Live News »

बालिका संरक्षण गृह में 7 लड़कियां निकलीं गर्भवती, प्रियंका गांधी ने साधा यूपी सरकार पर निशाना

बालिका संरक्षण गृह में 7 लड़कियां निकलीं गर्भवती, प्रियंका गांधी ने साधा यूपी सरकार पर निशाना

कानपुर: राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 लड़कियों में से सात गर्भवती पाये जाने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का है. इन लड़कियों में से एक लड़की HIV से भी ग्रसित बताई जा रही है. यह खबर उजागर होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया. खबरों के मुताबिक इसके बाद कानपुर जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि शेल्टर होम की 7 लड़कियां गर्भवती हैं, जिसमें से 5 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई हैं. हालांकि, उनका कहना है कि यह लड़कियां शेल्टर होम में लाए जाने से पहले ही गर्भवती थीं. 

राजस्थान से जुड़े एक केन्द्रीय मंत्री के इस्तीफे की चर्चा! कुछ दिनों में हो सकता इसका खुलासा

3 लड़कियों का उपचार एक निजी अस्पताल में जारी:
जिलाधिकारी ने कहा कि इन लड़कियों को आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर की बाल कल्याण समितियों द्वारा यहां भेजा गया था. यह सभी लड़कियां बालिका संरक्षण गृह में लाए जाने के पहले से गर्भवती थीं. संक्रमित पाई गई 2 लड़कियों का इलाज लाला लाजपत राय अस्पताल में किया जा रहा है. वहीं अन्य 3 लड़कियों का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है.

प्रियंका गांधी ने साथा यूपी सरकार पर निशाना:
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है और इसे घोर लापरवाही बताया है. रविवार को ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मसले पर बयान दिया. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक तथ्य आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला.प्रियंका गांधी ने लिखा कि मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है. यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है. ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं.

लगातार 16वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जबरदस्त उछाल, जानें आज का रेट

और पढ़ें

Most Related Stories

बीमा राशि हड़पने के लिए बेटों ने मां को कार से कुचला, अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाते हुए ठोका जुर्माना

बीमा राशि हड़पने के लिए बेटों ने मां को कार से कुचला, अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाते हुए ठोका जुर्माना

बांदाः ममता को शर्मसार कर देने वाले तीन साल पुराने एक मामले में हाल ही में अदालत ने अपना फैसला सुनाया है. असल में तीन साल पहले दो बेटों ने नोटों की कुछ गड्डियों के लिए अपनी ही मां को कुचलकर मार दिया था. खबर है कि जिले की एक अदालत ने बीमा धनराशि हड़पने के लालच में अपनी मां की कार से रौंदकर हत्या करने का दोषी करार देते हुए उसके दो बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उन पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. 

जिले के फौजदारी सहायक लोक अभियोजक (एडीजीसी) देवदत्त मिश्रा ने बताया है कि अदालत ने बीमा धनराशि हड़पने के लालच में एक महिला की तीन मई 2017 की रात करीब 10 बजे कार से रौंदकर हत्या कर दी गई थी और इसी जुर्म के साबित हो जाने पर मृतका के दो बेटों अमर सिंह (23) और राहुल सिंह (21) को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. 

उन्होंने बताया कि यह घटना लगभग तीन साल पुरानी है. जहां फतेहपुर जिले की बिंदकी कोतवाली के ठिठौरी गांव के अमर सिंह और उसके छोटे भाई राहुल सिंह ने मां गुड्डी देवी (44) की हत्या कर उसके नाम की बीमा पॉलिसी की धनराशि हड़प करने का षड्यंत्र रचा था. उन्होंने बताया कि साजिश के अनुसार अमर सिंह अपनी मां को बाइक पर बैठाकर चित्रकूट में दर्शन कराने ले गया और रात करीब 10 बजे बेंदा-जौहरपुर गांव के नजदीक एक ट्रक के सामने आने पर अमर सिंह ने अपनी मां को बाइक से सड़क पर गिरा दिया था.

 इसके बाद अमर सिंह ने उसे (मां को) घसीटकर कार के आगे फेंक दिया था जिसे उसका छोटा भाई राहुल चला रहा था. एडीजीसी ने बताया कि साजिश के अनुसार राहुल कार से बड़े भाई की बाइक का पीछा बांदा से ही कर रहा था. उसने आगे-पीछे कार मोड़कर मां को तब तक रौंदा, जब तक उसकी मौत होने का भरोसा नहीं हो गया था.

मिश्रा ने बताया कि इस मामले में अमर सिंह ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ थाने में झूठा मुकदमा भी दर्ज करवाया था, लेकिन घटना की जांच में उपनिरीक्षक (एसआई) उपेंद्र नाथ ने पाया है कि बीमा की धनराशि हड़पने के लिए दोनों भाइयों ने अपनी मां की कार से कुचलकर हत्या की है और ट्रक चालक के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया है. (सोर्स-भाषा)

{related}

कार्यक्षमता व दक्षता में कमी के चलते UP पुलिस विभाग के 11 कर्मियों को कंप्लसरी रिटायर्मेंट के तहत किया गया सेवानिवृत

कार्यक्षमता व दक्षता में कमी के चलते UP पुलिस विभाग के 11 कर्मियों को कंप्लसरी रिटायर्मेंट के तहत किया गया सेवानिवृत

लखनऊः हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस आयुक्तालय ने एक बड़ा फैसला किया है. खबर है कि लखनऊ के अन्तर्गत नियुक्त विभाग के 11 पुलिस कर्मियों को कल  अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है क्योंकि उन सभी की कार्यक्षमता औऱ कार्यदक्षता विभाग के अनुकूल नहीं रही थी. जिसके चलते विभाग को  परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा था. आपको बता दे कि इस कैटेगिरी में अलग-अलग श्रेणी के विभिन्न कर्मचारी नामित किए गए है. 

पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक अराजपत्रित ऐसे कर्मी जो 31 मार्च 2020 को 50 वर्ष या 50 वर्ष से अधिक की आयु पूर्ण कर चुके हैं तथा उनकी कार्यदक्षता पुलिस विभाग की संस्कृति के अनुकूल नही है, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति स्वीकृत की गई है. आपको बता दे कि यूं तो सभी कर्मियों ने अपने पूरे जीवन में निष्पक्षता से पूरे लगन भाव के साथ देश की सेवा की है, मगर वक्त की संजीदगी को देखते हुए ये अहम् फैसला लिया गया है. 

इस अहम औऱ महत्वपूर्ण घटना की घोषणा करने के लिए एक आधिकारिक  बयान जारी किया गया था जिसके अनुसार इस प्रक्रिया के लिये गठित समिति की संस्तुति के आधार पर तीन उप निरीक्षक, सात आरक्षी और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कल अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है. उनकी सेवाभाविता के लिए पुलिस प्रशासन खुश है और सभी का आभार प्रकट करता है. (सोर्स-भाषा)

{related}

मुख्यमंत्री योगी  पर अखिलेश यादव का वार, कहा- सरकार के नियंत्रण में अब कुछ भी नहीं रहा, सिर्फ फर्जी बयानों का ले रही सहारा 

मुख्यमंत्री योगी  पर अखिलेश यादव का वार, कहा- सरकार के नियंत्रण में अब कुछ भी नहीं रहा, सिर्फ फर्जी बयानों का ले रही सहारा 

लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य की भाजपा सरकार के नियंत्रण में कुछ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि बस जनता को बहलाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश और फर्जी बयान ही जारी किए जा रहे हैं.

{related}

न तो कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोक लग रही है, और न ही अपराध के मामले कम हो रहेः
अखिलेश ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश सरकार के नियंत्रण में अब कुछ भी नहीं रह गया है. उन्होंने कहा कि न तो कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोक लग रही है, और न ही अपराध के मामले कम हो रहे हैं.

अखिलेश ने कसा तंज, कहा-मुख्यमंत्री के निर्देश और अस्पताली सेवाओं में बढ़ोत्तरी के फर्जी बयान ही जनता को बहकाने के लिए जारी हो रहे हैंः
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में अब तक कुल 5.28 लाख लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं. उनमें से 7,582 लोगों की मौत हो चुकी है. अस्पतालों में मरीजों के इलाज में लापरवाही की तमाम शिकायतें आ रही हैं. सरकार भी सुस्त होती जा रही है. बस मुख्यमंत्री के निर्देश और अस्पताली सेवाओं में बढ़ोत्तरी के फर्जी बयान ही जनता को बहकाने के लिए जारी हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने की लूट मची है और केंद्र सरकार झूठे आंकड़ों पर मुख्यमंत्री की प्रशंसा करता रहता है. उन्होंने कहा कि जनता देख रही है कि भाजपा सरकार किस तरह विफल साबित हो गई है.
सोर्स भाषा

रक्षक ही बना भक्षक, शादी का झांसा देकर CRPF जवान ने महिला को बनाया अपनी हवस का शिकार

रक्षक ही बना भक्षक, शादी का झांसा देकर CRPF जवान ने महिला को बनाया अपनी हवस का शिकार

मथुरा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक विधवा महिला के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. यहां एक दरोगा ने कथित रूप से एक विधवा महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया. इस संबंध में महिला ने स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया है. उधर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दरोगा को गिरफ्तार कर लिया है.

{related}

पुलिस ने आरोपी दारोगा को किया गिरफ्तारः
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद  में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दरोगा पर विधवा ने कथित रूप से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया है. महिला की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी दरोगा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है.

महिला ने वीडियो बनाकर उसका शारीरिक शोषण करने का भी लगाया आरोपः
पुलिस ने बताया कि मेरठ का रहने वाला दारोगा वर्ष 2017 से श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तैनात था. यहां पर उसकी दोस्ती बलदेव निवासी एक विधवा से हो गई. पिछले दिनों जवान स्थानांतरित होकर कहीं और चला गया. इसके बाद विधवा ने कोतवाली में जवान पर पहले होटल में ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने और फिर वीडियो बनाकर उसका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है. कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार दुबे ने बताया कि महिला की शिकायत पर दरोगा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
सोर्स भाषा

24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से की आत्महत्या, सुसाइड नोट लिखा मगर नहीं किया परेशानी का जिक्र

24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से की आत्महत्या, सुसाइड नोट लिखा मगर नहीं किया परेशानी का  जिक्र

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले से आत्महत्या का मामला सामने आया है जहां के थाना फेस-3 क्षेत्र की चोट पुर कॉलोनी में रहने वाले एक छात्र ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. इतना ही नहीं उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें युवक ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. हैरत की बात ये है कि उसने सुसाइड नोट तो लिखा है मगर नहीं किया परेशानी का  जिक्र नहीं किया है. जिससे उसके परिवारजन गहरे सदमें में है. 

इस मामले की जानकारी पुलिस अधिकारी ने दी है. थाना फेस-3 के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र दीक्षित ने बताया कि सौरव शाक्य (24 वर्ष) पुत्र कुंवर पाल सिंह मूल निवासी जनपद मैनपुरी ने आज तड़के सुबह घर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है. परिवार जनों को उसके काफी देरी तक दरवाजा ना खोलने की बात पर शक हुआ तो उन्होनें उसके कमरे में जाकर देखा तो उसे फंदे से लटका पाया था.

जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी थी. जिसके बाद घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सबसे पहले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. थाना प्रभारी ने बताया कि छात्र ने एक सुसाइड नोट लिखा है जिसमें आत्महत्या के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. (सोर्स-भाषा)

{related}

जेल में बंद कैदी की उपचार के दौरान मौत, कारणों का खुलासा नहीं

जेल में बंद कैदी की उपचार के दौरान मौत, कारणों का खुलासा नहीं

नोएडा: हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक कैदी की उपचार के दौरान मौत हो गई है. खबर है कि ग्रेटर नोएडा स्थित लुक्सर जेल में बंद एक कैदी की नोएडा के जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है. फिलहाल मौत के कारणों का कुछ पता नहीं चल पाया है इसलिए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इसके साथ ही पुलिस मामले की विभागीय जांच भी कर रही है.

जनपद गौतम बुद्ध नगर के लुक्सर स्थित जिला कारागार के सुपरिटेंडेंट विपिन मिश्रा ने बताया है कि थाना सेक्टर 20 पुलिस द्वारा वर्ष 2019 में सेक्टर 4 के जेजे कॉलोनी में रहने वाले राहुल को लूटपाट के मामले में गिरफ्तार किया गया था. यह लुक्सर जेल में विचाराधीन कैदी था. उन्होंने बताया कि राहुल के पेट में गंभीर बीमारी थी. उसे उपचार के लिए कुछ समय पूर्व दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

उन्होंने बताया कि कल राहुल की तबीयत खराब हो गई थी. जिसके बाद गंभीर हालत में उसे नोएडा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उपचार के दौरान राहुल की मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जेल सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि इस मामले की विभागीय जांच भी कराई जा रही है. घटना की सूचना उचित माध्यम से मृतक के परिजनों को दे दी गई है. (सोर्स-भाषा)

{related}

जहरीली शराब मामले में मायावती ने की अफ़सरों पर सख़्त कार्यवाही की मांग

जहरीली शराब मामले में मायावती ने की अफ़सरों पर सख़्त कार्यवाही  की मांग

लखनऊः बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने हाल ही में जहरीली शराब मामले में बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही करने की मांग की है.  इतना ही नहीं माया ने जहरीली शराब से होने वाली घटनाओं में सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को जरूरी बताया है और शराब के सेवन से होने वाली मौतों पर संवेदना व्यक्त की है.

मायावती ने इस मामले में ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. मायावती ने लिखा है कि यूपी में जहरीली शराब पीने से गरीबों की मौत व परिवारों के उजड़ने की घटनाएं लगातार हो रही हैं जो अति दुखद है. उन्होंने लिखा कि प्रयागराज की ताजा घटना में भी अनेक लोगों की मौत के बाद सरकारी कार्रवाई उचित है , किंतु इस समस्या के समाधान हेतु दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी बहुत जरूरी है. 

आपको बता दे कि पिछले हफ़्ते प्रयागराज जिले के फूलपुर के अमिलिया गांव में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई थी औऱ हर साल ना जाने कितने ही लोग जहरीली शराब के सेवन के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर बैठते है. फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है कि आगे इसके कितने संगीन प्रभाव देखने को मिलेगें और ये पहल कितनी कारगर साबित हो पाएगी. (सोर्स-भाषा)

{related}

6 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने 2 आऱोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

6 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने 2 आऱोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की एक अदालत ने छह साल पूर्व हत्या के मामले में हाल ही में अपना फैसला सुनाया है. अदालते ने एक युवक की हत्या के मामले में दोषी पाए गए दो व्यक्तियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है और उन पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. आपको बता दे कि मामला लगभग छह साल पुराना है औऱ जिसमें आपसी रंजिश के चलते दो युवकों ने मृतक की हत्या कर दी थी. 

जिले के सहायक लोक अभियोजक (एडीजीसी) सुशील कुमार सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश निहारिका चौहान की अदालत ने कर्वी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर कस्बे के रामघाट में 13 फरवरी 2014 की शाम गोपाल तिवारी (30) की हत्या के मामले में दोषी पाए गए राजा भैय्या यादव और राजू पाठक को उम्रकैद की सजा सुनाई है. 

उन्होंने बताया कि दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इतन ही नहीं जुर्माने की आधी धनराशि मृतक गोपाल की पत्नी बिट्टो देवी को देने के आदेश दिए हैं. सिंह ने बताया कि गोपाल तिवारी 13 फरवरी 2014 की शाम करीब सात बजे रामघाट घूमने गया था. फिर रात में वह वापस घर नहीं लौटा और अगले दिन सुबह उसका शव मंदाकिनी नदी के नए पुल के नीचे पाया गया था.

जिसके बाद उसके शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया था औऱ इस रिपोर्ट में उसकी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी. उन्होंने बताया कि इस मामले में मृतक के भाई गुलजारी तिवारी ने पुरानी रंजिश में राजा भइया यादव व राजू पाठक के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए कर्वी कोतवाली में 14 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज करवाई थी. जिसके बाद अब कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. (सोर्स-भाषा)

{related}