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4 साल की बच्ची से किया था रेप, कोर्ट ने 11 दिन में सुनाई आजीवन कारावास की सजा

4 साल की बच्ची से किया था रेप, कोर्ट ने 11 दिन में सुनाई आजीवन कारावास की सजा

चूरू: जिले के न्यायिक इतिहास में पहली बार 4 साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के अपराधी दयाराम को 11 वें दिन ही पॉक्सो न्यायालय के जिला जज राजेंद्र कुमार सैनी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 50 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है. जिले का यह इस तरह का पहला मामला है कि 11 वें दिन न्यायालय ने आरोपी को सजा सुना दी है. पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई की और 7 दिन में इस मामले का चालान पेश कर दिया था. 

1 दिसंबर को भानीपुरा थाने में दर्ज हुआ था मामला: 
चूरू जिले की भानीपुरा थाना क्षेत्र के बुकनसर बड़ा गांव में 30 नवंबर को दयाराम ने 4 साल की मासूम को बहला-फुसलाकर झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. 1 दिसंबर को भानीपुरा थाने में मामला दर्ज हुआ. 7 दिसंबर को भानीपुरा पुलिस ने पॉक्सो न्यायालय में इसका चालान पेश कर दिया और 17 दिसंबर को पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार सैनी ने फैसला सुना दिया. पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार सैनी ने दयाराम को आजीवन कारावास व ₹50000 के अर्थदंड से दंडित किया है. सरकार की ओर से इसकी पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक वरुण कुमार सैनी ने की है. 


 

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चूरू: चूरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई द्वारा दबाव के चलते खुदकुशी करने के बाद अब चूरू जिले के पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त करने के लिये एसपी तेजस्वनी गौतम ने जिले में नई मुहिम शुरू की है. एसपी तेजस्वनी गौतम सहित पुलिस के उच्चाधिकारी जिले के थानों में जाकर थानाधिकारी से कान्स्टेबल तक से मन की बात कर रहे हैं और परिवार जैसा माहौल बनाने की कौशिश की जा रही है.  एसपी तेजस्वनी ने पुलिसकर्मियों के मन की बात जानने और उन्हें मोटिवेट करते हुए समस्याओं के निराकरण के लिये जिले के प्रत्येक थाने में जा रही हैं.

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एसपी ने इस मुहिम की शुरूआत राजगढ़ थाने से ही की:
इसके साथ ही थानास्तर की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के लिए पुलिसकर्मियों से अन्य अधिकारी मुलाकात कर रहे हैं. इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों के तनाव को दूर करने के लिए काउंसलर की मदद भी ली जा रही है. चूरू जिले में एसपी ने इस मुहिम की शुरूआत राजगढ़ थाने से ही की, जहां थाने के स्टाफ ने अपने सामूहिक स्थानान्तरण के लिये आईजीपी को पत्र लिखा था.

अवकाश की प्राथमिकता तय करने के निर्देश:
एसपी ने प्रत्येक पुलिसकर्मी से व्यक्तिगत बात की और उन्हें मोटिवेट किया. राजगढ़ के बाद बाद हमीरवास, कोतवाली, रतननगर, भालेरी, सरदारशहर और सदर थाने में एसपी ने पहुंचकर माटिवेशन कार्यक्रम किया. इस दौरान एसपी ने लॉकडाउन में लंबे समय तक बिना अवकाश के डयूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिये अवकाश की प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए. 

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राजगढ़ SHO आत्महत्या प्रकरण: राजेंद्र राठौड़ समेत 150 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज !

चूरू: राजगढ़ थानाधिकारी आत्महत्या प्रकरण में 150 से 200 लोगों को थाने जाना भारी पड़ गया. इस मामले में राजेंद्र राठौड़ समेत 150 से 200 लोगों के विरुद्ध राजगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़,पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, जिला प्रमुख हरलाल सारण,पूर्व जिला प्रमुख सहीराम विश्नोई, प्रवीण सरदारपुरा, जगदीश बैरासरिया पर नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है.

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150 से 200 लोगों पर भी मुकदमा दर्ज:
अन्य 150 से 200 लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है. बिना मास्क,महामारी फैलाने,मानव जीवन को खतरे में डालने का आरोप लगा है. भारतीय दंड संहिता 1860 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ है. यह मामला 24 मई को दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किसी को खबर नहीं लगी.

23 मई को की थी आत्महत्या:
गौरतलब है कि चूरू जिले के सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ने 23 मई को आत्महत्या कर ली थी. जानकारी के मुताबिक विश्नोई ने अपने क्वार्टर में फांसी का फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त की है. 

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चूरू के सरदारशहर में चरमराई पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण उतरे सड़कों पर

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चूरू: तेज गर्मी के साथ ही पेयजल की किल्लत सामने आने लग गई है, प्रदेश के कई जिलों में पानी की समस्याओं को लेकर लोग परेशान है. ताजा मामला चूरू जिले का सरदारशहर तहसील की ग्राम पंचायत काकलासर का है, जहां पर पेयजल की समस्या को लेकर ग्रामीणों में रोष है. आपको बता दें कि पीने की पानी की भारी किल्लत को लेकर ग्रामीण लंबे समय से पीने के पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे थे. मगर पीएमसी के अधिकारी गोविंद जांगिड़ की हठधर्मिता के चलते शुक्रवार तक गांव में पीने का पानी सुचारू रूप से नहीं पहुंच रहा है. जिससे क्षुब्ध होकर ग्रामीण आज सैकड़ों की तादाद में  चूरू जिला मुख्यालय की ओर पैदल ही कुछ करने के लिए निकल पड़े.

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पेजयल समस्या को लेकर सड़कों पर उतरे ग्रामीण:
सूचना मिलने पर 2 थानों की पुलिस ने जाकर रास्ते में पैदल चलते हुए ग्रामीणों के को रोक दिया है. यहां पर भाजपा नेता अशोक पिंचा, प्रधान सत्यनारायण सारण, आरएलपी नेता बलदेव सारण सहित अनेक लोग भी मौजूद है. इन आंदोलनकारियों का कहना है कि हमसे कोई प्रशासनिक अधिकारी आकर हमारी उचित मांग को सुने और पीने के पानी की आपूर्ति को सुचारू रूप से चालू करवाएं ना कि पुलिस बल से हमें डराया और धमकाया जाए और हमारी उचित मांगों को कुचला जाना कतई उचित नहीं है.

पुलिस समझाइश का प्रयास जारी:
जब 2 थानों की पुलिस पहुंच सकती है तो प्रशासनिक अधिकारी आंदोलनकारियों की मांग को सुनने के लिए क्यों नहीं पहुंच सकते. अभी आंदोलनकारी छाजूसर से पैदल चलकर उदासर गांव में पड़ाव डाले हुए हैं. पुलिस समझाने का प्रयास कर रही है. मगर इनका कहना है कि पीएमसी के अधिकारी आकर उनकी मांग को सुने और गांव में जाकर चेक करें कि पानी आ रहा है या नहीं आ रहा है. अगर पानी नहीं आएगा तो जरूरत पड़ी तो जेल जाना पड़ेगा तो आंदोलनकारी जेल जाने को तैयार नजर आ रहे हैं.

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सऊदी अरब में फंसे 13 भारतीय मजदूर, 9 शेखावाटी के, 4 यूपी के निवासी 

चूरू: सऊदी अरब के शहर अल जुबेल में 13 मजदूर फसे हुए है. इनमें से 9 मजदूर शेखावाटी के रहने वाले है. इनको 6 माह से वेतन नहीं दिया गया है. इनके साथ मारपीट भी की जा रही है जिसका वीडियो भी मजबूर मजदूरों ने फस्ट इंडिया को भेजा है. इनके पास अब वहां पर कोई काम ही नहीं है. कम्पनी ने इनकी पगार रोक ली गई है.

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स्वदेश वापसी की मांग:
खाना भी नहीं मिल रहा है. लगातार प्रताड़ना से परेशान मजदूर वापस स्वदेश आना चाहते है. लगातार इनका वक्त भय और भुख के साथ बीत रहा है. इनमें से सरदारशहर, चूरू, तारानगर, सुजानगढ़ ओर झुंझनु के 9 मजदूर है बाकी 4 मजदूर उतरप्रदेश के निवासी है. कम्पनी ने इन सब पला झाड़ लिया है. जिस कैम्पस में रह रहे है व किराये का है कम्पनी किया भी नहीं भर रही है. इसलिए इन्हें यहां से भी निकाला जा रहा है. फंसे हुए मजदूरों ने सरकार से मदद की मांग की है. 

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मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची चूरू, 120 प्रवासियों को चूरू लेकर पहुंची ट्रेन

मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची चूरू, 120 प्रवासियों को चूरू लेकर पहुंची ट्रेन

चूरू: लॉकडाउन शुरू होने के 65 दिनों के बाद चूरू रेलवे स्टेशन पर पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची. ये ट्रेन मुम्बई से रवाना होकर चूरू पहुंची, जिसमें 120 प्रवासी चूरू रेलवे स्टेशन पहुंचे. यह सभी वो प्रवासी लोग हैं जो मुम्बई में कामकाज के सिलसिले में रह रहे थे और लॉक डाउन के बाद मुम्बई में फंस गए.

सोशल डिस्टेेंसिंग की पूरी पालना:
चूरू रेलवे स्टेशन पहुंचने पर कोविड 19 की जारी एडवाइजरी का पालन कराने के लिये प्रशासन, पुलिस और चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग के अधिकारी यहां पहले से ही मौजुद थे. सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए सभी लोगों को गोल गहरे में बिठाया गया. छोटे  बच्चों ने भी सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखा. प्रवासियों को नाश्ता देने से पहले उनके हाथों को सेनेटाइज करवाया गया.

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लोगों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग:
ट्रेन के चूरू पहुंचने के बाद पूरी ट्रेन को सेनेटाइज करवाया गया. रेलवे स्टेशन का एनाउन्सर कोविड 19 एडवाइजरी की पालना के लिए अनाउन्स करते रहे. इन लोगों में  श्रीगंगानगर, हनुमानगढ आदि जिलों के लोग भी शामिल हैं, जिन्हे रोडवेज बसों द्वारा नि:शुल्क उनके गन्तव्य जिले और तहसीलों तक पहुंचाया गया. सभी लोगों की लाइन लिस्टिंग के बाद इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई और ब्लॉक वाइज क्वारेंटाइन किया गया.  बीसीएमओ की टीम ने कोरोना संदिग्ध लोगों के सेम्पल लिए. 

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नौतपा में भट्टी सा तपा शेखावाटी, 50 डिग्री पहुंचा चूरू का तापमान  

नौतपा में भट्टी सा तपा शेखावाटी, 50 डिग्री पहुंचा चूरू का तापमान  

जयपुर: नौतपा में राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र भट्टी सा तपा हुआ है. जी हां गर्म हवाओं से हालात खराब हो गए है. लोग घरों से बाहर ​नहीं निकल रहे है. सडकों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. हम बात कर रहे है राजस्थान के चूरू जिले की. यहां पर मंगलवार दिन का तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया है. जिसकी वजह से गर्मी से हाल बेहाल हो गए है. 

सड़कों पर पसरा सन्नाटा:
गर्मी की वजह से चूरू की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. गर्म हवा चलने की वजह से लोग नजर नहीं आ रहे है. आपको बता दें कि गर्मी से बच्चे और बुजुर्ग बेहाल हो गए है. यहां पर आसमान से आग बरस रही है. नौतपा में शेखावटी इलाका भट्टी सा तपा हुआ है. 
हीट वेव चलने की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है.  

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छींटे पड़ने की संभावना:
मौसम विभाग ने कहा कि उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में 29-30 मई को धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है जिससे लू के प्रकोप से राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि राजस्थान में जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में लू का प्रकोप और बढ़ सकता है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से शुक्रवार और शनिवार को जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर में हल्की बारिश हो सकती है.

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SHO विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण, परिजनों और सरकार में सहमति के बाद हुआ पोस्टमार्टम, पुलिस सम्मान के साथ शव किया सुपुर्द

चूरू: चूरू के राजगढ़ में SHO विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण में परिजनों और सरकार में सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया है. पुलिस सम्मान के साथ शव परिजनों को सुपुर्द किया गया है. इससे पहले जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. IG जोस मोहन, कलेक्टर संदेश नायक, SP तेजस्विनी गौतम, उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, सांसद राहुल कस्वां, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां पूर्व विधायक मनोज न्यांगली भी ने विष्णुदत्त विश्नोई को श्रद्धांजलि अर्पित की. 

दबंग छवि और बेहद जबांज ऑफिसर थे विष्णुदत्त:
चूरू जिले के सादुलपुर थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ने शनिवार को आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार विश्नोई ने अपने क्वार्टर में फांसी का फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त की है. हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी कोई पता नहीं चला है. वहीं पुलिस अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से दूरी बना रहे हैं. बता दें कि बिश्नोई ईमानदार ऑफिसर के साथ पुलिस विभाग में दबंग छवि व बेहद जबांज ऑफिसर थे. 

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अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था:
1997 बैच का जबांज थानेदार जिस भी थाने में रहा अपने वर्किंग स्टाइल की छाप छोड़ी. जनता में लोकप्रिय थानेदार तो सटोरियों और अपराधियों में विष्णु के नाम का ही भय था. आज सुबह करीब 11 बजे विष्णु दत्त विश्नोई ने अपने सरकारी मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. first India पर ब्रेकिंग होने के साथ ही खबर आग की तरह फैली हर कोई स्तब्ध दुःखी था. घटना के बाद एसपी तेजस्वनी गौतम राजगढ़ पहुंची. सुसाइड नोट मिला जिसमें विश्नाई ने किसी को जिम्मेदार तो नहीं ठहराया पर अपने इस कृत्य के लिए पिता से माफी मांगी. IG जोस मोहन ने भी इसकी पुष्टि की. वहीं घटना के बाद नेताओं के अलावा जनता और व्यापारी भी घटना की जांच की मांग कर रहे हैं. थाने के बाहर नारे लग रहे थे कि इंसान नहीं भगवान था. घटना के बाद सियासत भी गरमा गई. पूर्व विधायक मनोज न्यांगली धरने पर बैठ गए. सांसद राहुल कस्वा दिल्ली से रवाना हो गए तो प्रतिपक्ष उप नेता राजेन्द्र राठौड़ भी. नोखा के विधायक बिहारी विश्नोई भी CBIजांच की मांग कर रहे हैं. राजगढ़ विधायक कृष्णा पूनिया कुछ दवाब में दिखी लेकिन जांच की मांग की है. 

चैट में राजनीतिक दबाव की बात की:
इधर एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने 1 दिन पहले हुई चैट सार्वजनिक करते हुए कहा कि एक ईमानदार ऑफिसर ने दबाव में ये कदम उठाया. चैट में राजनीतिक दबाव की बात कहते हुए आवश्यक सेवानिवृत्ति की बात कही गई थी. हालांकि सूत्र बताते है कि एक दिन पहले हुए बस ऑपरेटर  मर्डर की घटना में 2 लोग घायल भी हुए थे इस घटना को  लेकर भी विष्णु विश्नोई परेशान थे.

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चूरू: चूरू के राजगढ़ में विष्णु दत्त विश्नोई द्वारा आत्महत्या मामले को लेकर धरना जारी है. उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ थाने के आगे पहुंचे. सांसद राहुल कस्वां भी दिल्ली से धरना स्थल पहुंच गए है. भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता भी मौजूद हैं. सभी इस मामले पर CBI  जांच की मांग कर रहे है. उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने चूरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए सरकार से उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. राठौड़ ने इस संबंध में DGP भूपेन्द्र यादव व ACS होम राजीव स्वरूप से बात कर विष्णुदत्त को न्याय दिलाने के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले राजनीतिज्ञ व पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की. राठौड़ ने कहा कि बिगड़ी सरकारी व्यवस्था व स्थानीय राजनीतिज्ञों के अपराधियों के पक्ष में बेजा दबाव से प्रताड़ित होकर एक जांबाज पुलिस अधिकारी की आत्महत्या मौजूदा पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर करारा तमाचा है.

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स्थानांतरण किए जाने पर राजनीतिक दबाव:
राठौड़ ने कहा कि एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में जनमानस में बेहद लोकप्रिय छवि के पुलिस अधिकारी विष्णुदत्त का स्थानांतरण किए जाने पर राजनीतिक दबाव पिछले दो माह से पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था. अपराधियों से गठजोड़ और कमजोर प्रशानसिक क्षमता वाले अधिकारियों के कारण दो दिन पूर्व ही विष्णुदत्त के मातहत काम करने वाले चार कांस्टेबल को लाइन हाजिर करने व विगत एक माह में 7 कांस्टेबल व हैड कांस्टेबल को अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही करने पर अकारण हटाये जाने से विष्णुदत्त काफी व्यतीत थे जिसकी चर्चा आम थी तथा कल उनके द्वारा किए गए वाट्सएप चैट के प्रमाणित दस्तावेज इसकी पुष्टि भी करते हैं जो संलग्न भी है.

विष्णुदत्त के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग:
प्रदेश में अपराधियों को खुला राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो रहा है. अपराधों का ग्रााफ लगातार बढ़ रहा है और कोई भी ईमानदार पुलिस अधिकारी फील्ड पोस्टिंग से बचना चाहते हैं. दर्जनों व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्तर पर ज्ञापन देकर उन्हें स्थानांतरित नहीं किए जाने की मांग इस बात को प्रमाणित करती है कि वो अत्यन्त जनप्रिय व निष्पक्ष पुलिस अधिकारी थे. पुलिस बेड़े में इस प्रकार की घटना से विभाग में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल व अधिकारी भी व्यथित है. राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार तुरंत विष्णुदत्त की आत्महत्या के कारक बने राजनीतिज्ञ, पुलिस अधिकारी का चेहरा बेनकाब करने के लिए न्यायिक जांच करवाये और विष्णुदत्त के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा और आश्रितों को नियुक्ति दें. 

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