Live News »

भारतीय टीम के ऐसे 3 दिग्गज खिलाड़ी, जिन्हे नहीं मिला अपने विदाई मैच खेलने तक का मौका

भारतीय टीम के ऐसे 3 दिग्गज खिलाड़ी, जिन्हे नहीं मिला अपने विदाई मैच खेलने तक का मौका

नई दिल्ली: जिन्होंने ने अपनी परफॉरमेंस से सबका दिल जीत लिया और भारतीय टीम के लिए कई मैच विनिंग परियां खेली साथ ही अपनी मेहनत से अपने आप को महान खिलाडियों की सूचि में भी शामिल करा. हम आपको बताते है भारीतय टीम के ऐसे 4 स्टार खिलाडियों के बारे में जिन्होंने ने सालों तक फैंस के दिलों पर राज किया पर करियर का अंतिम विदाई मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका जिसकी वजह से उनके फैंस भी काफी निराश होंगे.

1- वीरेंद्र सहवाग
भारत के इस खिलाड़ी को टीम का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज कहा जाता था। वीरेंद्र सहवाग मैच के शुरुआती ओवर्स में ही गेंदबाजों की लय और गति दोनों बिगड़ देते थे. सहवाग भारत के एकमात्र ऐसे टेस्ट क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपने करियर में दो बार तिहरा शतक बनाया है. इसके बावजूद उन्हें अपने करियर का विदाई मैच खेलने का मौका नहीं मिला। 2007 वर्ल्ड टी-20 और फिर 2011 वर्ल्डकप की विजेता टीम के सदस्य सहवाग रहे थे. अपने करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच सहवाग ने 2013 में खेला था. वैसे BCCI ने उन्हें 2015 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर फेयरवेल स्पीच देने के लिए बुलाया था. उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें एक ट्रॉफी भी सम्मान स्वरूप दी थी.

2- युवराज सिंह
खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर हुए युवराज सिंह फिर वापस टीम में नहीं आ सके. यही कारण रहा कि उन्हें विदाई मैच खेलने का मौका नहीं मिला. भारत के 2007 टी-20 वर्ल्डकप और 2011 वर्ल्डकप विजेता टीम का सदस्य रहे और अपने परफॉर्मेंस से भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. 2011 वर्ल्डकप के दौरान युवी कैंसर से भी परेशान थे, हालांकि कैंसर को उन्होंने मात दी पर उसके बाद क्रिकेट करियर पटरी पर नहीं आया. युवी ने भारतीय टीम के लिए वनडे में 304 मैच और टेस्ट में 40 मैच खेले, इसके अलावा टी-20 में कुल 58 मैच खेले. साल 2019 में युवराज ने क्रिकेट से संन्यास का फैसला कर लिया था.

3- गौतम गंभीर
गंभीर की शानदार पारी की बदौलत भारतीय टीम 2011 वर्ल्डकप का फाइनल मैच जीतने में सफल रही थी. जब 2011 का वर्ल्डकप फाइनल मैच भारत ने श्रीलंका को हराकर जीता था उस ऐतिहासिक मैच में गंभीर ने 97 रनों की पारी खेली थी लेकिन इन सबके बाद भी गंभीर अपना फेयरवेल मैच नहीं खेल सके. आपको बता दे टीम से बाहर होने के बाद भी गंभीर ने आईपीएल (IPL) में शानदार परफॉर्मेंस करना जारी रखा था. गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के लिए वनडे में 147 मैच और टेस्ट में 58 मैच खेले.

और पढ़ें

Most Related Stories

B'day Special: सौरव गांगुली के करियर से जुड़े 6 बड़े विवाद

B'day Special: सौरव गांगुली के करियर से जुड़े 6 बड़े विवाद

नई दिल्ली: BCCI के मौजूदा अध्यक्ष और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं. गांगुली का जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था. उन्होंने 1992 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे इंटरनैशनल मैच खेलकर क्रम से 7212 और 11363 रन बनाए हैं. उनके खाते में 16 टेस्ट और 22 वनडे इंटरनेशनल सेंचुरी दर्ज हैं. 'दादा' के नाम से मशहूर गांगुली आक्रामक कप्तान थे. आज उनके जन्मदिन पर हम उनसे जुड़े कुछ विवादों पर नजर डालते हैं...

Coronavirus Updates: पिछले 24 घंटे में 22752 नए मामले सामने आए, देश में अब 7.42 लाख केस 

ड्रिंक्स ले जाने से मना किया?
साल 1991-92 में सौरव गांगुली ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान टीम इंडिया का हिस्सा थे. बताया जाता है कि ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान गांगुली ने 12वें खिलाड़ी के तौर पर ड्रिंक्स लेकर आने से मना कर दिया था. इसी वजह से उन्हें चार साल तक भारत के लिए खेलने नहीं दिया गया.

लॉर्ड्स में शर्ट उतारकर जश्न मनाया:
नेटवेस्ट ट्रॉफी ट्राई सीरीज में जब भारत ने इंग्लैंड को हराया तो लॉर्ड्स की बालकनी में खड़े होकर दादा ने भारतीय शर्ट लहराई थी. उस मैच में भारत ने रिकॉर्ड 326 रनों के लक्ष्य का पीछा किया था.

बॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ जुड़ा नाम:
शादीशुदा होने के बावजूद गांगुली का नाम एक बॉलीवुड अभिनेत्री के साथ जुड़ा, जिसके बाद क्रिकेट के अलावा इस विवाद के कारण भी वो सुर्खियों में आए. 2001 में गांगुली को अभिनेत्री नगमा के साथ देखा गया था.

ग्रेग चैपल से बिगड़ा रिश्ता:
दादा के करियर का इसे सबसे बड़ा विवाद माना जा सकता है. साल 2005 में ग्रेग चैपल को सौरव गांगुली की ही सिफारिश पर भारत का कोच बनाया गया. गांगुली का बल्ले से प्रदर्शन गिर रहा था और उस वक्त जिम्बाब्वे के दौरे पर ग्रेग चैपल ने उन्हें कहा कि कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी खराब कर रहा है. गांगुली ने मीडिया के सामने कहा था कि उन्हें कप्तान पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था. विवाद तब और बढ़ गया जब चैपल ने बोर्ड को अपने और गांगुली के बीच के मतभेद को लेकर चिट्ठी लिखी. 

टॉस के लिए आए थे लेट:
साल 2001 में अपनी कप्तानी के दौरान सौरव गांगुली पर फील्ड टॉस के लिए देरी से आने का आरोप लगा था. भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने गांगुली पर ये आरोप लगाया था. 

अब स्कूल खुलने तक कोई फीस नहीं, गहलोत सरकार ने अभिभावकों को दी बड़ी राहत

राहुल द्रविड़ पर बयान:
साल 2011 में भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से ठीक पहले गांगुली ने हेडलाइनंस टुडे को बयान दिया था कि द्रविड़ के पास तत्कालीन कोच चैपल से बात करने की हिम्मत नहीं थी. 


 

लंबे समय तक स्थगित रह सकते है आईपीएल मैच, IPL जयपुर से बाहर ले जाने के खिलाफ याचिका निस्तारित

लंबे समय तक स्थगित रह सकते है आईपीएल मैच, IPL जयपुर से बाहर ले जाने के खिलाफ याचिका निस्तारित

जयपुर: कोरोना के चलते देश में आईपीएल के मैच लंबे समय तक स्थगित रह सकते है.बीसीसीआई ने राजस्थान हाईकोर्ट में दायर राहुल कावंट की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पेश किये जवाब में कहा है कि वर्तमान में आईपीएल को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है.कोरोना के चलते लंबे समय तक आईपीएल स्थगित रह सकते है. इसलिए जनहित याचिका को निस्तारित किया जाये. सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के अधिवक्ता अंगद मिर्धा ने अग्रिम आदेश तक कोविड-19 की वजह से मैच स्थगित करने की जानकारी दी. 

Nagaur: 51 कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 781

जनहित याचिका को निस्तारित करने के दिए आदेश:
जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की बैंच ने राहुल कांवट की ओर से दायर जनहित याचिका को निस्तारित करने के आदेश दिये.खण्डपीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो भविष्य में हित प्रभावित होने पर फिर से न्यायालय में आ सकते हैं. गौरतलब है कि रणजी प्लेयर राहुल कावंट और अन्य की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर राजस्थान रायल्स के दो मैच जयपुर से बाहर आयोजित होने को चुनौति दी थी.

आईपीएल आयोजित होने की संभावनाए बेहद कम:
याचिका में कहा गया कि जयपुर से मैच आसाम में स्थानांतरित होने से प्रदेश के खेल हित प्रभावित होंगे. वहीं असम क्रिकेट की ओर से भी मामले में पक्षकार बनते हुए मैच के लिए सभी तैयारियों होने की बात कही थी.कोरोना के चलते अप्रैल में ही आईपीएल मैच स्थगित कर दिये गये थे.लेकिन अब बीसीसीआई की ओर से पेश किये गये जवाब से ये तय है कि फिलहाल देश में आईपीएल आयोजित होने की संभावनाए बेहद कम है.

अब स्कूल खुलने तक कोई फीस नहीं, कोरोना काल में गहलोत सरकार का बड़ा फैसला

Happy Birthday: 39 साल के हुए महेन्द्र सिंह धोनी, जानिए उनके क्रिकेट करियर से जुड़ी अहम बातें...

Happy Birthday: 39 साल के हुए महेन्द्र सिंह धोनी, जानिए उनके क्रिकेट करियर से जुड़ी अहम बातें...

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मंगलवार को 39 साल के हो गए है. उनका जन्म 7 जुलाई 1981 को झारखंड के रांची में हुआ था. वे माही और 'कैप्टन कूल' के नाम से भी मशहूर हैं. आज सुबह से ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं. धोनी पिछले कई सालों से अपना जन्मदिन भारतीय क्रिकेट टीम के साथी क्रिकेटर्स के साथ मना रहे हैं, लेकिन कोरोना की वजह से  इस बार वह अपना जन्मदिन घर पर पत्नी साक्षी और बेटी जीवा धोनी के साथ सेलिब्रेट करेंगे. माही ने एक दशक से भी ज्यादा वक्त तक विकेटकीपर, बल्लेबाज, कप्तान हर भूमिका में फिट रहे. धोनी ने क्रिकेट की दुनिया में एक ऐसी छाप छोड़ी है, जो आने वाले सालों तक बरकरार रहेगी. 

तस्करी कर गुजरात ले जाई जा रही 15 लाख रुपए की अवैध शराब जब्त

चलिए जानते है माही के क्रिकेट करियर की अहम उपलब्धियां:
महेन्द्र सिंह धोनी को वनडे और टी-20 का कप्तान बनाया गया, इसके बाद धोनी के नाम कई उपलब्धियां है. 
-धोनी की कप्तानी में वर्ष 2007 में भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया और अगले साल ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज का फाइनल जीता.
-धोनी ने साल 2008 में टेस्ट कप्तानी संभाली.
-साल 2009 में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड पर यादगार सीरीज जीत दर्ज की.  -दिसंबर 2009 में भारत टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 बन गया.

भारत को दिलाया साल 2011 में विश्व कप खिताब: 
-माही की कप्तानी में साल 2011 और 2012 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत को लगातार 8 हार मिली और इन शर्मनाक हार की वजह से भारत ने शीर्ष रैंकिंग गंवा दी थी.
-लेकिन महेन्द्र सिंह धोनी ने हार नहीं मानी. फिर साल 2011 में उन्होंने भारत को विश्व कप खिताब दिलाया. 
-माही ने साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया को अपने घर में 4-0 से हराया  और फिर उसी साल अजेय रहते हुए इंग्लैंड में चैम्पियंस ट्रॉफी जीती और अगले साल वर्ल्ड टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचे.
-दिसंबर 2014 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बीच में ही अचानक टेस्ट कप्तानी छोड़ी. इतना ही नहीं उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से तत्काल रिटायर होने की भी घोषणा कर दी. 
-धोनी को वनडे और टी-20 से 4 जनवरी 2017 को कप्तानी छोड़ी. उन्होंने कुल 199 वनडे और 72 टी-20 मैचों में कप्तानी की.

सांसद दिया कुमारी के नाम से फेसबुक पेज बनाकर अश्लील वीडियो डालने का आरोपी गिरफ्तार

दुनिया के सफल कप्तानों में शूमार है धोनी:
दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार रहे महेंद्र सिंह धोनी ने गत वर्ष हुए वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद से उन्होंने टीम इंडिया के लिए कोई मैच नहीं खेला है. इस बीच धोनी के संन्यास को लेकर काफी चर्चा हुई. हालांकि धोनी ने खुद अभी तक अपने संन्यास को लेकर कोई बयान नहीं दिया है.

VIDEO: SMS स्टेडियम का बैडमिंटन कोच कोरोना पॉजिटिव, खिलाड़ियों व अधिकारियों पर भी संक्रमण का खतरा

जयपुर: राजधानी जयपुर के SMS स्टेडियम में खिलाड़ियों से खिलवाड़ का मामला सामने आया है. SMS स्टेडियम में तैनात खेल परिषद का एक कोच कोरोना पॉजिटिव मिला है. मिली जानकारी के अनुसार कोच स्टेडियम के अफसरों व कर्मचारियों से भी मिल चुका है. ऐसे में कई खिलाड़ियों व अफसरों के भी संक्रमित होने का खतरा है. अब खिलाड़ी व अधिकारी कोरोना संक्रमित होने के खतरे को लेकर परेशान हो रहे हैं. कई खिलाड़ियों-अधिकारियों ने खुद को क्वारंटीन किया है.

गैंगस्टर राजू ठेहट को 20 दिन की पैरोल, पुलिस और प्रशासन ने कहा जेल से बाहर आने पर गैंगवार की संभावना 

अभी तक स्टेडियम को नहीं किया बंद: 
वहीं बैडमिंटन कोच के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद भी खबर लिखे जाने तक स्टेडियम को बंद नहीं किया गया. सिर्फ बैडमिंटन हॉल को बंद किया गया है, जबकि कोच पूरे स्टेडियम में घूमते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्यों खिलाड़ियों के जीवन से खेल रहा खेल विभाग ? इसके साथ ही SMS स्टेडियम में सोशल डिस्टेंसिंग की भी पालना नहीं हो रही है. ऐसे में क्या खेल मंत्री लेंगे खिलाड़ियों के हित में फैसला ?

Rajasthan Weather : राजधानी में बदला मौसम का मिजाज, सावन के पहले सोमवार को बरसे मेघ 

सभी खिलाड़ियों को होम क्वारेंटीन करने के निर्देश:
दूसरी ओर बैडमिंटन कोच के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव केके शर्मा ने जयपुर संघ के सचिव मनोज दासोत को निर्देश देते हुए कहा कि कोच के संपर्क में आए खिलाड़ियों से बात कर सभी खिलाड़ियों को होम क्वारेंटीन किया जाए. ऐसे में अब सभी खिलाड़ियों की जानकारी जुटा कर उनको निर्देश जारी किया जा रहा है. 


 

VIDEO: RCA चुनाव के आठ महीने बाद हुआ नए दफ्तर का उद्घाटन

जयपुर: राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव के आठ महीने बाद आज संघ के नए दफ्तर का उद्घाटन हुआ. आरसीए एकेडमी में बने इस दफ्तर का आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत ने अपनी बेटी काश्विनी से उद्घाटन करवाया गया. हवन व पूजा के बाद शुरू हुए दफ्तर से ही अब प्रदेश की क्रिकेट संचालित होगी. 

ऋण पर्यवेक्षक के 300 रिक्त पदों पर शीघ्र होंगी भर्ती- सहकारिता मंत्री  

पुराने दफ्तर को माना जाता है अपशकुनी:  
पिछले साल अक्टूबर में हुए rca चुनाव के बाद पदाधिकारी पुराने दफ्तर में इसलिए नहीं बैठे क्योकि इस दफ्तर को अपशकुनी माना जाता है. उस दफ्तर में बैठने के बाद हमेशा पदाधिकारियों में विवाद होता रहा है. ऐसे में RCA अध्यक्ष ने नए दफ्तर बनाने फैसला किया. ऐसे में rca एकेडमी की तीसरी मंजिल पर नया दफ्तर बनाया गया. पहले तय हुआ था कि BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली इसका उद्घाटन करेंगे लेकिन कोरोना संकट के कारण संभव नहीं हो पाया. आज फिर rca के दफ्तर का उद्घाटन कर दिया गया. नव निर्मित कार्यालय के उद्घाटन के दौरान आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत, सचिव महेन्द्र शर्मा, उपाध्यक्ष अमीन पठान,संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर, कोषाध्यक्ष केके निमावत, कार्यकारिणी सदस्य देवाराम चौधरी, मंत्री लालचंद कटारिया, विधायक बलजीत यादव,कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र राठौड़ और बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल सहित जिला क्रिकेट संघों के सभी सचिव भी मौजूद रहे. नए दफ्तर में आने से पहले वैभव ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के निवास पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया. 

- आरसीए के नए कार्यालय का हुआ उद्घाटन
- वैभव गहलोत ने बेटी काश्विनी से करवाया उद्घाटन
- उद्घाटन से पहले सीपी जोशी का आशीर्वाद लिया वैभव ने
- आरसीए कार्यकारिणी के पदाधिकारी रहे मौजूद
- सभी पदाधिकारियों के लिए बने अलग अलग चैम्बर
- मंत्री लालचंद कटारिया,कांग्रेस नेता धर्मेन्द्र राठौड़ भी रहे मौजूद

नये कार्यालय के उद्घाटन के बाद आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत ने ने कहा कि कोरोना के चलते तीन महीने से कार्यालय का उद्घाटन रुका हुआ था, लेकिन अब उद्घाटन हो गया है साथ ही अब सभी पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय आएंगे. रुके हुए खेलों को बढ़ाने के साथ ही नये स्टेडियम को लेकर की जा रही तैयारियों को भी अब गति देने की शुरूआत की जाएगी. तीन जुलाई को संघ की कार्यकारिणी मीटिंग भी होगी, जिसमे चयन समिति पर भी फैसला होगा. 

अनोखी शादी में वर-वधु ने सात फेरे लेने के बाद लिया आठवां फेरा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश 

वैभव ने करीब 5 घंटे तक पदाधिकारियों के साथ समय बिताया:
आरसीए उपाध्यक्ष अमीन पठान ने भी विधिवत रूप से आज अपने कार्यालय में पदभार संभाल लिया. पठान ने कहा कि फिर से समय आ गया है की राजस्थान के क्रिकेट को आगे बढ़ाया जाए, पूरी कार्यकारिणी मिलकर अब सिर्फ खेलों के विकास पर ही काम करेगी,,," नए दफ्तर में बैठने के बाद वैभव ने करीब 5 घंटे तक पदाधिकारियों के साथ समय बिताया. अब उन्होंने स्टेडियम के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने का बीड़ा उठाया है.  

पदक विजेता खिलाड़ियों को तोहफा, आउट ऑफ टर्न नौकरी देगी सरकार, खिलाड़ियों को बिना कोई परीक्षा दिए मिलेगी नौकरी

जयपुर: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले राजस्थान के खिलाड़ियों को अब राज्य सरकार में सीधे नौकरी मिलेगी. राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन करके अब खिलाड़ियों से आवेदन मांगना शुरू कर दिया है. हालांकि 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराने वाले खिलाड़ी अब भी नौकरी से वंचित ही रहेंगे. खेलोगे कूदोगे बनोगे नवाब, जी हां प्रदेश में अब यही कहावत चरितार्थ होने वाली है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी का तोहफा दिया है. नौकरी को लेकर खेल विभाग की ओर से आज से प्रदेश के खिलाड़ियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. 2016 से लेकर अब तक फिलहाल 465 खिलाड़ी नौकरी पाने की कतार में शामिल किए गए हैं, हालांकि इस दायरे में 2014 के मेडलिस्ट खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया है.

-पदक विजेता खिलाड़ियों को तोहफा
-आउट ऑफ टर्न नौकरी देगी सरकार
-आज से फॉर्म भराने की कवायद शुरू
-2016 से अब तक 465 खिलाड़ी चयनति
-ग्रेड ए, बी और सी में खिलाड़ियों से मांगे गए
-खिलाड़ियों को बिना कोई परीक्षा दिए मिलेगी नौकरी

राजस्थान में ही बिना परीक्षा और इंटरव्यू दिए मिलेगी नौकरी:
नौकरी के अभाव में अब तक प्रदेश के खिलाड़ी पलायन करने को मजबूर थे, लेकिन अब उनको प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत नहीं है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद अब उनको राजस्थान में ही बिना परीक्षा व इंटरव्यू दिए नौकरी मिलेगी. हालांकि इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार ने नियम बनाए थे, लेकिन मौजूदा खेल मंत्री अशोक चांदना के प्रयास से अब इनमें संशोधन हो गए हैं. अब कई प्रतियोगिताओं को इसमें जोड़ा गया है. खेल मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि प्रदेश में कुल 465 खिलाड़ियों को सबसे पहले सूची में रखा गया है. इसमें ए कैटेगरी में नौकरी पाने वाले 10 खिलाड़ी बी कैटेगरी में नौकरी पाने वाले 13 खिलाड़ी और सी कैटेगरी में नौकरी पाने वाले 443 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न श्रेणियों में रखा गया है. ए कैटगरी में ओलम्पिक, पैरा ओलम्पिक के पद विजेता,वर्ल्ड कप,वर्ल्ड चैम्पियनशिप,एशियन कॉमनवेल्थ,क्रिकेट वर्ल्ड कप चैम्पियनशिप के विजेता या उप विजेता को रखा गया है. बी कैटेगरी में एशियन चैम्पियनशिप के पद विजेता,साउथ एशियन गेम्स के पदक विजेता को रखा गया है. जबकि सी कैटेगरी में नेशनल गेम्स और नेशनल पैरा गेम्स के पद विजेता,रणजी ट्रॉफी के विजेता शामिल किए गए हैं. यानी अब राजस्थान की जर्सी पहनकर पदक जीतने वाला खिलाड़ी नौकरी का हकदार रहेगा.

कोटा में हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूले डेढ़ लाख रुपए

नियमों की पेचीदगियों की वजह से नहीं मिल सका उनको लाभ:
खिलाड़ियों के लिए नियम बने काफी समय हो गया है, लेकिन विडंबना की बात यह है कि आज तक एक भी खिलाड़ी को नौकरी नहीं मिल सकी. दरअसल खेल विभाग की लालफीताशाही के चलते ऐसे हुआ. अब खेल मंत्री ने पहल करते हुए खिलाड़ियों से फॉर्म भरवाने शुरू कर दिए हैं. अब उम्मीद की जा रही है कि खिलाड़ियों को नौकरी मिल जाएगी, लेकिन अन्याय उन खिलाड़ियों के साथ भी हुआ है, जिन्होंने 2014 के कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स में पदक जीते थे. दरअसल नए नियमों में 2016 व उसके बाद पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ही शामिल किया गया है. खेल मंत्री ने कहा कि हमने इस बारे में प्रस्ताव भेजा था, लेकिन लॉ डिपार्टमेंट ने उसे खारिज कर दिया. नियमों की पेचीदगियों की वजह से उनको लाभ नहीं मिल सका. अगर इन पेचीदिगियों के साथ आगे बढ़ा जाता थो इन 465 खिलाड़ियों की नौकरी भी कोर्ट में फंस जाती. लेकिन इन खिलाड़ियों को भी निराश होने की जरुरत नहीं है. आगे इनके लिए भी कोई रास्ता निकाला जाएगा. 

ईनामी राशि पाने का इंतजार:
खिलाड़ियों को नौकरी देने का तो अब दावा किया जा रहा है, लेकिन अब भी उन खिलाड़ियों की कोई सुध नहीं ली जा रही, जो तीन साल से पदक जीतने के बाद ईनामी राशि पाने का इंतजार कर रहे है. सैकड़ों खिलाड़ी तो ऐसे भी है, जिनको टूर्नामेंट में खेलने का टीएडीए नहीं मिला. हालांकि खेल मंत्री अशोक चांदना ने आश्वासन दिया है कि खिलाड़ियों की इस समस्या को जल्द दूर कर दिया जाएगा.

सीएम गहलोत ने कहा, नवम्बर तक फ्री राशन का फैसला स्वागत योग्य, लेकिन पीएम को कैश ट्रान्सफर का फैसला भी करना चाहिए

मान्यता खत्म, खेल खत्म ! 54 राष्ट्रीय महासंघों की मान्यता खत्म, अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं

जयपुर: खेल मंत्रालय ने देश के 54 खेल संघों की मान्यता खत्म कर दी है और इसका सीधा असर अब खिलाड़ियों के भविष्य और ओलिंपिक तैयारियों पर पड़ेगा. मंत्रालय के इस आदेश के बाद देश में कोई भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं रह गया है. अब भविष्य को लेकर खिलाड़ी अधरझूल में है. 

-केंद्रीय खेल मंत्रालय को बड़ा फैसला
-कोर्ट के आदेश के बाद लिया फैसला
-54 राष्ट्रीय महासंघों की मान्यता वापस ली
-2 जून को अस्थाई मान्यता दी थी मंत्रालय ने
-लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद वापस लेना पड़ा फैसला
-अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं
-हॉकी, फुटबॉल व एथलेटिक्स सहित प्रमुख खेल संघ अधरझूल में
-खिलाड़ी भी अब भविष्य को लेकर हुए परेशान

खेल संघों के भविष्य पर ही सवालिया निशान:
कोरोना संकट के कारण देश में खेल गतिविधियां पहले से ही बंद है और अब खेल मंत्रालय के एक फैसले के बाद तो खेल संघों के भविष्य पर ही सवालिया निशान खड़ा हो गया है. दर असल दो जून को खेल मंत्रालय ने 54 खेल संघों को मान्यता का आदेश जारी किया था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट कोर्ट ने कहा कि मंत्रालय ने 7 फरवरी के उसके आदेश का पालन नहीं किया और अदालत को पूर्व में सूचित किए बगैर फैसला लिया. इसके बाद खेल मंत्रालय के उप सचिव एसपीएस तोमर ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के महानिदेशक संदीप प्रधान को लिखे पत्र में कहा कि पिछले 2 जून का 54 राष्ट्रीय महासंघों को अस्थाई वार्षिक मान्यता देने वाला पत्र वापस लिया जाता है. दरअसल 54 राष्ट्रीय खेल महासंघों को इस साल सितंबर तक मान्यता प्रदान की थी, लेकिन मंत्रालय ने भारतीय पैरालिंपिक समिति (PCI), भारतीय नौकायन महासंघ (RFI) और भारतीय स्कूल खेल महासंघ (SGFI) को फिर से मान्यता प्रदान नहीं की गई. जिसके कारण मामला कोर्ट में चला गया.

अब हरियाणा के गुरुग्राम पहुंचा टिड्डी दल, फसलों के ऊपर मंडराने से बढ़ी किसानों की चिंता
 
अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं:
खेल मंत्रालय के इस आदेश के बाद देश में कोई भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं रह गया है. ऐसे में अब प्रतिबंधिक काल में न सिर्फ मंत्रालय द्वारा खेल संघों को मिलने वाला फंड बंद हो जाएगा, बल्कि इस दौरान विजेताओं को उनकी ओर से मिलने वाले प्रमाण पत्रों का भी कोई महत्व नहीं बचेगा, जिसके आधार पर खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलती रही है. कोर्ट ने मंत्रालय को अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखने को कहा है. अब मंत्रालय को खेल संघों की मान्यता के लिए फिर से नया प्रार्थना पत्र अदालत में दाखिल करना होगा. वैसे तो कोरोना के चलते फिलहाल खेल गतिविधियां ठप पड़ी हुई हो, लेकिन अगर जल्द ही खेल संघों की मान्यता पर फैसला नहीं हुआ तो खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाएंगी. बिना खेल संघों की मान्यता के कोई भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं होगी. किसी भी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन की अनुमति नहीं मिलेगी.

-मान्यता खत्म, खेल खत्म
-संघों को मिलने वाला फंड बंद हो जाएगा
-खिलाड़ियों के प्रमाण पत्रों का महत्व नहीं बचेगा
-प्रमाण पत्र से खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलती रही है
-कोई भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं हो पाएगी देश में
-अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन की अनुमति नहीं मिलेगी

गैंगस्टर आनंदपाल सिंह एनकाउंटर प्रकरण: 2 साल 6 माह बाद CBI की जांच पूरी, सांवराद हिंसा में 24 लोगों को माना आरोपी

एक बार फिर IPL आयोजन को लेकर चर्चा शुरू, RCA पूरी तरह से तैयार

एक बार फिर IPL आयोजन को लेकर चर्चा शुरू,  RCA पूरी तरह से तैयार

जयपुर: देश में एक बार फिर आईपीएल आयोजन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और आरसीए इस आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है. बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली व आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर फोन पर बातचीत भी हो चुकी है. आरसीए ने विश्वास दिलाया है कि यदि उसे मेजबानी सौंपी जाती है, तो वह तरह की सुविधा उपलब्ध कराते हुए मैच आयोजन को तैयार है. सरकार से भी अपेक्षित सहयोग दिलाया जाएगा. 

Coronavirus in India Updates: देश में पहली बार मिले कोरोना के रिकॉर्ड 13 हजार के करीब मरीज, 334 लोगों की मौत 

आईपीएल के आयोजन की कोशिशों में एक कदम और बढ़ा दिया:  
बीसीसीआई ने आईपीएल के आयोजन की कोशिशों में एक कदम और बढ़ा दिया है. आईपीएल का 13वां सीजन 29 मार्च से 24 मई के बीच खेला जाना था. कोविड-19 महामारी (कोरोना वायरस संक्रमण) के चलते आईपीएल के 13वें सीजन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. अब आईपीएल को 26 सितंबर से 8 नवंबर के बीच आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है. ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के स्थगित या रद्द होने की स्थिति में ये तारीखें बदल सकती हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आईपीएल के संभावित आयोजन को लेकर सौरव गांगुली विभिन्न राज्य क्रिकेट संघों से फोन पर बात कर रहे हैं, जहां पर मैच हो सकते है. इसी क्रम में आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत से भी बात हुई है. माना जा रहा है कि बोर्ड चार जगह पर सभी मैच कराना चाहता है और जयपुर भी उसकी सूची में फिलहाल शामिल है. चेन्नई और बेंगलुरु में आईपीएल के मैच खेले जा सकते हैं. बीसीसीआई की प्राथमिकता मैच मुंबई में कराने की थी, लेकिन जिस तरह से महाराष्ट्र में खासकर मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आए हैं, ऐसे में वहां शायद ही मैच कराए जा सकें. 

VIDEO: हाउसिंग बोर्ड का जलवा बरकरार, किश्तों में आवास योजना हुई सुपर डुपर हिट 

जयपुर में ज्यादा से ज्यादा आईपीएल मैच हो:
बीसीसीआई ऐसी जगह को प्राथमिकता देगी जहां फल्ड लाइट युक्त ग्राउंड, कई फाइव स्टार होटल हों. इसके अलावा वो जगह मानसून से प्रभावित नहीं होनी चाहिए. सितंबर में राजस्थान में बारिश नहीं होती. साथ ही यहां पर विश्व स्तरीय क्रिकेट ग्राउंड है और राजस्थान रॉयल्स टीम का होम ग्राउंड भी है. ऐसे में आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत इस प्रयास में जुट गए हैं कि जयपुर में ज्यादा से ज्यादा आईपीएल मैच हो. वैभव जल्द ही आरसीए पदाधिकारियों के साथ भी इस मुद्दे पर मीटिंग करेंगे. सौरव गांगुली से फोन पर तो लगातार संपर्क है और जरूरत पड़ी, तो औपचारिक रूप से पत्र भी आरसीए द्वारा बीसीसीआई को लिख दिया जाएगा. आरसीए सचिव महेंद्र शर्मा ने कहा कि हम मैच आयोजन के लिए तैयार है और बीसीसीआई जो भी सहयोग मांगेगा, वह दिया जाएगा. जयपुर में पहले से ही मेजबानों की सूची में है और यहां पर सभी परिस्थितियां मैच के अनुकूल हैं. 

Open Covid-19