VIDEO: चुनाव के चलते निर्वाचन विभाग के क्लीयरेंस में अटकीं होली की 3 ट्रेनें

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/19 04:53

जयपुर (काशीराम चौधरी)। देश में आम चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू है, ऐसे में रेलवे यात्रियों को सुविधा देने में भी विफल साबित हो रहा है। रेलवे प्रशासन ने होली पर ज्यादा यात्रीभार को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन ये अनुमति चुनाव आयोग में अटक गई है। वहीं दूसरी तरफ कुछ ट्रेनें ऐसी हैं, जिन्हें रेलवे ही कोहरा बताकर चला नहीं रहा है। एक रिपोर्ट-

कल होली का त्यौहार है, ट्रेनों में जमकर भीड़ चल रही है। हर बार की तरह इस बार भी रेलवे आम यात्रियों को सुविधा देने के लिए किराया स्पेशल ट्रेनें संचालित करना चाहता है। इसका फायदा यह है कि इन ट्रेनों से रेलवे को किराया ज्यादा मिलता है और यात्रियों को भी त्यौहार के अवसर पर ट्रेन में सीट मिल जाती है। होली या दिवाली पर हर बार ही ये स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाती हैं। लेकिन इस बार आम चुनाव के चक्कर में यात्रियों की सुविधा और रेलवे की कमाई दोनों ही अटक गए हैं। रेलवे बोर्ड ने पिछले सप्ताह उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन में 3 होली डे किराया स्पेशल ट्रेनें संचालित करने का प्रस्ताव केन्द्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा था। लेकिन अभी तक इन ट्रेनों के संचालन की मंजूरी नहीं मिल सकी है। इस कारण रेलवे इन ट्रेनों को संचालित भी नहीं कर पा रहा है। रेलवे ने हालांकि यह प्रयास काफी देरी से किया है। होली में अब 2 दिन ही बाकी रहे हैं। प्रस्ताव भिजवाने में हुई देरी के कारण यात्रियों को राहत मिलने की संभावना बहुत कम दिख रही है।

ये ट्रेनें आचार संहिता में अटकीं:
- होली पर यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने किया था प्रयास
- जयपुर से दो और अजमेर से एक ट्रेन चलाने का भेजा प्रस्ताव
- जयपुर-मुंबई, जयपुर-पुणे और अजमेर-मुंबई के बीच किराया स्पेशल ट्रेन
- लेकिन रेलवे को निर्वाचन आयोग से नहीं मिल पाई है स्वीकृति
- अब मंजूरी मिली तो होली के बाद ही चल सकेंगी ट्रेनें
- ऐसे में होली के बाद लौटने वाले यात्रियों को ही मिलेगा लाभ
- होली से पहले अब ट्रेनों का संचालन बहुत मुश्किल
- यदि ट्रेन चलाई गई तो प्रचार-प्रसार बिना खाली दौड़ने की आशंका

इन किराया स्पेशल ट्रेनों के नहीं चल पाने पर रेलवे प्रशासन आचार संहिता का सहारा ले सकता है, लेकिन दूसरी तरफ 8 ट्रेनें ऐसी हैं, जिन्हें खुद रेलवे प्रशासन ही संचालित नहीं कर रहा है। रेलवे ने कोहरे के नाम पर पिछले तीन महीने से बंद आठ ट्रेनों को अब तक दुबारा शुरू नहीं किया है। रेलवे ने कोहरे के नाम पर अजमेर-अमृतसर, अमृतसर-अजमेर, अजमेर-किशनगंज, किशनगंज-अजमेर, पोरबंदर-मुजफ्फरपुर, मुजफ्फरपुर-पोरबंदर, अजमेर-सियालदाह, सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेनों को बंद किया हुआ है। जबकि अब कोहरा पूरे देश में कहीं पर भी नहीं है, इसके बावजूद इन ट्रेनों को 31 मार्च के बाद शुरू किया जाएगा। कोहरे को लेकर रेलवे के दोहरे मानदंडों को इस बात से समझा जा सकता है कि रद्द ट्रेनों वाले रूटों पर दूसरी ट्रेनें चल रही हैं। जयपुर-इलाहाबाद-जयपुर, जोधपुर-हावडा-जोधपुर, कोटा-पटना-कोटा, बाडमेर-गुहावटी-बाडमेर, अहमदाबाद-सुल्तानपुर-अहमदाबाद सुपरफास्ट सहित दर्जनभर ट्रेनें नियमित समय पर चल रही हैं। सवाल यह है कि यदि वास्तव में देश में कोहरा है ताे इन्हीं रूटों पर ये दूसरी ट्रेनें कैसे संचालित हो रही हैं ? अगर ये 8 ट्रेनें दुबारा शुरू हो जातीं तो होली पर यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती थी।
 

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