पानी नहीं मिलने से 5 साल की बच्ची की तड़प-तड़प कर मौत, नानी हुई बेसुध, प्रभारी मंत्री ने मांगी कलेक्टर से रिपोर्ट

पानी नहीं मिलने से 5 साल की बच्ची की तड़प-तड़प कर मौत, नानी हुई बेसुध, प्रभारी मंत्री ने मांगी कलेक्टर से रिपोर्ट

पानी नहीं मिलने से 5 साल की बच्ची की तड़प-तड़प कर मौत, नानी हुई बेसुध, प्रभारी मंत्री ने मांगी कलेक्टर से रिपोर्ट

जालौर: तपती धूप में सफर कर रही एक 5 साल की बच्ची की पानी ना मिलने से मौत हो गई, बच्ची अपनी नानी के साथ थी, वो भी बेसुध हो गई थीं. यह मामला राजस्थान के जालौर जिले के रानीवाड़ा इलाके का है. जहां रेतीले टीलों में एक बच्ची की पानी ना मिलने की वजह से मौत हो गई. बच्ची अपनी नानी के साथ थी, यहां 45 डिग्री का तापमान था और गर्म टीलों पर सफर हो रहा था. जब ग्रामीणों को इनका पता लगा तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया. पु​लिस मौके पर पहुंची, बुजुर्ग को पानी पिलाया और अस्पताल में भर्ती किया. वहीं, मासूम के शव को भी अस्पताल ले जाया गया, वहां उसका पोस्टमॉर्टम हुआ और मौत का कारण पानी ना मिलना ही निकला.

प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट:
मामला संवेदनशील होने के चलते प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी. जिस पर कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने प्रभारी मंत्री प्रमोद जैन भाया को रिपोर्ट भेजी है. नानी उस दौरान पानी नहीं मिलने से बेहोश हो गई थी, जिसका अब अस्पताल में डॉक्टरों की टीम की देखरेख में उपचार चल रहा है. वही अभी नानी पूरी तरह सुरक्षित है. मामले को लेकर आज प्रदेश से लेकर दिल्ली तक भाजपा नेताओं ने ट्वीट पर ट्वीट कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. वहीं पानी नहीं मिलने से प्याज से 5 साल की मासूम की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया ट्वीट:
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट करते हुए इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया. राजे लिखा है कि लॉकडाउन में जाने का साधन नहीं मिला तो नानी और नातिन पैदल ही अपने सफर पर निकल पड़ी. लेकिन अफसोस रास्ते में ना तो उनको पानी मिला और ना ही कोई सहायता. नतीजतन मासूम ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया. क्या ये ही है कांग्रेस सरकार का जल प्रबंधन? वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया, गुलाबचंद कटारिया, राज्यवर्धन राठौड़ ने ट्वीट करके घटना की निंदा की. 

बेनीवाल ने मांगी कार्रवाई की तथ्यात्मक रिपोर्ट:
वहीं मामले में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कलेक्टर को पत्र भेजकर मामले में अभी तक कार्रवाई की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है, वहीं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आगे से जिले में ऐसी घटना ना हो, जिस को लेकर कलेक्टर को निर्देश दे दिए हैं. 

जानिए पूरा मामला:
रानीवाड़ा थानाधिकारी पदमाराम ने बताया की वृद्वा सुकी देवी पत्नी अर्जुन भील निवासी डूंगरी अपनी 5 साल की बच्ची नाती के साथ बच्चे के मां बाप के घर रेवदर तहसील के रायपुर गांव से कच्चे रास्तों से धोरो से होते हुए डूंगरी गांव नानी के घर जा रही थी, लेकिन रोड़ा गांव के पास धोरो में दोनों को प्यास बुझाने के लिए पानी नहीं मिला और पानी के लिए तड़प तड़प तक बच्ची अंजली की मौत हो गई. वहीं नानी बेहोश हो गई. इस दौरान पशु चराते हुए चारागाह वहां से गुजर रहा था तभी चारागाह ने देखने पर स्थानीय सरपंच व प्रशासन को सूचना दी, जिस पर सरपंच कृष्णकुमार और सरवाना थानाधिकारी पदमाराम मौक़े पर पहुंचने के लिए रवाना हुए लेकिन मौक़े पर पहुंचने के लिए एक किलोमीटर के क़रीब पैदल चलकर मौक़े पर पहुंचे. मौके पर पहुंचकर बेहोश वृद्धा को पानी पिलाकर अस्पताल पहुंचाया जहां पर महिला का उपचार किया गया, वहीं बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया. रानीवाड़ा थानाधिकारी पदमाराम ने बताया की डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के बाद पानी नहीं मिलने से ही बच्ची की मौत की पुष्टि की हैं.

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