जयपुर VIDEO: जयपुर के दक्षिण में होगा एक बड़े इकोनॉमिक हब का उदय, JDA ने समूचे इलाके की भूमि का लैंड यूज़ प्लान किया तैयार

VIDEO: जयपुर के दक्षिण में होगा एक बड़े इकोनॉमिक हब का उदय, JDA ने समूचे इलाके की भूमि का लैंड यूज़ प्लान किया तैयार

जयपुर: टोंक रोड स्थित शिवदासपुरा व बाड़ा पदमपुरा और उसके आसपास का इलाका राजधानी का नया बड़ा इकनोमिक हब बनने वाला है. जेडीए ने इस समूचे इलाके की करीब ढाई हजार हेक्टेयर भूमि का लैंड यूज प्लान तैयार कर लिया है. यह एक इकोनामिक हब किस तरह बनेगा. शिवदासपुरा व बाड़ा पदमपुरा की करीब 2000 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2004 से ही ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए आरक्षित थी. यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट एंपावर्ड कमेटी की 31 जुलाई वर्ष 2020 में हुई बैठक में इस एयरपोर्ट की योजना को निरस्त करने का फैसला किया गया. 

वर्ष 2011 में जयपुर शहर का मास्टर प्लान 2025 लागू किया गया था. तब इस भूमि का लैंड यूज स्पेशल एरिया रखा गया था. अब जब एयरपोर्ट योजना के लिए आरक्षित इस भूमि को मुक्त किया जा चुका है. ऐसे में जेडीए ने इस समूचे इलाके की कुछ और जमीन शामिल करते हुए करीब ढाई हजार हेक्टेयर भूमि का लैंड यूज़ प्लान तैयार किया है. रिंग रोड के नजदीक स्थित इस भूमि का लैंड यूज़ प्लान तैयार करते समय भावी आवश्यकता का ध्यान रखते हुए यहां का लैंड यूज़ आवासीय व व्यावसायिक के साथ औद्योगिक और रीक्रिएशनल भी रखा गया है. 

जानिए, कितनी जमीन का क्या उपयोग रखा गया:
-1639 हेक्टेयर भूमि का भू उपयोग आवासीय रखा गया है, यह कुल भूमि में से 65.87 प्रतिशत है.
-इसी प्रकार 130 हेक्टेयर भूमि का भू उपयोग कमर्शियल रखा गया है जो कि कुल भूमि का 6.27% है.
-96.28% भूमि का भू उपयोग रीक्रिएशनल रखा गया है जो कि कुल भूमि का 3.97% है.
-इसी प्रकार बड़ी भूमि 369.5 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित रखी गई है, जो कि कुल क्षेत्र की भूमि की 14.87% है. 
-इलाके में मौजूद वाटर बॉडीज और लो लाइन एरिया को यथावत रखा गया है. 
-इसमें 145.79 हेक्टेयर भूमि शामिल है जो कि कुल भूमि का 5.87% है.

इस पूरे इलाके की करीब 20 गांव की भूमि का लैंड यूज निर्धारित किया गया है. पिछले दिनों जयपुर विकास प्राधिकरण की भवन मानचित्र समिति लेआउट प्लान की हुई बैठक में एक लैंड यूज़ प्लान पर मोहर लगाई गई. मामला अंतिम स्वीकृति के लिए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को भेजा जाएगा. आपको सबसे पहले बताते हैं कि प्रमुख रूप से किन-किन गांव की भूमि इस लैंड इस प्लान में शामिल है और इस प्लान की खास बातें और क्या है.

जानिए, किन गांवों की भूमि प्लान में शामिल, ये हैं खास बात:
-बरखेड़ा, गोपीराम पूरा,रायपुरिया खुर्द, जयलालपुरा, शिवदासपुरा, काठावाला, बिहारीपुरा,जुझारपुरा, यारलीपुरा, बाड़ा पदमपुरा, बल्लूपुरा,नागलपुरा और धर्मपुरा आदि गांव की जमीन इस लैंड यूज प्लान में शामिल है.
- इस 2413 हेक्टेयर भूमि के उत्तर पूर्वी भाग में जेडीए की भूमि सम्मिलित करते हुए औद्योगिक उपयोग प्रस्तावित किया गया है.
-टोंक रोड और टोंक रोड बाईपास पर सड़क की गहराई का डेढ़ गुना तक व्यवसायिक उपयोग निर्धारित किया गया है.
-शिवदासपुरा-बाड़ा पदमपुरा की 200 फीट सड़क के दक्षिण में तथा टोंक रोड के पूर्व में मिश्रित भू उपयोग प्रस्तावित किए गए हैं.
-ताकि भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके. 
-इलाके का विस्तृत रोड नेटवर्क प्लान तैयार किया गया है. 
-इसके तहत 60 फीट से लेकर 300 फीट चौड़ी सड़कें प्रस्तावित की गई है.
-80 फीट और इससे अधिक चौड़ी सड़कों की चौड़ाई के आधे तक सेक्टर व्यवसायिक प्रस्तावित किया गया है.

इस इलाके का लैंड यूज़ प्लान तैयार करने के मामले में क्रेडाई राजस्थान का एक प्रतिनिधिमंडल भी जेडीए आयुक्त गौरव गोयल से मिला था. इस प्रतिनिधिमंडल की मांग थी कि सीतापुरा और प्रहलादपुरा इंडस्ट्रियल एरिया अब सैचुरेटेड स्थिति में आ चुका है. इसलिए भावी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यहां नए इंडस्ट्रियल एरिया की परिकल्पना की जाए. इस को ध्यान में रखते हुए ही लैंड यूज़ प्लान में इसे प्रस्तावित किया गया है. इस समूचे इलाके की भूमि का बड़ा हिस्सा जेडीए स्वामित्व का है. इस लिहाज से यह उम्मीद है कि यह लैंड यूज़ प्लान जल्द धरातल पर उतरेगा और यह क्षेत्र जयपुर के नए इकनोमिक हब के तौर पर विकसित होगा.

...अभिषेक श्रीवास्तव फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर

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