552 कंडक्टर को हाईकोर्ट से मिली राहत, नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज

Nizam Kantaliya Published Date 2019/08/24 09:58

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में रोडवेज में की गई कंडक्टर भर्ती के तहत नियुक्त हुए 552 कंडक्टरों को राहत देते हुए उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इस भर्ती से संबंधित विवादों का पटाक्षेप कर दिया. मुख्य न्यायाधीश एस रविन्द्र भट्ट व न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह की खण्डपीठ ने राजेश कुमार लखेरा व 4 अन्य की अपील खारिज करते हुए यह आदेश दिया. 

हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई दौर की मुकदमेबाजी:
दरअसल सरकार की ओर से 2010 में रोडवेज कंडक्टर के 943 पदों के लिए भर्ती निकाली गई. इन नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई दौर की मुकदमेबाजी हुई. बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 6032 अभ्यर्थियों का परिणाम संशोधित किया गया, इससे 552 चयन से बाहर हो गए. सितम्बर 2018 में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इन सभी 552 अभ्यर्थियों को भी सेवा में बनाए रखने का आदेश दिया. 

हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ अपील:
हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ अपीलार्थियों ने अपील दायर कर चुनौती दी. अपील में कहा गया कि ये 552 कर्मचारी मेरिट में उनसे नीचे हैं, ऐसे में अपीलार्थियों को भी वर्तमान या भविष्य में नियुक्ति दिलाई जाए. रोडवेज की ओर से अधिवक्ता विनायक जोशी ने कहा कि अब पद शेष नहीं है. इसके अलावा जो नियुक्तियां दी गई है, वे अदालती आदेश पर दी गई हैं. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपीलार्थियों को कोई राहत देने से इंकार कर दिया. 

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