VIDEO: 24 कन्फर्म, एक पर मंथन: जानिए बीजेपी के टिकट वितरण की 'इनसाइड स्टोरी'

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/06 08:44

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज अपनी तीसरी सूची जारी कर दी। राजसमंद सीट पर जयपुर राजघराने की पूर्व राजकुमारी दीया कुमारी को चुनावी समर में उतारा है, मौजूदा सांसद हरिओम राठौड़ को टिकट नहीं दिया गया। भरतपुर से बीजेपी ने मौजूदा सांसद बहादुर सिंह कोली का टिकट काट दिया, यहां से रंजीता कोली को मैदान में उतारा। वहीं करौली-धौलपुुर से मौजूदा सांसद मनोज राजोरिया पर फिर दांव खेला गया। विधानसभा चुनावों में हारे कैलाश चौधरी को बाड़मेर से मानवेन्द्र सिंह के सामने उतारा गया है। इन सभी सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। जानिए बीजेपी के टिकट वितरण की 'इनसाइड स्टोरी' पर खास रिपोर्ट:

दौसा के अलावा बीजेपी ने राजस्थान में 23सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, नागौर सीट गठबंधन को दी जायेगी। चार उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजसमंद, करौली-धौलपुर, भरतपुुर, बाडमेर में तस्वीर साफ हो गई। बीजेपी ने जातिगत और क्षेत्रीय रणनीति के आधार पर टिकट थमाये। इन सभी टिकटों को लेकर पर्दे के पीछे सियासत देखने को मिला। यही कारण है कि दीया कुमारी जैसे चर्चित नाम को फाइनल होने में भी वक्त लग गया। चार सीटों पर प्रत्याशियों को गुणा-भाग देखकर टिकट दिया गया। 

राजसमंद लोकसभा क्षेत्र:

—भाजपा ने जयपुर राजघराने की पूर्व प्रिंसेज दीया कुमारी को प्रत्याशी बनाया
—राजसमंद सीट पर बीजेपी ने बड़े राजपूत घराने को आगे लाकर दांव खेला
—दीया कुमारी रह चुकी है सवाई माधोपुर से बीजेपी की विधायक
—दीया कुमारी के प्लस पाइंट—रॉयल फैमिली से ताल्लुक,युवा महिला फेस,चर्चित शख्सियत,सोशल सेलिब्रिटी
—जातीय गणित—राजपूत वोटों की अधिकता,रावत ,ब्राह्मण,वैश्य,जैन,कुम्हार ,माली रहे भाजपा के परम्परागत वोट कहे जाते है

कैसे मिला दीया कुमारी को टिकट:
—दीया कुमारी के टिकट पीछे देखने को मिली संघ की ताकत
—राजस्थान का संघ उनके पक्ष में पहले से ही था
—जयपुर,टोंक सवाई माधोपुर से भी नाम चला फिर बात आगे बढ़ी राजसमंद पर
—वसुंधरा राजे की सहमति भी बीजेपी आलाकमान ने ली
—प्रकाश जावेड़कर उनके टिकट के पक्ष में थे
—गुलाब चंद कटारिया ने दीया कुमारी का नाम आगे बढ़ाया
—कांग्रेस पार्टी ने राजसमंद से देवकी नंदन काका को उम्मीदवार बनाया है
—देवकी नंदर गुर्जर के प्लस पाइंट-राजसमंद के स्थानीय चेहरे, कांग्रेस के जमीनी नेता, डॉ सीपी जोशी के करीबी, गुर्जर वर्ग से ताल्लुक
—जातीय गणित-गुर्जर वोटों की आस , ओबीसी वोटों के ध्रुवीकरण के प्रयास, मुस्लिम, दलित वोट कहे जाते है परम्परागत
—राजसमंद सीट पर जाट वोट निर्णायक कहे जा सकते है 

बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र:

—भाजपा ने पूर्व विधायक कैलाश चौधरी को चुनावी समर में उतारा
—कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह के सामने खेला जाट कार्ड
—कैलाश चौधरी अभी है बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष
—कैलाश चौधरी का प्लस पाइंट—जाट वोट बैंक, अनुभवी फेस, युवा नेता, संगठन से जुड़ा व्यक्तित्व
—जातीय गणित—जाट, वैश्य, ब्राह्मण, राजपुरोहित, ओसवाल, कुम्हार, जांगिड़ जैसे परम्परागत वोट आ सकते है साथ

कैसे मिला कैलाश चौधरी को टिकट:
—यहां से पूर्व आईपीएस महेन्द्र चौधरी का नाम गंभीर था .एक पूर्व आईएएस का नाम भी चर्चा में था
—आरएलपी के गठबंधन के बाद कैलाश चौधरी के नाम ने तेजी पकड़ी
—हनुमान बेनीवाल ने बीजेपी नेतृत्व को उनका नाम सुझाया
—संघ पहले से ही कैलाश चौधरी के पक्ष में था
—वसुंधरा राजे ने भी उनके नाम पर सहमति दे दी थी
—यहीं कारण है कि विधानसभा चुनाव हारे कैलाश को बनाया उम्मीदवार

करौली-धोलपुर लोकसभा क्षेत्र:

—बीजेपी ने एक बार फिर डॉ मनोज राजोरिया को मैदान में उतारा
—दलित वर्ग के खटीक समाज से आते है मनोज राजोरिया
—पेशे से होम्योपेथी के डॉक्टर है मनोज
—हालांकि इनके पर कुछ स्थानीय नेताओं का विरोध था
—राजोरिया का प्लस पाइंट—खटीक वोटों का साथ, बैरवा वोट साथ आ सकते है, सरल छवि
—जातीय गणित—खटीक, बैरवा, रैगर वोट मिल सकते है। गुर्जर, माली, कुशवाह, वैश्य, ब्राह्मण वोट आ सकते है साथ

कैसे मिली मनोज राजोरिया को टिकट:
—वसुंधरा राजे उन्हें टिकट दिलाकर लाई,राजे की लिस्ट में एक ही नाम था वो थे राजोरिया
—राजे का गृह क्षेत्र कहलाता है धौलपुर
—राजोरिया के दिल्ली कनेक्शन भी काम आये
—निर्णायक वोट—मीना और गुर्जर इस सीट पर निर्णायक भूमिका निभा सकते है 

भरतपुर लोकसभा क्षेत्र:

—भरतपुर से बीजेपी ने कोली परिवार पर दांव खेला
—मौजूदा सांसद बहादुर सिंह कोली का टिकट काट दिया गया
—बीजेपी ने यहां रंजीता कोली के रुप में नये चेहरे को उम्मीदवार बनाया
—कांग्रेस के जाटव कार्ड के सामने बीजेपी ने परम्परागत कोली कार्ड चल दिया 
—प्लस पाइंट—पूर्व सांसद गंगाराम कोली के परिवार से ताल्लुक,नया चेहरा,कोली कार्ड
—जातीय गणित—कोली, गुर्जर, मूल ओबीसी सामान्य वर्ग के वोटों की उम्मीद

कैसे मिला रंजीता कोली को टिकट:
—यह तय था बहादुर सिंह कोली नहीं होंगे रीपीट
—यह भी तय हुआ कि महिला दलित फेस बीजेपी सामने लायेगी
—कोली को बीजेपी का परम्परागत वोट बैंक माना जाता है
—रंजीता को आगे लाने में वसुंधरा राजे ने सहमति जताई
—वसुंधरा राजे कैम्प के विचार के बाद ही नेतृत्व ने यहां जाटव नहीं लड़ाने का निर्णय लिया

बीजेपी ने 23सीटों पर उम्मीदवार उतार दिये ,नागौर सीट आर एल पी के खाते में चली गई है। दौसा में अभी पेंच फंसा हुआ है। यहां डॉ किरोड़ी लाल मीना ने अपना पक्ष आलाकमान के सामने रख दिया है। डॉ किरोड़ी नहीं चाहते है कि दौसा सीट पर महुवा विधायक या उनके परिवार को वरियता दी जाये। दौसा से उनकी पत्नी गोलमा देवी का रेस में शुमार, विधायक ओम प्रकाश हुडला की पत्नी प्रेम का नाम चर्चा में है, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीना, पूर्व मंत्री रामकिशोर मीना और वीरेन्द्र मीना के नाम भी दौड़ में बताये जा रहे है। सुनने में यही आया है कि बीजेपी आलाकमान ने दौसा में कुछ नामों पर रैपिड सर्वे करा लिया है

... संवाददाता योगेश शर्मा की रिपोर्ट 


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