VIDEO: राजस्थान में अपराधियों की शामत, पकड़े गए 5000 वॉन्टेड अपराधी, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: राजस्थान में अपराधियों की शामत, पकड़े गए 5000 वॉन्टेड अपराधी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर (शिवेन्द्र परमार): वांटेड अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान ने कमाल का प्रदर्शन किया है.सिर्फ 3 सप्ताह में ही प्रदेश में अभी तक 5000 से अधिक वांटेड अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अलग-अलग तरह के अपराधों में लंबे समय से वांटेड अपराधियों को पकड़ने के लिए हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने डीजीपी एम एल लाठर के निर्देशों के बाद विशेष अभियान शुरू किया है. डीजीपी के निर्देशों के बाद 5 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान ने प्रदेशभर के अपराधियों में खलबली मचा दी है. 3 सप्ताह में ही राजस्थान पुलिस ने प्रदेश भर में 5000 से अधिक वांटेड अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.

सीएम गहलोत ने की अभियान की तारीफ:
बीते दिनों पुलिस फिर भी बैठक के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने भी पुलिस मुख्यालय के इस अभियान की तारीफ की थी जिसके बाद इस अभियान को और 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया है. एडीजी क्राइम रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि 4992 वांछित अपराधियों को भी तक पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं 845 अपराधियों ने अभी तक न्यायालय में जाकर समर्पण कर दिया है. पुलिस मुख्यालय का यह अभियान इस मायने में भी सफल है कि कई जघन्य अपराधों में वांछित अपराधियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. हत्या हत्या के प्रयास बलात्कार लूट जैसे गंभीर अपराध में वांछित अपराधियों को भी पुलिस को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. 283 ऐसे अपराधियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो इनामी बदमाश थे. पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद सभी जिला पुलिस अधीक्षक भी पुलिस थानों से बेहतर समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं.डीजीपी एम एल लाठर रोज इस अभियान की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं. एडीजी प्रेम रवि प्रकाश महिला भी हर रोज जिला पुलिस अधीक्षकों से इस अभियान को लेकर संवाद कर रहे हैं.

प्रदेश में अपराध में भी कमी आना तय:
पुलिस मुख्यालय केस अभियान के बाद जिस तरह से वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही है उससे आने वाले दिनों में प्रदेश में अपराध में भी कमी आना तय है. प्रदेश में होने वाले गंभीर अपराधों में अधिकतर यही देखने को मिला है कि पूर्व में अपराध कर चुके लोग ही ऐसे अपराधों में शामिल होते हैं,जिस गति से पुलिस मुख्यालय का वांटेड अपराधियों को पकड़ने का अभियान चल रहा है. उससे यह माना जा रहा है कि 31 अगस्त तक पूरे प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में वांटेड अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच जाएंगे.

जानिए, इस अभियान के कुछ आंकड़े:
-अभी तक  4108 वांटेड स्थाई वारंटी पकड़े गए हैं
-1507  अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी
-445 मफ़रूर (धारा 299 में वांछित)
-398 गिरफ्तारी वारंटी, 69 उद्घोषित अपराधी एवं 6 पैरोल से फरार अपराधी पकड़े गए हैं.
-पकड़े गए अपराधियों में से 6 व्यक्ति 25 लाख से अधिक नकबजनी के है
-इनमें से एक उद्घोषित अपराधी, 3 मफ़रूर और 2 स्थाई वारंटी शामिल है
-अवैध फायर आर्म्स प्रकरणों में वांछित 80 अपराधी गिरफ्तार
-इसी प्रकार अन्य सामान्य अपराधों के कुल 5356 व्यक्तियों में से 3813 स्थाई वारंटी, 
-938 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 373 गिरफ्तारी वारंटी, 
-210 मफ़रूर, 18 उद्घोषित और 4 पैरोल से फरार अपराधी शामिल है
-अवैध फायर आर्मस प्रकरणों के कुल गिरफ्तार 80 व्यक्तियों में से 62 स्थाई वारंटी 14 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी 3 गिरफ्तारी वारंटी एवं एक उद्घोषित अपराधी शामिल है.

-अवैध मादक पदार्थ प्रकरणों के गिरफ्तार 148 व्यक्तियों में 66 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 
-43 स्थाई वारंटी, 38 मफरूर एवं एक गिरफ्तारी वारंटी शामिल है.
-डकैती के मामलों में गिरफ्तार 53 व्यक्तियों में से 25 स्थाई वारंटी, 16 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 9 मफरूर एवं 1-1 उद्घोषित अपराधी
- बलात्कार औऱ पॉक्सो प्रकरणों में वांछित 197 पकड़े
-बलात्कार व पॉक्सो प्रकरणों में पकड़े गए 197 व्यक्तियों में से 137 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 33 स्थायी वारंटी, 15 मफरूर, 9 उद्घोषित अपराधी और 3 गिरफ्तारी वारंटी शामिल है.
-मॉब लिंचिंग के 4 प्रकरणों में से 2 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी व 2 मफरूर शामिल है.

ये हैं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले:
राज्य कर्मी पर हमला, मारपीट व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में पकड़े गए 145 व्यक्तियों में 66 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 33 स्थाई वारंटी, 29 उद्घोषित, अपराधी, 14 मफरूर एवं 3 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं. सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं में शामिल 45 पकड़े गए व्यक्तियों में 36 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 8 स्थाई वारंटी एवं एक मफरूर शामिल है.

हत्या के मामलों में वांछित 258 पकड़े गए:

- हत्या के मामलों में पकड़े गए 258 वांछित व्यक्तियों में 111 मफरूर, 69 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 
-65 स्थाई वारंटी, 7 गिरफ्तारी वारंटी, 5 उद्घोषित अपराधी एवं एक पैरोल से फरार अपराधी शामिल है.
- हत्या के प्रयास के मामलों में पकड़े गए 228 व्यक्तियों में 152 जैर अनुसंधान प्रकरणों में वांछित अपराधी, 40 मफरूर, 24 स्थाई वारंटी, 7 गिरफ्तारी वारंटी एवं 5 उद्घोषित अपराधी शामिल है.

राजस्थान में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास:
राजस्थान में अपराध नियंत्रण के लिए डीजीपी एम एल लाठर लगातार प्रयास कर रहे हैं. वांटेड अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाया गया विशेष अभियान भी डीजीपी की प्लानिंग के बाद ही शुरू हुआ है. एडीजी क्राइम रवि प्रकाश मेहरड़ा की अगुवाई में क्राइम ब्रांच ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए अच्छा काम किया है उम्मीद है कि 31 अगस्त तक इस अभियान के जरिए प्रदेश के अधिकतर वांटेड अपराधी सलाखों के पीछे होंगे.

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