Mukhtar Ansari वाली बांदा जेल की High Security सुरक्षा में लगी सेंध, फरार हुआ एक कैदी

Mukhtar Ansari वाली बांदा जेल की High Security सुरक्षा में लगी सेंध, फरार हुआ एक कैदी

Mukhtar Ansari वाली बांदा जेल की High Security सुरक्षा में लगी सेंध, फरार हुआ एक कैदी

बांदा: पंजाब की रोपड़ जेल (Ropad Jail) से माफिया (Mukhtar Ansari) को शिफ्ट करने के बाद बांदा जेल की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत सोमवार काे उस समय सामने आ गई जब एक विचाराधीन बंदी (Undertrial Prisoner) फरार हो गया. CCTV कैमरों (CCTV Cameras) से निगरानी और हाई सिक्योरिटी (High security) के बावजूद बंदी के भाग जाने की सूचना के बाद जेल अफसरों में खलबली मच गई है. उपमहानिरीक्षक कारागार प्रयागराज (Deputy Inspector General Prisons Prayagraj) ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही बंदी की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें (Police Team) लगा दी हैं.

कुछ दिनों पूर्व ही रोपड़ जेल से किया गया था शिफ्ट:
यूपी के माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) को कुछ दिन पहले ही पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा जेल शिफ्ट किया गया है. माफिया मुख्तार अंसारी को लेकर जेल में हाई सिक्योरिटी सिस्टम (High Security System) होने का दावा किया जा रहा था. बीस से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और अलार्म सिस्टम (Alarm System) समेत हथियारबंद बंदी रक्षकों (Armed Captive Defenders) की तैनाती की गई है. इसके बावजूद रविवार की शाम जेल में निरुद्ध विचाराधीन बंदी बांदा के थाना गिरवां ग्राम बरसड़ा बुजुर्ग निवासी 22 वर्षीय विजय आरख फरार हो गया. उसके भाग जाने की खबर से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, वहीं सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत भी सामने आ गई.

6 फरवरी 2021 को फरार बंदी आया था जेल में:
बांदा कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक अरुण कुमार सिंह (Senior Jail Superintendent Arun Kumar Singh) द्वारा जानकारी दी गई है कि बरसड़ा बुजुर्ग निवासी विजय अरख को गिरवां थाना पुलिस ने CJM कोर्ट (CJM Court) से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तारी के बाद 6 फरवरी 2021 को जेल में दाखिल कराया था. वह रोजाना की तरह जेल के बाहर कृषि फार्म में काम करने के लिए अन्य बन्दियों के साथ बंदी रक्षकों की निगरानी में रविवार की दोपहर गया था. सभी बंदियों के साथ वह शाम को लौटा लेकिन रात करीब साढ़े आठ बजे जेल लॉकिंग के समय वह नहीं मिला.

जेल की अलार्म करवाकर की गई पूरी जांच, नहीं मिला कैदी:
अलार्म कराकर जेल के अंदर उसकी तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिला. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बांदा को सूचित करने के बाद प्रकरण में कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी गई है. आखिरी बार बंदी को रविवार की शाम पौने सात बजे के करीब जेल में देखे जाने की पुष्टि हुई है. 

कारागार और पुलिस की सर्च टीमें बंदी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. घटना के बाद प्रयागराज मंडल के एडीजी जेल संजीव त्रिपाठी (ADG Jail Sanjeev Tripathi) ने तत्काल जेल पहुंचकर घटना की जानकारी के बाद जांच के निर्देश दिए हैं.

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