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75000 नशीली गोलियों सहित 2 युवक गिरफ्तार

75000 नशीली गोलियों सहित 2 युवक गिरफ्तार

अनूपगढ़(श्रीगंगानगर): श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ स्थानीय पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल के साथ संयुक्त कार्रवाई में 75000 नशीली प्रतिबंधित गोलियों सहित दो युवकों को पकड़ा है. मंगलवार देर शाम को अनूपगढ़-रायसिंहनगर रोड पर नाकेबंदी के दौरान यह कार्रवाई की गई. थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल तथा पुलिस द्वारा अनूपगढ़-बांड़ा कलोनी के मध्य नाका लगाकर वाहनों के जांच की जा रही थी. 

बेचान सम्बंधी किसी प्रकार के कोई दस्तावेज नही: 
नाकाबंदी के दौरान रायसिंहनगर से अनूपगढ़ की तरफ आ रही एक कार को रुकवा कर, कार की तलाशी ली गई कार में 75000 ट्रामाडोल साल्ट की नशीली प्रतिबंधित गोलियां मिली. थानाधिकारी पुष्पेंद्र ङ्क्षसह ने बताया कि कार में सवार दो व्यक्तियों से पूछताछ की गई तो उन्होने अपना नाम अभिषेक दुबे पुत्र हरिनारायण निवासी श्री विजयनगर और अशोक कुमार पुत्र मुन्नालाल निवासी विजयनगर बताया. जिनके पास उक्त गोलियों के परिवहन या बेचान सम्बंधी किसी प्रकार के कोई दस्तावेज नही मिले. जिस पर कार सहित नशीली गोलियां जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. 

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डिग्गी में डूबने से चाचा-भतीजा की हुई मौत

डिग्गी में डूबने से चाचा-भतीजा की हुई मौत

अनूपगढ़(श्रीगंगानगर): अनूपगढ़ क्षेत्र के गांव पुराने बिंजोर में आज वाटरवर्क्स की डिग्गी में डूबने से चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस ने दोनों शवों को अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय के मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है. मिली जानकारी के अनुसार 9 वर्षीय विकास अपने दोस्त मनीष के साथ गांव में बने वाटर वर्क्स के पास खेल रहे थे. अचानक खेलते खेलते विकास जिस टायर से खेल रहा था वो टायर वाटर वर्क्स की डिग्गी में गिर गया. जब विकास टायर को निकालने के लिये डिग्गी के पास गया तो उसका पैर फिसल गया और वो डिग्गी में जा गिरा. जब मनीष ने विकास को डिग्गी में गिरता हुआ देखा तो मनीष ने भागकर उसके घर जाकर विकास परिजनों को सूचना दी.

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भतीजे को बचाते समय चाचा ने भी खोया संतुलन:
सूचना मिलते ही विकास के चाचा मांगीलाल दौड़कर डिग्गी के पास आए और विकास को बचाने के लिए डिग्गी में कूद गए. डिग्गी में कूदने के बाद मांगीलाल अपना संतुलन खो बैठा और विकास को बचाते बचाते वह भी डूब गया. इतने में काफी ग्रामीण भी वहां एकत्रित हो गए. ग्रामीण दोनों को डिग्गी से बाहर निकालने के लिए वाटर वर्क्स की डिग्री में कूद गए. ग्रामीणों के द्वारा मांगीलाल को डिग्गी से बाहर निकाल दिया गया और उसे अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय लिए निजी वाहन से रवाना कर दिया. मगर रास्ते में ही मांगीलाल की मौत हो गई. 9 वर्षीय विकास लगभग 1 घंटे के बाद वाटर वर्क्स की डिग्गी में मिला तब तक विकास मौत हो चुकी थी. ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस एसआई मोटाराम में मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय के मोर्चरी में पोस्टमार्टम कर दोनों शव को परिजनों को सौप दिए. एसआई मोटाराम ने बताया कि विकास के पिता मुखराम के द्वारा मर्ग दर्ज करवाई गई है. 

रिश्ते हुए शर्मसार: नहाते समय वीडियो बनाकर 6 साल तक किया चचेरी बहन से दुष्कर्म, तीन बार कराया गर्भपात, केस दर्ज  

अध्यापक द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में 40 से ज्यादा लोग बैठे अनशन पर, परिजनों ने दी आत्महत्या की धमकी

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अनूपगढ़(श्रीगंगानगर): अनूपगढ़ के गांव 27A में सरकारी स्कूल के अध्यापक द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है. आज सुबह आरोपी अध्यापक को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर 40 से ज्यादा लोग स्कूल के गेट पर तालाबंदी कर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. छात्राओं के परिजनों ने कहा कि शिक्षा विभाग ने अध्यापक को निलंबित कर दिया है लेकिन पुलिस ने इसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है और यदि अध्यापक की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह 12 घंटों में छात्राओं समेत स्कूल के गेट पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगे.

ग्रामीण अध्यापक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े: 
आपको बता दें कि इस गांव के सरकारी स्कूल के अध्यापक अशोक यादव ने छात्राओं से छेड़छाड़ की थी जिस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था. शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए इस अध्यापक को निलंबित कर दिया लेकिन ग्रामीण अध्यापक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं. साथ ही साथ ग्रामीण स्कूल की प्रधानाचार्य शारदा के भी निलंबन की मांग कर रहे हैं. 

धनतेरस पर एएसआई 6 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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अनूपगढ़(श्रीगंगानगर): अनूपगढ़ में बीकानेर एसीबी टीम ने बीती रात अनूपगढ़ पुलिस थाना में एएसआई सोहन लाल को ₹6000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक शिवरतन गोदारा ने जानकारी देते हुए बताया कि अनूपगढ़ के गांव 3 एम एस आर निवासी मनदीप सिंह ने कुछ समय पूर्व अनूपगढ़ पुलिस थाना में एक मामला दर्ज करवाया था. 

मामले में कार्रवाई की एवज में एएसआई सोहन लाल ने मनदीप सिंह से ₹20000 रिश्वत की मांग की थी. जिसकी सूचना मनदीप सिंह ने बीकानेर एसीबी को दी थी. सत्यापन के लिए एसीबी ने मनदीप सिंह से एएसआई को ₹4500 रुपये दिलवाए थे. बीकानेर एसीबी टीम ने इसकी पुष्टि करने के बाद आज एएसआई सोहनलाल को ₹6000 की रिश्वत लेते हुए पुलिस थाना में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आगामी कार्यवाही श्रीगंगानगर एसीबी के द्वारा की जाएगी वह गिरफ्तार किए हुए एएसआई सोहन लाल को न्यायालय में पेश किया जाएगा. 

CBI ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर को किया ट्रैप, रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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अनूपगढ़: सीबीआई जोधपुर की टीम ने क्षेत्र के गांव 75 जीबी में शनिवार देर शाम को रेलवे विभाग के सीनीयर सेक्शन इंजीनीयर रामहरी मीणा को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. सूरतगढ़ में कार्यरत रेलवे विभाग के सीनीयर सेक्शन इंजीनीयर मीणा ने एक किसान से रेलवे ट्रेक के नीचे से सिंचाई पानी की पाइप लाइन की क्रॉसिंग करने के एवज में रिश्वत मांगी थी, जिस पर उसने इसकी शिकायत जोधपुर सीबीआई कार्यालय में की थी. 

रेल लाइन के नीचे से पाइप डालने के एवज में मांगी रिश्वत:
शिकायत का सत्यापन होने पर शनिवार देर शाम को रेलवे के इंजीनीयर को ट्रैप कर लिया. जानकारी के अनुसार 75 जी.बी. निवासी रणवीर सिंह की जमीन रेलवे ट्रेक के दोनों तरफ पड़ती है, जमीन के दोनों तरफ सिंचाई पानी पहुंचाने के लिए रेल लाइन के नीचे से पाइप डालनी थी. इसके लिए किसान सेखो ने रेलवे विभाग की निर्धारित फीस भर दी थी. रणवीर सिंह ने बताया कि रेलवे की निर्धारित फीस भरने के बावजूद सूरतगढ़ रेलवे विभाग के सीनीयर सेक्शन इंजीनीयर रेल पथ (पी-वे) द्वारा पाइप डालने की मंजूरी देने की एवज में बार-बार परेशान किया जा रहा था. 

मांगे थे 50 हजार:
उन्होने बताया कि उक्त इंजीनीयर द्वारा पिछले तीन माह से उसे अलग-अलग लोकेशन पर बुलाकर रिश्वत की मांग की जा रही थी. तीन माह पहले इस कार्य के लिए उनसे 50 हजार रूपए रिश्वत की मांग की गई थी, लेकिन बार-बार सम्पर्क होने पर 25 सितम्बर को उक्त इंजीनीयर ने उससे 28000 रुपए रिश्वत की मांग की तथा 25000 में वह मंजूरी देने के लिए मान गया. सीबीआई जोधपुर की टीम ने किसान रणवीर सेखो की शिकायत का सत्यापन होने पर एक टीम बनाकर जाल बिछाया तथा रंग लगे 25000 रुपए के नोट देकर रणवीर सिंह को मौके पर भेजा. जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम के कुछ सदस्य शाम से ही मौके पर नजर रखे हुए थे. शनिवार शाम सात बजे जब राम हरी मीणा ने रणवीर सेखो से रंग लगे नोट लिए तो मौके पर मौजूद सीबीआई की टीम के सदस्यों ने अपनी पूरी टीम को ईशारा कर दिया. इशारा पाते ही सीबीआई की टीम ने रेलवे विभाग के सीनीयर सेक्शन इंजीनीयर रेल पथ (पी-वे) राम हरी मीणा को नोटों सहित धर दबोचा तथा केमिकल से उसके हाथ धुलवाए. हाथ धुलवाते ही नोटों पर लगा गुलाबी रंग सीनीयर सेक्शन इंजीनीयर रेल पथ (पी-वे) राम हरी मीणा के हाथों पर नजर आ गया. सीबीआई की टीम ने मौके पर ही इंजीनीयर मीणा को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद टीम ने इंजीनियर और परिवादी किसान को लेकर अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची, जहां इंजीनीयर से पूछताछ की गई. 

अन्य अधिकारी भी हो सकते है शामिल:
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त  इंजीनीयर के साथ रेलवे विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हो सकते है. समाचार लिखे जाने तक सीबीआई की टीम अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन पर रामहरी मीणा से गहनता से पूछताछ कर रही थी. जानकारी के अनुसार सीनीयर सेक्शन इंजीनीयर राम हरी मीणा रेल पथ पिछले डेढ़ साल से सूरतगढ़ में कार्यरत है. अर्जनसर में रेल हादसे के बाद सम्बंधित अधिकारी से चार्ज लेकर राम हरी मीणा को चार्ज दिया गया था. कार्रवाई के बाद सूरतगढ़ आवास पर सन्नाटा छाया हुआ था. 

... अनूपगढ़ से भविश गर्ग की रिपोर्ट 

उपकारागृह में विचाराधीन बंदी ने किया प्रहरी से मारपीट का प्रयास, मामला दर्ज

उपकारागृह में विचाराधीन बंदी ने किया प्रहरी से मारपीट का प्रयास, मामला दर्ज

अनूपगढ़(श्रीगंगानगर): स्थानीय उपकारागृह में विचाराधीन बंदी चूरू के वार्ड नंबर चार निवासी मोहम्मद साबिर के खिलाफ हेड़ कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने पुलिस थाना में लिखित प्रार्थना पत्र देकर राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया है. कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को लिखवाया कि उपकारागृह के नियमानुसार दोपहर 11 बजे स्टॉफ बंदियों की गिनती कर रहे थे, कि वार्ड नंबर 1 की बैरक नंबर एक से आवाज आई तो प्रहरी श्रवण राम ने जाकर देखा तो बंदी साबिर एक अन्य बंदी के साथ गलत हरकत कर रहा था. जिस पर श्रवण राम ने उक्त बंदी साबिर को बैरक से बाहर आने के लिए कहा तो बंदी ने बैरक से बाहर आने से मना कर दिया एवं प्रहरी के साथ गाली गलौज करने लगा.

वर्दी की कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारने का प्रयास: 
उसके बाद प्रहरी ने बंदी को बैरिक से बाहर लाने का प्रयास किया तो उक्त बंदी ने प्रहरी की वर्दी की कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारने की कोशिश की. अन्य ड्यूटी स्टाफ के बीच बचाव कर बंदी को पकड़ा तो उक्त बंदी ने प्रहरी श्रवण राम को दोबारा देख लेने की धमकी दी. जिसके लिए प्रहरी श्रवण राम ने उपकारागृह के कार्यालय में बंदी साबिर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया. उन्होंने लिखवाया कि उक्त बंदी ने इस कारागृह में में पूर्व में भी कई बार ड्यूटी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया है, जिसके उपरांत बंदी को कई बार समझाया गया था परंतु उक्त बंदी हर बार राजकार्य में बाधा उत्पन्न करता है. जिससे कारागृह में निरुद्ध बंदियों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है तथा जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है. इस मामलें में पुलिस ने कांस्टेबल वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट पर मामला धारा 332,353 आई.पी.सी. में दर्ज कर जांच शुरु कर दी है. 

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