6 करोड़ भारतीय मानसिक विकार से ग्रस्त

FirstIndia Correspondent Published Date 2016/09/26 15:59

नई दिल्ली| भारत में लगभग छह करोड़ लोग मानसिक विकार से ग्रस्त हैं। यह संख्या दक्षिण अफ्रीका की कुल आबादी से भी अधिक है। देश मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकों और खर्च के मामले में काफी पीछे है। 

 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड़्डा ने लोकसभा को बीते मई महीने में नेशनल कमीशन ऑन मैक्रोइकॉनामिक्स एंड हेल्थ 2015 की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि साल 2015 तक करीब 1-2 करोड़ भारतीय (कुल आबादी का एक से दो फीसदी) गंभीर मानसिक विकार के शिकार हैं, जिसमें सिजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसआर्डर प्रमुख हैं और करीब 5 करोड़ आबादी (कुल आबादी का पांच फीसदी) सामान्य मानसिक विकार जैसे अवसाद और चिंता से ग्रस्त है। 

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की साल 2011 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत अपने स्वास्थ्य बजट का महज 0.06 फीसदी हिस्सा ही मानसिक स्वास्थ्य पर खर्च करता है। यह बांग्लादेश से भी कम है जो करीब 0.44 फीसदी खर्च करता है। दुनिया के ज्यादातर विकसित देश अपने बजट का करीब 4 फीसदी हिस्सा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी शोध, अवसंरचना, फ्रेमवर्क और प्रतिभाओं को इकट्टा करने पर खर्च करते हैं।

 

सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (एनआईएमएचएएनएस) बेंगलुरु के माध्यम से राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया था, ताकि देश में मानसिक रोगियों की संख्या और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग के पैर्टन का पता लगाया जा सके।

 

6 Million Indian Suffer Mental Disorders
  
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