दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ: मुख्यमंत्री गहलोत ने दिखाई प्रतीकात्मक दांडी यात्रा को हरी झंडी, मार्च में कई गांधिवादी विचारक और कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल

दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ: मुख्यमंत्री गहलोत ने दिखाई प्रतीकात्मक दांडी यात्रा को हरी झंडी, मार्च में कई गांधिवादी विचारक और कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल

दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ: मुख्यमंत्री गहलोत ने दिखाई प्रतीकात्मक दांडी यात्रा को हरी झंडी, मार्च में कई गांधिवादी विचारक और कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ के मौके पर जयपुर में प्रतीकात्मक दांडी मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. गांधी के इसी दांडी मार्च को प्रतीकात्मक रूप से गांधी भवन से गांधी सर्कल तक निकाला गया. इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत के साथ बड़ी संख्या में खिलाड़ी व पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया. साथ ही पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, कृष्णा पूनिया, महेंद्र चौधरी, राजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव निरंजन आर्य और संयम लोढ़ा सहित कई गणमान्य प्रतीकात्मक दांडी यात्रा में शामिल रहे. 

प्रतीकात्मक दांडी यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों से लोहा लिया. नई पीढ़ी को इतिहास की जानकारी देने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी है. उन्होंने कहा कि गांधीजी ने पूरे विश्व को अहिंसा को संदेश दिया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जयपुर नागरिक समिति को आयोजन के लिए साधुवाद किया. इस दौरान मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार कृषि कानूनों पर अन्नदाता को नजरअंदाज कर रही है. केन्द्र सरकार को दमनकारी कृषि कानून वापस लेने चाहिए. सरकार को हठधर्मिता छोड़नी चाहिए. 

मुझे उम्मीद है कि गांधीजी का संदेश मोदीजी को झकझोरेगा: 
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि केन्द्र की सरकार के खिलाफ देश की आम जनता में भारी गुस्सा है. 4 महीनों तक बुजुर्ग, महिलाएं बच्चे कृषि बिल के विरोध में बैठे हैं. मुझे उम्मीद है कि गांधीजी का संदेश मोदीजी को झकझोरेगा और आज शाम तक बिल वापस लेकर किसानों को राहत देंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर लापरवाही महंगी पड़ सकती है. कोरोना के खिलाफ लापरवाही से हम जीती हुई जंग हार सकते हैं. प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केस बढ़े हैं. ऐसे में लोगों को कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पूरा पालन करना चाहिए. 

गांधी ने नमक सत्याग्रह के लिए साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा शुरू की थी: 
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को नमक सत्याग्रह के लिए अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा शुरू की थी और 240 किलोमीटर की यात्रा कर 6 अप्रैल 1930 को दांडी समुद्र तट पर नमक बनाकर अंग्रेजों द्वारा बनाए गए नमक कानून को तोड़ा था. इस मार्च में गांधीजी के साथ सभी वर्गों एवं जातियों के लोग शामिल थे. गांधी के साथ 81 सत्याग्रहियों ने 240 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर दांडी में नमक कानून तोड़ा था. दांडी मार्च में 3 सत्याग्रही राजस्थान (तत्कालीन राजपूताना क्षेत्र) के मदनमोहन चतुर्वेदी, सुल्तान सिंह एवं नारायण दत्त भी शामिल थे. 

जवाहर कला केन्द्र में कई कार्यक्रमों का आयोजन:
बता दें कि प्रदेश के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा दांडी मार्च 91वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. साथ ही जवाहर कला केन्द्र में खादी चरखा प्रदर्शनी, कार्यशाला, कला शिविर और कला धारा की प्रस्तुति सहित अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया.  

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