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एडीजे भर्ती 2018 में नहीं होंगे एडवोकेट कोटे के 41 पद लैप्स, मुख्य न्यायाधीश ने दिया आश्वासन

एडीजे भर्ती 2018 में नहीं होंगे एडवोकेट कोटे के 41 पद लैप्स, मुख्य न्यायाधीश ने दिया आश्वासन

जयपुर: एडीजे भर्ती 2018 के मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से राज्य के अधिकांश बार एसोसिएशन नाराज है. सोशल मीडिया पर अधिवक्ताओं के लगातार चलाए जा रहे अभियान के चलते सोमवार को दी जयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल चौधरी, हाईकोर्ट बार अध्यक्ष अनिल उपमन के नेतृत्व एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की.

एडवोकेट कोटे से होगी 50 पदों पर भर्ती:
दोपहर डेढ बजे कॉन्फ्रेस हॉल में हुई इस बैठक में मुख्य न्यायाधीश एस रविन्द्र भट्ट के साथ जस्टिस मोहम्मद रफीक, जस्टिस सबीना, जस्टिस आलोक शर्मा मौजुद रहे. बैठक में प्रतिनिधिमण्डल ने परीक्षा परिणाम से अधिवक्ताओं में फैले आक्रोश की जानकारी देते हुए परिणाम पर सवाल खड़े किये गये. वहीं मुख्य न्यायाधीश ने प्रतिनिधीण्डल को आश्वस्त किया कि परीक्षा परिणाम को जारी करने में सावधानी बरती गई है. उन्होंने अधिवक्ताओं की आशंका को सिरे से खारिज करते हुए शीघ्र ही एडवोकेट कोटे के 50 पदों के लिए एडीजे भर्ती का विज्ञापन जारी करवाने का आश्वासन दिया है. 

भर्ती को लेकर हाईपॉवर कमेटी का गठन:
दी बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश से हुई मुलाकात में अधिवक्ताओं के मुद्दों को रखा गया और मुख्य न्यायाधीश ने भरोसा दिलाया कि एडीजे भर्ती 2018 में रिक्त हुए 41 पद लैप्स नहीं होंगे. बल्कि नई भर्ती में बैकलॉग से भरे जायेंगे. वहीं 9 नए पद भी शामिल किये जायेंगे. इसके साथ एडीजे भर्ती को लेकर अधिवक्ताओं की एक हाईपॉवर कमेटी का गठन किया गया, जो तीन दिन में अपनी ओर से एक रिपोर्ट मुख्य न्यायाधीश को सौंपेगी. लंबे समय से कोर्ट फीस को रिवाईज्ड करने की मांग पर हाईकोर्ट प्रशासन और एडवाकेट के बीच सहमति बन गई है. अधिवक्ताओं की मांग पर हाईकोर्ट 3 दिन में रिवाईज्ड कोर्ट फीस का प्रस्ताव बनाकर सरकार को अनुशंसा करने हेतू भेजेगी. मुख्य न्यायाधीश के साथ हुई बैठक में हाईकोर्ट बार अध्यक्ष अनिल उपमन,महासचिव संगीता शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप कुरका, जयपुर बार अध्यक्ष अनिल चौधरी, महासचिव सतीश शर्मा, डिस्ट्रीक्ट बार के अध्यक्ष डॉ सुनील शर्मा के साथ कई अधिवक्ता मौजुद रहे. 

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जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है. सोमवार सुबह 10:30 बजे तक कोरोना के 99 नए मरीज संक्रमित मिले हैं. वहीं पिछले 12 घंटे में 3 संक्रमित मरीजों ने दम भी तोड़ा है. इसमें अजमेर में दो और राज्य से बाहर के एक मरीज की मौत हुई है. वहीं आज सर्वाधिक 27 कोरोना पॉजिटिव मरीज भरतपुर में मिले हैं. इसके अलावा अजमेर 1, अलवर 12, भीलवाड़ा 5, दौसा 5, जयपुर 24, झुंझुनूं  8, कोटा 9, नागौर 1, पाली 1, राजसमंद 3, सवाई माधोपुर 3 और उदयपुर में 4 मरीज पॉजिटिव मिले हैं. ऐसे में प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों का ग्राफ बढ़कर 20263 पहुंच गया है. वहीं मृतकों की संख्या भी बढ़कर 459 पहुंच गई है. 

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15968 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए: 
वहीं राहत वाली खबर यह है कि 15968 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. इसमें से 15627 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. ऐसे में अब अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 3836 है. 

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रविवार को रिकॉर्ड 632 नए मामले सामने आए: 
इससे पहले प्रदेश में रविवार को रिकॉर्ड 632 नए मामले सामने आए. यह एक दिन में राज्य में मिले संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है. इनमें प्रतापगढ़ में 65, जोधपुर और बीकानेर में 57-57, जयपुर और अलवर में 47-47, पाली में 46, जालौर में 41, राजसमंद में 37, भरतपुर में 34, अजमेर में 31, नगौर में 30, धौलपुर में 28 संक्रमित मिले. इसके अलावा सिरोही में 27, झुंझुनू में 15, सीकर में 12, उदयपुर में 10, कोटा में 8, बाड़मेर और दौसा में 7-7, चूरू में 5, बारां में 4, भीलवाड़ा, झालावाड़ और टोंक में 3-3,करौली और हनुमानगढ़ में 2-2, डूंगरपुर में 1 संक्रमित मिले. वहीं दूसरे राज्य से आए 3 लोग भी संक्रमित मिले. 

VIDEO: पर्यटन पर 'कोरोना का ग्रहण', राजधानी में सामान्य दिनों में 1 दिन में आने वाले पर्यटक पूरे प्रदेश में 1 महीने में दिखाई दिए

जयपुर: कोरोना के हमले ने देश और प्रदेश में पर्यटन ढांचे को झकझोर कर रख दिया है. जितने पर्यटक राजधानी जयपुर में सामान्य दिनों में 1 दिन में आया करते थे उतने पर्यटक पूरे प्रदेश में 1 महीने में दिखाई दिए हैं. राज्य सरकार ने रिवाइवल प्लान भी बनाया है और कोविड-19 रिलीफ पैकेज भी जारी करने की तैयारी कर ली है लेकिन सैलानियों में आज भी कोरोना कब है कम नहीं हुआ है. 

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जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में प्रसिद्धि हासिल कर चुके:  
राजस्थान को पर्यटन का प्रदेश माना जाता है राजधानी जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर चुके है की गूगल पर भी एक क्लिक करो तो एक-एक स्मारक के लाखों पेज खुल जाते हैं. प्रदेश में पर्यटन ढांचा इतना मजबूत हुआ करता था जिस पर स्वाइन फ्लू, जीका, एंथ्रेक्स, सार्स और न जाने कितने वायरस आक्रमण कर चुके हैं लेकिन राजस्थान के पर्यटन ढांचे को टस से मस भी नहीं कर पाए. लेकिन इस बार देश और प्रदेश के पर्यटन पर जिस कोरोना नाम के वायरस ने हमला किया है उसके आगे  प्रदेश का पर्यटन ढांचा दरकता दिखाई दे रहा है.

अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू:
कोरोना संकट के चलते प्रदेश में 18 मार्च को सभी पर्यटन स्थल जिनमें मॉन्यूमेंट, म्यूजियम, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, सफारी सभी को बंद कर दिया गया था. यही नहीं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट्स, हाथी गांव जैसे तमाम पर्यटन से जुड़े स्थलों को भी बंद कर दिया गया था. इससे पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा. आखिर अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू कर दिया गया. इसके बाद 8 जून से तमाम होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े अन्य स्थल भी सैलानियों के लिए खोल दिए गए. लेकिन 1 जून से 30 जून तक के पहले 1 महीने में पर्यटन स्थलों पर माहौल निराशाजनक ही रहा. राजधानी में के कुल 8 स्मारक और संग्रहालयों पर 1 महीने में महज 5269 पर्यटक पहुंचे. जबकि राजधानी के बाहर के प्रदेश के मॉन्यूमेंट और म्यूजियम जिनकी संख्या 24 है उन पर महज 3537 पर्यटक ही 1 महीने में पहुंचे. इसका सीधा मतलब है प्रदेश में जून के महीने में पर्यटकों की संख्या महज 8806 रही जो राजस्थान जैसे पर्यटन के प्रदेश के लिए कतई उत्साहजनक नहीं है. एक महीने में 8806 पर्यटकों का आंकड़ा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि आमतौर पर ऑफ सीजन में इतने पर्यटक महज एक दिन में राजधानी में दिखाई देते रहे हैं. लेकिन कोरोना के हमले के आगे पर्यटन पूरी तरह पस्त हो गया है. 

Sawan Somvar 2020: सावन का पहला सोमवार आज, जानें घर पर रहकर कैसे करें भगवान शिव की पूजा 

सर्वाधिक पर्यटक विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे:
राजधानी में 1 महीने में सर्वाधिक पर्यटक विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे. आमेर में पर्यटकों की संख्या 1 महीने में 1585 रहीं जबकि नाहरगढ़ यह आंकड़ा 1326 के स्तर पर रहा. राजधानी के बाहर सर्वाधिक पर्यटक 901 अलवर में पहुंचे जबकि चित्तौड़ 500 और अजमेर में पर्यटकों की संख्या 369 रही. प्रदेश में पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं जिनमें छोटे-छोटे वेंडर, हॉकर से लेकर गाइड, महावत, लोक कलाकार और बड़े स्तर पर होटल, रिसोर्ट संचालक तक शामिल हैं. कोरोना संक्रमण का इन सभी पर बुरा असर हुआ है अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद प्रदेश के पर्यटन और देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह और विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता सहित तमाम अधिकारी इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि प्रदेश में सुरक्षित और स्वास्थ्य पर माहौल तैयार कर पर्यटन को वापस मुख्यधारा में लाया जाए. सभी का प्रयास है कि सितंबर में शुरू होने वाले पर्यटन सत्र से पहले प्रदेश में इस तरह का माहौल तैयार किया जाए जिससे घरेलू पर्यटक ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजस्थान आएं. 
 

Sawan Somvar 2020: सावन का पहला सोमवार आज, जानें घर पर रहकर कैसे करें भगवान शिव की पूजा

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जयपुर: आज से भगवान शिव का प्रिय सावन मास शुरू हो गया है. हिंदू धर्म में सावन के महीने का खास महत्व माना जाता है. इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा होती है. इस दौरान भगवान शिव की पूजा करके मनचाहा फल प्राप्त किया जा सकता है. इस मास भगवान शिव और पार्वती जी का मांगलिक मिलन हुआ. भोले नाथ का विवाह भी लोकमंगलकारी है. इसलिये सामाजिक सरोकार से भी विवाह को यही दर्ज़ा मिला है. परिवार चलता रहे. वंश परंपरा आगे बढ़ती रहे. भगवान का विवाह भी संकटकाल में हुआ. 

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सावन माह के पहले और आखिरी दिन सोमवार: 
इस बार सावन माह के पहले और आखिरी दिन सोमवार है. इसके साथ ही पांच सोमवार के साथ जबरदस्त संयोग भी बना है. लेकिन कोरोना काल के चलते इस बार शिवभक्त मंदिरों में जाकर भोले बाबा की पूजा नहीं कर पाएंगे. ऐसे में हम आपको घर पर रहकर ही शिव आराधना करने के बारे में बता रहे हैं....

- इस महीने सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहने. 

- पूजा स्थल पर अच्छी तरह से साफ-सफाई करके गंगाजल का छिड़काव करें.

- शिव पुराण पढ़े. संधिकाल अवश्य पढ़ें.

- शिव गायत्री की एक माला करें अन्यथा 3, 5, 7, 11, 13, 21 या 33 बार पढ़ें.

- संभव हो तो तीन बार रुद्राष्टक पढ़ ले. अथवा ॐ नमः शिवाय के मन्त्र से अंगन्यास करें. 

- भगवान शिव को 11 लोटे जल अर्पण करें. प्रयास करें कि यह पूरे सावन मास हो जाये. काले तिल,और दूध के साथ.

- यदि विल्व पत्र नहीं मिले तो एक जनेऊ अथवा तीन या पांच कमलगट्टे अर्पित कर दें.

- आसपास के शिवमंदिर में जल व दूध का अभिषेक कर चंदन का तिलक करें.

- शिव कथा व शिव चालीसा का पाठ कर, महादेव की आरती करें. 

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जयपुर: राज्य सरकार ने आखिरकार 3 दिन के सस्पेंस के बाद डीबी गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार बना दिया. डीओपी ने रविवार रात आदेश जारी करके उनके बारे में 3 दिन से जारी सस्पेंस को खत्म कर दिया है. 2 जुलाई को मध्यरात्रि बाद राजीव स्वरूप को नया सीएस बनाने और 3 जुलाई को डीबी गुप्ता के उन्हें चार्ज देने के साथ ही यह सस्पेंस बना हुआ था. डीओपी की ओर से जारी आदेश में हालांकि डीबी गुप्ता के कार्यकाल और काम के बारे में नहीं बताया गया है. लेकिन वे अब अग्रिम आदेशों तक इस पद पर बने रहेंगे. इसके तहत वे सितंबर तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में और सितंबर में आईएएस से रिटायरमेंट होने पर रिटायर्ड IAS के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. 

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सरकार की नाराजगी सहित तमाम अटकलें खारिज: 
इसके साथ ही उनसे सरकार की नाराजगी सहित तमाम अटकलें खारिज हो गईं हैं और वे गहलोत सरकार में अग्रिम आदेशों तक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे. वे सोमवार सुबह ही पदभार ग्रहण करेंगे हालांकि उनका ऑफिस और कामकाज के स्वरूप को लेकर बाद में ही स्थिति साफ हो पाएगी. सीएम गहलोत के जनवादी या गुड गवर्नेंस वाली सरकार के विजन को धरातल पर उतारने को लेकर भूमिका निभाने की बात उन्होंने कही है. साथ ही फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं से लेकर सीएम की घोषणा के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग के साथ कोरोना से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से वे काम करेंगे. उनका ऑफिस सीएमओ में या सचिवालय के किसी भवन में हो सकता है. अभी सरकार में डॉक्टर गोविंद शर्मा सीएम के सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं अरविंद मायाराम सीएम के अभी आर्थिक सलाहकार हैं और उनकी नियुक्ति भी डॉक्टर शर्मा के साथ ही 21 दिसंबर 2018 को ही हुई थी.जबकि गुप्ता को भी डॉक्टर शर्मा जैसे सीएम सलाहकार का ही पद दिया है...ऐसे में तीनों सलाहकारों के बीच कार्य विभाजन को लेकर स्थिति जल्द साफ होगी. 

1983 बैच के आईएएस डीबी गुप्ता प्रदेश में प्रशासन तंत्र से जुड़े कई अहम पदों पर रहे.... 

- उन्होंने 30 अप्रैल 2018 से लेकर 2 जुलाई 2020 तक दो विपरीत विचारधारा वाली सरकारों में सीएस रहे.

- जहां उन्होंने भाजपा की सरकार में पारदर्शी ब्यूरोक्रेट की छाप छोड़ी तो वहीं गहलोत सरकार में उन्होंने सीएम गहलोत की जनवादी सोच को नीतियों में ढाला और जमीनी धरातल पर उतारा. 

- इनमें जवाबदेही बिल का पूरा ड्राफ्ट तैयार करवाना प्रमुख है. 

- वहीं गांधीवादी दर्शन को लागू करवाना हो या कोरोना नियंत्रण के उपायों को लागू करवाना..डीबी ने सीएस के रूप में हर मोर्चे पर अग्रणी होकर कार्य किया. 

- इससे पूर्व उन्होंने एसीएस वित्त, एसीएस पीडब्ल्यूडी, इंफ्रास्ट्रक्चर, यूडीएच प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव कृषि,प्लानिंग व देवस्थान की अलग अलग जिम्मेदारी अलग-अलग समय संभाली.

- वे अर्बन गवर्नेंस के प्रमुख सचिव रहे तो उससे पहले जेडीसी जयपुर के रूप में उनका कार्यकाल काफी सफल रहा. 

- वित्त सचिव के रूप में भी पहले उन्होंने काम किया. 

- उससे पहले उन्होंने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी में प्रिंसिपल कमिश्नर की भूमिका निभाई. 

- वे वित्त विभाग में विशिष्ट सचिव की भूमिका निभा चुके हैं जबकि सिरोही और अजमेर के कलेक्टर के रूप में उन्होंने अपनी प्रशासकीय दक्षता की छाप छोड़ी थी.

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फिर से हो आनंदपाल एनकाउंटर और सांवराद हिंसा की CBI जांच, राजपूत समाज ने की मांग

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जयपुर: आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण और उसके बाद सांवराद में हुई हिंसा प्रकरण की जाँच रिपोर्ट पर राजपूत समाज ने प्रश्न खड़ा किया है.राजपूत समाज के नेताओ ने ​रविवार को प्रेसवार्ता का आयोजन कर आनंदपाल एनकाउंटर और सांवराद हिंसा की सीबीआई से एक बार दोबारा जांच करवाने की मांग की है. प्रेसवार्ता में राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने आनन्दपाल एनकाउन्टर प्रकरण पर, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को कठघरे में खड़े करते हुए कहा कि राजपूत समाज ने जिस पार्टी को अपने खून और पसीने से सींचा, उसी पार्टी की सरकार ने समाज के हितों पर कुठारघात करने का हर संभव प्रयास किया.

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सम्बन्धित प्रकरणों की जांच CBI से करवाये जाने पर बनी थी सहमति:
उन्होंने कहा कि पूर्ववत्ती सरकार और संघर्ष समिति के मध्य 18 जुलाई 2017 को शासन सचिवालय में सरकारी प्रतिनिधियों के मध्य हुए समझौते पत्र में आनन्दपाल प्रकरण में 24 जून 2017 को हुई आनन्दपाल की मृत्यु एफआईआर संख्या नम्बर 190/17 पुलिस थाना रतनगढ और 12 जुलाई को सांवराद में हुए घटनाक्रम में सुरेन्द्र सिंह की मृत्यु एफआईआर संख्या नम्बर 238/17 पुलिस थाना अशोक नगर से सम्बन्धित प्रकरणों की जांच सीबीआई से करवाये जाने पर सहमति बनी थी.

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उनमें से कई तो वहां थे ही नहीं मौजूद:
लेकिन पूर्ववर्त्ती राज्य सरकार ने उक्त समझौते पत्र से परे जाकर राजनैतिक षड्यंत्रपूर्वक  जसवंतगढ थाने में हुई FIR की जाँच भी सीबीआई से करवाकर समाज पर कुठारघात करते हुए चार्जशीट पेश करवा कर समाज के 24 सामाजिक व सभ्य लागों को फंसाने का गैरकानूनी कुकत्त्य किया जा रहा है.लोटवाड़ा ने कहा कि सीबीआई ने समाज के जिन 24 लोगो के खिलाफ चार्जशीट पेश की है.उनमें से अधिकतर तो सांवराद में गए ही नही थे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 6 मौत, 224 नए पॉजिटिव केस, सर्वाधिक 48 मरीज मिले प्रतापगढ़ जिले में  

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. पिछले 12 घंटे में 6 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 224 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. जोधपुर में चार, कोटा, उदयपुर में 1-1 मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 48 कोरोना पॉजिटिव मरीज प्रतापगढ़ जिले में मिले. अजमेर 7 , अलवर 23, बारां 4 , भरतपुर 8, भीलवाड़ा 3, बीकानेर 12 , चूरू 1 , दौसा 7 , डूंगरपुर 1 , जयपुर 31, जालोर 18 , झालावाड़ 3 , झुंझुनूं 7, कोटा 5 , पाली 33 , राजसमंद 6 , टोंक 3, उदयपुर 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है. राजस्थान में मौत का आंकड़ा 453 पहुंच गया है. वहीं प्रदेश में कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 19 हजार 756 पहुंच गई है. 

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए 15 हजार 663 मरीज:
राजस्थान में कुल 15 हजार 663 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं कुल 15 हजार 351 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है. अगर बात करें एक्टिव मरीजों की, तो 3 हजार 640 मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 5 हजार 429 पहुंच गई है.

शनिवार को आये थे 480 पॉजिटिव मरीज:
शनिवार को 7 मरीजों की मौत हो गई. जबकि रिकॉर्ड 480 नए पॉजिटिव केस सामने आये थे. भरतपुर में एक,धौलपुर में तीन, झुंझुनूं में एक,सीकर में एक राज्य से बाहर के एक मरीज की मौत हुई. सर्वाधिक 54 कोरोना पॉजिटिव मरीज अलवर जिले में मिले थे. अजमेर 7,बाड़मेर 43,भरतपुर 30,भीलवाड़ा 1,बीकानेर 46,दौसा 4, धौलपुर 39, डूंगरपुर 13,श्रीगंगानगर 1,हनुमानगढ़ 1,जयपुर 40, जालोर 42,झुंझुनूं 11,जोधपुर 29,करौली 3,कोटा 14,नागौर 26, पाली 22,राजसमंद 2,सवाई माधोपुर 1,सीकर 16,सिरोही 8,टोंक 2, उदयपुर 20 और दूसरे राज्य के 4 मरीज पॉजिटिव मिले थे. राजस्थान में कोरोना की वजह से अब तक 447 मरीजों की मौत हो गई थी. जबकि कुल 19 हजार 532 पॉजिटिव मरीजों की संख्या पहुंच गई थी. 

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Food Van: एसएमएस अस्पताल में फूड वैन की शुरुआत, लोगों को फूड पैकेट वितरित करके हुई शुरुआत

जयपुर: राजधानी जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में फूड वैन की शुरुआत हुई. यह सुविधा SMS अस्पताल में इलाज करवाने आये लोगों को मिलेगी. प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव स्वरूप पत्नी ईशा स्वरूप के साथ एसएमएस अस्पताल पहुंचे. लोगों को फूड पैकेट वितरित करके की फूड वैन की शुरुआत की गई.

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कोरोना काल में लोगों की सोच में बड़ा बदलाव:
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने इस तरह के काम को पुनीत पहल बताया. स्वरूप ने कहा कि कोरोना काल में लोगों की सोच में बड़ा बदलाव हुआ है. पुलिस हो या चिकित्सक,सभी ने आगे बढ़कर जनसेवा का काम किया है. CS राजीव स्वरूप ने कोरोना काल के बीच ब्यूरोक्रेसी में बदलाव को लेकर कहा कि सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास है. 

कोरोना काल अभी खत्म नहीं हुआ है,आगे बड़ी चुनौती:
कोरोना काल अभी खत्म नहीं हुआ है,आगे बड़ी चुनौती है. इसलिए सभी को टीम वर्क के रूप में काम करने के निर्देश दिए है. कार्यक्रम में आबकारी आयुक्त जोगाराम,SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी समेत अस्पताल के अन्य चिकित्सक कार्यक्रम में मौजूद रहे.

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जयपुर: राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के संक्रमण की स्थिति के मद्देनजर इस वर्ष राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं नहीं कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया.

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बिना परीक्षा के अगली कक्षा में किया जाएगा प्रमोट:
सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के परिदृश्य को देखते हुए इस वर्ष उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी तथा सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा. प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों के अंकों के निर्धारण के सम्बन्ध में भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आगामी कुछ दिनों में जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर समुचित निर्णय लिया जाएगा.

शिक्षा मंत्री रहे बैठक में मौजूद
बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, उच्च शिक्षा सचिव  शुचि शर्मा, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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