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विकास दुबे एनकाउंटर मामले पर बोले एडीजी, आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने की फायरिंग 

विकास दुबे एनकाउंटर मामले पर बोले एडीजी, आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने की फायरिंग 

नई दिल्ली: कानपुर शूटआउट के मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर मामले पर उत्तर प्रदेश में कानपुर पुलिस के एडीजी प्रशांत कुमार ने प्रेसवार्ता की. प्रशांत कुमार ने विकास दुबे के एनकाउंटर की पूरी कहानी बयां की. उन्होंने कहा कि पहले विकास दुबे से सरेंडर करने के लिए कहा गया था लेकिन उसने पुलिसवालों को जान मारने की नियत से फायरिंग की. जिसके बाद बचाव में पुलिस ने उसपर गोली चलाई.प्रशांत कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विकास दुबे को गिरफ्तार किए जाने के बाद यूपी एसटीएफ पुलिस उसे कानपुर ला रही थी. 

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दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई थी गाड़ी:
कानपुर पहुंचने से पहले पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई. 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए. इस दौरान विकास दुबे ने घायल पुलिसवालों की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया. पुलिस टीम ने उसे घेरकर सरेंडर करने के लिए कहा गया. लेकिन वह नहीं माना और जान से मारने की नियत से पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा.

जवाबी कार्रवाई में लगी दुबे को गोली:
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें वह घायल हो गया. उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना में 4 पुलिसकर्मी घायल हुए, एसटीएफ के 2 कर्मी घायल हुए.गौरतलब है कि इससे पहले 8 पुलिस वालों की हत्या करने वाले 5 लाख के इनामी और यूपी के मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे को बृहस्पतिवार सुबह बेहद नाटकीय तरीके से उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया. वारदात के बाद से फरार विकास यूपी, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश पुलिस को चकमा देकर दर्शन करने मंदिर पहुंचा था. गिरफ्तारी के बाद विकास से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में दो घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई थी. 

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NCR शहरों की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में: CPCB

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नोएडा:  केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हालिया जारी रिपोर्ट में दावा किया है कि एनसीआर शहरों की एयर क्वालिटी बहुत ही खराब स्थिती की है. हरियाणा में फरीदाबाद के कुछ स्थानों पर सोमवार को वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रही जबकि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुड़गांव में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. आपको बता दे की ये शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आते हैं.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, दिल्ली से सटे चारों जिलों में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर भी काफी ज्यादा था. वायु गुणवत्ता शून्य से 50 के बीच अच्छी, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर मानी जाती है. 

सीपीसीबी के रात नौ बजे के आंकड़ों के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) फरीदाबाद में कुछ स्थानों पर बहुत खराब था लेकिन व्यापक तौर पर खराब श्रेणी में रहा है. आंकड़ों के अनुसार, गुड़गांव, गाजियाबाद और गौतबुद्धनगर में एक्यआई खराब श्रेणी में रहा है. इन क्षेत्रों में अत्यधिक मात्रा में पराली जलाने के कारण भी प्रदूषण बढ़ रहा है जिसकी रोकथान के उपाय किये जा रहे है. (सोर्स-भाषा)

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बाइक बोट घोटाले में एक और गिरफ्तारी, 50 हजार का ईनामी है अपराधी

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नोएडा: उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपए के बाइक बोट घोटाले में शामिल 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को सोमवार रात उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एसटीएफ के एसपी कुलदीप नारायण ने बताया कि सोमवार देर रात नोएडा एसटीएफ यूनिट तथा आर्थिक अपराध शाखा मेरठ ने एक संयुक्त अभियान के तहत बदमाश ललित भाटी को गिरफ्तार किया है. 

उन्होंने बताया कि उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था. ललित बाइक बोट घोटाले में दर्ज 26 मामलों में वांछित था. एसटीएफ ने आर्थिक अपराध शाखा के साथ मिलकर इस मामले में वांछित चल रहे 50-50 हजार रुपए के दो इनामी बदमाश सचिन भाटी और पवन भाटी को सात अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. 

गौरतलब है कि संजय भाटी नाम के एक शख्स ने बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर एक कम्पनी खोली, कई लोगों को उससे जोड़ा और फिर एक साल में पैसे दोगुना करने का प्रलोभन देकर लोगों से पैसे ठगे. इस मामले में संजय भाटी सहित उसके गिरोह के कई लोग जेल में है. फिलहाल मामला की कार्यवाही जारी है. (सोर्स-भाषा)

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अपराध पर अंकुश लगाएगी प्रयागराज पुलिस की ई-मुखबिर योजना

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प्रयागराज:  उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के लिए सोमवार को 'ई-मुखबिर' योजना शुरू की जिसके तहत जिले के आम नागरिक अपराध रोकने में पुलिस की मदद कर सकेंगे और जनता की सेवा में तत्पर रह सकेंगे. 

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि अपराध और अपराधियों के बारे में नागरिकों से जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को पुलिस के साथ जोड़ने के उद्देश्य से ई-मुखबिर योजना शुरू की गई है. 

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत समाज के सभी लोग यदि कहीं अपराध होते देखते हैं और उन्हें लगता है कि इस बारे में पुलिस को जानकारी दी जानी चाहिए तो ऐसे लोगों के नाम, पते आदि गोपनीय रखते हुए पुलिस सूचना प्राप्त कर कार्रवाई करेगी. 

त्रिपाठी ने बताया कि ई-मुखबिर योजना एक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए चलाई जा रही है जिसका नंबर 9918101617 है. इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति सूचना दे सकता है, फोटोग्राफ और आवाज की रिकार्डिंग या वीडियो क्लिप भेज सकता है. ये बहुत ही कारगर साबित होगी ऐसा दावा किया जा रहा है. (सोर्स-भाषा)

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रेप के आरोपी को 10 साल की सजा

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गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फास्ट ट्रैक अदालत ने एक शख्स को बलात्कार के जुर्म में सोमवार को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है. जिला  सरकारी अधिवक्ता आदर्श त्यागी ने बताया दोषी जिले के साहिबाबाद इलाके के शालीमार गार्डन का रहने वाला है. वह भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी पाया गया है. उसपर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

वह भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 506 के तहत भी दोषी पाया गया है. अदालत ने उसे धारा 323 के तहत पांच बरस की और 506 के तहत दो साल की सजा सुनाई है. साथ में जुर्माना भी लगाया है. जिसके बाद पीड़ित परिवार ने अदालत और न्याय व्यवरस्था का आभार जताया. आपको बता दे कि आरोपी रेप के आरोप में पुलिस हिरासत में था और लंबे अरसे से मामला की सुनवाई चल रही थी.  (सोर्स-भाषा)

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MLA विजय मिश्रा पर केस करने वाले कृष्‍णमोहन तिवारी पर मिश्रा की बहु ने दर्ज करवाया मुकदमा, जांच शुरु

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भदोही: उत्तर प्रदेश की आगरा सेंट्रल जेल में बंद भदोही जिले से निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा की बहू पुष्‍पलता मिश्रा ने अदालत की मदद से कृष्‍णमोहन तिवारी और उनके तीन बेटों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. इसके पूर्व कृष्‍णमोहन तिवारी ने विजय मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने बताया कि मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट आशुतोष कुमार के आदेश पर जिले के गोपीगंज थाने में कृष्‍णमोहन तिवारी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. भदोही के पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने सोमवार को कहा कि अदालत के आदेश पर अमल करते हुए गोपीगंज थाने में तिवारी और उनके तीन बेटों के खिलाफ धारा 323, 504, 506, 347, 387, 392, 449 में 16 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की विवेचना की जा रही है. 

पुलिस अधीक्षक ने दर्ज मामले के आधार पर कहा कि विजय मिश्रा के रिश्‍तेदार कृष्‍णमोहन तिवारी ने विधायक, विधायक की पत्‍नी रामलली और विष्‍णु मिश्रा पर चार अगस्‍त को एक मुकदमा दर्ज कराया था. इससे पहले कि विजय मिश्रा सहित उनके परिवारवालों को पकड़ा जाता, उसी मकान में विजय मिश्रा ने सात अगस्त को अपने भाई के बेटे प्रकाश चंद्र मिश्रा और उसकी पत्नी पुष्पलता मिश्रा उर्फ़ नीरज मिश्रा को वहां बुलाकर कब्ज़ा बरकरार रखने की साज़िश की और विधायक परिवार सहित फरार हो गए थे. 

उनके मुताबिक पुष्‍पलता मिश्रा ने मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट की अदालत में एक याचिका दी थी जिसमें उन्‍होंने आरोप लगाया था कि 19 अगस्‍त को कृष्‍णमोहन तिवारी और उनके तीन बेटे रामकमल, सूर्यकमल और नीलकमल उनके कमरे में लाठी-डंडे और तलवार से लैस होकर घुस गए और दो स्‍टांप पेपर पर उनके दस्‍तखत करा लिए तथा सोने की चेन छीनकर ले गए. इस पर मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिए है.

इस संदर्भ में कृष्‍णमोहन तिवारी ने मीडिया से कहा कि उन्होंने जब संपत्ति और अपनी फर्म पर कब्ज़ा करने वाले विजय मिश्रा पर मुकदमा दर्ज कराया और जिला प्रशासन से एक वायरल वीडियो के माध्यम से घर खाली करने की गुहार लगाई, तब से ही जेल में बंद विजय मिश्रा और उनके परिवार वाले हर दिन कोई न कोई साजिश रचने में लगे हैं.

तिवारी ने कहा कि वर्ष 2001 में विजय मिश्रा इलाहाबाद से यह कहकर हमारे घर कौलापुर में आए कि चुनाव लड़कर चले जाएंगे, लेकिन यहीं रहने लगे. हम लोगों ने सोचा कि वह रिश्‍तेदार हैं और कुछ दिन रहकर चले जाएंगे लेकिन विधायक बनने तथा रुतबा बढ़ने के बाद उनकी नीयत बदल गई. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस के आला अधिकारियों से मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. गौरतलब है कि मिश्राजी पर वाराणसी की लड़की से रेप का आरोप है. आगे क्या होता है ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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झगड़े के बाद पत्नी की गला दबाकर हत्या, आरोपी पति बच्चे को लेकर फरार

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नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर से पत्नी की हत्या के बाद फरार होने का मामला सामने आया है.  बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी की कथित तौर पर हत्या करने के बाद अपने छह साल के बच्चे को लेकर फरार हो गया है. पुलिस अपर उपायुक्त (जोन द्वितीय) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि थाना फेस- 2 क्षेत्र के ग्राम याकूबपुर में रहने वाले रजनीश यादव ने अपनी पत्नी सपना (26 वर्ष) की गला दबाकर हत्या कर दी और घटना को अंजाम देने के बाद वह बच्चे को लेकर भाग गया है. 

अग्रवाल ने बताया कि मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.  उन्होंने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें रवाना की गई हैं मगर अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है. आरोपी के घर से जो आधार कार्ड मिला है वह फर्जी है. उन्होंने बताया कि पुलिस को शक है कि पति-पत्नी में रविवार को झगड़ा हुआ होगा, जिसके बाद पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और फरार हो गया. (सोर्स-भाषा)

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विधानसभा के बाहर आत्मदाह का प्रयास, पूरा परिवार पुलिस हिरासत में

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लखनऊ:  उत्तर प्रदेश की राजधानी के अतिविशिष्ट इलाके हजरतगंज में स्थित विधानभवन के सामने सोमवार को बाराबंकी के एक परिवार ने अपने दो बच्चों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया,लेकिन इससे पहले की वह आग लगा पाते पुलिस ने उन्हें बचा लिया. आपको बता दे कि इससे पहले पिछले सप्ताह विधानभवन के नजदीक एक महिला ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी जिसकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. 

पुलिस उपायुक्त सोमेन बर्मा ने बताया कि सोमवार दोपहर बाराबंकी के सदर कोतवाली के रहने वाले नसीर और उनकी पत्नी अपने दो नाबालिग बेटों के साथ विधानभवन के गेट नंबर दो के पास पहुंचे. जहां उन्होंने अपने और अपने पूरे परिवार के ऊपर कोई तरल पदार्थ डाला मगर इससे पहले की वह माचिस या लाइटर जला पाता वहां खड़े पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को पकड़ लिया.

उन्होंने कहा कि नसीर से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि बाराबंकी में उसकी दुकान थी जिसे अतिक्रमण अभियान के दौरान गिरा दिया गया था जिससे उसके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है, इसलिये उसने परिवार सहित आत्मदाह की सोची औऱ परिवार के साथ विधानसभा आ पहुंचा. जिसके बाद डीसीपी बर्मा ने बताया कि चूंकि परिवार दूसरे जिले बाराबंकी का है इसलिये मैने वहां के जिलाधिकारी से बात कर ली है और वहां से पुलिस की एक टीम परिवार को लेने आ रही है. परिवार को उनको सौंप दिया जायेंगा.

आगे बर्मा ने बताया कि उसके बाद की कार्रवाई बाराबंकी प्रशासन करेगा. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह महाराजगंज जिले की रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद में विधानभवन के सामने स्थित भाजपा कार्यालय के नजदीक ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी. महिला की बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गयी थी. 

आपको बता दे कि महिला को आत्महत्या के लिये उकसाने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया था, जो कथित रूप से कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया जाता है. हजरतगंज स्थित विधानभवन के आसपाल का इलाका अतिविशिष्ठ इलाके में आता है और यहां 24 घंटे भारी पुलिस बल की तैनाती रहती है. (सोर्स-भाषा)

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इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान की आड़ में अवैध पटाखा फैक्टरी, एक गिरफ्तार

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बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के थाना खैरीघाट क्षेत्र में भारी मात्रा में अवैध बारूद व बड़ी संख्या में सुतली बमों के साथ एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अशोक कुमार ने सोमवार को बताया कि थाना खैरीघाट अंतर्गत शिवपुर बाजार में आरिफ की इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान है और वह दुकान के पीछे अवैध पटाखा फैक्टरी चला रहा था. 

पुलिस को रविवार शाम इस बारे में सूचना मिली और जब छापेमारी की गई तो मौके पर 1,250 सुतली बम, 21 किलोग्राम अवैध बारूद व बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री बरामद हुई जिससे हजारों सुतली बम बनाए जा सकते थे. एएसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पटाखे बनाने की आड़ में कहीं अपराधियों को बम तो सप्लाई नहीं करता था. फिलहाल ऐसे कोई सुराग नहीं मिले हैं.

उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2018 में एक पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के सिलसिले में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले में इन दिनों आरिफ जमानत पर था. उस घटना में आरिफ के सगे भाई सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी. कुमार ने कहा कि अब पुलिस 2018 के मामले में आरिफ को मिली जमानत को निरस्त कराने के लिए भी अदालत से दरख्वास्त करेगी. फिलहाल पटाखा मामले में सख्त कार्यवाही की तैयारी की जा रही है. (सोर्स-भाषा)

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