राज्य में जोड़े जाएंगे नए 7 लाख करदाता, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने जारी किया एक्शन प्लान

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/19 07:01

जयपुर: केन्द्र सरकार की नए आयकरदाता जोड़ने की मुहिम में राजस्थान को इस साल सात लाख से अधिक करदाता जोड़ने का लक्ष्य मिला है. सरकार ने देश भर में करदाताओं की संख्या में इस साल एक करोड़ 30 लाख नए आयकर दाता जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल की तुलना में 5 लाख अधिक है. 

देश में आयकर करदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी करने और कर योग्य आय के बावजूद आयकर नहीं चुकाने के साथ आयकर विवरणी ही जमा नहीं कराने वालों को लेकर गत वित्तीय वर्ष अर्थात 2018-19 में केन्द्र सरकार ने एक करोड़ 25 लाख नए करदाता बनाने का लक्ष्य रखा था. इस संख्या का बंटवारा देश भर के विभिन्न राज्यों में विभागीय कामकाज के प्रभारी अर्थात केडर कंट्रोलिंग 18 मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालयों में किया गया. राजस्थान को पिछले साल छह लाख 11 हजार नए करदाता जोड़ने का लक्ष्य मिला, जिसकी तुलना में 6 लाख 20 हजार नए करदाता जोड़े गए. इस वित्तीय वर्ष  के लिए राज्य को 7,42,360 नए करदाता जोडने का केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अर्थात CBDT ने लक्ष्य दिया है. 

यह रहा देश में टॉप 5 नए करदाता जोड़ने वाले केडर कंट्रोलिंग आयुक्त

केडर कंट्रोलिंग                                      नए करदाताओं का लक्ष्य         
PCCIT

उत्तर पश्चिमी क्षेत्र                                             12,50,683
पुणे                                                                  12,22,676
गुजरात                                                             11,96,129
पश्चिमी बंगाल और सिक्किम                                8,25,999  
आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना                                      9,22,465    

सम्पूर्ण भारत                                                      1.30 करोड़                         
 
नए करदाता जोड़ने के जो अधिकारिक आंकड़े जारी हुए हैं, उनमें यह भी स्पष्ट है कि अपेक्षाकृत छोटे केडर कंट्रोलिंग मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालयों को देश के बड़े CCA की तुलना में नए करदाता जोड़ने की अधिक जिम्मेदारी मिली है. देश की आर्थिक राजधानी कहें जाने वाला मुम्बई CCA, देश की राजधानी दिल्ली के CCA को जारी लक्ष्यों का आंकलन किया जाएं तो यह लक्ष्य इन दोनों की स्थानों के मौजूदा करदाताओं की संख्या की प्रतिशतता के आधार पर तुलनात्मक रूप से में काफी ही है. ऐसे में यह माना जा सकता है कि सरकार की नजर में अब नए करदाताओं की पहचान और उन्हें आयकर विभाग से जोड़ने की जिम्मेदारी बड़े शहरों की तुलना में छोटों से अधिक है. 

यह रहा देश में नए करदाता जोड़ने की कवायद का लेखा जोखा

वित्तीय वर्ष                                      नए करदाताओं का लक्ष्य      कुल जोड़े गए करदाताओं की संख्या

2017-18                                           1.25 करोड़                      1.06 करोड़
2018-19                                           1.25 करोड़                      1.10 करोड़  
2019-20                                           1.30 करोड़                      प्रयास जारी

केन्द्र सरकार लम्बे समय से देश की जनसंख्या की तुलना में कम आयकर दाताओं की संख्या को आधार मान कर नए करदाताओं को जोड़ने का प्रयास कर रही है.  पिछले तीन सालों का तुलनात्मक रूप से अध्ययन किया जाएं तो इस लक्ष्य में सरकार की विफलता के आंकड़ें ही सामने आएं हैं. वित्तीय वर्ष 2017-18 में सरकार के 1.25 करोड़ नए करदाताओं के लक्ष्य की तुलना में 1.06 करोड़ करदाता ही जुड़ सके.  इसी तरह वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी सरकार ने 1.25 करोड़ नए करदाताओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा, लेकिन इस साल में भी 1.10 करोड़ करदाता ही जुड़ पाएं. चालू वित्त वर्ष में सरकार ने फिर एक करोड़ 30 लाख नए करदाता जोड़ने का लक्ष्य रखा है. जिसे विभागीय अधिकारी अभी से ही चुनौती मान कर चल रहे हैं.

.... विमल कोठारी, फर्स्ट इण्डिया न्यूज, जयपुर

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