहे हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है. जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बिल्डिंग एक्सपेंशन का काम चल रहा है और यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. जरूरी नहीं कि यह हादसा हर बार की तरह काम करने वाले मजदूरों के साथ ही हो, आम यात्री भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. आखिर क्यों जयपुर एयरपोर्ट पर बरती जा रही है लापरवाही, क्यों एयरपोर्ट प्रशासन है मौन, फर्स्ट इंडिया न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

टर्मिनल-2 के एक्सपेंशन वर्क में सुरक्षा मानकों की धज्जियां:
इन दिनों जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के भवन का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है. एयरपोर्ट प्रशासन डिपार्चर और अराइवल क्षेत्र में भवन का विस्तार करवा रहा है. दोनों हिस्सों में पैसेंजर एरिया को बढ़ाने के लिए बिल्डिंग बनाई जा रही है. लेकिन बिल्डिंग का निर्माण जिस खतरनाक तरीके से किया जा रहा है, वो हैरत में डालने वाला है. एयरपोर्ट बिल्डिंग के निर्माण में लगे मजदूरों और कारीगरों को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि ये किसी बिल्डर का प्राईवेट कॉम्प्लेक्स बना रहे हैं या एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार कार्य. क्योंकि किसी बिल्डर के प्राईवेट कंस्ट्रक्शन में सुरक्षा मानकों पर लापरवाही बरती जा सकती है, लेकिन यदि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी निर्माण कार्य में ऐसी अनदेखी मिले तो इसे न केवल निजी कम्पनी की मनमर्जी माना जाएगा, बल्कि एयरपोर्ट अधिकारियों की लापरवाही और ढिलाई भी कहा जाएगा. यहां काम करने वाले कारीगरों और मजदूरों के सिर पर न तो हैलमेट रहता है, न ही कमर से सेफ्टी बैल्ट बंधी होती है. ये कारीगर जमीन से 30 से 40 फीट ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे हैं. यही वजह है कि पिछले 6 माह में 2 बड़े हादसे यहां हो चुके हैं. 

कब-कब हुए जयपुर एयरपोर्ट पर हादसे:

हादसा 1-- 29 दिसंबर 2018:
—40 फुट की ऊंचाई पर काम कर रहा मजदूर इमरान मंसूरी गिरा छत से
—जेट एयरवेज के बैकअप ऑफिस की छत पर गिरा
—लम्बे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा मजदूर को

हादसा 2-- 10 जनवरी 2019:
—बिल्डिंग में काम कर रहा मजदूर धर्मेन्द्र गिरकर घायल हुआ
—तुरंत ही ईएचसीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, बमुश्किल बचा
—दोनों ही मामलों में कारीगरों के सेफ्टी बैल्ट बंधी हुई नहीं थी
—अन्यथा छत से गिरने की घटना नहीं हुई होती
—न ही दोनों के सिर पर हैलमेट लगा हुआ था

एसजीबी इन्फ्रा लिमिटेड की लापरवाही पर जिम्मेदार मौन:
अब आपको बताते हैं कि इन हादसों और लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौंन है. जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरपोर्ट टर्मिनल-2 के एक्सपेंशन का कार्य जयपुर के प्रताप नगर की ही एक फर्म एसजीबी इन्फ्रा लिमिटेड को दिया हुआ है. यह कम्पनी पिछले 10 माह से बिल्डिंग का निर्माण कार्य कर रही है. लेकिन अभी तक पूरा नहीं कर सकी है. कम्पनी ने मजदूरों और कारीगरों को हैलमेट, सेफ्टी बैल्ट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं दिए हुए हैं. मजदूरों को जान जोखिम में डालकर छत पर चढ़कर काम करना पड़ रहा है. निजी फर्म पर क्या कार्रवाई की गई, इस बारे में एयरपोर्ट निदेशक जवाब देने के लिए उपलब्ध नहीं हुए. उनके ओएसडी ने भी कार्रवाई किए जाने से इनकार किया. जब निजी कम्पनी से बातचीत करने का प्रयास किया तो कम्पनी की सच्चाई की एक और परत सामने आई.

कौंनसी इंटरनेशनल लेवल की कम्पनी कर रही निर्माण?
—जयपुर एयरपोर्ट के एक्सपेंशन के लिए ग्लोबल टेंडर हुआ
—लेकिन जयपुर के प्रताप नगर की एसजीबी इन्फ्रा लिमिटेड कम्पनी को चुना गया
—कम्पनी की वेबसाइट पर इसके एमडी, सीईओ या डायरेक्टर का नाम तक मौजूद नहीं
—जो फोन नम्बर कॉन्टैक्ट अस कॉलम में दिया हुआ है, वो गलत नम्बर है
—आखिर क्यों ऐसी कम्पनी से करवाया जा रहा है एयरपोर्ट बिल्डिंग निर्माण ?

इससे यह भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिल्डिंग निर्माण का कार्य ऐसी कम्पनी को क्यों दिया गया, जिसके बारे में कोई अधिकृत जानकारी ही उपलब्ध नहीं है. उससे भी बड़ा सवाल है कि सुरक्षा मानकों को धता बताकर काम कर रही कम्पनी पर एयरपोर्ट के अधिकारी आखिर क्यों मेहरबान हैं. 2 बार हादसे होने के बावजूद भी कम्पनी पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट


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