VIDEO: 738 करोड़ के सर्किट्स से बदलेगी राजस्थान पर्यटन की दिशा और दशा, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: 738 करोड़ के सर्किट्स से बदलेगी राजस्थान पर्यटन की दिशा और दशा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: केंद्र की मोदी सरकार ने राजस्थान को मोस्ट फेवरेट डेस्टीनेशन के तौर पर चुना था. लेकिन कोरोना के चलते पर्यटन विकास की योजनाएं रुक गई थी। अब स्थिति सामान्य है इसलिए राजस्थान को देश के अव्वल पर्यटन प्रदेश के तौर पर विकसित किया जाएगा. पूर्ववर्ती राजे सरकार ने केंद्र से पांच सर्किट मंजूर कर आए थे इसके बाद कोरोना के चलते टूरिज्म सर्किट योजना पर काम नहीं हो सका लेकिन अब गहलोत सरकार द्वारा प्रस्तावित चार सर्किट को इस वर्ष के अंत तक मंजूरी मिल जाएगी. कुल 738 करोड़ के इन सर्किट्स से राजस्थान पर्यटन  की दिशा और दशा बदलने वाली है. 

प्रस्तावित सर्किट  

राशि

रिलीजीयस सर्किट  

438 करोड़

मेगा डेज़र्ट सर्किट  

100  करोड़

ट्राईबल सर्किट  

100  करोड़

इको ट्यूरिज्म सर्किट    

100 करोड़

मेवाड़ सर्किट      

प्रस्तावित

मारवाड़ सर्किट  

प्रस्तावित

मंजूर हो चुके सर्किट    

राशि

हैरिटेज सर्किट      

100  करोड़

स्प्रिचुअल सर्किट    

95 करोड़

कृष्णा सर्किट  

91 करोड़

सांभर ट्यूरिज्म प्रोजेक्ट  

64 करोड़

अजमेर-पुष्कर प्रोजेक्ट      

40 करोड़

राजस्थान देश में शुरू से पर्यटन का पायोनियर रहा:
पधारो म्हारे देस से शुरू हुआ सफर जाने क्या दिख जाए तक पहुंच कर वापस पधारो म्हारे देश पर आ गया है. राजस्थान देश में शुरू से पर्यटन का पायोनियर रहा है. बीच के वर्षों में आधारभूत ढांचे के विकास में पिछड़ने से राजस्थान पर्यटन ने अपना अव्वल दर्जा खो दिया था. अब केंद्र में मोदी और प्रदेश में गहलोत सरकार बनने के बाद पर्यटन को प्राथमिकता पर रखा गया. राज्य से केंद्र को 3 साल पहले चार सर्किट्स के प्रस्ताव भेजे जिन्हें केंद्र ने मंजूर कर लिया था. सबसे पहले स्वदेश दर्शन योजना के तहत सांभर में सॉल्ट ट्यूरिजम का 64 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ इसके बाद अजमेकर-पुष्कर में 40 करोड़ का प्रोजेक्ट प्रसाद योजना में मंजूर किया गया. इसके बाद 91 करोड़ का कृष्णा सर्किट और 95 करोड़ का स्प्रिचुअल सर्किट मंजूर हुआ. इसके बाद 100  करोड़ का हैरिटेज सर्किट मंजूर किया गया है. 

प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाना:
कोरोना प्रभावित प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाना है. सर्किट्स की मंजूरी से प्रदेश के पर्यटन उत्पादों को यूनीक फीचर के साथ सामने लाना है. केंद्र राजस्थान को सबसे अहम पर्यटन राज्य मानता है. अब राज्य ने केंद्र को 438 करोड़ का रिलीजियस सर्किट, 100-100 करोड़ के मेगा डेज़र्ट, इको ट्यूरिज्म और ट्राइबल सर्किट के प्रस्ताव दोबारा भेजे हैं. केंद्र की टीम ने इन्हें सैद्धांतिक तौर पर मंजूर कर लिया है. माना जा रहा है कि कोरोना की तीसरी वेव नहीं आई तो इस वर्ष के अंत तक इनके लिए 738  करोड़ रुपए की मंजूरी मिल जाएगी. 

पर्यटन सर्किट्स के प्रस्ताव बनाने के दिए थे निर्देश:
दरअसल पिछली भाजपा सरकार में सीएम राजे ने मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद की बैठक में प्रदेश की जल, वन, पुरासंपदा को दुनिया के सामने लाने के लिए पर्यटन सर्किट्स के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद से ही तमाम सर्किट्स का खाका तैयार किया गया. प्रदेश में सरकार बदलने और गहलोत सरकार केे काबिज होने के बाद पर्यटन के तौर तरीके बदले हैं.  विभाग ने नए सिरेे से प्रस्ताव केंद्र को भेजे हैैं. इन सर्किट्स में वन, नदी, झील, मंदिर, अन्य धार्मिकस्थल, पुरास्मारक, गांव, हस्तशिल्प, व्यंजन, किले, महल, बावड़ी सहित मेले और उत्सवों तक को शामिल किया गया है. 

राजस्थान फिर से बन सकता है देश में अव्वल पर्यटन राज्य: 
मेवाड़ और मारवाड़ सर्किट के भी प्रस्ताव केंद्र को भेजे हैं. सांभर और अजमेर-पुष्कर प्रोजेक्ट पर काम भी पूरा हो चुका है. ऐसे में आने वाले दो वर्षों में राजस्थान पर्यटन का कलेवर कुछ ओर ही होगा और एक बार जो पर्यटक यहां आएगा वो बार बार आने को आतुर होगा. केंद्र से मिली राशि के बाद अब राज्य में 1178 करोड़ की लागत से तमाम सर्किट्स का विकास होगा. खासकर यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ ही पर्यटकों को उम्मीद से अधिक देखने को मिलेगा. ऐसे में अगले दो वर्ष में राजस्थान फिर से देश में अव्वल पर्यटन राज्य बन सकता है.

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