VIDEO: जयपुर एयरपोर्ट का एक नया कीर्तिमान, पहली बार यात्री भार आंकड़ा 50 लाख के पार

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/06 09:22

जयपुर। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या करीब 55 लाख हो गई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब जयपुर एयरपोर्ट से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों का आंकड़ा 50 लाख को पार कर गया हो। इस वित्तीय वर्ष में पिछले साल की तुलना में 7 लाख से ज्यादा यात्रियों ने हवाई सफर किया है। फर्स्ट इंडिया न्यूज की इस खास रिपोर्ट में जानिए और समझिए कि कितना बढ़ा है यात्रीभार और कितने विमानों का रहा है मूवमेंट।

जयपुर एयरपोर्ट पर पिछले कुछ समय में फ्लाइट्स का आवागमन लगातार बढ़ रहा है। दरअसल पर्यटन के क्षेत्र में जयपुर का अपने आप में बड़ा नाम है और अब जयपुर एयरपोर्ट पर भी यात्री सुविधाओं व विमानों के संचालन के लिए नई सुविधाएं जुड़ रही हैं। इसे देखते हुए न केवल घरेलू एयरलाइंस, बल्कि इंटरनेशनल एयरलाइंस भी फ्लाइट्स शुरू करने के लिए आगे आ रही हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर हर साल औसतन 7 से 9 लाख यात्रियों का आवगामन बढ़ रहा है। पिछले साल जहां कुल यात्रियों की संख्या 47 लाख 57 हजार थी, वहीं इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर यात्रियों की संख्या 54 लाख 84 हजार हो गई है। जयपुर एयरपोर्ट पर इस वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन माह में हालांकि यात्रीभार अपेक्षा के अनुरूप कम रहा है और विमानों का मूवमेंट भी कम रहा है। अगर यात्रीभार शुरुआती महीनों की तरह रहता तो यात्रीभार का आंकड़ा 56 लाख तक पहुंच सकता था। बार-बार रनवे बंद करने के लिए लगने वाले नोटम की वजह से यात्रीभार और विमानों का मूवमेंट कम हुआ है।

कैसा रहा वित्त वर्ष 2018-19:
—वित्त वर्ष में जयपुर एयरपोर्ट से 54.84 लाख यात्रियों ने किया हवाई सफर
—पिछले वर्ष की तुलना में 7.27 लाख ज्यादा यात्रियों ने किया आवागमन
—इस वर्ष 46209 विमानों का मूवमेंट हुआ जयपुर एयरपोर्ट से
—यानी रोज औसतन 63 फ्लाइट्स का हुआ संचालन
—जबकि पिछले साल 42289 विमानों का मूवमेंट, यानी रोज 58 फ्लाइट्स का मूवमेंट

कुल यात्री बढ़े, लेकिन इस साल 3 माह में गिरा यात्रीभार:
—जनवरी 2019 में 5.19 लाख यात्रियों ने किया आवागमन
—फरवरी 2019 में यात्रीभार घटकर रह गया 4.53 लाख
—मार्च 2019 में भी गिरा यात्रीभार, 4.74 लाख यात्रियों ने किया सफर

यदि जयपुर एयरपोर्ट पर पिछले साल से तुलना की जाए ताे इस बार यात्रीभार में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत अच्छी नहीं रही है। पिछले वित्त वर्ष में जहां यात्रीभार में कुल 9.52 लाख यात्रियों की बढ़ोतरी हुई थी, वहीं इस वित्त वर्ष में यात्रीभार में केवल 7.27 लाख की ही बढ़ोतरी हुई है। यानी पिछले साल की तुलना में यात्रीभार गिरा है। दरअसल इसके पीछे कुछ शहरों की फ्लाइट्स का बंद होना और कई अन्य शहरों के लिए फ्लाइट संचालन कम होने को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

पिछले 10 साल में जयपुर से इस तरह बढ़ा यात्रीभार:
—वर्ष 2009-10 : 15.88 लाख यात्री
—वर्ष 2010-11 : 16.62 लाख यात्री
—वर्ष 2011-12 : 18.62 लाख यात्री
—वर्ष 2012-13 : 18.43 लाख यात्री
—वर्ष 2013-14 : 19.87 लाख यात्री
—वर्ष 2014-15 : 22.04 लाख यात्री
—वर्ष 2015-16 : 29.03 लाख यात्री
—वर्ष 2016-17 : 38.05 लाख यात्री
—वर्ष 2017-18 : 47.57 लाख यात्री
—वर्ष 2018-19 : 54.84 लाख यात्री

इन शहरों की कनेक्टिविटी हुई बंद:
—जम्मू की एकमात्र फ्लाइट पिछले साल अक्टूबर 2018 में बंद हुई
—बैंकॉक की थाई स्माइल की फ्लाइट इसी साल मार्च में बंद हुई
—लखनऊ, वाराणसी, उदयपुर, चेन्नई की कनेक्टिविटी भी कम हुई

जिस अनुपात में जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, उसी अनुपात में जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। एयरपोर्ट पर वर्तमान में डिपार्चर और अराइवल एरिया दोनों ही जगह समस्या बनी रहती है। यात्रियों को न केवल कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, साथ ही फ्लाइट छूटना, बैगेज खो जाना जैसी समस्याएं भी आम होती जा रही हैं। ऐसे में जयपुर एयरपोर्ट पर सुविधाओं को बरकरार रखना भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन हालांकि मौजूदा बिल्डिंग का विस्तार कर रहा है और इसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि बढ़े हुए यात्रीभार के मुताबिक एयरपोर्ट प्रशासन कब तक यात्रियों के लिए सुविधाएं मुहैया करा पाता है।

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

 

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