700 साल से नहीं बनते इस गांव में दूसरी मंजिल पर घर

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/28 10:48

सरदारशहर(चूरू)। यहां लोग दूसरी मंजिल का मकान बनाने में डरते हैं अनहोनी की आशंका से आज तक किसी ने नहीं बनाया दूसरी मंजिल का मकान यह डर है या परंपरा लेकिन इस गांव की यह दासता जो भी सुनता है रह जाता है दंग । जहां एक और हमारे देश बड़ी बड़ी इमारते बनाने वालो में होड़ लगी रहती है वहीं दूसरी और सरदारशहर के एक गाँव उड्सर में लोग दो मंजिल का मकान बनाने से डरते है, ऐसी बात नही है की यहाँ कोई भूंकप आते है। दूसरी मंजिल पर मकान नहीं बनाने के पीछे जब हमार संवाददाता गजेंद्र सिंह ने जांच पड़ताल की तो गांव की रहस्यमई सच्चाई सामने आई जिस जानकर हम भी दंग रह गए। 

पहले जान लेते इस गांव का इतिहास
1309 साल पहले इस गांव को उड़ सारण नाम के व्यक्ति ने इस गांव को अपने नाम पर बसाया था। गांव में वर्तमान में तकरीबन 450 के आस पास घर है। गांव में सदैव ही सौहार्द पूर्ण माहौल बना रहता है। उड़सर गांव सरदारशहर तहसील से महज 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

700 साल से नहीं बनते इस गांव में दूसरी मंजिल पर घर
गांव के कुछ जानकर लोगो ने हमे बताया की पिछले 700 सालों से इस गांव में कोई दो मंजिल का मकान नही बना है। और जिस किसी ने भी है परंपरा को थोड़ा है । उसके साथ कुछ ना कुछ अनामी हुई है । इसी अनहोनी की आशंका से स्थानीय भाषा में मालिया बोलते है कोई नहीं बनाता है या डर से कोई नहीं बना पाया। गांव के लोग इसके पीछे कई किवदंतीया सुनाते हैं । गांववालों  का मानना है की 700 साल पहले भोमिया नाम वय्क्ति था जो परम गोभक्त था पास ही के गांव आसपालसर उनका ससुराल था। भोमिया जी की गायों में गहरी आस्था थी  एक समय  गांव में कुछ लुटेरे आए और वह गायों को चुरा कर ले जाने लगे इस पर भोमिया जी की उन लुटेरों से भीषण युद्ध हुआ  भीषण युद्ध में भोमिया जी बुरी तरह घायल हो गए और घायल अवस्था में  ससुराल में बने मालिये में छुप गये, और ससुराल वालो को बोल दिया की कोई आये तो बताना मत, लेकिन लुटेरे आये और ससुराल वालो से जब मारपीट की तो ससुराल वालो ने बता दिया की भोमिया मालिये में छूपा हुआ है और उन लोगो ने भोमिया का सिर धड़ से अलग कर दिया, लेकिन भोमिया सर हाथ में लिए हुए उनसे लड़ता रहा, और और लड़ते-लड़ते अपने गांव की सीमा के समीप आ जाता है इस दौरान भोमिया का लड़का भी मारा जाता है, अंत तह भोमिया का धड़ उड्सर गांव में आकर गिर जाता है जंहा भोमिया का सिर गिरता है वहां आज भोमिया का मन्दिर बना हुआ  है इसी दौरान भोमिया की पत्नी गांव में श्राप देती है की आज से घर पर कोई मालिया नही बनाएगा, और भोमिया की पत्नी सती हो जाती है, गांव के लोगो का मानना की ये श्राप इसलिए दिया गया की आगे से अगर मालिया नही होगा तो किसी पर वो नोबत दोबारा नही आएगी जो भोमिया पर आई थी, अब अगर कंही छुपाएंगे तो अपनों के बिच ही छुपाएंगे,  गांव के लोगों ने बताया की उस दिन के बाद जिस किसी ने मालिया बनाया उस घर की औरत मर गयी और एक का तो पूरा परिवार ही खत्म हो गया, इसी डर से लोग आज भी अपने घरो पर दूसरी मंजिल मतलब मालिया नही बनाते, इस गांव में शिक्षित लोग भी है लेकिन वो भी इस परंपरा को मानते है उन लोगो का कहना है की वो लोग इसे अंध विस्वाश नही मानते है ये वर्षो से चली आ रही परम्परा है, जिसे वो लोग तोडना नही चाहते, फर्स्ट इंडिया ने जब पुरे मामले पर तपतिश की तो एक ही बात सामने आई की ये पूरा गांव दूसरी मंजिल से भयभीत है इस गांव के लोग अब दूसरी मंजिल पर मकान बनाने की सोचते तक नही है।

भोमिया जी का मंदिर आज भी गांव में है और गांव के लोग इस में गहरी आस्था रखते हैं और हर दिन इस मंदिर की पूजा की जाती है।
सरदारशहर से फर्स्ट इंडिया के लिए गजेंद्र सिंह की रिपोर्ट

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