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नई शिक्षा नीति को लेकर बयानबाजी का दौर हुआ शुरू, मंत्री सुभाष गर्ग और मंत्री डोटासरा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

जयपुर: नई शिक्षा नीति को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्रियों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. प्रदेश के शिक्षा मंत्रियों ने नई नीति में कई कमियां गिनाई है, तो यह भी स्वीकार किया कि नई नीति में प्रदेश सरकार के अच्छे सुझावों को भी लागू किया है. मोदी केबिनेट द्वारा कल नई शिक्षा नीति को मंजूरी मिल गई.जिसमे कई बदलाव सामने आए है. इन बदलावों को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्रियों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है.

भ्रटाचार और भाई भतीजावाद पनपेगा:
प्रदेश की स्कूली शिक्षा का जिम्मा संभाल रहे पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने नई शिक्षा नीति पर एक और राज्य के सुझाव को माने जाने पर आभार जताया तो दूसरी तरफ उन्होंने शिक्षक भर्तियों में साक्षात्कार को शामिल करने पर नाराजगी भी जाहिर की.डोटासरा का कहना है कि इंटरव्यू से भ्रटाचार और भाई भतीजावाद पनपेगा यह आपत्ति बड़ी आपत्ति है. हालांकि उन्होंने शिक्षको की गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी नहीं लगाने जैसे सुझाव मानने पर आभार जताया. जबकि आंगनबाडियों को प्री प्राइमरी के तौर पर शामिल करने जैसे बिंदुओ को भी राज्य द्वारा दिए गए सुझाव बताए. जबकि कहा की क्वालिटी एजुकेशन के लिए कुछ खास नजर नहीं आया. एक्स्ट्रा बजट की कोई बात नहीं की गई है. डोटासरा ने कहा कि नई नीति में राज्यों को सपोर्ट करने की बात नहीं की गई. राजीव गांधी के समय की 1986 की नीति जैसा ही है. कोई ज्यादा बदलाव नहीं है.

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5+3+3+4 का फॉर्मूला ग्रामीण क्षेत्रों में संभव नहीं: 
दूसरी तरफ, नई  एजुकेशन पॉलिसी पर तकनीकी और संस्कृत शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग बिल्कुल सहमत नजर नहीं आए. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधाते हुए कहा नई पॉलिसी एक आईडियोलॉजी को लागू करने के लिए नजर आती है. सेंट्रल एंट्रेंस टेस्ट के जरिए ग्रामीण और गरीब स्टूडेंट्स कैसे प्रवेश लेे सकेंगे. उन्होंने कहा कि यह ऑटोनोमस और रेजिडेंशियल पॉलिसी व्यवहारिक नहीं है. एफिलिएट कॉलेजों में सम्भव नहीं है. स्टेट को सुविधा दें केंद्र सरकार, तब तो कुछ हो सकता है ,व्यावहारिक नहीं है, 5+3+3+4 के फॉर्मूला पर कहा ग्रामीण क्षेत्रों में यह सम्भव नहीं है. बीजेपी सरकार हिडन एजेंडा को लागू करने पर काम कर रही है. प्राइवेटाइजेशन नहीं होना चाहिए केंद्र की किसी कमेटी ने राज्यों के उच्च शिक्षा संस्थान के प्रतिनिधियों को बुलाया नहीं केंद्रीकृत के बजाय सत्ता का विकेंद्रीकृत होना चाहिए. पहले से सियासी संग्राम में उलझे केंद्र और राज्य के बीच अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी आ गई है. जिससे इस मसले पर भी विवाद होना तय है. लिहाजा, नई नीति के बाद अब बयानों के घमासान शुरू हो गई है. 

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सोशल मीडिया पर पेपर आउट ऑडियो वायरल मामला: राज.अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा-हमारे पास अभी तक नहीं है इस तरह की कोई सूचना

 सोशल मीडिया पर पेपर आउट ऑडियो वायरल मामला: राज.अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा-हमारे पास अभी तक नहीं है इस तरह की कोई सूचना

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018 परीक्षा पेपर आउट ऑडियो वायरल मामले पर राजस्थान अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पास अभी तक इस तरह की कोई सूचना नहीं है. अगर इस तरह का कोई मामला आया है, तो इस मामले की जांच करना पुलिस का काम है. हम कल भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी कर चुके है. कल पूरी सावधानी के साथ परीक्षा करवाई जाएगी. 

पेपर आउट गिरोह सक्रिय होने की खबर आई थी सामने:
इससे पहले खबर सामने आई थी कि परीक्षा के एक दिन पहले पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो गए है. जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर पेपर आउट करने का ऑडियो वायरल हो रहा है. जानकारी के मुताबिक परीक्षा से 5 घंटे पहले 13 लाख रुपए में पेपर देने की बात कही जा रही है. जयपुर और जोधपुर में पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो रहे हेै. परीक्षा से पहले 3 लाख रुपए देने की बात हो रही है. तो वहीं अंतिम सिलेक्शन के बाद 10 लाख रुपए देने की बात हो रही है. दिसंबर 2019 में पहले भी पेपर आउट होने के चलते यह परीक्षा रद्द हुई थी. 

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शनिवार को आयोजित होगी परीक्षा:
आपको बता दें कि पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 शनिवार को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा प्रदेश के 23 जिलों में आयोजित होगी. सुबह 11 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी. 700 पदों पर करीब 90 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षा को लेकर कोरोना गाइड लाइन अनुसरण के निर्देश दिए गए है.बिना मास्क के किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. परीक्षार्थियों की तापमान जांच और हाथ सैनिटाइज की व्यवस्था होगी.

जयपुर में 18047 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत:
पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के लिए जयपुर में 18047 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. जयपुर में 69 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा के लिए 15 सतर्कता दल और 15 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई है.

पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018: परीक्षा से 1 दिन पहले फिर से सक्रिय हुए पेपर आउट गिरोह, ऑडियो हो रहा वायरल

जयपुर: प्रदेश में पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018 परीक्षा शनिवार को आयोजित होगी. इससे एक दिन पहले पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो गया है.  सोशल मीडिया पर पेपर आउट करने का ऑडियो वायरल हो रहा है. जानकारी के मुताबिक परीक्षा से 5 घंटे पहले 13 लाख रुपए में पेपर देने की बात कही जा रही है. जयपुर और जोधपुर में पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो रहे हेै. परीक्षा से पहले 3 लाख रुपए देने की बात हो रही है. तो वहीं अंतिम सिलेक्शन के बाद 10 लाख रुपए देने की बात हो रही है. दिसंबर 2019 में पहले भी पेपर आउट होने के चलते यह परीक्षा रद्द हुई थी. 

शनिवार को आयोजित होगी परीक्षा:
आपको बता दें कि पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 शनिवार को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा प्रदेश के 23 जिलों में आयोजित होगी. सुबह 11 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी. 700 पदों पर करीब 90 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षा को लेकर कोरोना गाइड लाइन अनुसरण के निर्देश दिए गए है.बिना मास्क के किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. परीक्षार्थियों की तापमान जांच और हाथ सैनिटाइज की व्यवस्था होगी.

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जयपुर में 18047 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत:
पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के लिए जयपुर में 18047 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. जयपुर में 69 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा के लिए 15 सतर्कता दल और 15 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई है.

5वीं और 8वीं की परीक्षा होगी आयोजित, मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में होगी पूरक परीक्षा

5वीं और 8वीं की परीक्षा होगी आयोजित, मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में होगी पूरक परीक्षा

जयपुर: प्रदेश में 5वीं और 8वीं की परीक्षा आयोजित की जाएगी. मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में पूरक परीक्षा भी आयोजित होगी. 8वीं की पूरक परीक्षा में असफल को फिर से 8वीं की पढ़ाई करनी होगी. 5वीं में किसी भी विद्यार्थी को नहीं रोका जाएगा. यह जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने दी. 

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी:
गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्वीट करते हुए बताया कि कक्षा 5 एवं 8 वीं में विधिक रूप से परीक्षा आयोजित किए जाने के लिए निर्णय लेकर राजपत्र में संशोधन प्रकाशन किया गया है. अब इसी सत्र से 5 वीं एवं 8 वीं की परीक्षा विधिक रूप से आयोजित की जा सकेगी.

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5वीं में किसी भी विद्यार्थी को नहीं रोका जाएगा:
कक्षा 5 एवं 8 वीं में मुख्य परीक्षा के 60 दिनों में पूरक परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में कक्षा 5 के किसी भी विद्यार्थी को रोका नहीं जाएगा, लेकिन 8 वीं कक्षा के पूरक परीक्षा में असफल रहे विद्यार्थियों को कक्षा 8 वीं में ही पुन अध्ययन करना होगा. किसी भी विद्यार्थी को प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण करने से पूर्व विद्यालय से एक्सपेल नहीं किया जाएगा.

संविदाकर्मियों की समस्याओं को लेकर सरकार जल्द देगी राहत, कैबिनेट सब कमेटी ने लगभग पूरा किया काम

संविदाकर्मियों की समस्याओं को लेकर सरकार जल्द देगी राहत, कैबिनेट सब कमेटी ने लगभग पूरा किया काम

जयपुर: संविदाकर्मियों की समस्याओं को लेकर कैबिनेट सब कमेटी ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है. कमेटी की आज की बैठक में मौजूद और वेबीनार से जुड़े अफसरों से पूछा गया कि जो आंकड़े कमेटी को दिए गए हैं, वे अंतिम हैं या इसमें भी संशोधन हो सकता है. साथ ही उनसे यह भी पूछा गया कि संविदाकर्मियों की भर्ती में आरक्षण के नियमों और अन्य मापदंडों का ध्यान रखा गया है या नहीं.

रिपोर्ट को कैबिनेट में रखकर संविदाकर्मियों के बारे में निर्णय होगा: 
अगली बैठक में इनसे जुड़ी सारी जानकारी लेकर अब कमेटी संविदाकर्मियों के आंकड़े, उनकी स्थिति, उनके संभावित समाधान और सब कमेटी के निर्णय को तय कर लेगी. इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप देगी. फिर रिपोर्ट को कैबिनेट में रखकर संविदाकर्मियों के बारे में निर्णय होगा. कमेटी की आज सचिवालय में हुई बैठक में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री ममता भूपेश और अशोक चांदना शामिल हुए. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह, निरंजन कुमार आर्य, प्रमुख सचिव रोली सिंह, सचिव सिद्धार्थ महाजन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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बीकानेर में मौजूदा अभिलेखागार से जुड़ा क्या प्लान है:
उधर अन्य बैठक में कल आने मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, प्रमुख सचिव अश्विनी भगत के साथ यह चर्चा की कि बीकानेर में मौजूदा अभिलेखागार से जुड़ा क्या प्लान है और सरकारी प्रेस की जमीन का क्या उपयोग किया जाए. माना जा रहा है कि इस पर मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद कोई निर्णय होगा. 

जनजाति एवं सहरिया समुदाय के विधार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी - अर्जुन सिंह बामनिया

जनजाति एवं सहरिया समुदाय के विधार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी - अर्जुन सिंह बामनिया

जयपुर: जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि जनजाति एवं सहरिया समुदाय के विधार्थियों के प्रशासनिक सेवाओं में चयन का मार्ग प्रशस्त करने हेतु ’’टीएडी सुपर-30’’ प्रोजेक्ट के तहत प्रतिष्ठित कोचिगं संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी. 

बामनिया ने बताया कि जनजाति एवं सहरिया समुदाय के ऐसे 30 विधार्थियों जिन्होंने न्यूनतम स्नातक परीक्षा उतीर्ण की हो, अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र हो, स्नातक परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों, ऑन-लाईन कोचिगं हेतु वांछित उपकरण सुविधा उपलब्ध हो व अभ्यर्थी के अभिभावक आयकरदाता नहीं हो को प्री कोचिगं में प्राथमिकता दी जायेगी.   

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उन्होंने बताया कि ’’टीएडी सुपर-30’’ प्रोजेक्ट की शुरूआत 15वीं विधान सभा के चौथे सत्र में उनके द्वारा जनजाति के विधार्थियों को संध लोक सेवा आयोग और राजस्थान लोक सेवा आयोग में चयन के लिये कोचिगं कराये जाने के आश्वासन के तहत की जा रही है. 

20 छात्र एवं 10 छात्राओं को कोचिगं दी जायेगी: 
बामनिया ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत 20 छात्र एवं 10 छात्राओं को राजस्थान प्रशासनिक सेवा के लिए आरएएस ऑन-लाईन प्री कोचिगं दी जायेगी. तैयारी के इच्छुक ऐसे अभ्यर्थियों को राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित आयु पूर्ण करना आवश्यक होगा. ऐसे अभ्यर्थियों का चयन विभाग द्वारा गठित एक कमेटी द्वारा किया जायेगा. अभ्यर्थियों का चयन 80 प्रतिशत शैक्षणिक योग्यता के अंक एवं प्रतिशत साक्षात्कार के अंक अनुसार चयनित होने पर मेरिट के आधार पर किया जायेगा.  
 

राजस्थान में NEET परीक्षा आयोजित, अजमेर में 14 परीक्षा केंद्रों पर लगभग दस हजार परीक्षार्थियों ने लिया भाग

राजस्थान में NEET परीक्षा आयोजित, अजमेर में 14 परीक्षा केंद्रों पर लगभग दस हजार परीक्षार्थियों ने लिया भाग

अजमेर: मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट (नीट) का आयोजन किया गया. कोरोना संक्रमण के चलते विद्यार्थियों की परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्केनिंग, सेनेटाइजर की व्यवस्था भी की गई. मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए रविवार को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तत्वावधान में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट का आयोजन हुआ.

देशभर में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने दी परीक्षा:
देशभर में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए. वहीं राजस्थान में अजमेर, उदयपुर, जयपुर, कोटा, जोधपुर और बीकानेर में परीक्षा इसके 269 परीक्षा केंद्र बनाए गए. वही अजमेर में भी 14 परीक्षा केंद्र पर लगभग 10000 परीक्षार्थियों ने भाग लिए. परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी 3 घंटे पहले पहुचे ओर 11 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट खोले गए. जिसके बाद कोरोना की गाइड लाइन के तहत छात्रों को सोशल डिस्टेन्स की पालना करते हुए एक एक कर के परिसर में प्रवेश दिया गया.प्रवेश से पूर्व छात्रों के दस्तावेज देखे. जिसके बाद सभी को आटोमेटिक मशीन से सेनिटाइज किया गया और मेटल डिटेक्टर से तलाशी भी ली गई. वहीं परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड की पालना को लेकर के भी निर्देश जारी किए गए थे उसी के तहत परीक्षा केंद्रों में आने की अनुमति दी गई. 

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गाइडलाइन का हुआ पालन:
एनटीए की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी की गई एडवाइजरी के तहत ही परीक्षा के दौरान हर वे महत्व कदम उठाए गए जिससे कि अभ्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाया गया. वहीं परीक्षा केंद्र में थर्मल स्कैनर से विद्यार्थियों का दो बार तापमान जांचा गया. केंद्र पर एक-एक छात्र के प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच हुई. शिक्षकों द्वारा किसी भी दस्तावेजो को हाथ नहीं लगाया गया. गेट पर तापमान जांचने के बाद आवंटित कमरे के बाहर तापमान जांचा गया. वहीं परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के मुंह पर मास्क, हाथों में ग्लब्स, और हाथ में सेनेटाइजर नजर आया. छात्रों के साथ आये अभिभावकों का कहना था कि 3 घंटे पहले बुला कर बच्चों को दहशत में लाया गया और परीक्षा केंद्र के बाहर किसी भी तरह के खड़े होने की ओर पानी की व्यवस्था नहीं की गई.

परीक्षा केंद्रों से निकलते छात्रों के चहरे पर खुशी : 
धूप में खड़े होने की वजह से बच्चे का तापमान बढ़ जाता है और उसे कहीं दिक्कत न हो जाये. वहीं कुछ अभिभावकों ने व्यवस्थाओं की तारीफ भी की साथ ही परीक्षा देने आए छात्रों ने बताया कि आज ये परीक्षा आयोजित हो रही है इससे उन्हे काफी खुशी है क्योंकि यह परीक्षा पहले ही लेट आयोजित हुई है. जिससे हम असमंजस की स्थिति में आ गए थे और तय नहीं कर पा रहे थे कि क्या करे पर अब यह परीक्षा आयोजित हुई है तो हम काफी खुश है वहीं 3 घण्टे की परीक्षा पूर्ण होने के बाद परीक्षा केंद्रों से निकलते छात्रों के चहरे पर मुस्कान भी देखने को मिली कर सभी ने पेपर को सरल बताया और जल्द परिणाम जारी करने की उम्मीद जताई.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शुभम जैन की रिपोर्ट

कल देशभर में होगा NEET Exam, राजस्थान में 269 सेंटर पर 1.08 लाख स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड

कल देशभर में होगा NEET Exam, राजस्थान में 269 सेंटर पर 1.08 लाख स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड

जयपुर: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से रविवार को मेडिकल एंट्रेस टेस्ट नीट एग्जाम होगा. देश में 3863 सेंटर पर यह पेपर-पेन बेस्ड एग्जाम होगा. स्टूडेंट्स को कोरोना फ्री होने का सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर सेंटर पर देना होगा. परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी. राजस्थान में 269 सेंटर पर 1.08 लाख स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हैं. वहीं देशभर में इस परीक्षा के लिए करीब 15.97 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं बैठेंगे. 

एनटीए की ओर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया गया: 
परीक्षा के लिए एनटीए की ओर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया गया है जिसे हर स्टूडेंट को फॉलो करना होगा. सेंटर पर स्टूडेंट्स कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, घड़ी और ज्वैलरी नहीं ले जा पाएंगे पेरेंट्स सेंटर से 100 मीटर पहले स्टूडेंट को वाहन से छोड़कर जा सकेंगे. हर स्टूडेंट्स की सेंटर पर विडियोग्राफी होगी. एडमिट कार्ड में दिए टाइम स्लॉट के अनुसार स्टूडेंट्स को सेंटर पर पहुंचना होगा. दोपहर 1.30 बजे सेंटर के गेट बंद हो जाएंगे. उसके बाद किसी को एंट्री नहीं मिलेगी. 

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स्टूडेंट्स केवल टेस्ट बुकलेट अपने साथ ले जा सकेंगे:
परीक्षा पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड और ओएमआर शीट इनविजिलेटर को सौंपनी होगी. स्टूडेंट्स केवल टेस्ट बुकलेट अपने साथ ले जा सकेंगे. इनविजिलेटर प्रश्न-पत्रों अथवा उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण से पहले अपने हाथों को सेनेटाइज करेंगे. परीक्षार्थी भी इन्हें प्राप्त करने या जमा करने से पहले अपने हाथों को सेनेटाइज करेंगे. 


 

मुख्यमंत्री गहलोत ने आज प्रदेश के शिक्षा जगत को दी करोड़ों की सौगातें, विकास में भेदभाव नहीं होने का भी दिया संदेश

मुख्यमंत्री गहलोत ने आज प्रदेश के शिक्षा जगत को दी करोड़ों की सौगातें, विकास में भेदभाव नहीं होने का भी दिया संदेश

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज प्रदेश के शिक्षा जगत को करोड़ों की सौगातें दी. कोरोना संकट के कारण प्रदेश की डगमगाती आर्थिक स्थिति के बावजूद सीएम गहलोत ने आज 85 करोड़ की लागत से विकसित प्रदेश के विभिन्न तकनीकी व उच्च शिक्षा कॉलेज के नए भवनों व अन्य सुविधाओं का लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम से हुए इस लोकार्पण कार्यक्रम में अधिकांश भाजपा विधायकों के क्षेत्र से जुड़े थे. 

प्रदेश की उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा को लगे नए पंख: 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज प्रदेश की उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा को नए पंख लगा दिए. सीएम ने आज मुख्यमंत्री आवास से हुए ई लोकार्पण कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा से जुड़े 10 कॉलेजों के नए भवनों का लोकार्पण किया. वहीं 9 तकनीकी कॉलेज में विभिन्न सुविधाओं व निर्माणों कार्य भी शिक्षा क्षेत्र को समर्पित किए. मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी, तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग, राज्यसभा सांसद नीरज डांगी, विधायक राजकुमार शर्मा व अशोक बैरवा भी शामिल हुए. कई विधायक व सांसद भी वीसी के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े हुए थे.

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उच्च शिक्षा को महत्व देना सरकार की प्राथमिकता: 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि उच्च शिक्षा को महत्व देना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि जिस देश या राज्य में जिस प्रकार की शिक्षा होगी, वैसा ही वहां के नागरिकों का व्यक्तित्व व कृतत्व होगा. सीएम ने कहा कि पूर्व पीएम नेहरू, राजीव गांधी व मनमोहन सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष जोर दिया. नेहरू ने बड़ी शैक्षणिक संस्थाओं को स्थापित किया, जो आज भी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले डेढ साल में कई सरकार कॉलेज खोलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया है. इस मौके पर सीएम ने विभिन्न दानदाताओं का भी आभार जताया. 

CM गहलोत ने दी शिक्षा जगत को सौगात: 

- 85 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात दी
- 9 तकनीकी व 10 उच्च शिक्षा कॉलेज का लोकार्पण
- राजकीय विधि कॉलेज नागौर - 300 लाख
- राजकीय कॉलेज टोडारायसिंह - 600 लाख
- राजकीय कॉलेज पिडावा झालावाड़ - 1214 लाख
- राजकीय कॉलेज मनोहरथाना झालावाड़ - 1188 लाख
- राजकीय कॉलेज बिजौलिया - 600 लाख
- राजकीय कॉलेज खंडार - 600 लाख
- मोरारका राजकीय कॉलेज नवलगढ़ - 353 लाख
- राजकीय कॉलेज रेवदर - 500 लाख
- रूसा, मालवीय नगर - 250 लाख
- 9 तकनीकी कॉलेज भवनों में विभिन्न कार्यों का लोकार्पण
- केलवाड़ा में नवीन भवन - 1055 लाख
- बीकानेर में लैब, कैंटीन, मुख्य द्वार - 42 लाख
- कोटा में नवीनीकृत लैब - 66 लाख
- हनुमानगढ़ में नवनिर्मित लैब - 140 लाख
- दौसा में नवनिर्मित लैब - 25 लाख
- भरतपुर महिला छात्रावास - 585 लाख
- अजमेर SC/ST महिला छात्रावास - 225 लाख
- अजमेर वाचनालय व लैब - 92.54 लाख
- बीकानेर में नवीनीकृत लैब - 25 लाख

कार्यक्रम में मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि डेढ साल में उच्च शिक्षा में काफी विस्तार हुआ है और मुख्यमंत्री ने पहली ही कैबिनेट में दो विवि खोलने की घोषणा की थी. भाटी ने कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए अब हमारा फोकस ई टीचिंग व ई लर्निंग पर रहेगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण हमें फाइनल ईयर की परीक्षा करानी होगी, लेकिन अब पेपर की अवधि 3 घंटे की बजाय डेढ से दो घंटे होगी. वहीं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग ने कहा कि कोरोना काल में 40 हजार ई लेक्चर तैयार किए. गर्ग ने सीएम के सामने तकनीकी शिक्षा विभाग में बजट की कमी का मुद्दा उठाया. विधायक राजकुमार शर्मा ने इस मोके पर नवलगढ़ में कॉलेज खोलने पर दानदाताओं का आभार जताया. 

प्रदेश के विकास में कोई भेदभाव नहीं हो रहा:
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम से बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिया है कि प्रदेश के विकास में कोई भेदभाव नहीं हो रहा. आज जिन 10 कॉलेज भवनों का लोकार्पण हुआ, इनमें से 8 कॉलेज भाजपा विधायकों के क्षेत्र में है. इनमें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री कालीचरण के क्षेत्र में भी शामिल है. वहीं तकनीकी शिक्षा से जुड़े 9 लोकार्पण कार्यक्रम में से 5 कार्यक्रम भाजपा विधायकों के क्षेत्र में हुए. इनमें सिद्धीकुमारी, अनिता भदेल व संदीप शर्मा के क्षेत्र शामिल हैं. पंचायत चुनाव की आचार संहिता के कारण गुढा के राजकीय कॉलेज के भवन का लोकार्पण नहीं हो सका. 

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